2047 में विकसित भारत पर हुई चर्चा- शिंदे
वहीं नीति आयोग की बैठक को लेकर महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, 2047 में विकसित भारत के लिए क्या करना है और देश को कैसे आगे ले जाना है, इस पर नीति आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। मैंने राज्य में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भी जानकारी दी। आज हमने दिव्यांगों, ट्रांसजेंडरों के लिए मंत्रालय बनाया। पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में कहा कि नदी जोड़ो परियोजना होनी चाहिए ताकि जहां पानी कम है, उन्हें न्याय मिले और निश्चित रूप से मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ प्रधानमंत्री की ओर से भी कई महत्वपूर्ण सुझाव आए।
सीएम एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर लगाया आरोप
पश्चिम बंगाल की सीएम के आरोप और विपक्ष के बैठक का बहिष्कार करने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वो नहीं देश की विकास और प्रगति करे। उन्होंने कहा, वे सिर्फ राजनीति करना चाहते हैं और विदेशों में देश का नाम बदनाम करना चाहते हैं। लोकसभा में पीएम मोदी को हराने के लिए विपक्ष एकजुट हुआ लेकिन देश की जनता ने उनका साथ दिया और वे फिर प्रधानमंत्री बने।
असम के सीएम ने बताया उन्हें कितना मिला समय
वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों के बाद के तमाम भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आयी है। इस कड़ी में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें नीति आयोग की बैठक में बोलने के लिए कितना समय मिला, उन्होंने लिखा- नीति आयोग की बैठक में मैंने निर्धारित समय 7 मिनट से अधिक यानी ठीक 7 मिनट और 30 सेकंड तक बोला।
ममता बनर्जी के आरोपों पर बोले पीयूष गोयल
वहीं नीति आयोग की बैठक को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस मामले में निर्मला सीतारमण और प्रल्हाद जोशी ने उत्तर दे दिया है। सरकार ने कहा है कि सभी को पांच मिनट बोलने का मौका दिया गया और ये ऑटो मोड में था। किसी को कोई विशेष छूट नहीं दी गई है।
नीति आयोग की तर्ज पर गुजरात में जीआरआईटी थिंक टैंक की होगी स्थापना- भूपेंद्र पटेल
वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार को नीति आयोग की तर्ज पर गुजरात राज्य परिवर्तन संस्थान (जीआरआईटी) की स्थापना की वकालत की, जो केंद्र सरकार के लिए सार्वजनिक नीति थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है। नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में बोलते हुए भूपेंद्र पटेल ने यह भी कहा कि गुजरात 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। भूपेंद्र पटेल ने 'विकसित भारत' के लिए 'विकसित गुजरात' के लक्ष्य को साकार करने के लिए 'गुजरात@2047 डायनेमिक डॉक्यूमेंट-रोडमैप' भी पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह रोडमैप 'अच्छी कमाई' और 'अच्छी जिंदगी' के दो स्तंभों पर बनाया गया है और इसका उद्देश्य लोगों के जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना और आर्थिक समृद्धि लाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इन लक्ष्यों को व्यवस्थित रूप से प्राप्त करने के लिए नीति आयोग की तर्ज पर एक थिंक-टैंक, गुजरात स्टेट इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (GRIT) के गठन की घोषणा की।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी बैठक से बाहर निकले
नीति आयोग की बैठक के समापन के बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र से रवाना हुए।
नीति आयोग की बैठक खत्म होने के बाद बाहर निकले रक्षा मंत्री
नीति आयोग की बैठक के समापन के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र से रवाना हुए।
नीति आयोग की बैठक के बाहर निकले गृह मंत्री
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नीति आयोग की बैठक के समापन के बाद राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र से रवाना हुए।
नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'यह दशक तकनीक और भू-राजनीतिक बदलाव का है। भारत को इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए और ऐसी नीतियां बनानी चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा विदेशी निवेश भारत में आए।'
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के आरोपों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'सीएम ममता बनर्जी ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया। हम सभी ने उन्हें सुना। प्रत्येक सीएम को आवंटित समय दिया गया था और उसे स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया था जो हर टेबल के सामने मौजूद थी... उन्होंने मीडिया में कहा कि उनका माइक बंद कर दिया गया था। यह पूरी तरह से झूठ है। प्रत्येक मुख्यमंत्री को बोलने के लिए उचित समय दिया गया था...यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया है कि उनका माइक बंद कर दिया गया था, जो सच नहीं है...उन्हें सच बोलना चाहिए, बजाय फिर से झूठ पर आधारित एक कथा का निर्माण करना चाहिए।'
नीति आयोग की बैठक में कई मुख्यमंत्रियों के शामिल न होने पर जदयू महासचिव केसी त्यागी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि 'नीति आयोग की बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग और फंड आवंटन पर चर्चा होती है। यह राज्यों के अधिकार सुरक्षित करने के लिए है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार किया, जो कि उनके ही राज्य के विकास के लिए थी।'
ममता बनर्जी के नीति आयोग की बैठक को बीच में छोड़कर निकलने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि 'नीति आयोग की बैठक में क्या हुआ, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन मैं बस इतना कह सकता हूं कि ये कथित इंडी गठबंधन कोई गठबंधन ही नहीं है। ममता बनर्जी ने बंगाल में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं दी। वे लोगों के जनादेश को पचा नहीं पा रहे हैं और अपना राग अलाप रहे हैं।'
नीति आयोग की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साल 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना हर भारतीय का है। राज्य इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं क्योंकि राज्य लोगों से सीधे तौर पर जुड़े रहते हैं।
भारत को अपनी स्वतंत्रता के 100वें वर्ष यानी 2047 तक 30,000 अरब डॉलर की विकसित अर्थव्यवस्था बनने में मदद करने के लिए एक ‘दृष्टिकोण पत्र’ तैयार किया जा रहा है। नीति आयोग को 2023 में 10 क्षेत्रीय विषय पर दृष्टिकोणों को समेकित कर ‘विकसित भारत एट 2047’ के लिए एक संयुक्त दृष्टिकोण तैयार करने का कार्य सौंपा गया था। इस दृष्टिकोण पत्र में विकास के विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है, जिसमें आर्थिक वृद्धि, सामाजिक प्रगति, पर्यावरण अनुकूल उपाए और संचालन व्यवस्था शामिल हैं।
नीति आयोग की बैठक में साल 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने पर फोकस किया गया है। इस बैठक का उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकारों के बीच सहभागी संचालन तथा सहयोग को बढ़ावा देना, वितरण तंत्र को मजबूत करके ग्रामीण और शहरी दोनों आबादी के लिए जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। बैठक में पिछले साल दिसंबर में आयोजित मुख्य सचिवों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी गौर किया जाएगा।
नीति आयोग की बैठक में शामिल नहीं हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार। नीतीश कुमार के बैठक में नहीं आने की वजह का अभी खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि बिहार के दोनों डिप्टी सीएम नीति आयोग की बैठक में शामिल बताए जा रहे हैं।
दिल्ली में नीति आयोग की बैठक पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'तीन साल से हमारा 100 दिन का काम(मनरेगा) बंद करके रखा, आवास योजना बंद करके रखा। ऐसे कोई सरकार नहीं चलती। आप अपनी पार्टी और दूसरी पार्टी में भेदभाव नहीं कर सकते, आप केंद्र में सत्ता में हैं। आपको सभी का ध्यान रखना होगा।'
दिल्ली में नीति आयोग की बैठक पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'मैंने कहा कि आपको (केंद्र सरकार) राज्य सरकारों के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए। मैं बोलना चाहती थी लेकिन मुझे सिर्फ 5 मिनट ही बोलने की इजाजत मिली। मुझसे पहले जिन लोगों ने बोला वह 10-20 मिनट तक बोले। विपक्ष की तरफ से मैं अकेली इस बैठक में शामिल हुई, लेकिन फिर भी मुझे बोलने की अनुमति नहीं दी गई। यह अपमानजनक है।'
नीति आयोग की बैठक पर राजद नेता मनोज कुमार झा ने कहा, 'नीति आयोग क्या है? एक शैक्षणिक अभ्यास के लिए पीएम मोदी ने एक बॉडी बना दी। इन्हें योजना आयोग से क्या दिक्कत थी ? सिर्फ इसलिए दिक्कत हुई क्योंकि ये नेहरू के जमाने से था। तो नेहरू के जमाने की तो बहुत सी चीज़े हैं। संसदीय लोकतंत्र नेहरू के कल्पना के बगैर नहीं चलेगा। गणितीय शब्द से सच्चाई नहीं बदलती। हकीकत तब बदलेगी जब आप ठोस कदम उठाएंगे और वहां मैं नीति आयोग को फेल मानता हूं। तो जाहिर तौर पर आपको रिवाइव करना चाहिए।'
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली से भी नीति आयोग की बैठक में कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ है।
डीएमके ने 23 जुलाई को पेश किए गए केंद्रीय बजट के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि बजट में तमिलनाडु की उपेक्षा की गई है।
कांग्रेस और विपक्षी मुख्यमंत्रियों द्वारा नीति आयोग की बैठक का बहिष्कार करने पर बिहार के मंत्री नितिन नबीन ने कहा, 'कांग्रेस की शुरू से ही यह मानसिकता रही है कि उन्हें विकास कार्यों में भी राजनीति करनी है। आज विकास कार्यों पर चर्चा के लिए बैठक है, नीति आयोग कोई बीजेपी का ढांचा नहीं है। नीति आयोग जब भी बैठक करती है तब वह हर राज्य के विकास मॉडल को तय करती है यह एक संघीय ढांचा है, लेकिन समस्या यह है कि कांग्रेस केवल तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए है। उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है इसलिए वे अब नीति आयोग बैठक का विरोध कर रहे हैं।'
नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया को नीति (NITI) आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत सरकार का एक नीति थिंक टैंक है, जो सरकार के कामों और नीतियों की जानकारी देता है। इसका उद्देश्य देश के विकास के लिए नीतियां बनाना और राज्यों को सलाह देना है। इस संस्थान की गवर्निंग काउंसिल मीटिंग हर साल होती है, जिसमें देश के प्रधानमंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री हिस्सा लेते हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने 2015 में 65 साल पुराने योजना आयोग की जगह नीति आयोग का गठन किया था।
नीति आयोग सरकार के लॉन्ग टर्म पॉलिसी और कार्यक्रमों के लिए रणनीति तैयार करने में अहम रोल निभाता है। आयोग के अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। अध्यक्ष के अलावा एक उपाध्यक्ष और एक कार्यकारी अधिकारी होता है। इनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक की अध्यक्षता की थी।
नीति आयोग की बैठक में शामिल होने वाले सीएम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, अरुणाचल के उपमुख्यमंत्री चौना मीन, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का नाम शामिल है।
नीति आयोग की बैठक में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चार पदेन सदस्य होंगे। इनके अलावा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा, भारी उद्योग मंत्री एच डी कुमारस्वामी और एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी नीति आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं। इनके अलावा विशेष आमंत्रित सदस्यों में पंचायती राज मंत्री लल्लन सिंह, सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अन्नपूर्णा देवी, खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान और राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार राव इंद्रजीत सिंह शामिल हैं।
नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल राष्ट्रपति भवन पहुंच गए हैं।
तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की बैठक में शामिल होने से इनकार किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नीति आयोग की बैठक में भाग लेने के लिए नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र पहुंचे।
नीति आयोग की नौवीं बैठक आज सुबह 10 बजे शुरू होगी। बैठक में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर फोकस होगा। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री अपने राज्यों के बारे में बात करेंगे।
बैठक में शामिल होने के लिए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत राष्ट्रपति भवन के सांस्कृतिक केंद्र पहुंच गए हैं।
बैठक में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों के सीएम दिल्ली पहुंच गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी बैठक के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंच चुके हैं।