देश में मान्यता प्राप्त 2.12 लाख स्टार्टअप में से 6,789 बंद हो गए हैं। इनमें सर्वाधिक 875 स्टार्टअप आईटी सेवाओं से जुड़े थे। इसके बाद स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान क्षेत्र से 553, शिक्षा क्षेत्र से 491, खाद्य एवं पेय पदार्थ क्षेत्र से 320 और कृषि क्षेत्र से 301 स्टार्टअप बंद हुए हैं। यह आंकड़ा 31 जनवरी, 2026 तक का है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि स्टार्टअप का बंद होना मुख्य रूप से बिजनेस मॉडल की विफलता, फंडिंग की कमी और बाजार की बदलती मांगों जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले वित्त वर्ष में भारत का सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) का निर्यात लगभग 41,500 करोड़ रुपये रहा, जो कुल आयात 39,215 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
नड्डा के अनुसार, एपीआई का आयात 2022-23 में 36,229 करोड़ रुपये, 2023-24 में 37,721 करोड़ और 2024-25 में 39,214 करोड़ रुपये रहा। इनमें चीन से आयात 2022-23 में 25,551 करोड़, 2023-24 में 27,055 करोड़ और 2024-25 में 29,064 करोड़ रुपये रहा। इसमें चीन की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से बढ़कर 74 प्रतिशत हो गई। उन्होंने बताया कि सरकार ने 6,940 करोड़ रुपये की उत्पादन प्रोत्साहन योजना शुरू की है, ताकि कच्चे पदार्थ, ड्रग इंटरमीडिएट्स और एपीआई के घरेलू निर्माण को बढ़ावा मिल सके और चीन पर निर्भरता घटे।
लोकसभा की कार्यवाही कल दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि विपक्ष नाराज है, क्योंकि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ बातें कही गई हैं। उन्होंने लोकसभा में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की ओर से पीएम मोदी के खिलाफ दिए गए बयान याद किए। दुबे ने कहा, अगर पीएम मोदी का इस संसद में कोई बच्चा नहीं है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें यहां कोई बचाने वाला नहीं है। इसके बाद दुबे ने लेडी पामेला हिक्स (एडविना माउंटबैटन की बेटी) की किताब में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू के उल्लेख का हवाला दिया, जिस पर विपक्ष के सदस्य नारे लगाने लगे।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि अध्यक्ष ओम बिरला हमारे दल से हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने सोमनाथ चटर्जी और जीवी मावलंकर के उदाहरण दिए और आरोप लगाया कि कांग्रेस इन अध्यक्षों के साथ खड़ी नहीं रही। दुबे ने कहा, लोकसभा अध्यक्ष पक्षपाती क्यों नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई बिरला के खिलाफ जाता है, तो पूरा एनडीए उन्हें बचाने के लिए खड़ा होगा।
लोकसभा की कार्यवाही आज शाम 7.30 बजे तक बढ़ा दी गई है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए इस प्रस्ताव को लाने का पूरा मकसद यह दिखाना है कि यह संसद केवल सरकार की नहीं है, बल्कि विपक्ष का भी है। मनीष तिवारी ने संविधान के अनुच्छेद 93 का हवाला दिया, जो लोकसभा के लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन से संबंधित है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि सरकार चुप क्यों है और अब तक उपाध्यक्ष की नियुक्ति क्यों नहीं की गई।
लोकसभा की कार्यवाही आज शाम 7 बजे तक बढ़ा दी गई है। अभी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान सदन में बोल रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए पासवान ने पीएम मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपनी बोलने की आजादी को लेकर चिंता है, लेकिन उसे अपने कर्तव्यों की परवाह नहीं कर रहा।
राज्यसभा कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, जब विपक्ष के नेता खुद शहरी नक्सली की तरह व्यवहार कर रहे हैं, तो हम संविधान के अनुसार कैसे काम कर सकते हैं? चाहे वह (पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री) ममता बनर्जी हों या कोई और, देश कानून और व्यवस्था के अनुसार ही चलेगा। ममता बनर्जी बेरोजगारी, लड़कियों के साथ दुष्कर्म या विकास जैसे मुद्दों पर नहीं बोलतीं। वह सिर्फ चुनाव आयोग, लोकसभा और स्पीकर के बारे में ही बोलती हैं। जनता पिछले 15 वर्षों में उनके द्वारा लूटी गई रकम का बदला लेगी।
शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपना समर्थन जताया और विपक्ष के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई के उस भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष के भाषणों को बार-बार रोके जाने पर आपत्ति जताई थी। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अगर विपक्ष देश विरोधी तरीके से बोलता रहा, तो सत्तारूढ़ दल के सदस्य उन्हें बोलने से रोकते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर भारत की ताकत को बताने के बजाय विपक्ष इस बात में अधिक रुचि दिखा रहा है कि देश के कितने लड़ाकू विमान गिराए गए।
शिवसेना के श्रीकांत एकनाथ शिंदे ने अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अपना समर्थन जताया और विपक्ष के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई के उस भाषण का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष के भाषणों को कई बार रोके जाने पर आपत्ति जताई थी। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अगर विपक्ष देश विरोधी तरीके से बोलता रहा, तो सत्तारूढ़ दल के सदस्य उन्हें बोलने से रोकते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर भारत की ताकत को दिखाने के बजाय विपक्ष इस बात में अधिक रुचि दिखा रहा है कि देश के कितने लड़ाकू विमान गिराए गए।
लोकसभा में चर्चा जारी है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत लोकसभा में चल रही चर्चा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने संसद सत्र के दौरान सत्तारूढ़ एनडीए के व्यवहार की आलोचना की और उस समय को याद किया, जब (पूर्व विदेश मंत्री) सुषमा स्वराज और (पूर्व प्रधानमंत्री) अटल बिहारी वाजपेयी विपक्ष में रहते हुए संसद में बोलते थे। सावंत ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार का यह आरोप सही नहीं है कि विपक्ष संसद को चलने नहीं देता। उन्होंने सदस्यों से कहा कि वे याद करें कि 2जी घोटाले के समय भाजपा ने भी संसद को चलने नहीं दिया था, जो उस समय विपक्ष में थी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान एआईएडीएमके सांसद थंबीदुरई ने कहा कि तमिलनाडु में एमजी रामचंद्रन, जयललिता और एडप्पडी के. पलानीस्वामी की पूर्ववर्ती सरकारों ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और लोगों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए थे। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की हालत खराब है। उन्होंने कहा कि राज्य की डीएमके सरकार इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है, जबकि वह खुद सहकारी समितियों के चुनाव कराने में विफल रही है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब दिया। उनके जवाब के दौरान विपक्ष के कई सदस्यों के साथ तीखी बहस हुई, जिनमें विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस नेता जयराम रमेश और नीरज डांगी शामिल थे। मंत्री का जवाब खत्म होने के बाद सदन ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा शुरू की।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष की आवाज दबाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने विपक्षी सांसदों के माइक्रोफोन बंद करने की 'कला में महारत हासिल कर ली है।' उनके मुताबिक सत्तापक्ष के सांसदों को लंबे समय तक बोलने की अनुमति दी जाती है, जबकि जब भी विपक्षी सदस्य बोलने के लिए खड़े होते हैं तो उनका समय कम कर दिया जाता है। महुआ मोइत्रा ने कहा, अध्यक्ष ने लगातार विपक्ष की आवाज को दबाया है और इसके साथ ही 41 करोड़ भारतीयों की आवाज भी दब गई है।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि सत्र की कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा, इस पर सदन की सहमति नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) का पद खाली होने पर जल्द ही नियुक्ति होनी चाहिए, लेकिन अभी लोकसभा में डिप्टी स्पीकर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है, उस पर कार्यवाही की अध्यक्षता कौन करेगा, इस बारे में भी सदन की राय नहीं ली गई।
महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय संसद के इतिहास में सांसदों का सबसे बड़ा सामूहिक निलंबन किया। उन्होंने कहा कि साल 2004 के बाद लोकसभा में जितने भी निलंबन हुए हैं, उनमें से 40 प्रतिशत से ज्यादा केवल इसी एक घटना में हुए। उनके अनुसार सांसदों को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वे संसद की सुरक्षा में हुई चूक पर सरकार का बयान मांग रहे थे।
उन्होंने यह भी कहा कि ओम बिरला की अध्यक्षता में तीन आपराधिक कानून से जुड़े विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित कर दिए गए। उन्होंने टिप्पणी की कि इससे लोकतंत्र बाधित हुआ। इस पर भाजपा के सदस्यों ने आपत्ति जताई और उस समय अध्यक्षता कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने कहा कि आपत्तिजनक शब्दों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सवालों पर तीखा पलटवार करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि पुरानी संसद में एक बार हम लोग 'अफजल गुरू को फांसी देना है' का नारा लगाते हुए बीच में चले गए थे। उस वक्त हमारे नेता प्रतिपक्ष लाल कृष्ण आडवाणी ने हमें बहुत डांटा था और अपनी जगह से प्रोटेस्ट करने को कहा था। ये 2004 का नवंबर था। आज तो सभी लोग प्रधानमंत्री जी के आगे आ जाते हैं।
किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग खुद को संविधान के ऊपर समझते हैं। खुद को ज्यादा ज्ञानी समझते हैं। राहुल गांधी ने कहा था कि मुझे इस सदन में बोलने नहीं दिया जाता। कांग्रेस में कई सीनियर लीडर हैं। उन्होंने राहुल को क्यों नहीं समझाया है। सदन में बोलने के लिए स्पीकर की परमिशन की जरूरत है। उसके बिना नहीं बोल सकते हैं। आप अपने आपको स्पीकर से बड़ा समझेंगे तो ये गलत है।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हम उस लोकसभा के सदस्य हैं, जिसके स्पीकर ओम बिरला हैं। 64 देशों का फ्रेंडशिप ग्रुप बनाया है, इसकी अध्यक्षा ओम बिरला कर रहे हैं। पीएम मोदी का मार्गदर्शन है। विपक्ष ने निजी टिप्पणी की है। 18वीं लोकसभा में 93% से ज्यादा प्रोडक्टिविटी है। 321 सवाल पूछने का मौका सत्ता पक्ष को दिए हैं। 362 सवाल पूछने का मौका विपक्ष को दिया है स्पीकर सर ने।
लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हो गई है, जिसमें टीडीपी सांसद कृष्ण प्रसाद टेन्नेटी चेयर पर हैं। इस दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई अविश्वास प्रस्ताव पर अपना संबोधन दे रहे है। गौरव गोगोई ने सदन में अमेरिका के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उसने कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध की वजह से वह भारत को 30 दिनों के लिए रूस से तेल खरीदने देगा और पूछा कि हमारी गरिमा कहां चली गई? उन्होंने पूछा कि 'विश्वगुरु' होने की बातों का क्या हुआ।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की बीच लोकसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है। यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।
गौरव गोगोई ने कहा ने कहा रेबिया केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जो स्पीकर और उसकी चेयर पर बैठने वाला पक्षपात नहीं करेगा। चर्चा की शुरुआत में आर्टिकल 96 से हुई। इसमें लिखा है कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान स्पीकर चेयर पर नहीं बैठ सकता। मैं पूछना चाहता हूं कि स्पीकर ने एक पैनल बनाया उसमें से कौन कौन चेयर पर बैठेगा, यह कैसे तय होगा। इसमें आपका नाम भी है कि आप स्पीकर की गैरमौजूदगी में स्पीकर की चेयर पर बैठेंगे यह किसने तय किया। इस पर जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर के ऑफिस को यह पावर है कि वे तय कर सकते हैं कि चेयरपर्सन पैनल में कौन होगा।
इसी बीच अमित शाह ने बीच में गौरव गोगोई को टोका और कहा- सदन जब चुनाव में जाता है तब भी स्पीकर का ऑफिस चालू रहता है। यह पद खाली नहीं रहता है। गोगोई जो गलत मतलब निकाल रहे हैं मैं उसका खंडन करने के लिए खड़ा हुआ हूं।
लोकसभा में स्पीकर को पद से हटाने के प्रस्ताव पर होने वाली चर्चा के दौरान जगदंबिका पाल की अध्यक्षता को सरकार का समर्थन मिला है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव पेश किया जाता है, तो ऐसी स्थिति में चेयरपर्सन के पैनल का कोई सदस्य सदन की अध्यक्षता कर सकता है और इसी आधार पर जगदंबिका पाल कार्यवाही चला रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बहस संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत हो रही है, जिसमें लोकसभा स्पीकर को पद से हटाने का प्रस्ताव रखा गया है। नियमों के अनुसार, जब स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव चर्चा में होता है, तो स्पीकर स्वयं सदन की अध्यक्षता नहीं करते। ऐसे में डिप्टी स्पीकर या पैनल का कोई अन्य सदस्य कार्यवाही संचालित करता है।
लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले कई वर्षों से डिप्टी स्पीकर का पद खाली रखा है, जिससे एक तरह का संवैधानिक खालीपन पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि सदन को ऐसे सदस्य का चुनाव करना चाहिए जो अविश्वास प्रस्ताव पर होने वाली बहस के दौरान कार्यवाही की अध्यक्षता कर सके। वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष की आपत्तियां पूरी तरह निराधार हैं और संसद की कार्यवाही तय नियमों के अनुसार चल रही है।
पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि स्पीकर का पद खाली नहीं है, इसलिए उन्हें कार्यवाही चलाने का अधिकार है। कई सदस्यों ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर उठाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस अब शुरू होगी। पीठासीन अध्यक्ष ने चर्चा के लिए 10 घंटे का समय दिया है।
राज्यसभा में सदन के नेता जेपी. नड्डा ने कहा कि विपक्ष सदन के अंदर असली बहस नहीं चाहता है। उन्होंने चुनाव सुधारों पर चर्चा होने के बाद भी सदन के अंदर एसआईआर का मुद्दा उठाने के लिए विपक्ष की निंदा की। उन्होंने कहा कि विपक्ष फिर से वॉकआउट कर गया है और सदन में कोई चर्चा नहीं चाहता है।
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए लोकसभा में प्रस्ताव पेश किया। मोहम्मद जावेद की ओर से अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रूल बुक से रूल पढ़कर पीठासीन पर ही आपत्ति कर दी। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नियमों के अनुसार चेयर पर बैठा कोई भी व्यक्ति स्पीकर जैसी शक्तियां रखता है और वह कार्यवाही की अध्यक्षता कर सकता है।
लोकसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हो गई है और इस बार सांसद जगदंबिका पाल अध्यक्ष की कुर्सी पर हैं। उन्होंने बताया कि विपक्ष द्वारा पेश किए गए सभी नोटिसों को खारिज कर दिया गया है, जबकि सदन में महत्वपूर्ण दस्तावेज टेबल पर प्रस्तुत किए जा रहे हैं। सदन की शुरूआत के साथ ही कई मुद्दों पर चर्चा और कागजात पेश करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन विपक्ष की याचिकाओं और नोटिसों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस कदम से सदन की कार्यवाही निर्बाध रूप से आगे बढ़ रही है।
लोकसभा की कार्यवाही हंगामा के चलते दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित हो गई है।
एसआईआर मुद्दे को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में सत्र की अध्यक्षता भाजपा सांसद संध्या राय कर रही हैं, जबकि राज्यसभा में अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन अध्यक्षता कर रहे हैं। लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है, जिसमें कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना से संबंधित सवालों का जवाब दिया।
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा है कि सरकार द्वारा एलपीजी की आपूर्ति संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति इस संकट को रोकने में असफल रहेगी। उन्होंने कहा एलपीजी की कमी दिन-ब-दिन बढ़ती जाएगी और इसका सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। महंगाई में भारी बढ़ोतरी होगी और सरकार पूरी तरह से असहाय हो जाएगी। वे कुछ भी करने में असमर्थ हैं।
सांसद के अनुसार, यदि इस समस्या को समय रहते नहीं सुलझाया गया तो आम जनता और उद्योग दोनों पर इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने मंगलवार को कहा कि यदि लोकसभा का कार्य सुचारू रूप से चलता है, तो विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिर्ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा। के. सुरेश (जो तीन कांग्रेस सांसदों में से एक हैं जो इस प्रस्ताव को पेश करने वाले हैं) ने बताया कि सोमवार को लगातार स्थगनों के कारण निचली सदन सही ढंग से कार्य नहीं कर रही थी, इसलिए प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सका। उन्होंने एएनआई न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा अगर आज सदन सुचारू रूप से चलता है, तो हम यह प्रस्ताव पेश करेंगे। कल सदन कार्य नहीं कर रहा था।
केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने कहा कि हमने राहुल गांधी को भोला-भाला समझा था... वह बस शहरी नक्सली की तरह बोलते हैं और मैं यही चाहता हूं कि कांग्रेस उनके नेतृत्व में आगे बढ़े। लेकिन जैसे बहादुर शाह ज़फर अंतिम मुगल थे, वैसे ही राहुल गांधी नकली गांधी परिवार के अंतिम नेता हैं। उनके पास कोई स्पष्ट दृष्टि नहीं है... वे चर्चा करने की बजाय भाग क्यों जाते हैं..."
बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष लोकसभा स्पीकर के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटा है। मंगलवार को स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव पर चर्चा प्रस्तावित है। तृणमूल कांग्रेस इसके तत्काल बाद सीईसी के खिलाफ नोटिस देने के लिए विपक्ष को लामबंद करने में जुटी है। अगर तृणमूल प्रयास में सफल रही तो पहला मौका होगा, जब संसद में सीईसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा।
सत्र के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2025-26 के लिए सप्लीमेंटरी डिमांड्स फॉर ग्रांट्स- सेकंड बैच पर बयान प्रस्तुत करेंगी। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग से संबंधित प्रस्तावों और स्टैंडिंग कमिटी की सिफारिशों पर बयान देंगे। राज्यसभा में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर चर्चा फिर से शुरू होगी। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्रालय की गतिविधियों पर भी चर्चा तय है।
इससे पहले सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दोनों सदनों को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रहने के लिए जरूरी सलाह जारी की है और नागरिक सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यहां पढ़ें पहले दिन के तमाम अपडेट्स...