उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति मुर्मू से की मुलाकात
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में बैठक की तस्वीरें साझा कीं। इसमें कहा गया है, 'भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं।'
ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए साल के पहले दिन भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए।
नए साल के पहले दिन देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। असम के कामाख्या मंदिर से लेकर प्रयागराज के लेटे हनुमान मंंदिर तक श्रद्धालुओं ने नव वर्ष का स्वागत भगवान के दर्शन कर किया। इन तमाम धार्मिक जगहों पर आस्था की झलक देखने को मिली।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भक्तों ने नए साल के मौके पर दक्षिणेश्वर आद्यापीठ मंदिर में दर्शन किए।
तमिलनाडु के सबसे लोकप्रिय पर्यटन और तीर्थ स्थलों में से एक कन्याकुमारी में 2026 के पहले सूर्योदय को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।
कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाके, जिनमें लोकप्रिय पर्यटन स्थल सोनमर्ग भी शामिल है, बर्फ की मोटी चादर से ढके हुए नजर आए।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में भारी हिमपात और दुर्गम भूभाग के बावजूद भारतीय सेना की रोमियो फोर्स ने 13,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित पीर पंजाल पर्वतमाला में तलाशी अभियान तेज कर दिया।
पड़ोसी देश नेपाल में भी नए साल की पहली सुबह सूर्योदय के नजारे को लोगों ने कैमरे में कैद किया।
नए साल के पहले दिन जम्मू के कटरा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
महाराष्ट्र के मुंबई में नए साल की सुबह से पहले बारिश की फुहारों ने मौसम को खुशनुमा कर दिया। बारिश के चलते प्रदूषण के स्तर में कमी भी दर्ज की गई।
नई दिल्ली में घने कोहरे के बीच इंडिया गेट पर गणतंत्र दिवस की रिहर्सल जारी है।
तमिलनाडु में सूर्योदय के नजारे ने सुंदर छटा बिखेरी।
नए साल के पहले दिन ओडिशा में जगन्नाथ मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
गूगल ने नए साल के स्वागत के लिए जश्न से भरा डूडल पेश किया। नए साल की पहली सुबह सर्च इंजन ने सोने के अक्षरों में गूगल लिखा डिजिटल ग्रीटिंग कार्ड लगाया। इसमें कॉफी के एक मग के साथ ही 2026 लिखी एक नई डायरी और कलम भी है। यह लोगों को प्रेरित करता है कि 2026 में नई इबारतें लिखी जाएं।
अमृतसर में नए साल के पहले दिन श्री हरमंदिर साहिब में प्रभात फेरी निकाली गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रार्थना की।
महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में नए साल की पहली सुबह भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में नए साल की पहली सुबह आरती और पूजा संपन्न हुई।
ओडिशा के पुरी में पर्यटकों ने समुद्र के किनारे से सूर्योदय की पहली झलक देखी।
पश्चिम बंगाल के कोलकाता में हावड़ा ब्रिज के पास से भी सूर्योदय के नजारे ने भी सुंदर छटा बिखेरी।
असम के गुवाहाटी में नए साल की पहली सुबह सूर्योदय का मनमोहक दृश्य कैमरे में कैद हुआ।
महाराष्ट्र के पुणे में बड़ी संख्या में लोगों ने गुब्बारे उड़ाकर उत्साह और खुशी के साथ नए साल का स्वागत किया।
गुरुग्राम में लोगों ने आतिशबाजी और जश्न के साथ नए साल 2026 का स्वागत किया। यह वीडियो सेक्टर 29 से सामने आया है।
मुंबई में भी लोगों ने नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया। वीडियो छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल का है।
वहीं, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में नए साल 2026 के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मत्था टेका।
हैदराबाद और ग्वालियर में लोगों ने उत्साह, आतिशबाजी और जश्न के माहौल में नए साल 2026 का स्वागत किया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों ने उत्साह और उल्लास के साथ नए साल 2026 का स्वागत किया।
कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में नववर्ष 2026 के स्वागत के अवसर पर आतिशबाजी से रात का आसमान जगमगा उठा।
बर्फ से ढके सोनमर्ग में लोगों ने आतिशबाजी और उत्सव के माहौल में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया।
भारत में नए साल 2026 की शुरुआत पूरे उत्साह और उम्मीदों के साथ हुई। लोगों ने बीते वर्ष को विदा कर नई उम्मीदों, संकल्पों और खुशियों के साथ नए साल का स्वागत किया।
फिलीपींस की राजधानी मनीला में लोगों ने आतिशबाजी, संगीत और सामुदायिक आयोजनों के साथ 2026 की शुरुआत की। एशिया में यह जश्न नए साल के वैश्विक उत्सव की पहली झलक बन गया।
चीन में भी बड़े शहरों में रोशनी, आतिशबाजी और पारंपरिक कार्यक्रमों के जरिए 2026 की शुरुआत हुई। हांगकांग में ऊंची इमारतों पर काउंटडाउन क्लॉक दिखाए गए, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हुए। मलेशिया के कुआलालंपुर और चीन के प्रमुख शहरों में भी रोशनी और पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ नए साल का स्वागत हुआ।
एशिया के कई देशों में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया गया। सिंगापुर में मरीना बे के आसपास शानदार आतिशबाजी ने आसमान को रंगीन कर दिया। हजारों लोग सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में इकट्ठा हुए, जहां ऊंची इमारतों पर काउंटडाउन क्लॉक प्रोजेक्ट किए गए और जैसे ही घड़ी ने आधी रात का समय बताया, जश्न शुरू हो गया। हांगकांग में भी लोगों ने इमारतों पर दिखते काउंटडाउन के साथ नए साल का स्वागत किया।
नए साल 2026 का स्वागत दक्षिण कोरिया और नॉर्थ कोरिया में पारंपरिक तरीकों से किया गया। जैसे ही घड़ी ने आधी रात का समय बताया, विशाल घंटियों की गूंज के साथ नए साल का आगाज़ हुआ। कोरियाई देशों में नए साल को आधुनिक आतिशबाजी से ज्यादा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया जाता है। लोग परिवार और समुदाय के साथ इकट्ठा होकर बीते वर्ष को विदा करते हैं और आने वाले साल के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कई स्थानों पर ऐतिहासिक घंटाघरों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष आयोजन किए गए, जहां घंटियों की आवाज़ को नकारात्मक ऊर्जा के अंत और नए आरंभ के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। परंपरा और अनुशासन से जुड़ा यह उत्सव कोरियाई समाज की सांस्कृतिक पहचान को भी दर्शाता है।
जापान में भी नए साल 2026 की शुरुआत बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ हुई। जापान में 31 दिसंबर की रात को ओमिसोका कहा जाता है, जो नए साल का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान बौद्ध मंदिरों में एक विशेष परंपरा निभाई जाती है, जिसे जोया नो काने कहा जाता है। इसके तहत मंदिरों की विशाल घंटियां 108 बार बजाई जाती हैं। मान्यता है कि ये 108 घंटे इंसान के 108 सांसारिक दोषों का प्रतीक हैं, और हर घंटी के साथ एक दोष समाप्त होता है। लोग मंदिरों में प्रार्थना करते हैं, आत्मचिंतन करते हैं और शुद्ध मन से नए साल में प्रवेश करते हैं। यह परंपरा जापान की गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक सोच को दर्शाती है।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में नए साल 2026 का जोरदार स्वागत किया गया। सिडनी हार्बर ब्रिज और ओपेरा हाउस के आसपास हुई शानदार आतिशबाजी ने आसमान को रंगों से भर दिया और लाखों लोगों ने इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनकर नए साल का आगाज किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नए साल 2026 की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र के विकास, सामाजिक सद्भाव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करने का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने कहा कि नया साल नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है। उन्होंने इसे आत्म-चिंतन और नए संकल्प लेने का अवसर बताया। राष्ट्रपति मुर्मू ने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, ईश्वर करे कि वर्ष 2026 हमारे जीवन में शांति, सुख और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह नया साल एक मजबूत और अधिक समृद्ध भारत के निर्माण के लिए नई ऊर्जा का संचार करेगा।
असम के गुवाहाटी में साल 2025 के आखिरी दिन सूर्यास्त के मनमोहक दृश्य सामने आए। ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे आसमान सुनहरे, नारंगी और लाल रंगों में रंगा नजर आया, जिसने शहरवासियों को थमकर इस पल को देखने पर मजबूर कर दिया। नदी किनारे और ऊंची जगहों से लोगों ने मोबाइल कैमरों में इस दृश्य को कैद किया। साल के अंतिम सूर्यास्त ने बीते समय की यादों और नए साल की उम्मीदों के साथ 2025 को विदा किया।
न्यूजीलैंड की राजधानी ऑकलैंड में आतिशबाजी के साथ नए साल का स्वागत किया गया। बारिश से भीगे मौसम के बीच 2026 का स्वागत हुआ।
डाउनटाउन में देश की सबसे ऊंची इमारत स्काई टावर से शानदार आतिशबाजी की गई। साउथ पैसिफिक के देश दुनिया में सबसे पहले 2025 को विदा करते हैं और इसी क्रम में ऑकलैंड में घड़ी की सुइयों ने आधी रात का समय बताया, जो टाइम्स स्क्वायर में होने वाले प्रसिद्ध बॉल ड्रॉप से करीब 18 घंटे पहले है। 17 लाख की आबादी वाले शहर में जश्न के बावजूद बारिश का असर साफ दिखा।
करीब पांच मिनट के इस आतिशबाजी कार्यक्रम में 240 मीटर ऊंचे स्काई टावर के अलग-अलग फ्लोर से 3,500 पटाखे दागे गए।
दुनिया में नए साल की शुरुआत हो चुकी है। सबसे पहले 2026 का आगाज किरिबाती के किरीटीमाटी द्वीप से हुआ। यह दुनिया का पहला देश है जिसने नए साल का स्वागत शानदार किया. किरिबाती को किरिबास भी कहा जाता है। यह कई एटोल से बना द्वीप समूह है। इसकी लंबाई लगभग 4,000 किलोमीटर है। यहां भारत से 8 घंटे 30 मिनट पहले नया साल शुरू होता है।