कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी ने आज पूछताछ की। ईडी के सूत्रों ने बताया कि ईडी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ के दौरान दो डॉक्टरों और एक एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा था। सोनिया से ईडी की पूछताछ 2 घंटे 20 मिनट तक चली। इस दौरान प्रियंका गांधी को ईडी कार्यालय में रहने की अनुमति थी। जो पूछताछ के दौरान दो बार सोनिया से मिलने गईं। ईडी ने सोनिया से दो दर्जन से अधिक सवाल पूछे। जिसके बाद सोनिया ने ईडी से दवा के लिए उन्हें घर जाने के लिए कहा जिसकी ईडी ने अनुमति दी। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को एक बार फिर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
नेशनल हेराल्ड मामले में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ का विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी ब्रिज रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को रोका और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया।
ईडी द्वारा कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दिल्ली में पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस आज देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में कर्नाटक के बेंगलुरु में कई स्थानों पर कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन किया। बेंगलुरु के शांतिनगर में ईडी कार्यालय के सामने युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर एक कार में आग लगा दी गई।
डीसीपी सेंट्रल आर श्रीनिवास गौड़ा ने बताया कि शेषाद्रिपुरम और शांतिनगर में एक-एक घटना की सूचना मिली, जिसमें बदमाशों ने संबंधित स्थानों पर एक-एक वाहन को आग लगाने की कोशिश की। इस मामले में 11 लोग हिरासत में लिए गए हैं। हम मामले में जाँच कर रहे हैं कि वे किस संगठन से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि शेषाद्रिपुरम में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड मामले में पेश होने के लिए ED कार्यालय पहुंची।
कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी से ED की पूछताछ पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि ये अन्याय चल रहा है और अन्याय की राजनीति नहीं होनी चाहिए।
देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी AJL का गठन किया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में समाचार पत्रों को प्रकाशित करना था। तब AJL के अंतर्गत अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड(National Herald), हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज समाचार पत्र प्रकाशित हुए। भले ही AJL के गठन में पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इस पर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। क्योंकि, इस कंपनी को 5000 स्वतंत्रता सेनानी सपोर्ट कर रहे थे और वही इसके शेयर होल्डर भी थे। 90 के दशक में ये अखबार घाटे में आने लगे। साल 2008 तक AJL पर 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। तब AJL ने फैसला किया कि अब समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। अखबारों का प्रकाशन बंद करने के बाद AJL प्रॉपर्टी बिजनेस में उतरी।
तो विवाद कहां से शुरू हुआ?
2010 में AJL के 1057 शेयरधारक थे। घाटा होने पर इसकी होल्डिंग यंग इंडिया लिमिटेड यानी YIL को ट्रांसफर कर दी गई। यंग इंडिया लिमिटेड की स्थापना उसी वर्ष यानी 2010 में हुई थी। इसमें तत्कालीन कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी के पास रखी गई। शेष 24 फीसदी कांग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस (दोनों का निधन हो चुका है) के पास थी।
शेयर ट्रांसफर होते ही AJL के शेयर होल्डर्स सामने आ गए। पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण, इलाहाबाद व मद्रास उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू सहित कई शेयरधारकों ने आरोप लगाया कि जब YIL ने AJL का 'अधिग्रहण' किया था तब उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया था। यही नहीं, शेयर ट्रांसफर करने से पहले शेयर होल्डर्स से सहमति भी नहीं ली गई। बता दें कि शांति भूषण और मार्कंडेय काटजू के पिता के नाम पर AJL में शेयर था।
सुब्रमण्यम स्वामी ने दर्ज कराया था मामला
2012 में भाजपा के नेता और देश के नामी वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस, पत्रकार सुमन दुबे और टेक्नोक्रेट सैम पित्रोदा के खिलाफ मामला दर्ज कराया। तब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार थी। सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि YIL ने 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और लाभ हासिल करने के लिए "गलत" तरीके से निष्क्रिय प्रिंट मीडिया आउटलेट की संपत्ति को "अधिग्रहित" किया।
स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि YIL ने 90.25 करोड़ रुपये की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपये का भुगतान किया था, जो AJL पर कांग्रेस पार्टी का बकाया था। यह राशि पहले अखबार शुरू करने के लिए कर्ज के रूप में दी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि AJL को दिया गया कर्ज "अवैध" था, क्योंकि यह पार्टी के फंड से लिया गया था।
नेशनल हेराल्ड(National Herald) अखबार से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय(ED) आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ करेगी। सोनिया सुबह 11 बजे तक ईडी दफ्तर पहुंचेंगी। वहीं पूछताछ का विरोध करने के लिए आज कांग्रेस देशव्यापी प्रदर्शन भी करेगी। सोनिया गांधी से पूछताछ से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए बने रहें अमर उजाला के साथ...