गांव में शिकायत थी कि जब बुवाई के समय किसानों को मजदूर नहीं मिलते थे। इसीलिए इस बिल में बुवाई के समय काम न देने का फैसला किया गया। यह ऐतिहासकि बिल है। इसके लिए मैं पीएम मोदी का धन्यवाद करता हूं। ये बिल भारत की संरचना को मजूबत करने का काम करेगा।
जी राम जी बिल पर हनुमान बेनीवाल ने जताई आपत्ति...संसद परिसर में जी राम जी बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए आरएलपी अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बिल राज्यों पर भारी वित्तीय बोझ डालेगा। बेनीवाल के अनुसार, राज्य सरकारें इस योजना को लागू करने की स्थिति में नहीं होंगी और अंततः इसे बंद करना पड़ेगा। उन्होंने इसे अव्यावहारिक करार दिया।
जी राम जी बिल पर कांग्रेस का हमला....संसद परिसर में कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने जी राम जी बिल को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार एनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहती है। मल्लू रवि ने कहा कि ‘महात्मा’ और ‘राष्ट्रपिता’ का सम्मान गांधी जी को देश की जनता ने दिया है और कुछ नाम विशेष मूल्यों और सिद्धांतों से जुड़े होते हैं।
जी राम जी बिल से रोजगार और कृषि को लाभ...भाजपा सांसद पीपी चौधरी ने संसद परिसर में जी राम जी बिल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह बिल केवल रोजगार की गारंटी नहीं देता, बल्कि कृषि क्षेत्र, किसानों और बेरोजगार गरीबों को भी फायदा पहुंचाएगा। चौधरी के अनुसार, काम के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए गए हैं और कृषि क्षेत्र में 60 दिन काम का प्रावधान है। केंद्र और राज्य का हिस्सा अब 60:40 होगा।
ये बिला कितना महत्वपूर्ण है। ये इस बात से समझा जा सकता है कि इतनी देर रात तक भी हमारे सभी नेता संसद में बैठे हैं। ये बिल हमारी सरकार की प्राथमिकता को बताता है। कांग्रेस ने पैसा कमाने के लिए महात्मा गांधी का नाम सिर्फ भ्रष्टाचार करने के लिए इस्तेमाल किया। मनरेगा का भ्रष्टाचार किसी से छिपा नहीं है। इसी को रोकने के लिए ये बिल लाया गया है। आप गांधी की बात करते हैं, आपने ही सबसे ज्यादा बार गांधी को मारा। पाकिस्तान का बंटवारा कर आपने गांधी को मारा। गाय के नाम पर साधुओं की हत्या की, तब आपने गांधी को मारा। ये बिल भ्रष्टाचार को रोकने के लिए लाया गया है। मोदी जी 'ना खाउंगा ना खाने दूंगा' की पहल पर काम कर रहे हैं। इस बिल के लिए मैं सरकार का धन्यवाद करता हूं, जो यह बिल लाई।
नामदार आप होगे हम कामदार हैं। काम करने पर विश्वास रखेंगे। पहले इस बिला का नाम था कि जवाहर रोजगार योजना। तब इनको महात्मा गांधी की याद नहीं आई। राहुल की विदेश यात्रा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आपके गांधी विदेश में हैं। लेकिन हम यहां लोगों के लिए काम करते हैं। पहले की सरकार 100 दिन का काम देती थीं। हमारी सरकार इस बिल के जरिए 125 दिन काम देने का वादा कर रही है।
मछली शहर से सांसद प्रिया सरोज ने इस बिल पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा पहले हम कहते थे कि काम मांगो काम मिलेगा लेकिन इस सरकार का कहना है कि बजट होगा तो काम मिलेगा।
लोकसभा में जी राम जी बिल पर आज लंबी चर्चा होने जा रही है। सदन की कार्यवाही के दौरान इस महत्वपूर्ण विधेयक पर रात एक बजे तक चर्चा जारी रहने की संभावना है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की ओर से बिल पर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं।
लोकसभा में आज देश में बढ़ते वायु प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा होगी। यह चर्चा लोकसभा के नियम 193 के तहत की जाएगी, जिसमें बिना मतदान के सदन में अहम विषय पर विचार रखा जाता है। चर्चा के दौरान विभिन्न दलों के सांसद वायु प्रदूषण से जुड़ी समस्याएं, इसके कारण और समाधान पर अपनी बात रखेंगे। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव चर्चा का जवाब देंगे और सरकार का पक्ष सदन के सामने रखेंगे।
लोकसभा की कार्यवाही मध्य रात्रि 12 बजे तक बढ़ा दी गई है। सदन में 'विकसित भारत - जी राम जी विधेयक 2025' पर चर्चा चल रही है।
राज्यसभा की कार्यवाही 18 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
राज्यसभा से सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन विधेयक, 2025) पारित हुआ।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा कानून संशोधन विधेयक, 2025) पर चर्चा का जवाब।
लोकसभा की कार्यवाही रात 10 बजे तक बढ़ाई गई। फिलहाल निचली सदन में जी-राम-जी बिल पर चर्चा की जा रही है।
लोकसभा में नए ग्रामीण रोजगार कानून वीबी-जी राम जी पर चर्चा शुरू। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने लोकसभा में विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी: वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025 पेश किया। यह विधेयक विकसित भारत की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करने के लिए है। @2047 , जिसके तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में उन सभी ग्रामीण परिवारों को एक सौ पच्चीस दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के लिए स्वेच्छा से आगे आते हैं; एक समृद्ध और लचीले ग्रामीण भारत के लिए सशक्तिकरण, विकास, अभिसरण और संतृप्ति को बढ़ावा देने के लिए; और इससे संबंधित या इसके आनुषंगिक मामलों के लिए।
लोकसभा ने भारत के रूपांतरण हेतु परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं संवर्धन विधेयक, 2025 को पारित किया। विधेयक में परमाणु ऊर्जा और आयनीकरण विकिरण के संवर्धन एवं विकास का प्रावधान है, जिसका उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य, जल, कृषि, उद्योग, अनुसंधान, पर्यावरण, परमाणु विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवाचार, भारत की जनता के कल्याण के लिए किया जाएगा। इसके सुरक्षित और संरक्षित उपयोग हेतु सुदृढ़ नियामक ढांचा तैयार किया जाएगा और इससे संबंधित या आनुषंगिक मामलों का भी प्रावधान होगा।
निजी कंपनियों को प्रयुक्त ईंधन निकालने की अनुमति नहीं होगी। परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में सतत परमाणु ऊर्जा दोहन एवं विकास विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान यह बात कही।
परमाणु ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में ‘भारत के रूपांतरण के लिए परमाणु ऊर्जा के सतत दोहन एवं विकास विधेयक, 2025’ पर हुई चर्चा का जवाब दिया। इस विधेयक का उद्देश्य भारत के परमाणु ऊर्जा कानूनों का आधुनिकीकरण करना और इस क्षेत्र को सबके लिए सुलभ बनाना है। सरकार ने इसे 15 दिसंबर 2025 को संसद में पेश किया था। यह विधेयक भारत में परमाणु ऊर्जा से संबंधित शासन, विनियमन, निवेश और दायित्व ढांचे में व्यापक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है।
लोकसभा में जी-राम-जी बिल पर चर्चा के लिए अवधि बढ़ाई गई। शाम छह बजे विधेयक पर चर्चा होगी।
भारत के कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में विधायी कार्य: विचार तथा पारित किए जाने के लिए विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये कानून भेदभाव पर आधारित है, इसलिए इसमें संशोधित करने के लिए लाया गया है।
लोकसभा में विधायी कार्य: विचार तथा पारित किए जाने के लिए विधेयक पर चर्चा जारी
राज्यसभा में निरसन और संशोधन विधेयक 2025 पर चर्चा जारी
अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में फिल्मों पर रोक मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और कहा कि भारत में सिनेमा की एक समृद्ध और सम्मानजनक परंपरा रही है। शशि थरूर ने कहा कि गोवा और केरल जैसे राज्यों में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव होते रहे हैं, जहां दुनियाभर की फिल्मों को सम्मान दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अभी मामला सिर्फ सात फिल्मों की सूची तक सीमित रह गया है, लेकिन किसी भी फिल्म को दिखाए जाने से नहीं रोका जाना चाहिए। थरूर ने पहले बैन की गई कुछ फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि उनमें से कई मामलों में रोक लगाने के फैसले हास्यास्पद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले सिनेमा की समझ की कमी दिखाते हैं।
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सले ने भी बिल को लेकर सवाल पूछे। साथ ही उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद गणपत ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाया और भोपाल गैस त्रासदी की याद दिलाई। उन्होंने न्यूक्लियर वेस्ट के निपटान को लेकर चिंता जताई।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने सबसे पहले इस विधेयक पर चर्चा में भाग लिया। चंडीगढ़ से निर्वाचित कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस विधेयक का विरोध किया। उन्होंने सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए और कहा कि पुराने नियमों और कानूनों को निरस्त किए जाने का यह प्रस्ताव हैरान करने वाला है। इसके बाद उत्तर प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सांसद शशांक मणि ने इस विधेयक का पुरजोर समर्थन किया।
भाजपा सांसद के समर्थन के बाद पश्चिम बंगाल से निर्वाचित तृणमूल सांसद सौगत राय ने भी इस विधेयक का विरोध किया। उनके बाद तमिलनाडु से निर्वाचित डीएमके सांसद अरुण नेहरू ने भी इस विधेयक के खिलाफ वक्तव्य दिया।
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने MGNREGA योजना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हमने देश के सबसे गरीब लोगों का समर्थन किया, लेकिन सरकार इसे खत्म कर रही है। रेनुका चौधरी ने कहा कि अब सरकार राज्य सरकारों पर यह जिम्मेदारी डाल रही है, जबकि सेंकड़ों हजार करोड़ रुपये का खर्च वही उठाएगी। उन्होंने सवाल किया कि नाम बदलकर सरकार क्या साबित करना चाहती है। सांसद ने आगे कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए, क्योंकि वह गरीबों की रोज़गार की योजनाओं का सही इस्तेमाल नहीं कर रही।
भारत के संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बिहार के जेडयू सांसद दिलेश्वर कामैत के बीएसएनएल के टावर से संबंधित सवाल के जवाब में कहा कि भारत सरकार की कोशिश है कि हम दो कार्यक्रम भारत टेलिकॉम और इंडियन मोबाइल कांग्रेस के आधार पर भारत में टेलिकॉम के इक्विपमेंट के बनावट को एक नई ऊंचाई पर ले जाए।
अश्विनी वैष्णव ने आगे देश की आर्थिक राजधानी में रेल की नियंत्रण छमता को बढ़ाने की बात का जिक्र किया। वैष्णव ने कहा कि रेल मंत्रालय अभी मुंबई की नियंत्रण क्षमता को बढ़ाने के लिए कई सारे काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में 238 वैसी ट्रेने, जिसका स्वचालित गेट बंद और खुलता हो वैसी ट्रेने लाने के लिए काम चल रहा है। रेल मंत्री ने आगे मुंबई के सभी स्टेशनों के साथ-साथ देश के सभी बड़े शहरों के स्टेशनों की नियंत्रण क्षमता बढ़ाने की बात कही।
लोकसभा में एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पालघर रेलवे स्टेशन को नासिक से जोड़ने वाली बात पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पालघर को नासिक से जोड़ने के लिए नए डीपीआर पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस डीपीआर के बाद वाडवन कोर्ट को डीएफसी के साथ भी जोड़ा जा रहा है।
नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों का कहना था कि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हो रही है और उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान संसद परिसर में हंगामा और नारेबाजी भी हुई। विपक्षी नेताओं का उद्देश्य था कि सरकार पर जनता के सवालों के प्रति जवाबदेही का दबाव बनाया जाए।
भाजपा नेता संजय जायसवाल ने कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा भारत की हार का सपना देखती रही है, और उनके कार्य इसे साफ दर्शाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें भारत की जीत से खिन्न होने की बजाय अपना नजरिया बदलना चाहिए, और उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे भारत के नागरिक हैं।
MGNREGA विवाद पर संजय जायसवाल ने कहा कि जब योजना का नाम 8 बार बदला गया, तब किसी ने आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि अजीविका मिशन भी इस योजना में शामिल किया गया है और इसके बारे में गलत अफवाह फैलाना सही नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह योजना जरूर पास होगी।
राज्यसभा में कई विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार से राज्यों को बकाया फंड और प्रदूषण के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कॉलिंग अटेन्शन मोशन का नोटिस दिया है। सूत्रों के अनुसार, सांसदों ने सोमवार को बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक में बताया कि इस विंटर सत्र में अभी तक कोई कॉलिंग अटेन्शन मोशन नहीं लिया गया है। विपक्ष के एक नेता ने कहा कि कई सांसदों ने फंड और प्रदूषण पर चर्चा के लिए नोटिस दिया है। हमें उम्मीद है कि इसे स्वीकार किया जाएगा और चर्चा हो सकेगी। कॉलिंग अटेन्शन मोशन संसद में सरकार का ध्यान किसी महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर आकर्षित कराने के लिए उठाया जाता है।