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Parliament: लोकसभा से खारिज हुआ स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव; दोनों सदन कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित

Wed, 11 Mar 2026 06:31 PM IST
Jyoti Bhaskar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Parliament Budget Session Lok Sabha Rajya Sabha Proceedings: संसद के बजट सत्र में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया है। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही से जुड़े तमाम अपडेट्स अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें...
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लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : X @BJPLive
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विस्तार
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लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद आज गृह मंत्री अमित शाह जवाब देंगे। दूसरी तरफ CPM सांसद ने देश में घरेलू रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा कराने की मांग की है। विपक्ष ईरान में संकट के बीच सरकार की विदेश नीति को लेकर लगातार आक्रामक तेवर अख्तियार किए हुए है। ऐसे में आज भी हंगामे के आसार हैं।

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लोकसभा में आरोप-प्रत्यारोप
इससे पहले मंगलवार को स्पीकर को हटाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि बीते 12 वर्षों में राहुल की 260 विदेश यात्राओं का खर्च किसने वहन किया? दुबे ने यह भी पूछा कि पूरे सदन में सिर्फ राहुल को ही बोलते समय माइक बंद किए जाने की शिकायत क्यों है? विपक्षी दलों के अन्य नेताओं ने आज तक ऐसी कोई शिकायत क्यों नहीं की? दुबे ने कहा कि अपनी विदेश यात्राओं के दौरान राहुल हमेशा देश विरोधी बातें करते हैं। कहीं कहते हैं कि देश में अल्पसंख्यक खतरे में हैं। कहीं देश में लोकतंत्र के खत्म होने का दावा करते हैं। हालांकि एक सवाल जिसका जवाब नहीं मिलता कि आखिर राहुल की विदेश यात्राओं का खर्च कौन उठाता है? यह सवाल इसलिए अहम है कि गांधी परिवार के पास किताबों की रॉयल्टी के अलावा आय का दूसरा कोई स्रोत नहीं है। उनकी विदेश यात्रा के संबंध में बरती जाने वाली गोपनीयता संदेह उत्पन्न करती है।

पीएम का बार-बार अपमान
दुबे ने गांधी परिवार पर पीएम मोदी से नफरत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी सदन में सोनिया गांधी ने उन्हें मौत का सौदागर कहा। राहुल गांधी भी उन्हें अपमानित करने का कोई अवसर नहीं छोड़ते। अगर संसद में पीएम का कोई बच्चा नहीं है तो यह नहीं समझना चाहिए कि उनका कोई बचाव करने वाला नहीं है।

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हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही स्थगित

लोकसभा में एलपीजी की आपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग को लेकर विपक्षी दलों ने जमकर नारेबाजी की। प्रश्नकाल के दौरान हुई नारेबाजी और शोर के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई। पीठासीन सभापति ने हंगामा न थमने के कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। राज्यसभा में जरूरी विधायी काम जारी हैं।

लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू

लोकसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हो गई है। सत्ता पक्ष की तरफ से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद बोल रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद का विपक्ष पर निशाना

केंद्रीय मंत्री रविशंकर ने सदन में कहा  आजादी के बाद इतने वर्षों में यह केवल दूसरी बार है जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। स्पीकर के खिलाफ बहुत कुछ बोला गया। स्पीकर को अधिकार दिए जाने पर डॉ. अंबेडकर ने कहा था कि स्पीकर हाउस के प्रति अकाउंटेबल है। स्पीकर के पद ने संसद में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा है कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्यों लाया गया है। स्पीकर पर अविश्वास प्रस्ताव में दो ही नेताओं ने जवाब दिया तो उन्हीं का तो नाम लिया जाएगा।रविशंकर के संबोधन के दौरान विपक्ष का हंगामा और नारेबाजी जारी रही।

बोलने से कई बार रोका गया- राहुल गांधी

इसी बीच राहुल गांधी ने कहा कि सकई बार मेरा नाम लिया गया है। उन्होंने कहा हर बार जब हम बोलने के लिए खड़े होते हैं, हमें रोक दिया जाता है।। सदन केवल किसी एक पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का प्रतिनिधित्व करती है। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पीएम कॉम्प्रोमाइज हो चुके हैं। इस पर रविशंकर प्रसाद बोलने खड़े हुए और उन्होंने कहा कि देश ने कभी समझौता स्वीकार नहीं किया। मैं गर्व के साथ कहता हूं कि पीएम कभी कॉम्प्रोमाइज नहीं हुए। 

विपक्ष शहादत पर सबूत मांगते हैं- रविशंकर

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष पर तंज करते हुए कहा पता नहीं विपक्ष को सेना से क्या प्यार है, वे उनकी शहादत पर सबूत मांगते हैं। मेरे पास राहुल गांधी की सभी टिप्पणियों की लिस्ट है। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के आचरण पर कहा कि विपक्ष के नेता आंख मारते हैं, ये क्या व्यवहार है। पीएम के गले पड़ते हैं और कहते हैं कि हमें सदन में बोलने नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष और राहुल गांधी सदन को अराजकता में बदलना चाहते हैं कि यह स्वीकर नहीं है। यह संसद सर्वोच्च है। स्पीकर के खिलाफ प्रायोजित, उत्तेजित प्रस्ताव लाया गया है। हम इसे खारिज करेंगे।

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी को ना बोलने की शिकायत की जाती है, लेकिन सवाल है कि वे आखिर बोलते क्या हैं। उन्होंने कहा कि मैं हरियाणा में चुनाव प्रचार में गया था तो किसी ने बताया कि राहुल गांधी ने कहा कि जलेबी की फैक्ट्री लगाएंगे। मुझे यकीन नहीं हुआ तो वीडियो दिखाया गया। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी ने अमेरिकी राजदूत से यह भी कह दिया कि भारत में इस्लामिक कट्टरपंथ से ज्यादा चिंता की बात हिंदू रैडिकल हैं।

'इंदिरा गांधी के पोते के ज्ञान पर मैं तो सन्न रह गया'

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी आरोप लगाते हैं कि मुझे बोलने नहीं दिया। आखिर वह बोलते क्या हैं। इनका कहना है कि तपस्या से गर्मी आती है। मैं तो सन्न रह गया कि आत्मा से परमात्मा का मिलन है तपस्या। आखिर इंदिरा जी के पोते का इस पर क्या ज्ञान है। इस पर मुझे हैरानी हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने बीच में बोलने का भी प्रयास किया, जिस पर रविशंकर प्रसाद ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि आप बाद में बोल सकते हैं।

रविशंकर ने कहा लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव किसी नेता के अहंकार की संतुष्टि के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस तरह का मुद्दा सदन में उठना दुखद है। उनके अनुसार यह कदम किसी नेता के अहंकार का परिणाम है। उन्होंने विपक्ष के उस दावे का भी जवाब दिया, जिसमें कहा गया था कि स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अध्यक्षों का पैनल सदन नहीं चला सकता। प्रसाद ने संविधान और संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि यह व्यवस्था नियमों के अनुरूप है। उन्होंने टिप्पणी की, “समस्या यह है कि वे (विपक्ष) इसे समझना नहीं चाहते।

प्रसाद ने 'प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर ऑफ पार्लियामेंट' का हवाला देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को खासकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बोलते समय अपने शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए। रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान संसद, संविधान और चुनाव आयोग का मजाक उड़ाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले कई चुनाव जीते, लेकिन अब वही संस्थाओं को निशाना बना रही है।

नेताप्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, माइक बंद कर दिया जाता है- वेणुगोपाल

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष संसदीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं और जब वे सदन में खड़े होकर बोलते हैं तो उन्हें सुना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े होते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने कहा ऐसा कैसे हो सकता है कि नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने का मौका ही न दिया जाए।

वेणुगोपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को एपस्टीन फाइल्स और भारत-अमेरिका व्यापार से जुड़े मुद्दों पर भी बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर सरकार ने किन परिस्थितियों में समझौता किया है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से कहा जा रहा है कि भारत 30 दिन तक रूस से पेट्रोल ले सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत सरकार किसी तरह का दबाव स्वीकार कर रही है।

उन्होंने पूछा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में क्यों मौजूद नहीं हैं और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वे बोलने के लिए क्यों नहीं आए। वेणुगोपाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू हमेशा संसद में मौजूद रहते थे। उन्होंने सवाल किया कि आज प्रधानमंत्री मोदी सदन में क्यों नहीं हैं।

ट्रंप के प्रभाव में भारत की नीति? केजरीवाल ने पीएम मोदी पर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारत की विदेश नीति और नेतृत्व को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौजूदा हालात ऐसे दिखाई दे रहे हैं मानो भारत की नीतियां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में तय हो रही हों।

उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप की ओर से आने वाले हर फैसले या निर्देश को भारत की सरकार बिना किसी ठोस विरोध के स्वीकार करती दिख रही है। केजरीवाल के अनुसार इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के नेतृत्व की छवि कमजोर पड़ती नजर आ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी चर्चाएं सामने आ रही हैं कि भारत के प्रधानमंत्री को कमजोर बताया जा रहा है और उन्हें दबाव में रखने या ब्लैकमेल करने जैसी बातें भी कही जा रही हैं। उनका दावा है कि अमेरिका के कुछ अधिकारी भी इस स्थिति को लेकर भारत के नेतृत्व पर टिप्पणी कर रहे हैं।
 

केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति है जिसके कारण प्रधानमंत्री मोदी बार-बार ट्रंप के सामने झुकते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार का ऐसा दबाव या रहस्य है जो देश के हितों को प्रभावित कर सकता है, तो प्रधानमंत्री को इस पर स्पष्टता देनी चाहिए और देश के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।

राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर जारी

राज्यसभा में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर सदस्यों की चर्चा जारी है। मंत्रालय के लिए 2026-27 के लिए प्रस्तावित आवंटन - ग्रामीण रोजगार, आवास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 2.73 लाख करोड़ रुपये है। जबकि पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए 4.35 लाख करोड़ रुपये का अनुदान (2026-31) है, इस उद्देश्य महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को मजबूत करना है।

लोकसभा में स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव पर बोले रहे गृहमंत्री

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के नियुक्ति के वक्त सदन के दोनों नेता साथ मौजूद थे। सदन के दोनों नेताओं ने अध्यक्ष को कुर्सी पर बैठाने का काम किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष ने स्पीकर के पद पर सवाल उठाए, मैं कहना चाहता हूं कि सदन आपसी विश्वास के साथ चलता है।

स्पीकर के निर्णय पर शंका नहीं कर सकते हैं- अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने इस दौरान कहा कि अध्यक्ष के निर्णय पर शंका नहीं कर सकते हैं। गृहमंत्री ने कहा कि जब आप अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल खड़े करते हो तो इससे ज्यादा निंदनीय कुछ नहीं हो सकता है। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि स्पीकर सदन के संरक्षक होते हैं। ये कोई सामान्य घटना नहीं है, करीब चार दशक बाद एक बार फिर से लोकसभा अध्यक्ष के सामने अविश्वास प्रस्ताव आया है। ये संसदीय राजनीति और सदन दोनों के लिए अफसोस-जनक घटना है। क्योंकि स्पीकर किसी दल के नहीं होते, सदन के होते हैं।
 

अमित शाह ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

गृह मंत्री अमित शाह ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सदन नियमों से चलता है, जब किसी मुद्दे पर चर्चा हो रही है, तो उसे मुद्दे पर अपनी बात रखी जाती है। लेकिन कुछ सदस्य ये बात नहीं समझते हैं। इस स्पीकर का कर्तव्य है कि उन्हें वे टोके और निष्कासित, निलंबित भी कर सकते हैं। इससे पहले उन्होंने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तब उसने लोकसभा में अध्यक्ष खिलाफ कभी अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाई। अध्यक्ष को असंसदीय शब्दों को हटाने का अधिकार है।

सदन अससंदीय शब्दों से नहीं चलेगा- अमित शाह

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सदन नियमों के साथ-साथ ससंदीय भाषा के साथ संचालित होता है। इस दौरान उन्होंने संसद में विपक्षी महिला सांसदों की तरफ से प्रधानमंत्री चेयर के घेराव का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि आप प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं, लाइये हम चर्चा करने के लिए तैयार हैं। लेकिन अध्यक्ष के खिलाफ सिर्फ तीन उदाहरणों के अलावा देश के इतिहास में कभी नहीं लाया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि- सदन के संचालन के नियम और असंसदीय शब्दों की सूची सभी सदस्यों पर बाध्यकारी हैं। यह नहीं कहा जा सकता कि ये नियम हम पर लागू नहीं होते। संविधान ने सदस्यों को कुछ अधिकार दिए हैं, लेकिन किसी को भी कोई विशेष विशेषाधिकार नहीं दिया है। आपातकाल की स्थिति नहीं है, और संविधान द्वारा प्रदान की गई शक्तियों से परे किसी के पास कोई असाधारण शक्तियां नहीं हैं।
 

विपक्ष ओम बिरला को मर्यादा न सिखाए- अमित शाह

लोकसभा में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज विपक्ष द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर मैं बाद में बात करूंगा, लेकिन पहले मैं यह कहना चाहूंगा कि इस सदन की भावना और दीर्घकालिक परंपरा आपसी विश्वास पर आधारित है। सदन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विश्वास के आधार पर कार्य करता है। दोनों पक्षों के लिए, सदन के अध्यक्ष इसके कामकाज के संरक्षक के रूप में कार्य करते हैं। हालांकि, लोकसभा के संचालन के लिए स्थापित नियम हैं, और ये नियम स्वयं सदन द्वारा बनाए गए हैं। इन नियमों के अंतर्गत, हम अपने अधिकारों से संबंधित मुद्दे उठा सकते हैं, और विपक्ष के सदस्य भी ऐसा ही कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'अनुच्छेद 96 के तहत, जब अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तो संबंधित पीठासीन अधिकारी सदन की अध्यक्षता नहीं करते। पहले क्या हुआ था? ऐसा पहले तीन बार हो चुका है, और हर बार जब प्रस्ताव आया तब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी। परंपरा यह रही है कि जब अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होती है, तो अध्यक्ष कुर्सी पर नहीं बैठते। तीनों ही मामलों में, सदन की अध्यक्षता 14 दिनों तक अन्य अधिकारियों ने की थी। ओम बिरला एकमात्र ऐसे अध्यक्ष हैं जिन्होंने नैतिक साहस का प्रदर्शन किया है...'
 

अनुशासन तोड़ने पर माइक बंद होना ही चाहिए- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि जब स्पीकर की तरफ से किसी भी सदस्य को किसी मुद्दे पर बोलने के लिए कहा जाता है तो अगर वे दूसरे मुद्दे पर बोलते हैं तो दावा करते हैं कि उनका माइक बंद कर दिया गया। मैं कहना चाहता हूं कि अनुशासन तोड़ने पर माइक बंद होना ही चाहिए। कांग्रेस पार्टी को मैं बताना चाहता हूं कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी को 157 घंटे और 55 मिनट का समय दिया गया, जबकि उनके 52 सदस्य थे। इसकी तुलना में भाजपा को 349 घंटे और 8 मिनट दिए गए, जबकि हमारी सदस्य संख्या 303 थी। इस प्रकार बीजेपी से कांग्रेस पार्टी को 6 गुना अधिक समय देने का काम स्पीकर साहब ने किया है।
 

'हमने कभी विपक्ष की आवाज दबाने का काम नहीं किया'

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि हमने कभी विपक्ष की आवाज दबाने का काम नहीं किया। आज कुछ लोग मेरी आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, तो मैं यह कहना चाहता हूं कि समूचे विपक्ष की आवाज 1975 में आपातकाल के दौरान दबाई गई थी। कांग्रेस की तरफ से स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन स्पीकर ने कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा बोलने का वक्त दिया है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता है, जबकि उनके दल को भाजपा से अधिक बोलने का समय दिया गया है। क्योंकि जब बोलने का समय होता है तो वे जर्मनी में होते हैं या इंग्लैंड में होते हैं। लोकसभा की छवि खराब करने को कोशिश की जा रही है।

नियमों को नहीं मानते हैं विपक्ष के नेता- अमित शाह

इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब के मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब स्पीकर ने एक बार आपको टोक दिया और आप फिर उसी मुद्दे पर बोलेंगे तो इसके बाद स्पीकर के पास के क्या विकल्प बचता है। गृह मंत्री ने आगे कहा कि किसी भी नेता के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लोकसभा में चर्चा नहीं की जाती है और ऐसा न करके ओम बिरला ने सदन पर उपकार किया है। 

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद पहुंचे

लोकसभा के विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद भवन पहुंच गए हैं। लोकसभा में विपक्ष की तरफ से अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है।
 

राहुल गांधी बोलना नहीं चाहते हैं- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि तमाम अहम मुद्दों पर बोलते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा में विपक्ष के नेता की उपस्थिति मात्र 51 फीसदी रही है। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के विदेश यात्राओं का भी जिक्र किया है, उन्होंने कहा जब-जब बजट सत्र या महत्वपूर्ण सत्र आता है तो वे विदेश में होते हैं। कई अहम विधेयकों पर चर्चा के दौरान वे सदन से गायब रहते हैं।

लोकसभा का समय गृह मंत्री के भाषण पूरा होने तक बढ़ाया गया

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि सभी सदस्यों की अनुमति हो तो सदन की कार्यावाही गृहमंत्री का भाषण पूरा होने तक बढ़ा दिया जाए। इस दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया और आरोप लगाया कि गृहमंत्री ने असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। इस पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मेरे भाषण में कोई भी असंसदीय शब्द हो तो उसे डिलीट कर दिया जाए। इस पर पीठासीन अध्यक्ष ने भी फैसला सुनाया।

आप सच्चाई नहीं सुनना चाहते- पीठासीन अध्यक्ष

विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामे के बीच लोकसभा में पीठासीन अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों को बैठने के लिए कहा और उनके न मानने पर उन्होंने कहा कि आप सच्चाई नहीं सुनना चाहते हैं। विपक्ष के हंगामे के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने अपना भाषण जारी रखा। उन्होंने कहा- डोकलाम विवाद के दौरान कांग्रेस के नेता चीन गए, चीनी दूतावास में कांग्रेस गुप्त मीटिंग कर रही थी, कांग्रेस ने ही चीन को अक्साई चिन को दे दिया।  

कांग्रेस ने गृहमंत्री से माफी की मांग की

गृहमंत्री अमित शाह के संबोधन के दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सदस्यों ने गृहमंत्री अमित शाह से माफी की मांग की।

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत हुआ

लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत हो गया है। इस दौरान विपक्ष की तरफ से जोरदार हंगामा किया गया, वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने इससे पहले विपक्ष पर करारा हमला भी बोला। पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने का फैसला सुनाया।
 
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लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

लोक सभा में स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान, वोटिंग और इसके ध्वनिमत से खारिज होने के बाद पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यावाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
 
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