03:51 PM, 29-Mar-2022
कोवाक्सिन की बूस्टर खुराक के प्रभाव की जांच करने के लिए आईसीएमआर के एक अध्ययन में सामने आया है कि सार्स-कोव-2 (SARS-CoV-2) के खिलाफ एंटीबॉडी के स्तर में वृद्धि देखी गई है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। प्रवीण पवार ने एक लिखित उत्तर में कहा कि एस्ट्राजेनेका और कोविशील्ड की बूस्टर खुराक पर उपलब्ध अंतर्राष्ट्रीय डेटा से पता चलता है कि इससे एंटीबॉडी के स्तर में तीन से चार गुना वृद्धि होती है। पवार ने कहा कि कोवैक्सिन की बूस्टर खुराक के प्रभाव की जांच के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) द्वारा एक अध्ययन किया गया है, जो बूस्टर खुराक के बाद सार्स-सीओवी-2 के खिलाफ एंटीबॉडी को निष्क्रिय करने के स्तर में वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) की सिफारिश के अनुसार, 10 जनवरी, 2022 से स्वास्थ्य कर्मियों, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को एहतियाती खुराक दी जाती है।