हंगामा न थमने के कारण लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग पर यह नोटिस स्वीकार किया गया था। उनके अनुसार, कांग्रेस से चर्चा करने के बाद तय किया गया कि इसे आज संसद में चर्चा के लिए लाया जाएगा।
गोयल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक नई रणनीति के साथ आती है, जिसमें संसद की प्रक्रियाओं और संविधान का कोई सम्मान नहीं होता। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विपक्ष के नेता बनते ही संसद चलाने की इच्छा खो दी है। वे पूर्व-निर्धारित रणनीतियों के तहत प्लेकार्ड लेकर आते हैं, सदन में व्यवधान डालते हैं और बिना ठोस आधार के समय बर्बाद करते हैं। उनके अनुसार, उनके ही गठबंधन के सदस्य भी इस बहस में भाग लेने से कतराते हैं।
गोयल ने इसे कांग्रेस की दिशाहीन और असफल विपक्षी पार्टी का प्रमाण बताया और कहा कि राहुल गांधी संविधान और संसदीय प्रक्रियाओं को न समझते हैं न ही उन्हें इसमें रुचि है। उन्होंने दावा किया कि उनके सहयोगी दल, DMK और TMC, भी अब इसे समझने लगे हैं, इसलिए उन्होंने आज की बहस में कांग्रेस का साथ नहीं दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज, 9 मार्च को सदन में इस मुद्दे पर भाजपा, उनके सहयोगी दल और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्ष लगातार नए प्रस्ताव पेश कर संसद को बंधक बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा "संभवतः कांग्रेस पार्टी और विपक्ष 'लूज मोशंस' से पीड़ित हैं।"
इसी मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि आज सूचीबद्ध व्यवसाय में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। उन्होंने विस्तार से बताया कि जब कोई अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो इसे समर्थन देने के लिए कम से कम 50 सदस्य खड़े होने चाहिए।
जोशी ने सवाल उठाया कि जब सदन में अविश्वास प्रस्ताव पहले से है, तो दूसरी ओर नया प्रस्ताव या स्थगन प्रस्ताव कैसे लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह आदत पुरानी है पहले मांग करना और बाद में सदन की कार्यवाही बाधित करना। उन्होंने कहा कि संसद के संचालन के नियम बीएसी (बैज ऑफ ऑर्गनाइजेशनल कमिटी) में तय किए जाते हैं, और हर चर्चा उसी के अनुसार होनी चाहिए।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसी स्थिति और बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने संसद में व्यापक चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह कोई दलगत मुद्दा नहीं है और सरकार को इस मामले में विपक्ष को भी भरोसे में लेना चाहिए।
वहीं, विदेश मंत्री के संसद में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि यदि सरकार संसद में बयान देने आती है, तो उसे विपक्ष के सवालों का जवाब भी देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सवालों का जवाब नहीं दिया गया, तो विपक्ष ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट किया।
संसद परिसर में विदेश मंत्री एस जयशंकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में मौजूदा सुरक्षा और कूटनीतिक हालात पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर संसद में विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि केवल एक बयान पढ़ देना और सदन के सदस्यों को सवाल पूछने या अपनी बात रखने का अवसर न देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुख्य मुद्दा यह है कि सांसदों को इस विषय पर चर्चा करने का मौका मिलना चाहिए। उनके अनुसार, उनकी पार्टी की मांग भी यही थी कि इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर संसद में सार्थक बहस हो।
थरूर ने यह भी कहा कि सरकार को कम से कम संसद जैसे मंच का उपयोग करते हुए देश के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों की राय सुननी चाहिए, ताकि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर व्यापक दृष्टिकोण सामने आ सके।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका यह तय करने की कोशिश कर रहा है कि भारत को तेल किस देश से खरीदना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ा विषय है।
लोकसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें खुद ही नहीं पता कि वे क्या करना चाहते हैं। रिजिजू ने कहा कि आज सदन में उसी प्रस्ताव पर चर्चा तय है जिसे विपक्ष ने ही पेश किया है, इसके बावजूद वे लगातार हंगामा कर रहे हैं।
इसके बाद सदन की कार्यवाही संभाल रहे पीठासीन अध्यक्ष ने भी विपक्षी सदस्यों को फटकार लगाते हुए सदन में व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित हो गई है। जबकि राज्यसभा में कामकाज जारी है।
लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और हंगामा न करें। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान में चल रहे संघर्ष पर सदन को जानकारी देना शुरू किया। हालांकि, विपक्ष के सांसदों ने लगातार 'वी वॉन्ट डिस्कशन' के नारे लगाते हुए हंगामा जारी रखा। जयशंकर ने कहा प्रभावित देशों से हम संपर्क कर रहे है। संवाद और कूटनीति से ही समाधान संभव है।
भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।
जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है। जेपी नड्डा ने विपक्ष के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में वहीं बैठे रहोगे और घटते चले जाओगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते जियो-राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55% हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं। उनके बयान के दौरान सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।
पश्चिम एशिया संकट को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क साधना स्पष्ट तौर पर कठिन है। उस स्थिति के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि पोर्ट में डॉक होने की अनुमति दी एक मानवीय कार्रवाई के रूप में, जिसे ईरान ने सराहा है।
जयशंकर ने बताया कि भारत ने जहाज को तकनीकी सहायता और सुरक्षित ठहराव के लिए कोच्चि पोर्ट में डॉक करने की मंजूरी दी थी और इसका स्वागत ईरानी अधिकारियों ने दोस्ताना संबंधों की मिसाल के तौर पर किया है। वहीं राज्यसभा में सदस्यों ने भारतीय क्रिकेट टीम को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप जीतने पर हार्दिक बधाई दी। सदन में खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और उनके समर्पण की सराहना की गई।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई चेतावनी और सलाह जारी की गई हैं। जयशंकर ने बताया 14 जनवरी को दूसरी चेतावनी जारी की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों से यात्रा से बचने की सलाह और भी सख्त शब्दों में दी गई। इसी दिन मुंबई के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए अपनी चेतावनी जारी की और उन्हें दूतावास की सलाह का पालन करने तथा जहाजों की अनावश्यक गतिविधियों से बचने का निर्देश दिया। भर्ती और शिपिंग कंपनियों से कहा गया कि वे भारतीय समुद्री कर्मियों को ईरान भेजने या नियुक्त न करें।
उन्होंने आगे बताया हमारी स्थिति का आकलन करते हुए भारतीय दूतावास, तेहरान ने 14 फरवरी को एक और सलाह जारी की, जिसमें भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से ईरान छोड़ने के लिए सभी उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करने और किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया गया। 24×7 मदद भी उपलब्ध कराई गई। यह सलाह 23 फरवरी को एक बार फिर सख्त शब्दों में दोहराई गई। कई लोग इन चेतावनियों का पालन कर देश छोड़ चुके हैं, लेकिन कई अन्य अभी भी ईरान और इराक में हैं। हम अपने मछुआरों के संपर्क में भी हैं, जो इराक से काम कर रहे हैं। यह स्थिति 28 फरवरी 2020 तक बनी रही। कल तक लगभग 67,000 हमारे नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर सुरक्षित लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्री ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति गंभीर है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इस संघर्ष ने अन्य देशों में भी तबाही और आतंक फैला दिया है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, कुछ जगहों पर पूरी तरह ठप हो गई हैं।
जयशंकर ने बताया कि इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। बैठक में ईरान पर हवाई हमले और खाड़ी के कई देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्री ने कहा "सरकार संघर्ष के शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति का निरंतर मूल्यांकन कर रही है। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए।" विदेश मंत्री ने सदन से यह भी साझा किया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए कहा प्रधानमंत्री लगातार उभरती घटनाओं पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। जयशंकर ने सदन को भरोसा दिलाया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय घटनाओं पर सतर्क प्रतिक्रिया देने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।
जयशंकर ने सदन से कहा हमने 3 मार्च को फिर से संवाद और कूटनीति की अपील की और संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की आवश्यकता जताई। यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। हमारा यह कर्तव्य है कि हम उनकी सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करें।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर जब राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देने के लिए उठे, तब विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। विपक्ष ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जयशंकर ने कहा यह सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और इसमें केवल इस्राइल और अमेरिका बनाम ईरान ही नहीं, बल्कि कई खाड़ी देशों पर भी हमले हुए। इस दौरान नेतृत्व स्तर पर ईरान में कई हताहत हुए और क्षेत्र की बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।
जयशंकर ने बताया 'सरकार ने 28 फरवरी को ही बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। हम मानते हैं और अभी भी मानते हैं कि तनाव कम करने और मूल समस्याओं को हल करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।'
लोकसभा ने सदस्यों के निधन पर शोक-संदर्भ प्रस्तुत करने के बाद अपनी बैठक स्थगित कर दी। बैठक का अगला सत्र आज दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होगा। वहीं, राज्यसभा का कामकाज नियमित रूप से जारी है।
लोकसभा में आज विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा मैं जानने के लिए उत्सुक हूं कि वे इस गंभीर विषय पर क्या कहेंगे।
संसद के बजट सत्र के दौरान आज विपक्ष दोनों सदनों में ईरान‑अमेरिका/इस्राइल संघर्ष और अमेरिका द्वारा भारत को कच्चे तेल की अस्थायी रियायत से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए विपक्षी दल संसद में चर्चा और प्रश्नकाल में इस विषय को प्रमुख रूप से उठाएंगे। हाल ही में अमेरिका ने वैश्विक तेल आपूर्ति के दबाव के चलते भारत को रूसी कच्चे तेल की 30‑दिन की अस्थायी छूट दी है, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि शासन करने वाली पार्टी को यह सोचना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। 2014 से मोदी सरकार के कार्यकाल के बाद से, वे किसी भी सदन में विपक्ष को स्वीकार करने के इच्छुक नहीं रहे, चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा। सरकार सदन का संचालन नहीं करती, विपक्ष के नेता को अपमानित किया जाता है और माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं।
पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति पर विदेश मंत्री के बयान पर संजय राउत ने कहा जब हमारे विदेश मंत्री संसद में अपना बयान देंगे, तब हम उनसे इस विषय पर निश्चित रूप से कुछ सवाल पूछेंगे।
लोकसभा के नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संसद पहुंच गए है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद आज संसद में कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय में सुबह 10.30 बजे बैठक करेंगे। संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है और यह 2 अप्रैल तक जारी रहेगा।
लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि इस स्थिति का असर पूरे 140 करोड़ भारतीयों पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया "क्या केवल बयान देना पर्याप्त है, जबकि पूरा देश प्रभावित हो रहा है? सभी पार्टियों की सहभागिता वाली व्यापक चर्चा होनी चाहिए और सरकार को अपनी विदेश नीति पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए।"
वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रमोद तिवारी ने कहा यदि 50 से अधिक सांसद इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, तो इस पर संसद में चर्चा होगी। यह पहला अवसर नहीं है जब अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का उद्देश्य सरकार को गिराना नहीं होता, बल्कि संसद में अपनी राय और विचारों को प्रस्तुत करना होता है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाकर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा "भारतीय जनता पार्टी सरकार में हमारी विदेश नीति बंधक हो गई है और महंगाई की बढ़ती दर के कारण हमारे कई भारतीय नागरिक जो विदेश में फंसे हैं, कई त्योहारों का जश्न भी नहीं मना पाए। आखिरकार, भारतीय सरकार क्या कर रही है?" उन्होंने आगे कहा फ्लोर लीडर्स की बैठक में इस मुद्दे पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे। यह जानकारी बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से एक दिन पहले पहले जारी संसदीय कार्य सूची में सामने आई है। विपक्ष ने सदन में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। रविवार शाम जारी 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची के मुताबिक, जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। इससे पहले, शनिवार तक कार्यकारी सूची में विपक्ष समर्थित पर उस प्रस्ताव पर चर्चा ही सूचीबद्ध थी जिसमें ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई है।
Parliament Budget Session Lok Sabha Rajya Sabha LIVE News Updates: संसद के बजट सत्र का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इसके भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे।