लोकसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब सदन की बैठक दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होगी।
लोकसभा सचिवालय संसद में इस्तेमाल होने वाले असंसदीय शब्दों और अभिव्यक्तियों की सूची की समीक्षा करने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, कई शब्दों का इस्तेमाल समय के साथ बढ़ गया है, इसलिए उनकी दोबारा जांच कर नई सूची जारी की जा सकती है।
पहले जुमलाजीवी, बाल बुद्धि जैसे शब्दों के साथ-साथ अशेम्ड, अब्यूज्ड, बिट्रेड, ड्रामा, हिप्पोक्रेसी जैसे आम अंग्रेजी शब्द भी असंसदीय माने गए थे। इसके अलावा अनारकिस्ट, शकुनी, तानाशाह, जयचंद और खून से खेती जैसे शब्दों को भी संसद में बोलने पर रोक लगाई गई थी। लोकसभा सचिवालय की पहले जारी सूची में दोहरा चरित्र, निकम्मा, दंगा, दलाल, दादागिरी, नौटंकी, ढिंढोरा पीटना, बेचारा, बॉबकट, मूर्ख, पिट्ठू, सेक्सुअल हैरेसमेंट और बहरी सरकार जैसे शब्दों को भी असंसदीय बताया गया था। सचिवालय ने लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं और कॉमनवेल्थ देशों की संसदों में समय-समय पर असंसदीय घोषित किए गए शब्दों को एक साथ संकलित किया है। संसद में अगर कोई सदस्य ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करता है, तो लोकसभा स्पीकर या राज्यसभा के सभापति उन्हें रिकॉर्ड से हटाने का आदेश दे सकते हैं। ऐसे शब्द संसद की आधिकारिक कार्यवाही का हिस्सा नहीं माने जाते।
संसद बजट सत्र के दौरान संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि सदन में व्यवधान का जिम्मा कांग्रेस पार्टी का है। दो दिन की चर्चा के बाद (लोकसभा स्पीकर) ओम बिरला की ओर से दिए गए सुझावों पर रिजिजू ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि आज सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से होगी, लेकिन कांग्रेस ने कोई सबक नहीं सीखा।
उन्होंने बताया कि आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्पीकर को पत्र सौंपा कि वह एलपीजी की कथित कमी पर चर्चा करना चाहते हैं। इस पर विचार-विमर्श के बाद उनसे पूछा गया कि वह कब इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहेंगे। पेट्रोलियम मंत्री को जवाब तैयार करने के लिए कहा गया और राहुल गांधी को विशेष अनुमति दी गई कि वह बोल सकें। फिर भी रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने एलपीजी मुद्दे की बजाय कई अन्य मुद्दों पर बात शुरू कर दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उनके पास देश में गैस की कमी के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से दिया गया नोटिस मौजूद है और उन्होंने उन्हें उसी विषय पर बोलने की अनुमति भी दी थी। लेकिन विपक्ष के जिम्मेदार नेता होने के बावजूद बिना नोटिस दिए दूसरे मुद्दों पर चर्चा करना संसद की प्रक्रिया और नियमों के मुताबिक नहीं है। ओम बिरला ने कहा कि वह राहुल गांधी से फिर आग्रह कर रहे हैं कि संसद इस तरह नहीं चल सकती। संसद केवल नियमों और तय प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलेगी।
तेल संकट पर लोकसभा में चर्चा के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि यह अफवाह फैलाने या झूठी कहानियां बनाने का समय नहीं है। भारत इस समय इतिहास के सबसे बड़े वैश्विक ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है और उसी के बीच रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। फल-सब्जियों की आपूर्ति लगातार जारी है। गैस की आपूर्ति घरों और किसानों को प्राथमिकता देकर की जा रही है। एलपीजी का उत्पादन भी 28 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत के लोगों को उन ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए, जो इस संकट से निपटने में लगे हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि पिछले पांच दिनों में रिफाइनरियों को दिए गए निर्देशों के कारण एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। साथ ही अतिरिक्त गैस की खरीद भी की जा रही है। मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों के रसोईघर, खासकर गरीब और वंचित लोगों के घरों में गैस की कोई कमी न हो। घरेलू आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित रखी गई है और गैस की डिलीवरी का समय भी पहले जैसा ही है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक का सामान्य समय ढाई दिन ही रखा गया है, जो संकट से पहले भी यही था। उन्होंने कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर बिना रुकावट गैस आपूर्ति देने की व्यवस्था की गई है। उन्हें एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित की गई है, चाहे कुल मांग कितनी भी बढ़ जाए। जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, हर कोई जानता है कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होने वाले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, उस मुख्य समुद्री रास्ते को बंद कर दिया गया है। इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा, खासकर हमारे देश पर, क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है।
उन्होंने कहा, मुश्किलें अभी बस शुरू हुई हैं। रेस्तरां बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट फैल रही है। सड़क पर सामान बेचने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह सिर्फ शुरुआत है। किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं, लेकिन अमेरिका को यह तय करने देना कि हम तेल किससे खरीदेंगे, गैस किससे खरीदेंगे, क्या हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और अलग-अलग तेल आपूर्तिकर्ता देशों के साथ हमारे संबंध कैसे होंगे, यह सब मानो सौदे में दे दिया गया है।
राहुल गांधी ने कहा, मेरे लिए यह हमेशा एक बहुत उलझाने वाली बात रही है कि भारत जैसा बड़ा देश किसी दूसरे देश को यह तय करने क्यों देगा कि हम किससे तेल खरीदें। क्यों किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति हमें अनुमति दें कि हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे होंगे। यह मेरे लिए एक पहेली रही है और मैं इस पहेली को समझने की कोशिश कर रहा हूं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में एलपीजी संकट है। छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। रूस से तेल क्यों नहीं खरीद सकते। कांग्रेस सांसद ने कहा, होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। इसे बंद कर दिया गया है। इसके परिणाम भयावह होंगे। राहुल गांधी ने कहा, अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ा है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होंगे।
सांसद राहुल गांधी ने कहा, प्रत्येक राष्ट्र की नींव उसकी उर्जा सुरक्षा पर टिकी होती है। अमेरिका कौन होता है यह तय करने वाला कि हम किससे तेल खरीदें, किससे गैस खरीदें और क्या हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं। विभिन्न तेल आपूर्तिकर्ताओं के साथ हमारे संबंध हम खुद तय कर सकते हैं।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी आज लोकसभा में भारत की कुल ऊर्जा स्थिति पर बयान देंगे। यह चर्चा पश्चिम एशिया संकट के बीच हो रही है, जिसने वैश्विक शिपिंग मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी सदन में उपस्थित रहेंगे और चर्चा के दौरान संभवत: अपनी बात रख सकते हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश में संभावित ईंधन संकट को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि संसद में आमतौर पर किसी मुद्दे पर बोलने के लिए एक तय प्रक्रिया होती है, लेकिन इस बार उन्हें देश में एलपीजी, गैस और तेल की स्थिति पर बयान देने की अनुमति नहीं दी गई।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में एलपीजी, गैस और तेल की स्थिति पर चर्चा करने के लिए बोलने की अनुमति मांगी थी, क्योंकि यह समस्या अभी शुरुआत में है और आगे गंभीर रूप ले सकती है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि अब एक नई प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिसमें पहले मंत्री फैसला करेगा, फिर उन्हें बोलने का मौका मिलेगा और उसके बाद मंत्री जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में गैस और पेट्रोल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। राहुल गांधी के मुताबिक देश की ऊर्जा सुरक्षा कमजोर होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
उन्होंने सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गलत कूटनीतिक फैसलों की वजह से आज देश को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने सरकार और पीएम मोदी से तुरंत तैयारी शुरू करने की अपील की। उनका कहना था कि अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो इसका असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है।
लोकसभा की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया है। अब सदन की बैठक दोपहर 2 बजे फिर से शुरू होगी।
उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ये सदन 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करता है। यहां हर सांसद लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं के साथ आता है। मैंने हमेशा कोशिश की कि हर सांसद नियमों के तहत अपनी बात रखे। यह सदन अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति की आवाज बने मैंने यही प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि मैंने हर उस सांसद को बोलने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया जो कम बोलते थे। क्योंकि सदन में बोलने से लोकतंत्र का संकल्प मजबूत होता है। ये सदन विचारों का चर्चा का जीवंत मंच रहा है।
केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ये लोग देश और लोकतंत्र के दुश्मन हैं। ये लोग गरीबों के पैसों का लोकसभा में दुरुपयोग करते हैं। ये लोग देश में भ्रम फैलाने के अलावा कुछ नहीं करते… वोट डालने का साहस भी नहीं दिखा पाए क्योंकि इनके बीच एकता नहीं थी। हमने महामारी के दौरान प्रबंधन किया, और इसे भी संभाल लेंगे। इन्हें कोई परवाह नहीं क्योंकि इनके नेता भी परवाह नहीं करते। कांग्रेस दिनभर भ्रम फैलाने का काम करती है। कांग्रेस के पास और कोई काम नहीं है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एलपीजी गैस सिलिंडरों की कमी के मुद्दे पर कहा "ऐसे मामलों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। सरकार को इस बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। आप जानते हैं कि LPG सिलिंडरों के लिए कितनी लंबी लाइनें लगती हैं… आप जानते हैं कि कीमतें बढ़ा दी गई हैं। संसद एक ऐसा मंच है, जहां यह सब जनता के सामने रखा जा सकता है। हमारा केवल यही अनुरोध है कि इस पर चर्चा हो और सरकार जनता को आश्वासन दे। यह स्वीकार्य नहीं कि सरकार केवल अपनी इच्छा के अनुसार काम चलाए।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर में LPG गैस सिलिंडरों की कमी को लेकर संसद परिसर में विपक्षी नेताओं के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताई और जनता को हो रहे संकट पर ध्यान देने की मांग की।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन प्रधानमंत्री खुद बिल्कुल अलग कारणों से घबराए हुए हैं। वह अडानी मामले और एप्स्टीन केस को लेकर चिंतित हैं। वह संसद के भीतर भी आने में सक्षम नहीं हैं। देश को घबराने न कहें, जबकि वह स्वयं घबराए हुए हैं।