असम के मंत्री अशोक सिंघल शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे समेत महाराष्ट्र के बागी विधायकों से मिलने देर रात गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल पहुंचे।
शिवसेना सांसद विनायक राउत मुंबई में सीएम उद्धव ठाकरे के पारिवारिक आवास मातोश्री से देर रात रवाना हुए।
शिवसेना प्रमुख के बिना उनका विद्रोही विधायक भी नहीं रह सकता: सावंत
शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि यह महाराष्ट्र का दुर्भाग्य है कि जब बेरोजगारी और महंगाई है, तो कुछ लोगों को केवल सत्ता में आने की चिंता है। शिवसेना प्रमुख के बिना उनका विद्रोही विधायक भी नहीं रह सकता, उन्हें कोई नहीं पूछेगा। उनमें से कुछ दबाव और भय के कारण चले गए, इसलिए उन्हें इतनी दूर असम ले जाया गया। कई विधायक हमें फोन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वे वापस आना चाहते हैं।
यह सच और झूठ की लड़ाई: आदित्य ठाकरे
महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि वरिष्ठ नेता एकनाथ शिंदे की बगावत से पार्टी में पैदा हुआ मौजूदा राजनीतिक संकट सच और झूठ के बीच की लड़ाई है। हम जीतेंगे और सच्चाई की जीत होगी। इससे पहले शिवसेना अध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने दक्षिण मुंबई के शिवसेना कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव इस साल के अंत में होने की उम्मीद है।
शिंदे बोले- एमवीए के खेल को पहचानो
इस बीच एकनाथ शिंदे से ट्विटर पर एक खास अपील की। उन्होंने लिखा, 'प्रिय शिवसैनिकों, अच्छी तरह से समझें, एमवीए के खेल को पहचानो! मैं शिवसेना और शिवसैनिकों को एमवीए के अजगर के चंगुल से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहा हूं। यह लड़ाई आप शिवसैनिकों के लाभ के लिए समर्पित है। आपका एकनाथ संभाजी शिंदे।
27 जून को शाम साढे पांच बजे तक बागियों से मांगे जवाब
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार पर जारी संकट के बीच विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरी जिरवाल ने शिवसेना के बागी गुट के नेता एकनाथ शिंदे सहित 16 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया है। इन बागी विधायकों को 27 जून की शाम साढ़े पांच बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है। दूसरी ओर, शिवसेना ने भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल न होने पर सभी बागियों को नोटिस जारी किया है। पार्टी के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने सभी 16 बागी विधायकों को अपात्र घोषित करने का नोटिस जारी कर दिया है। शिवसेना की तरफ से उन बागी विधायकों को 27 जून की शाम 5 बजे तक अनुपस्थित रहने पर लिखित जवाब देने के लिए कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर विधायक जवाब नहीं देते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई के संबंध में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
गुवाहाटी: होटल की बुकिंग दो और दिनों के लिए बढ़ाई
एकनाथ शिंदे गुट ने होटल प्रबंधन से गुवाहाटी में अपनी बुकिंग दो और दिनों के लिए बढ़ाने को कहा है। पहले यह बुकिंग 28 जून तक थी। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
शिवसेना का हर कार्यकर्ता स्वाभाविक गठबंधन चाहता है: बागी विधायक
एकनाथ शिंदे द्वारा ट्वीट किए गए एक वीडियो में शिवसेना के बागी विधायक चिमनराव पाटिल ने कहा कि हम परंपरागत रूप से एनसीपी और कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी हैं। वे निर्वाचन क्षेत्रों में हमारी प्राथमिक चुनौती हैं। हमने सीएम उद्धव ठाकरे से अनुरोध किया था कि गठबंधन परंपरागत रूप से ही किया जाना चाहिए। चूंकि सीएम की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, इसलिए हमारे नेता एकनाथ शिंदे ने स्टैंड लिया। शिवसेना का हर कार्यकर्ता स्वाभाविक गठबंधन चाहता है। शिवसेना के दो तिहाई से अधिक विधायकों और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का साथ देने का फैसला किया है।
असदुद्दीन ओवैसी का तंज
महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संकट पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि महा विकास अघाड़ी को इस ममले पर विचार करने दें। हम इस ड्रामे पर नजर रखे हुए हैं। यह बंदरों का डांस लग रहा है। एक शाखा से दूसरी शाखा में कूदने वाले बंदरों की तरह काम हो रहा है।
शिंदे के बेटे के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
कुछ लोगों ने ठाणे जिले के कल्याण से लोकसभा सांसद और शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के कार्यालय के बाहर बोर्ड को नुकसान पहुंचाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कुछ लोगों को श्रीकांत शिंदे के उल्हासनगर कार्यालय पर पथराव करते हुए दिखाया गया है और उन्हें उद्धव ठाकरे के समर्थन में नारे लगाते हुए भी सुना जा सकता है। वीडियो में चार पुलिसकर्मियों को आठ से दस लोगों के समूह का पीछा करते हुए देखा जा सकता है।
सुरक्षा हटाने के आरोपों से गृहमंत्री पाटिल का इनकार
शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने उनके आवास सहित 16 बागी विधायकों के आवास पर उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस ले ली है। साथ ही शिंदे ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से किया गया कार्य बताया। हालांकि, गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने इन आरोपों से इनकार किया है। इस समय बागी विधायकों के साथ गुवाहाटी में डेरा डाले हुए शिंदे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल के नाम एक पत्र ट्वीट किया। इसमें 16 विधायकों के हस्ताक्षर हैं। इस पत्र में विधायकों ने कहा है कि अगर उनके परिवार के लोगों को कुछ हुआ तो मुख्यमंत्री ठाकरे और सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के नेता उसके लिए जिम्मेदार होंगे।
शिवसेना को और कमजोर करने की योजना: भाजपा नेता
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि पार्टी को महाराष्ट्र में सरकार बनाने का दावा पेश करने की कोई जल्दी नहीं है, बल्कि वह तब तक इंतजार करेगी जब तक कि शिवसेना के मौजूदा संकट का असर शहरों में नगर निगमों तथा कस्बों और जिलों में नगर निकायों के स्तर पर उसकी क्षमता पर नहीं पड़ता। भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में मौजूदा सत्ता संघर्ष केवल राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं है, बल्कि भाजपा द्वारा शिवसेना को और अधिक कमजोर किए जाने तथा हिंदुत्व के मुद्दे पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने राष्ट्रपति शासन की मांग की
अमरावती से निर्दलीय लोकसभा सदस्य नवनीत राणा ने शनिवार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए ताकि उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी बंद हो और महाराष्ट्र के लोगों की इससे रक्षा की जा सके।
शिंदे गुट की बैठक जारी
गुवाहाटी के एक होटल में एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में बागी विधायकों की बैठक जारी है।
शिंदे खेमे के 16 बागी विधायकों को नोटिस जारी
महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष ने एकनाथ शिंदे खेमे के 16 बागी विधायकों को नोटिस जारी किया। ये बागी वर्तमान में गुवाहाटी, असम में रह रहे हैं। इसके अलावा जिन 16 विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी किया गया है, उन्हें सोमवार यानी 27 जून तक अपना लिखित जवाब दाखिल करना है।
शिवसेना भवन से बाहर निकले उद्धव
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे और राज्य के मंत्री आदित्य ठाकरे पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शिवसेना भवन से बाहर निकले।
शिवसेना सांसद चतुर्वेदी बोलीं- धमकी भरे फोन आ रहे हैं
शिवसेना से राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शनिवार को कहा कि उन्हें कुछ धमकी भरे फोन आए हैं। मैंने धमकी और अपमानजनक कॉल को लेकर मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडे से मिली थी। प्रियंका ने ट्वीट किया, 'मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडे से मुलाकात की, जो मुझे कल से वीओआईपी कॉल के माध्यम से राज्य में विकासशील राजनीतिक स्थिति पर धमकी और अपमानजनक कॉल मिल रहे हैं।' उन्होंने कहा कि उनके समय के लिए धन्यवाद और यह पता लगाने की उम्मीद है कि ये कायर कौन हैं?
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बीच असम के गुवाहाटी में रुके एकनाथ शिंदे गुट ने भी बैठक शुरू कर दी है। बताया गया है कि इस बैठक में 40 से ज्यादा विधायक शामिल हुए हैं।
शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे ने शनिवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार ने 16 बागी विधायकों के आवास पर उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस ले ली है। शिंदे ने कहा कि उनकी भी सुरक्षा वापस ले ली गई है और यह “राजनीतिक प्रतिशोध” की भावना से किया गया है। हालांकि, महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल ने इससे साफ इनकार किया है। पाटिल ने कहा है कि विधायकों की सुरक्षा पहले की तरह ही बहाल है।
महाराष्ट्र में शिवसेना कार्यकर्ताओं ने पार्टी के बागी विधायकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और खारघर में पार्टी कार्यालय के बाहर पुतला फूंका। इस बीच महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण ने एकनाथ शिंदे के खेमे की तरफ से नवगठित शिवसेना बालासाहेब को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा, "जब तक इसे विधानसभा अध्यक्ष से कानूनी अनुमति नहीं मिलती, तब तक इस प्रकार के समूहों को अधिकृत नहीं किया जाएगा।"
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को गुवाहाटी के होटल में बागी शिवसेना के नेताओं के रहने पर बयान दिया। उन्होंने हा कि गुवाहाटी में 200 होटल हैं और सभी में मेहमान हैं। अब असम में बाढ़ है तो क्या ये बोलकर मैं लोगों को होटल से भेज दूं? असम के लोग उनका बिल नहीं दे रहे हैं, बल्कि उनसे पैसा ले रहे हैं। इसमें हमारा फायदा हो रहा है। महाराष्ट्र में भाजपा उनका (शिवसेना के बागी विधायक) समर्थन करे या नहीं करे इसका मुझसे क्या लेना-देना। मैं तो बस इतना ही कहना चाहता हूं कि अगर असम में कोई मेहमान आया है तो उसे सुरक्षा और सहूलियत मिलनी चाहिए।
महाराष्ट्र के ठाणे में शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वो इस समय असम के गुवाहाटी के रैडिसन ब्लू होटल में राज्य के अन्य बागी विधायकों के साथ ठहरे हुए हैं।
महाराष्ट्र में शिवसेना की अंदरुनी कलह अब हिंसा में तब्दील हो गई है। कई जगहों पर शिवसेना कार्यकर्ताओं ने बागी नेताओं के ठिकानों पर हमले किए। इस बीच मुंबई में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए धारा 144 लागू हो गई है।
शिवसेना असम राज्य इकाई के प्रमुख राम नारायण सिंह ने शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ वापस आने के लिए पत्र लिखा है। इस बीच एनसीपी और शिवसेना की असम इकाइयों ने असम के गुवाहाटी में रैडिसन ब्लू होटल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में उन्हें मौके से हटा दिया गया। इस होटल में फिलहाल महाराष्ट्र के बागी विधायक ठहरे हुए हैं।
शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को हुई। इसमें पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के साथ उनके बेटे आदित्य ठाकरे और कई बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में मुद्दा बालासाहेब की विरासत को लेकर रहा।
महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री और बागी विधायक दीपक केसरकर ने खुलासा किया है कि एकनाथ शिंदे के खेमे की तरफ से शिवसेना विधायकों के समर्थन से 'शिवसेना बालासाहेब' नया समूह गठित किया गया है। गौरतलब है कि शिंदे गुट का दावा है कि उसके पास 40 से ज्यादा शिवसेना विधायकों और कई और निर्दलीयों का समर्थन है।
महाराष्ट्र भाजपा के नेता देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद आरपीआई नेता रामदास अठावले ने बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि शिवसैनिक अब गुंडागर्दी पर उतर आे हैं। उन्होंने साफ किया कि शिंदे गुट के साथ संख्याबल है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि फडणवीस ने शिवसेना के अंदरुनी विवाद से भाजपा के दूर रहने की बात की है।
बागी विधायकों को शिवसेना की ओर से धमकी मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अमरावती से निर्दलीय सांसद नवनीत राणा ने शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वे बागी विधायकों के परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराएं। राणा ने कहा कि जिन भी नेताओं ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ा है और खुद के फैसले कर रहे हैं, जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के साथ हैं। अमित शाह जी को उन्हें सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए। उद्धव ठाकरे की गुंडागर्दी खत्म होनी चाहिए। मैं राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग करती हूं।
शिवसेना कार्यकर्ताओं की ओर से बागी विधायकों के आवास को निशाना बनाए जाने की घटना का पुणे पुलिस ने संज्ञान लिया है। तानाजी सावंत के कार्यालय में राजनीतिक संकट और तोड़फोड़ के बीच, पुणे पुलिस ने अलर्ट जारी किया और सभी पुलिस स्टेशनों को शहर में शिवसेना नेताओं से संबंधित कार्यालयों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा। पुणे पुलिस के पीआरओ ने इसकी जानकारी दी।
शिवसेना विधायकों के एक बड़े धड़े की बगावत के कारण महाराष्ट्र में पैदा हुए सियासी संकट के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने पहली बार बागी विधायकों को लेकर तीखा बयान दिया है। पार्टी ने शनिवार को सवाल उठाए कि गुवाहाटी और सूरत में जिन होटलों में बागी विधायक रह रहे हैं, उन होटलों के बिल का भुगतान कौन कर रहा है। गौरतलब है कि शिवसेना के ये बागी विधायक पिछले कुछ दिनों से असम में डेरा डाले हुए हैं।
बगावत करने वाले विधायकों के खिलाफ शिवसेना ने भी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच आज पार्टी से बगावत करने वाले 16 विधायकों को अयोग्य घोषित करने को लेकर नोटिस जारी हो सकते हैं। डिप्टी स्पीकर नरहरि जिरवाल ने शिवसेना की अर्जी स्वीकार कर रही ली है।