मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने दिया इस्तीफा
मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने राजभवन में राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति को अपना इस्तीफा सौंपा।
अभी तक 13 सीटों पर नतीजे सामने आ चुके हैं। जेडपीएम ने11 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है। वहीं अन्य दो सीटें अलग अलग पार्टी के पाले में गई हैं। एक सीट पर एनएमएफ और एक सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की है।
जोरम पीपुल्स मूवमेंट के उपाध्यक्ष डॉ. केनेथ चावंगलियाना ने कहा, 'फिलहाल हम 20 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रहे हैं। मुझे लगता है कि हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे।'
जेडपीएम के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राज्य चुनाव में पार्टी बढ़त दर्ज करने के बाद सेरछिप में जश्न मनाने के लिए मिठाइयां मंगवाईं। बता दें, जेडपीएम ने अभी तक छह सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।
जेडपीएम (जोराम पीपल्स मूवमेंट) की तरफ से सीएम पद के उम्मीदवार लालदुहोमा ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उनकी पार्टी सरकार बनाएगी।
मिजोरम के मुख्यमंत्री और मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के अध्यक्ष जोरामथांगा ने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी सत्ता में वापसी करेगी। अगर पार्टी जीतती है तो जोरामथांगा फिर से मिजोरम की कमान संभालेंगे।
एमएनएफ, जेडपीएम और कांग्रेस ने सभी 40 सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा के 23, आम आदमी पार्टी के चार और 27 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में हैं।
मिजोरम से जुड़े एग्जिट पोल्स के सामने आने से पहले ही जेएडपीएम के अध्यक्ष लालदुहोमा अपनी पार्टी की जीत को लेकर बेहद आश्वस्त दिखाई दे रहे थे। तमाम राजनीतिक रैलियों, सभाओं और साक्षात्कार में उन्होंने कांग्रेस, एमएनएफ पर चुटकी लेते हुए कहा था कि दोनों दलों की विधानसभा चुनाव के नतीजों में बुरी हालत होने वाली है, साथ ही उन्होंने दावा किया कि जेडपीएम को पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने से कोई भी दल नहीं रोक सकता है। साथ ही उन्होंने कहा था कि कांग्रेस के साथ गठबंधन का सवाल ही नहीं उठता है।
राज्य में पूर्व आईपीएस लालदुहोमा की पार्टी जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) सबसे बड़ी पार्टी उभरती दिख रही है। एजेंसियों द्वारा जारी एग्जिट पोल में उन्हें सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर दिखाया गया है। वहीं सत्तारूढ़ दल एमएनएफ अपनी सत्ता बचाने में जद्दोजहद करते दिख रही है। साथ ही एग्जिट पोल्स के मुताबिक, कांग्रेस और भाजपा मिज़ोरम में अस्तित्व की लड़ाई लड़ती दिखाई दे रही है।
मिजोरम में 1984 से कभी कांग्रेस तो कभी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) सरकार रही है। इस बार यह देखना रोचक होगा कि एमएनएफ के जोरामथांगा अपनी सरकार को बचा पाते हैं या फिर राज्य पूर्व आईपीएस लालदुहोमा की नेतृत्व में बनी नई राजनीतिक पार्टी जोरम पिपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) कोई नई राजनीतिक समीकरण बनाएगी। इसका खुलास आज दोपहर 12 बजे तक साफ हो जाएगा, कि लोगों ने किसकी बात पर ज्यादा भरोसा किया है।