पीएम मोदी ने कांग्रेस के समय के लाइसेंस राज पर निशाना साधते हुए कहा, उस दौर में लाइसेंस परमिट राज इतना जुर्म था, देश विकास नहीं कर सकता था। यही कांग्रेस की पहचान बन गई थी। कम्प्यूटर का शुरुआती दौर था तो इसे इंपोर्ट करने के लिए भी लाइसेंस लेना होता था और इसमें वर्षों लग जाते थे। मकान बनाने के लिए सीमेंट चाहिए तो उसके लिए भी परमिशन चाहिए होता था। शादी-ब्याह में चीनी की जरूरत हो तो भी लाइसेंस लेना पड़ता था। ये आजाद भारत की बात कर रहा हूं। कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री जो अपने आपको बहुत ज्ञानी मानते हैं, उन्होंने माना था कि लाइसेंस परमिट के बिना कोई काम होते नहीं हैं। सारे काम इसके रास्ते से ही गुजरते हैं, ये बिना रिश्वत के नहीं होता है। उस जमाने में रिश्वत मतलब हाथ की सफाई कौन करता था भाई, कौन पंजा था। पैसा कहां जाता था, देश का नौजवान भली-भांति समझता है। यहीं सदन में कांग्रेस के एक सदस्य मौजूद हैं, उनके पिता जी खुद के पैसे से कार खरीदना चाहते थे, उनको 15 साल तक इंतजार करना पड़ा था। हम सब जानते हैं कि स्कूटर खरीदने में 8-10 साल लग जाता था। कांग्रेस की इन नीतियों ने विकास की रफ्तार को धीमा कर दिया, इसे दुनिया में हिंदू रेट ऑफ ग्रोथ कहा गया। पीएम ने कहा, कांग्रेस की वजह से एक समुदाय को गाली पड़ी। दुनियाभर में बदनामी झेलनी पड़ी।
पीएम मोदी ने अभिव्यक्ति की आजादी के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, देश की पहली सरकार थी। नेहरू प्रधानमंत्री थे। मुंबई में मजदूरों की एक हड़ताल हुई, उसमें मशहूर गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी ने एक गीत गाया था- कॉमनवेल्थ का दास है। ये कविता उन्होंने गाई थी। कविता गाने पर नेहरू ने देश के एक महान कवि को जेल में ठूंस दिया। मशहूर अभिनेता बलराज साहनी आंदोलन करने वालों के सिर्फ एक जुलूस में शामिल हुए थे, इसलिए उन्हें जेल में बंद कर दिया गया। लता मंगेशकर के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने वीर सावरकर पर एक कविता स्वरबद्ध करके आकाशवाणी पर प्रस्तुत करने की योजना बनाई, इतने मात्र से हृदयनाथ मंगेशकर को आकाशवाणी से हमेशा के लिए बाहर कर दिया गया। इसके बाद देश ने आपातकाल का भी दौर देखा है। संविधान को किस प्रकार से कुचला गया। संविधान की भावना को किस प्रकार से रौंदा गया, वह भी सत्ता सुख के लिए किया गया।
कांग्रेस ने संविधान की भावना का किया अनादर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
संविधान निर्माताओं का आदर करना चाहिए था। संविधान निर्माताओं से एक-एक बात प्रेरणा लेनी चाहिए थी। लेकिन ये कांग्रेस है, जिसने आजादी के तुरंत बाद ही संविधान निर्माताओं की भावनाओं की धज्जियां उड़ा दी थीं। यह मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है। आप कल्पना कर सकते हैं, जब देश में चुनी हुई सरकार नहीं थी, एक अस्थायी व्यवस्था थी, वह व्यवस्था में जो महाशय बैठे थे, उन्होंने आते ही संविधान में संशोधन कर दिया। चुनी हुई सरकार करती तो थोड़ समझ में आता, लेकिन इतना भी इंतजार नहीं किया और बोलने की आजादी को कुचल दिया। अखबारों पर लगाम लगाई और दुनिया में लोकतंत्र का टैग लेकर घूमते रहे। यह लोकतंत्र के महत्वपूर्ण स्तंभ को कुचलने का काम हुआ। यह संविधान की भावना का पूरी तरह अनादर था।
यूसीसी पर राज्यसभा में क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर संविधान निर्माताओं से प्रेरणा लेने की बात अपने अभिभाषण में कही थी। मैं आज बड़े संतोष के साथ कह सकता हूं कि हमारे संविधान निर्माताओं की जो भावना थी, उसी प्रेरणा लेते हुए हम आज आगे बढ़ रहे हैं। कुछ लोगों को लगता होगा कि यह समान नागरिकता संहिता (यूसीसी) क्या लाए हैं, लेकिन जो संविधान सभा की डिबेट पढ़ेंगे तो उनको पता चलेगा कि हम उनकी भावना को यहां लाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ लोगों की राजनीति आड़े आती होगी, लेकिन हम संविधान निर्माताओं की इस भावना को जीते हैं, तब जाकर यह साहस कर पाते हैं और प्रतिबद्धता से साथ पूरा करने का प्रयास करते हैं।
जिनको कोई नहीं पूछता था, उनको मोदी पूजता है: प्रधानमत्री
प्रधानमंत्री ने कहा, जिसको किसी ने नहीं पूछा, उसको मोदी पूजता है। गरीबों-वंचितों का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। इस वर्ष के भी बजट में देखिए.. चमड़ा उद्योग, जूता उद्योग ऐसे छोटे-छोटे दायरे के उद्योगों को हमने स्पर्श किया है। इसका सबसे बड़ा लाभ गरीब और वंचित समुदाय के लोगों को मिलने वाला है। उदाहरण के तौर पर खिलौनों की बात करें तो समाज के इस वर्ग के लोग ही खिलौने बनाने के काम में लगे हुए हैं। हमने उस पर ध्यान केंद्रित किया है। बहुत सारे गरीब परिवारों को अनेक प्रकार से इसमें मदद दी गई है। पहले हम खिलौनों के आयात की आदत में फंसे हुए थे, आज हमारे खिलौने तीन गुना निर्यात हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, हमारे देश में एक बहुत बड़ा समुदाय है- मछुआरा समुदाय। इन मछुआरे साथियों के लिए हमने एक अलग मंत्रालय तो बनाया है, लेकिन जो लाभ किसान क्रेडिट कार्ड में किसानों को मिलता था, हमने वही सारे लाभ मछुआरे भाई-बहनों को भी दिया है। हमने उनके लिए एक मंत्रालय बनाया। इसके लिए हमने 40 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए। हमने मत्स्य पालन के क्षेत्र को बढ़ावा दिया है। इसका परिणाम यह है कि हमारा मछली उत्पादन दोगुना और निर्यात भी दोगुना हुआ है। जिसका सीधा लाभ हमारे मछुआरे भाई-बहनों को हुआ है।
एससी-एसटी समुदाय की आर्थिक उन्नति का बाबा साहेब ने पेश किया था रोडमैप: प्रधानमंत्री मोदी
राज्यसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बाबा साहेब ने एससी-एसटी समुदाय की बुनियादी चुनौतियों को बहुत बारीकी से समझा था। बहुत गहराई से समझा था। खुद भुक्तभोगी थे, इसलिए दर्द भी था, पीड़ा भी थी और समाज का कल्याण करने का जज्बा भी था। बाबा साहेब ने एससी-एसटी समुदाय की आर्थिक उन्नति के लिए एक स्पष्ट रोडमैप देश के सामने पेश किया था। बाबा साहेब ने एक बहुत महत्व बात कही थी। मैं उनका वक्तव्य पढ़ना चाहता हूं। उन्होंने कहा था, भारत एक कृषि प्रधान देश है। लेकिन दलितों के लिए ये आजीविका का मुख्य साधन बन ही नहीं सकता। इसके कई कारण हैं। पहला- भूमि खरीदना उनके सामर्थ्य से बाहर है। दूसरा- अगर किसी के पास धन भी हो तो भी उनके लिए भूमि खरीदने का कोई अवसर नहीं है। बाबा साहब ने यह गहन विश्लेषण किया था।
....तो कांग्रेस की यह दुर्दशा नहीं होती: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, हमारी राजनीति का मूल मंत्र रहा है सबका साथ-सबका विकास। लेकिन कांग्रेस का मूल मंत्र रहा- दूसरों की लकीर छोटी करना। इसके कारण उन्होंने सरकारों अस्थिर किया। किसी भी राजनीतिक दल की सरकार कहीं बनी, तो उसे अस्थिर कर दिया। वह दूसरे की लकीर छोटी करने के काम में ही लगे रहे। यह जो दूसरों की लकीर छोटी करने का रास्ता उसने चुना है, वह भी लोकसभा चुनाव के बाद छोड़कर भाग रहे हैं। उनको पता चला कि ये हमें भी मार डालेंगे। यही उनकी नीतियों का परिणाम की है कि आज कांग्रेस का यह हाल हो गया है।
देश की सबसे पुरानी पार्टी, आजादी के आंदोलन से जुड़ी पार्टी, इतनी दुर्दशा हो गई। ये दूसरों की लकीर छोटी करने में अपनी शक्ति खत्म कर रहे हैं। अगर वह खुद की लकीर लंबी करती तो उसकी यह दुर्दशा नहीं होती। बिना मांगे सलाह दे रहा हूं कि आप अपनी लकीर लंबी करने में मेहनत कीजिए, तो देश की जनता आपको यहां आने का मौका देगी।
रंग बदलने में माहिर है कांग्रेस: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
बाबा साहेब आंबेडकर से कांग्रेस को कितनी नफरत थी, उनके प्रति कितना गुस्सा था, किसी भी हालत में बाबा साहेब की हर बात से कांग्रेस चिढ़ जाती थी। इसके सारे दस्तावेज मौजूद हैं। बाबा साहेब को पराजित करने के लिए क्या कुछ नहीं किया गया। बाबा साहेब को कभी भी भारत रत्न के योग्य नहीं समझा गया। इतना ही नहीं, इस देश के लोगों ने बाबा साहेब की भावना का आदर किया है, सर्वसमाज ने आदर किया है। तब आज मजबूरन कांग्रेस को जय भीम बोलना पड़ रहा है। उनका मुंह सूख जाता है। ये कांग्रेस भी रंग बदलने में माहिर लग रही है। इतनी तेजी से नकाब बदल देते हैं, ये इसमें साफ-साफ नजर आ रहा है।
महिलाओं का योगदान नकारा नहीं जा सकता: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, भारत की विकास यात्रा में नारी शक्ति के योगदान को कोई नकार नहीं सकता। लेकिन उनको अगर अवसर मिले और वह नीति-निर्धारण का हिस्सा बनें तो देश की प्रगति में और गति आ सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस सदन का पहला फैसला हुआ, हम देशवासी गर्व कर सकते हैं, यह नया सदन इस बात के लिए याद रखा जाएगा कि यह नया सदन सिर्फ उसे रंग-रूप के लिए नहीं, बल्कि उसका पहला निर्णय था- नारी शक्ति वंदन।
दिव्यांगों के लिए किया आरक्षण का विस्तार: पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे देश में दिव्यांगों की सुनवाई जिस मात्रा में होनी चाहिए थी, नहीं हुई। जब सबका-साथ विकास का मंत्र होता है तो मेरे दिव्यांग जन भी उसमें शामिल होते हैं। हमने दिव्यांगों के लिए आरक्षण का विस्तार किया। दिव्यागों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए मिशन मोड में काम किया। दिव्यांगों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं बनाईं और उनको लागू भी किया।
हमने ओबीसी आयोग को सांविधानिक दर्जा दिया: प्रधानमंत्री मोदी
बीते दशक में हमने हर स्तर पर सबका साथ- सबका विकास की भावना को जमीन पर उतारा है। आज देश में देश में बदलाव नजर आ रहा है। फल के रूप में हम अनुभव करने लगे हैं। सबका साथ-सबका विकास हमारी गर्वनेंस का मूल मंत्र रहा है। हमारी ही सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को मजबूत बनाकर दलित-आदिवासी समाज के सम्मान और उनकी सुरक्षा के संबंध में अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। उन्होंने आगे कहा, यह मेरा सौभाग्य है कि तीन-तीन दशक से मेरे ओबीसी समाज जिन मांगों को लेकर उम्मीद लगा रखी थीं, उनको निराश किया गया था। हमने आकर इस आयोग को सांविधानिक दर्जा दिया।
देश के संसाधनों का हो सर्वोत्तम उपयोग: प्रधानमंत्री मोदी
हमारी कोशिश रही है कि भारत के पास जो भी संसाधन हैं, उन संसाधनों का सर्वोत्तम इस्तेमाल किया जाए। भारत के पास जब समय है, उस समय का भी बर्बादी से बचाकर पल-पल का उपयोग देश की प्रगति के लिए, जन सामान्य के कल्याण के लिए उसी पर वह खर्च हो। इसीलिए हमने परिपूर्णता का दृष्टिकोण अपनाया। पैर उतने लंबे करने हैं, जितनी चादर हो। लेकिन जो योजना बने, जिनके लिए वह योजना बने, उनका वह शत-प्रतिशत लाभ होना चाहिए। किसी को दिया, किसी को नहीं दिया, किसी को लटकाकर रखा, उसको हमेशा प्रताड़ित करके रखना, उसको निराशा की गर्त में धकेलकर रखना, उन स्थितियों से बाहर आकर हमने परिपूर्णता के दृष्टिकोण को अपनाया है।
तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण देश का मॉडल: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे इस विकास के मॉडल के बारे में एक शब्द में कहना हो तो मैं कहूंगा- नेशन फर्स्ट। इसी एक उम्दा भावना और समर्पित भाव से हमने लगातार अपनी नीतियों में, अपने कार्यक्रमों में, हमारी वाणी-वर्तन में, इसी एक बात को मानदंड मानकर देश की सेवा का प्रयास किया है। मैं गर्व और संतोष के साथ कहता हूं कि एक लंबे अरसे तक, पांच-छह दशक तक, देश के सामने वैकल्पिक मॉडल क्या हो, तराजू पर तोलने का अवसर ही नहीं मिला था। 2014 के बाद देश को एक वैकल्पिक मॉडल क्या हो सकती है, इसका एक नया मॉडल देखने को मिला है। यह नया मॉडल तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण पर बल देता है। कांग्रेस के कालखंड में हर चीज में तुष्टिकरण उनकी राजनीति करने की औषधि बन गई थी। उन्होंने स्वार्थ नीति, राजनीति और देश नीति का एक घोटाला करके रखा था।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री ने कहा, यहां पर सबका साथ-सबका विकास इस पर बहुत कुछ कहा गया है। मैं समझ नहीं पाता हूं कि इसमें कठिनाई क्या है। सबका साथ-सबका विकास ये तो हम सबका दायित्व है। इसीलिए तो देश ने हम सबको यहां बैठने का अवसर दिया है। लेकिन जहां तक कांग्रेस का सवाल है, उनसे सबका साथ-सबका विकास की अपेक्षा करना, मैं समझता हूं कि बहुत बड़ी गलती हो जाएगी। ये उनकी सोच के बाहर है। उनकी समझ के बाहर है। उनके रोडमैप में वह फिट नहीं बैठता है, क्योंकि वह इतना बड़ा दल एक परिवार को समर्पित हो गया है। उसके लिए सबका साथ-सबका विकास संभव ही नहीं है।
उन्होंन आगे कहा, कांग्रेस ने राजनीति का एक ऐसा मॉडल तैयार कर दिया था, जिसमें झूठ, फरेब, भ्रष्टाचार, परिवारवाद, तुष्टिकरण, सबका घालमेल था। जहां सबका घालमेल हो, वहां सबका साथ-सबका विकास हो ही नहीं सकता। कांग्रेस के मॉडल में सर्वोपरि है फैमिली फर्स्ट। इसलिए उनकी नीति-रीति, वाणी-वर्तन उस एक चीज को संभालने में ही खपता रहा है। 2014 के बाद देश ने हमें सेवा करने का अवसर दिया। मैं देश की जनता का आभारी हूं, हमें तीसरी बार लगातार सेवा का अवसर दिया है। देश की जनता ने हमारे विकास के मॉडल को परखा है, समझा है और समर्थन दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, करीब 70 से भी ज्यादा सांसदों ने अपने बहुमूल्य विचारों से इस धन्यवाद प्रस्ताव को समृद्ध करने का प्रयास किया है। यहां पक्ष, प्रतिपक्ष दोनों तरफ से चर्चा हुई। हर किसी ने अपने-अपने तरीके से राष्ट्रपति के अभिभाषण को जिसने तरह से समझा वैसा ही यहां समझाया।
प्रेरक और प्रभावी था राष्ट्रपति का अभिभाषण: पीएम नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा, राष्ट्रपति ने भारत की उपलब्धियों, दुनिया की भारत से अपेक्षाओं और भारत की सामान्य मानविकी का आत्मविश्वास विकसित भारत बनाने का संकल्प इन सारे विषयों को लेकर विस्तार से चर्चा की है। देश को आगे की दिशा भी दिखाई है। राष्ट्रपति का अभिभाषण प्रेरक भी था, प्रभावी भी था और हम सबके के लिए भविष्य के काम का मार्गदर्शन भी था। मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद पेश करने के लिए उपस्थित हुआ हूं।
राज्यसभा में क्या बोले विदेश मंत्री जयशंकर
जयशंकर ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा, अमेरिका ने 104 भारतीयों को निर्वासित किया है। सभी नागरिक अपने-अपने घरों तक पहुंच गए हैं। हर देश की यह जिम्मेदारी है कि अगर उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रहते हैं तो उन्हें वापस बुलाए। हम अमेरिकी सरकार के साथ संपर्क में हैं, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लौटने वाले लोगों के साथ किसी भी प्रकार का बुरा व्यवहार न हो।
विदेश मंत्री ने कहा, अमेरिका से भारतीयों का निर्वासन पहली बार नहीं हुआ है। यह 2009 से हो रहा है। पिछले 16 वर्षों से अमेरिका से 15,652 भारतीयों को वापस भेजा गया है। सबसे ज्यादा 2019 में 2042 लोगों को भारत निर्वासित किया गया। हम कभी भी अवैध प्रवासन के पक्ष में नहीं हैं। इससे किसी भी देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
लोकसभा कल तक के लिए स्थगित
विदेश मंत्री एस जयशंकर लोकसभा में अमेरिका से निर्वासित किए गए भारतीयों के मुद्दे पर बोल रहे थे। तभी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया और नारे लगाए कि विदेश मंत्री को पहले ही लोकसभा में बयान देना चाहिए था। विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
जयशंकर 3.30 बजे लोकसभा में बयान देंगे
विदेश मंत्री एस जयशंकर 3.30 बजे लोकसभा में अमेरिका से वापस लाए गए भारतीयों के मामले में बयान देंगे।
अमेरिका से प्रवासी भारतीयों को वापस भेजे जाने के मुद्दे पर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न 3.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
अमेरिका से प्रवासी भारतीयों को निर्वासित किए जाने के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में जवाब दिया। जयशंकर ने कहा कि यह सभी देशों का दायित्व है कि यदि उनके नागरिक विदेश में अवैध रूप से रह रहे पाए जाते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाए।
जयशंकर ने कहा, 'अमेरिका द्वारा निर्वासन और क्रियान्वयन आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) प्राधिकरण द्वारा किया जाता है। ICE द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विमान द्वारा निर्वासन का SOP (जो 2012 से प्रभावी है) संयम बरतने का प्रावधान करता है। हमें ICE द्वारा सूचित किया गया है कि महिलाओं और बच्चों को नहीं रोका जाता है।'
जयशंकर ने कहा, 'हम अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वापस लौटने वाले निर्वासितों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न हो।'
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर से शुरू हुई। हालांकि, हंगामे की वजह से लोकसभा को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बतायास कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर दोपहर दो बजे संसद में अमेरिका से वापस भेजे गए भारतीयों के मुद्दे पर जवाब देंगे।
हाथों में हथकड़ी पहनकर विपक्षी नेताओं का प्रदर्शन
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने अमेरिका से कथित अवैध प्रवासियों को वापस भारत भेजे जाने के मुद्दे पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और विरोध प्रदर्शन में शामिल कई अन्य विपक्षी सांसदों ने अपने हाथों में हथकड़ी पहन रखी थी। उन्होंने ‘देश का अपमान नहीं सहेंगे’ और ‘मोदी सरकार हाय हाय’ के नारे लगाए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेता प्रदर्शन में शामिल हुए।
राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
अमेरिका से प्रवासी भारतीयों को वापस भेजे जाने और महाकुंभ में भगदड़ सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'भाजपा इसी तरीके से चुनाव लड़ती है। चुनाव आयोग मर चुका है। हमें उन्हें सफेद कपड़ा उपहार में देना होगा।'
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस दौरान लोकसभा में अमेरिका वापस आए लोगों का मुद्दा उठा। इससे पहले अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
राज्यसभा में बोलेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का राज्यसभा में जवाब देंगे।