अमर उजाला की पहल की सराहना करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा, अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत एक बहुत अच्छा आयोजन है। भारत में इस दिशा में बहुत काम हो रहा है। निर्यात की क्षमताएं बढ़ रही हैं। जिस तेज गति से हर भारतीय की भावना है कि हम अपने देश की चीजों का ही उपयोग करें- यह 2047 का विजन है। हमें यह लक्ष्य को प्राप्त करना है। जीएसटी में सरकार के निर्णय से 300 उत्पादों पर बहुत लाभ मिल रहा है। देश भर के अंदर रोड नेटवर्क का विस्तार हुआ है।
व्यापार में बड़े देशों के साथ रिश्ते जैसे अंतरराष्ट्रीय घटकों के असर पर बात करते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री टम्टा ने कहा, अमेरिकी नीतियों का बहुत प्रभाव नहीं पड़ रहा है। पीएम ने जिस शक्ति के साथ स्वदेशी अपनाने के लिए अपील की है, उससे देश को बहुत फायदा मिल रहा है। आज छोटे-छोटे उत्पाद घर-घर तक पहुंच रहे हैं। आज छोटे-छोटे उद्योग लगाने के क्षमतावान लोग थे उन्हें पहले कठिनाइयां होती थी। आज महिला समूहों को 15 लाख रुपये तक के लोन दिए जा रह हैं। देश में स्वदेशी मेले का कार्यक्रम चल रहा है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने अमर उजाला एमएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव के दौरान अपनी जड़ों और उत्तराखंड में बदलते औद्योगिक परिदृश्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, 'मैं उत्तराखंड से हूं। सीएम धामी ने उत्तराखंड की बहुत सारी जानकारी साझा की है। हैंडीक्राफ्ट उद्योग के तहत पहले एमएसएमई उद्योग का निर्यात पहले बहुत कम था। पहले 1.25 लाख करोड़ सेक्टर था। बुनकरों के कार्पेट का महज 12 हजार करोड़ का मार्केट था। आज हमारे पूरे देश का एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहा है।
दबावों से निपटने के कौशल पर मोहम्मद कैफ ने कहा, आप अगर अपने खेल पर भरोसा रखते हैं तो आपको समाधान नजर आता है। प्रैक्टिस में खुद को अंडर प्रेशर रखना चाहिए। अभ्यास में मुश्किलों का सामना करेंगे तो चीजें आपके लिए मैदान में आसान हो जाती हैं। जब आप मैच खेलते हैं तो सभी के अलग-अलग प्लान होते हैं। टीम गेम में कप्तान खिलाड़ियों पर कुछ थोप नहीं सकता है। खिलाड़ी की भी भूमिका होती है। मिलजुल कर आगे की राह निकलती है।
इंसान के व्यक्तित्व को संवारने और जीवन में खेल की अहमियत बताते हुए मोहम्मद कैफ ने अमर उजाला के मंच से कहा, खेल हमें एक दूसरे का केयर करना सिखाता है। बड़े-बड़े खिलाड़ियों के साथ दूसरे खिलाड़ियों का भी टीम के लिए योगदान रहता है। हर प्लेयर का एक रोल होता है। यह खिलाड़ी समझता है। हर खिलाड़ी टीम के लिए जरूरी होता है। हर प्लेयर का एक योगदान होता है। अपनी भूमिका हर प्लेयर को निभानी होती है।
अमर उजाला के मंच पर आज एमएसएमई फॉर भारत इवेंट में क्रिकेटर मोहम्मद कैफ भी पहुंचे। टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज और उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले मोहम्मद कैफ युवाओं के बीच फिटनेस और खेल के कौशल को लेकर काफी चर्चित रहते हैं।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अमर उजाला के मंच पर विजेताओं को अवार्ड भी सौंपे।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसा नहीं हैं निर्माण कार्य हो रहे हैं इसलिए उत्तराखंड में आपदा आ रही है, इसका ग्लोबल वार्मिंग से संबंध है। हम विभिन्न संस्थानों की मदद लेकर इसका अध्ययन भी कर रहे हैं।
सीएम धामी ने कहा, "बीते दो साल में इन्वेस्ट ग्लोबल समिट का आयोजन किया गया। हमनें मौजूद उद्योगों से सुझाव मांगे। उन्होंने बहुत सारे सुझाव दिए। जिनका व्यापार चल रहा है वे हमारे सबसे अच्छे ब्रांड एम्बेस्डर बन सकते हैं। वे खुश नहीं रहेंगे तो नए रास्ते नहीं खुलेंगे। हमनें एमएसएमई की पॉलिसी की बनाई। कैपिटल सब्सिडी व्यवस्था की गई।"
अमर उजाला कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पहुंचे। यहां उन्होंने अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, "समाचार के क्षेत्र के अलावे विभिन्न क्षेत्रों में काम करना अमर उजाला की कार्यसंस्कृति बन गई है। इसके लिए पूरे समूह को बहुत बधाई। सभी को बहुत शुभकामनाएं। देव भूमि उत्तराखंड अटलजी के समय में राज्य बना। 2003 में मिले एक पैकेज के बाद राज्य में आधारभूत संरचनाओं का निर्माण शुरू हुआ। इसमें उद्योगों का अहम योगदान रहा। पहले रोजगार के बहुत कम अवसर थे। पर अटल जी के समय में औद्योगीकरण का नया दौर शुरू हुआ। बाद-बाद में नीतियों में कई बदलाव किए गए।"
परेश रावल ने कहा, "वोकल फॉर लोकल वाले का हमेशा समर्थन करना चाहिए। वोकल फॉर लोकल एमएसएमई क्षेत्र का भी मंत्र होना चाहिए। किसी चीज पर पर्दा डालो तो अलग-अलग धारणाएं बन जाती है। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म पर कहा कि यह रिसर्च से बनी है। यहां सच्ची बात करें तो लोक उसे प्रोपेगेंडा कह देते हैं। अगर प्रोपेगेंडा है तो आप मैदान में आओ। विरोध करो।"
परेश रावल ने आगे कहा- मरते दम तक एक एक्टर को स्टूटेंड बने रहना होता है। यह बात बिजनेस लीडर्स भी सीख सकते हैं। हमें जीना है तो हम हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठक सकते हैं। हमें सर्वाइव करना ही पडे़गा। हम बड़े शुक्रगुजार हैं कि हमें नरेंद्र मोदी जैसे लीडर मिले हैं। वे अमेरिका से टक्कर ले सकते हैं। वे इसलिए ऐसा कर सकते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि हम किसी पर डिपेंड नहीं करते हैं।
अमर उजाला के एमएसएमई फॉर भारत कार्यक्रम में बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता परेश रावल भी शामिल हुए। उन्होंने बिजनेस और एक्टिंग की दुनिया का एक अहम कनेक्शन साझा किया। उन्होंने कहा कि एक्टिंग का फॉर्मूला बिजनेस की दुनिया में नहीं चल सकता है। मनुष्य हर आपदा और अवसर में ढल जाता है।
आपका ब्रांड दूसरे से कैसे अलग हो इसका ध्यान उद्यमी को ध्यान रखना चाहिए। या तो आप इंस्टाग्राम और वाट्सएप का इस्तेमाल कर सेल कर सकते हैं। फिर आप अपनी तकनीक को बढ़ा सकते हैं। धीरे-धीरे आप अपने ब्रांड का दायरा आगे बढ़ा सकते हैं। उद्यमी को चाहिए कि वह जानें कि वह क्या बेच रहा है। उद्यमियों को लॉजिस्टिक्स की जानकारी नहीं होती इससे उन्हें परेशानी होती है। उन्हें अपनी जानकारी बढ़ानी चाहिए। लोगों की आकांक्षाएं आजकल काफी बढ़ गई हैं। इसलिए ट्रांसपेरेंट कम्यूनिकेशन जरूरी है। डिलिवरी के हर चरण पर नजर रखने की जरूरत है। आप किसी कूरियर के साथ काम करते हैं तो यह आपके लिए मेंटरशिप की तरह है। ब्रांड वैल्यू डिलिवरी के अनुभव से तय होती है।
इरविन आनंद (सीईओ, निम्बसपोस्ट)
आप सही मायने में देखें तो ईकॉमर्स का विस्तार पूरे बाजार का 10 से 12 फीसदी है। 3-4 ही कारोबारी ईकॉमर्स से जुड़े हैं। विकसित देशों में भी इसका प्रतिशत कम है। अगर किसी डोमेन में ई कॉमर्स स्टार्टअप को पूरा मौका मिलेगा तो वह शानदार तरीके से अपना विस्तार कर सकेगा। पर असर दुनिया में ऐसा नहीं है। बाजार में सभी तरह के सहभागी के टिके रहने की जरूरत है। सबसे बड़ी समस्या है कि छोटे कारोबार खत्म हो रहे हैं। इस समस्या को दूर करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
टी. कोशी (संस्थापक एमडी और सीईओ, ओएनडीसी)
जो मुकद्दर में है वह हो जाएगा पर अपने ब्रांड को सही तरीके से पेश करना जरूरी है। जो अपने प्रोडक्ट के बारे में पहले नहीं सोचते वे सफल नहीं हो पाते। जो ऐसा अच्छे इमान के साथ करते हैं वे अंतत: जो चाहते हैं हासिल कर लेते हैं। प्रोडक्ट और कस्टमर पर ध्यान देना सबसे जरूरी है।
विशाल कौशिक, संस्थापक एवं एमडी कैडी वेंचर्स
अपने ब्रांड को आगे रखकर एमएसएमई उद्यमी को उसके पीछे चलना चाहिए। यह देखना चाहिए कि इससे ब्रांड बढ़ रहा है या नहीं। हमारे देश में हम सभी एमएसएमई हैं। बिजनेस ठप ब्रांड ठप। आज सोशल मीडिया की दुनिया में हम नेटवर्क पर 24 घंटे हैं। इस कारण हम एक दूसरे के निकट आ रहे हैं। एक पहचान बन रही है। यह पहचान ब्रांड से मजबूत हो सकती है। इसलिए ब्रांड के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
कारपे डायम वेंचर्च के निनाद कारपे ने कहा है कि पहले आईडियाज लेकर लोग कैपिटल ढूंढते थे पर अब आइडिया सही हो तो कैपिटल का इंतजाम हा जाता है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई में से किसी भी को आप वीसी मनी चाहिए तो उन्हें अपने बिजनेस को एक स्केल देना होगा। नहीं तो आपको बैंकिंग फाइनेंस के भरोसे ही रहना पड़ेगा। अगर वेंचर फंडिंग चाहिए तो हमें दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ना चाहिए। ऐसा नहीं है कि एक दो वेंचर कैपिटलिस्ट से मिले फंडिग नहीं मिली तो फिर हार मान गए। फंडिंग चाहते हैं तो लगातार कोशिशें जारी रखनी होंगी।
आयोजन के दौरान एनएसआईसी वेंचर कैपिटल के निदेशक और सीईओ सरवाना कुमार और कारपे डायम वेंचर्च के निनाद कारपे ने भी अपने विचार साझा किए। एनएसआईसी वेंचर कैपिटल के निदेशक और सीईओ सरवाना कुमार ने बताया कि भारत में एमएसएमई तकनीक से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर फंडिंग मुहैया कराने की कोशिशें हुई है। इस कड़ी में एनएसआईसी की ओर से एक फंड्स ऑफ फंड का संचालन किया जा रहा है।
एमएसएमई फॉर भारत के दूसरे सत्र में अशोग सैगल, अनिल भारद्वाज और आरके सिंह ने बताया कि देश के एसएसएमई को फ्यूचर रेडी कैसे बनाया जाए। इस दौरान उन्होंने नीति, प्रौद्योगिकी और विकास को जोड़ने की रणनीतियां बताई।
MSME for Bharat: उद्यमों को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए 'तकनीक, नीति और अवेयरनेस' जरूरी, दिग्गजों ने दिए टिप्स
रजनीश कुमार ने कहा, "दुनिया पिछले 30-40 वर्षेों में पूरी तरह से बदल गई है। ऐसा मैनुअल बैंकिंग से डिजिटल बैंकिंग की ओर बढ़ने से संभव हो पाया। सरकारी स्कीमों मुद्रा स्क्रीम, स्ट्रीट वेंटर स्कीमों के जरिए भी ऋण मुहैया कराने में मदद मिली है। हमें वेंचर कैपिटल को बढ़ाने की जरूरत है। हमें नई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की जरूरत है चाहे वे सफल हों या नहीं। इसके लिए वेंचर कैपिटल को बढ़ाना पड़ेगा। यह हाई रिस्क कैपिटल है। इसके लिए इसके लिए बैंक आगे नहीं आते। इसे मुहैया कराने के लिए हमें कदम बढाने होंगे।"
एसबीआई के पूर्व चेयरमैन और फिलहाल भारतपे से जुड़े रजनीश कुमार ने कहा कि सरकार के सपोर्ट की बात करें तो एमएसएमई क्षेत्र में बेहतर इकोसिस्टम को बनाने में इससे मदद मिलती है। कैपेक्स के लिए क्रेडिट फॉर्मल बैंकिंग सिस्टम से मिलती है। केवल बैंकों को डिपॉजिट लेने की मंजूरी है। ऐसे में वे संसाधनों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आज 2.5 मिलियन लैंडेबल मर्चेंट हैं। कैश भारतपे पर दिखता है। हम पार्टनरशिप मॉडल पर काम कर रहे है। वे पैसे मुहैया करवा रहे हैं। वे ऋण मुहैया कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। देश में एमएसएमई को ऋण मुहैया कराने के लिए बहुत बढ़िया इकोसिस्टम तैयार हुआ है। आज यदि किसी को मशीन खरीदना हो चाहे वह 20 लाख का हो तो लोन आसानी से उपलब्ध है।
कौशल विकास के बारे में बोलते हुए डॉ. शुभ्रांशु ने कहा कि एमएसएमई को अपने व्यवसायों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जाना चाहिए। इसमें कौशल प्रशिक्षण, पुनः कौशलीकरण और अपस्किलिंग के अवसर प्रदान करना, जिसमें प्रौद्योगिकी केंद्र और उत्पाद परीक्षण सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स का संचालन किया जाता है। इसका प्रबंधन एनएसआईसी करती है। इस फंड से एमएसएमई के विकास को अगले स्तर पर पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
भारत में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देने की रणनीतियों पर चर्चा करते हुए एनएसआईसी के सीएमडी डॉ. शुभ्रांशु आचार्य ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना कि एमएसएमई को आवश्यकता पड़ने पर आसानी से ऋण प्राप्त हो सके, और सुचारू ऋण प्रवाह के लिए उचित प्रबंधन और मार्गदर्शन उपलब्ध हो।
अमर उजाला के एमएसएमई फॉर भारत कार्यक्रम के पहले सत्र 'फंडिंग का फ्यूचर' में डॉ. शुभ्रांशु आचार्य, रजनीश कुमार और मनीष शाह एमएसएमई के लिए निवेश और पूंजी जुटाने के अवसरों पर विचार साझा किए। इसके बाद एमएसएमई को फ्यूचर रेडी बनाने पर भी सत्र आयोजित हुआ।
पूंजी, नीति और नवाचार पर केंद्रित पहला सत्र
• फंडिंग का फ्यूचर : सत्र में डॉ. शुभ्रांशु आचार्य, रजनीश कुमार और मनीष शाह एमएसएमई के लिए निवेश और पूंजी जुटाने के अवसरों पर विचार साझा करेंगे।
• फ्यूचर रेडी एमएसएमई : सत्र में अशोक सैगल, अनिल भारद्वाज और आर.के. सिंह नीति, प्रौद्योगिकी और विकास को जोड़ने की रणनीतियां बताएंगे। आरती रामकृष्णन और अनुराग सिंघी प्रेरक संबोधन देंगे
• एमएसएमई रिइन्वेंशन : सत्र में सरवना कुमार और निनाद कार्पे बताएंगे कि उद्यम ‘सर्वाइवल से सस्टेनेबल स्केल’ तक कैसे पहुंच सकते हैं। इन सत्रों का उद्देश्य उद्यमियों को पूंजी, नीति और नवाचार के व्यावहारिक दृष्टिकोण से सशक्त बनाना है।
अवॉर्ड समारोह और एक्सपो के आकर्षण
कार्यक्रम के विशेष आकर्षण एक्सपो में विभिन्न क्षेत्रों की अग्रणी भारतीय और वैश्विक कंपनियां अपने नवीनतम उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी। कार्यक्रम के समापन सत्र में 15 कैटेगरी में 60 विजेताओं को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज अवार्ड्स से सम्मानित किया जाएगा।
अमर उजाला के कार्यक्रम में आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा भी माैजूद रहेंगे। विशेष अतिथि के रूप में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ उद्यमियों के साथ संवाद करेंगे। आयोजन न केवल एमएसएमई के लिए एक प्रेरणादायक मंच बनेगा, बल्कि यह भारत के उद्यमों को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास भी देगा।
देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नई दिशा देने, उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त बनाने और “वोकल फॉर लोकल” के विजन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अमर उजाला भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में एमएसएमई फॉर भारत कॉन्क्लेव, एक्सपो व एवं अवार्ड्स 2025 का आयोजन कर रहा है। सुबह 10 बजे पहले सत्र- फंडिंग का फ्यूचर की शुरुआत हुई। सत्र में डॉ. शुभ्रांशु आचार्य, रजनीश कुमार और मनीष शाह एमएसएमई के लिए निवेश और पूंजी जुटाने के अवसरों पर विचार साझा कर रहे हैं।
यह कार्यक्रम अमर उजाला के एमएसएमई मंथन की उस ऐतिहासिक श्रृंखला का समापन है, जो सितंबर माह में 8 राज्यों के 26 शहरों में आयोजित हुई थी और जिसमें 5000 से अधिक उद्यमी, स्टार्टअप फाउंडर्स और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया था। इस अवसर पर केंद्रीय एमएसएमई मंत्री श्री जीतनराम मांझी मुख्य अतिथि होंगे।