11:43 AM, 13-Feb-2026
विपक्ष ने एपस्टीन मामले पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया
कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स मामले में लगाए गए आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग की।
स्टार्टअप इंडिया ने 2.07 लाख उद्यमों को दी मान्यता 21.9 लाख नौकरियां सृजित
स्टार्टअप इंडिया पहल ने देशभर में 2.07 लाख उद्यमों को आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है, जिसके परिणामस्वरूप 31 दिसंबर, 2025 तक 21.9 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों का सृजन हुआ है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। प्रसाद ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में वित्तपोषण के लिए केंद्र फंड ऑफ फंड्स फॉर स्टार्टअप्स, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम और क्रेडिट गारंटी स्कीम फॉर स्टार्टअप्स जैसी योजनाएं लागू करता है। भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक की ओर से संचालित एफएफएस (फेडरल फंड्स फाइनेंसिंग प्रोग्राम) सेबी में पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) को पूंजी उपलब्ध कराता है। 31 दिसंबर, 2025 तक, इन एआईएफ ने 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित 1,371 चयनित स्टार्टअप में 25,547.98 करोड़ रुपये का निवेश किया। मंत्री कहा कि इन समर्थित स्टार्टअप ने 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित किए।
विदेश समेत तीन मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा की मांग
राज्यसभा में विपक्षी दलों ने मांग की है कि बजट सत्र के दौरान विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास व वाणिज्य मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा की जाए। सूत्रों के मुताबिक, यह मांग बृहस्पतिवार को राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में की गई। हालांकि, सरकार ने सुझाव दिया है कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण मंत्रालयों के कामकाज पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य और विदेश मंत्रालय पर बहस की मांग करने वालों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, द्रमुक, आप, माकपा, भाकपा, राजद, झामुमो, केरल कांग्रेस के अलावा बीजद व वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता शामिल हैं।
राहुल का आचरण अराजक व अलोकतांत्रिक रहा : भाजपा
भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि संसद के बजट सत्र के पहले चरण के दौरान कांग्रेस नेता का आचरण अराजक, अलोकतांत्रिक और राजनीतिक रूप से असभ्य रहा। वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल के इशारे पर बजट सत्र के दौरान जिस तरह से कांग्रेस सांसदों ने व्यवहार किया, उससे यह साफ हो गया कि वह सदन की किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक गरिमा, सांविधानिक मर्यादा व नियमों में विश्वास नहीं करते हैं।
सेना की परीक्षा पास करने वाले युवाओं की भर्ती की मांग
राज्यसभा में शून्यकाल में सेना भर्ती का मुद्दा उठा। आप के सांसद संजय सिंह ने कहा कि 2019-2022 के बीच करीब 1.23 लाख नौजवानों ने थलसेना में भर्ती के लिए फिजिकल व मेडिकल परीक्षाएं पास कीं, जबकि लगभग 7,000 ने वायुसेना के लिए परीक्षा पास की। हालांकि, इन्हें अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। उन्होंने नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि सेना देश का गौरव है और सेना में भर्ती होना हर युवा का सपना होता है।
राजस्थान की यूनिवर्सिटी में छात्रों को प्रवेश न मिलने का मुद्दा उठा
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर के छात्रों का मुद्दा उठाया। शून्यकाल में सांसद सज्जाद अहमद किचलू ने कहा, राजस्थान की मेवाड़ यूनिवर्सिटी अपने एडमिशन के वादे को पूरे नहीं कर पाई। इसके चलते छात्र अधर में लटके हुए हैं। जम्मू से कई छात्रों ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी में आवेदन किया था। इनमें से 82 ने नर्सिंग कोर्स के लिए आवेदन किया है, पर दाखिला नहीं मिला।
खरगे ने भाषण के अंश हटाने पर सभापति से की अपील, मिला ये जवाब
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के दौरान अपने भाषण के बड़े हिस्से को हटाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, मैंने कुछ भी असंसदीय नहीं कहा था। इसलिए भाषण के हटाए गए अंशों को सदन की कार्यवाही में शामिल किया जाए। हालांकि सभापित सीपी राधाकृष्णन ने इन्कार कर दिया आैर कहा कि आसन ने फैसला नियमों के अनुरूप लिया है। शून्यकाल के तत्काल बाद यह मुद्दा उठाते हुए खरगे ने सभापति से फैसले पर फिर से विचार अपील की और कहा कि नहीं तो वे उन्हें जनता के लिए जारी कर देंगे। उन्होंने कहा, मैंने सामाजिक न्याय से लेकर संसदीय प्रणाली तक, तथ्यों के साथ कई जरूरी बातें कहीं। लेकिन, राज्यसभा की वेबसाइट पर मेरे भाषण का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी सही वजह के हटा दिया गया है। इसमें वे हिस्से वे हैं जिनमें मैंने मौजूदा सरकार के समय में संसदीय कार्यवाही पर टिप्पणी की थी और प्रधानमंत्री की कुछ नीतियों की आलोचना की थी। खरगे ने कहा, मैं हमेशा भाषा की मर्यादा को लेकर सचेत रहा हूं। सदन के नियमों-परंपराओं व पीठासीन अधिकारी के कर्तव्यों को जानता हूं। मेरे भाषण में कुछ भी असंसदीय नहीं है। इस पर सभापति ने शुरू में कहा कि ठीक है, मैं इसे देखूंगा पर जब खरगे ने कहा, हटाए गए अंशों को सार्वजनिक कर देंगे तो सभापति ने कहा कि वह आसन की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठा सकते हैं । सभापति ने खरगे से कहा कि जो वह कह रहे थे वह सही नहीं था, क्योंकि जो कुछ भी रिकॉर्ड से हटा दिया गया है उसे बाहर जारी नहीं किया जा सकता।