लोकसभा ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार और सुरक्षा से जुड़े कानून में संशोधन करने वाला बिल पास कर दिया है। इस बिल के जरिए ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सुरक्षा और उनके अधिकारों को और मजबूत बनाने का प्रयास किया गया है। अब इस कानून के तहत उनकी पहचान, सामाजिक और आर्थिक अधिकारों की बेहतर रक्षा होगी। कांग्रेस और कुछ अन्य दलों ने बिल को लेकर चर्चा की, लेकिन अंत में यह पारित हो गया। सरकार का कहना है कि यह कदम ट्रांसजेंडर लोगों को समाज में समान अवसर और सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में सरकार की नीतियों और ट्रांसजेंडर बिल को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि भारत पहले खुद को विश्व नेता और शांति स्थापित करने वाला देश बताता था, लेकिन आज के हालात चाहे रूस यूक्रेन जंग हों या अन्य वैश्विक मुद्दे, को देखते हुए हमें इस पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
ट्रांसजेंडर बिल पर बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास नहीं भेजा जा रहा है। उनके अनुसार, ट्रांसजेंडर समुदाय को लग रहा है कि यह बिल उनकी पहचान को खत्म कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर समुदाय से ठीक से सलाह-मशविरा करना जरूरी था। लेकिन समुदाय का मानना है कि उनकी बात नहीं सुनी गई और बिना उनकी राय के इतना बड़ा फैसला लिया जा रहा है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि सरकार को इस बिल को पहले स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजना चाहिए था, ताकि सभी पक्षों की राय लेकर एक बेहतर और न्यायसंगत कानून बनाया जा सके।
केंद्र सरकार ने बताया है कि देश के केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन संविधान के अनुच्छेद 239 से 241 के तहत किया जाता है। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अभी सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, जिसमें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग मंत्रालय, विशेष समिति या नई नीति बनाई जाए। उन्होंने बताया कि फिलहाल विभिन्न मंत्रालयों के बीच नियमित बातचीत और समन्वय से ही योजनाएं बनाई और लागू की जाती हैं। साथ ही, संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति केंद्र शासित प्रदेशों के कामकाज की निगरानी और समीक्षा करती है।
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा करते हुए बताया एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बड़े पैमाने पर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। बीते वर्षों में सरकार का निरंतर प्रयास रहा है कि हर क्षेत्र में दूसरे देशों में निर्भरता कम से कम हो। हम ज्यादा से ज्यादा आत्मनिर्भर हों, यही एकमात्र विकल्प है। जैसे भारत का 90 प्रतिशत से अधिक कारोबार विदेशी जहाजों पर होता है, यह स्थिति किसी भी वैश्विक संकट में भारत की स्थिति को और भी गंभीर बना देती है। इसलिए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपये का अभियान शुरू किया है। भारत आज जहाज निर्माण पर तेज गति से काम कर रहा है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि विशेषतौर पर क्रूड और उर्वरक से जुड़ा परिवहन इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में होता है। युद्ध से इस क्षेत्र से आना-जाना बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है। हमारी सरकार ने संवाद के माध्यम से रास्ते बनाने का प्रयास किया है। हमारी कोशिश है जहां से भी ये चीजें आसानी से भारत पहुंचे। बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत आए हैं। आने वाले दिनों में भी ये प्रयास जारी रहेंगे।
पीएम मोदी ने कहा कि हम होर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी उनसे बात की है। इसमें रुकावट अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों पर, नागरिकों ठिकानों पर, ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों का विरोध किया है। भारत सुरक्षित आवागम के लिए सतत प्रयास कर रहा है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का भी रास्ता सुझाया है। भारत का सतत प्रयास सभी पक्षों को शांति पूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में आगे कहा कि हम ईरान, इस्राइल और अमेरिका के साथ संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य संवाद कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है। हमने होर्मुज को खोलने के लिए बात की है। वहां पर हमला अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों, असैन्य ढांचों और ऊर्जा से जुड़ी बुनियादी संरचना पर हमलों का विरोध कर रहा है। भारत जहाजों की आवाजाही के लिए सतत प्रयास कर रहा है। भारत ने संवाद का ही रास्ता सुझाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि होर्मुज में भारत के कई जहाज फंसे हैं, उनमें बड़ी संख्या में चालक दल के भारतीय सदस्य हैं। ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए। युद्ध की शुरुआत से बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो दौर की बातचीत की है।
राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरकों जैसे जरूरी सामानों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रह रहे हैं। यह भारत के लिए बड़ी चिंता है।
राज्यसभा में पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी का भाषण शुरू
राज्यसभा में मंगलवार को CPI(M) सांसद जॉन ब्रिट्टास ने भारत सरकार से ईरान संघर्ष पर स्पष्ट और संयुक्त रुख अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जैसा 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय इराक युद्ध पर संसद ने संयुक्त प्रस्ताव पारित किया था, उसी तरह अब भारत को भी अमेरिका और इस्राइल के ईरान पर एकतरफा और अवैध हमलों की निंदा करते हुए प्रस्ताव लाना चाहिए।
ब्रिट्टास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में आर्थिक मुद्दों और प्रवासी भारतीयों की समस्याओं पर बात की, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। सांसद ने जोर देकर कहा कि चुप्पी समाधान नहीं है और भारत को एक संयुक्त और मजबूत आवाज उठानी चाहिए। ब्रिट्टास ने ईरान संघर्ष से प्रभावित भारतीय नागरिकों, खासकर स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ में फंसे करीब 700 समुद्री कर्मचारियों की चिंता जताई। उन्होंने सरकार से उनके परिवारों से संपर्क स्थापित करने और जरूरत पड़ने पर सहायता प्रदान करने का तंत्र बनाने का आग्रह किया।
साथ ही, उन्होंने गल्फ देशों से लौटने वाले कर्मचारियों के लिए पुनर्वास पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल केरल में प्रवासी भारतीयों से लगभग 2.2 लाख करोड़ रुपये की रकम आती है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था का एक तिहाई हिस्सा है। ब्रिट्टास ने सरकार से कहा कि भारत को गैर-संरेखित देशों के नेता होने के नाते वैश्विक संघर्षों पर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए, न कि केवल राष्ट्रीय हितों के लिए चुप रहना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि सरकार एक प्रस्ताव लेकर आए और संसद में पारित कराया जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को असम के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। बोरदोलोई ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा है। प्रद्युत बोरदोलोई ने नगाॉं सीट से लगातार दो बार कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा में चुनाव जीते थे। उन्होंने 17 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दिया और इसके बाद भाजपा में शामिल हो गए।
भाजपा ने उन्हें अगले असम विधानसभा चुनाव के लिए डिसपुर सीट से उम्मीदवार घोषित किया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि बोरदोलोई का सांसद पद से इस्तीफा 20 मार्च से प्रभावी होगा। बोरदोलोई असम में पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में 15 साल तक मंत्री रहे। इसके बाद उन्हें दो बार लोकसभा के लिए चुना गया।
लोकसभा में ‘वित्त विधेयक 2026’ पर आगे की चर्चा और इसे पारित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह बिल देश के बजट और आर्थिक नीतियों से जुड़ा होता है, जिसमें टैक्स, खर्च और सरकारी योजनाओं के प्रावधान शामिल होते हैं। संसद में इस बिल पर विस्तार से चर्चा की जा रही है, जहां अलग-अलग दल अपने सुझाव और आपत्तियां रख रहे हैं। इसके बाद इसे पास करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू हुआ है, जबकि राज्यसभा में पीठासीन सभापति सीपी राधाकृष्णन की अनुमति से अहम मुद्दे उठाए गए। लोकसभा में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों की आय दोगुनी किए जाने के संबंध में अहम जवाब दिया। उन्होंने कहा, सरकार की विभिन्न पहलों से कृषि क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और उर्वरक सब्सिडी जैसे उपाय किए गए हैं। कृषि और किसान कल्याण मंत्री चौहान ने जोर देकर कहा कि कुछ मामलों में आय तीन से चार गुना भी बढ़ी है। तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय ने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर सवाल उठाए थे। चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के प्रयासों को पुरस्कृत करेगी। सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल ने बताया कि सरकार सहकारिता क्षेत्र के विकास के लिए प्रयास कर रही है। पिछले पांच वर्षों में इस क्षेत्र को 5 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
राहुल गांधी के बयान पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा, इतनी बड़ी समस्या दुनिया के सामने है। अगर आप चाहते हैं कि देश को इस बारे में पता चले, तो इस पर बहस होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश एआईएमआईएम अध्यक्ष हाजी शौकत अली के विवादित बयान पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, यह देश कानून के अनुसार चलता है। कोई भी कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर की गई टिप्पणी पर उन्होंने कहा, राहुल गांधी एक अबोध बालक हैं। उन्होंने कोरोना काल में गलत सूचना फैलाई और लोगों को भड़काया। आज भारत की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करती है। देश में पेट्रोल की कीमतें नहीं बढ़ी हैं। जबकि, दुनिया भर के देशों में कीमतें बढ़ गई हैं। हिमाचल प्रदेश सरकार ने तेल का दाम बढ़ा दिया है तो राहुल गांधी इस पर क्यों नहीं बोल रहे हैं। इस देश में परेशानी नेता प्रतिपक्ष है।