भाजपा नेताओं की बैठक खत्म
पार्टी कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के बाद भाजपा नेता महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के आवास से रवाना हुए।
ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने महाराष्ट्र में एक चुनी हुई सरकार को गिराने के लिए धन और बाहुबल की शक्ति और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया है। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि शिवसेना के विधायकों को असम भेजा गया और न केवल पैसे बल्कि कई अन्य चीजों की भी आपूर्ति की गई। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के बारे में विस्तार से नहीं बताया।
बनर्जी ने कहा, मेरा मानना है कि यह (महाराष्ट्र) सरकार ज्यादा नहीं चलेगी क्योंकि भाजपा ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग किया है। यह एक अनैतिक और अलोकतांत्रिक सरकार है। उन्होंने भले ही सरकार बनाई हो, लेकिन उन्होंने लोगों का दिल नहीं जीता।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे घेरे रखने वालों पर निशाना साधा और शिवसेना सांसद संजय राउत पर परोक्ष रूप से हमला किया, जिन्होंने गुवाहाटी में डेरा डाले हुए बागी विधायकों की कड़ी आलोचना की थी। किसी ने हमें गुवाहाटी में देवी कामाख्या को अर्पित करने के लिए बैल (नर भैंस) के रूप में वर्णित किया। देवी ने हमें बताया कि वह बहुत ज्यादा बात करने वाला बैल नहीं चाहती। शिंदे ने विधानसभा में बहुमत परीक्षण जीतने के बाद राउत पर निशाना साधा।
गुवाहाटी के एक होटल में अपने प्रवास के दौरान बागी विधायकों ने एक खुला पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने ठाकरे के आसपास की मंडली को फटकार लगाई और राउत को राकांपा का पसंदीदा आदमी करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा, 10 जून को हुए राज्यसभा चुनाव के वक्त शिवसेना का एक उम्मीदवार हार गया था। अब ऐसा लगता है कि एक और उम्मीदवार को चुनाव हार जाना चाहिए। राज्यसभा चुनावों में शिवसेना द्वारा मैदान में उतारे गए दो उम्मीदवारों में से राउत जीते, लेकिन एक अन्य उम्मीदवार संजय पवार भाजपा के धनंजय महाडिक से हार गए थे।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने रायगढ़ और रत्नागिरी के जिला कलेक्टरों को वहां भारी बारिश के मद्देनजर सावधानी बरतने का निर्देश दिया है। कुछ नदियां चेतावनी के स्तर पर पहुंच चुकी हैं : मुख्यमंत्री कार्यालय
हमने बालासाहेब ठाकरे के प्रति सम्मान को देखते हुए उनका (आदित्य ठाकरे का) नाम (अयोग्यता के लिए) नहीं दिया। सीएम इस पर फैसला लेंगे: शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावाले
हमने हमारे व्हिप की अवहेलना करने वाले सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए नोटिस दिया है, बालासाहेब ठाकरे के प्रति हमारे सम्मान के कारण उनका (आदित्य ठाकरे का) नाम नहीं दिया: शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावाले
आज हमारे पक्ष में मतदान करने वाले सभी विधायक राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेंगे। शरद पवार एक बड़े नेता हैं, लेकिन वे जो कुछ भी कहते हैं तथ्यों के बिल्कुल विपरीत होता है। इसलिए हम शासन के ढाई साल पूरे करेंगे, अगली बार हमारे पास 200 विधायक होंगे, 100 हमारे और 100 भाजपा के: सीएम शिंदे
सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, हम कैबिनेट विस्तार के बारे में देखेंगे। वे (उद्धव ठाकरे खेमे) नियमित रूप से कोर्ट जा रहे हैं और आज भी सुप्रीम कोर्ट गए। भरत गोगावाले हमारे सचेतक हैं और मैं खुद विधायक दल का नेता हूं। हमारे व्हिप का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सीएम शिंदे ने कहा, हम महाराष्ट्र के लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोलियम पर वैट में कटौती करेंगे। जब केंद्र सरकार किसी भी राज्य की सरकार के साथ आती है, तो उस राज्य में विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है। देवेंद्र फडणवीस के अनुभव से हमें निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।
सीएम ने कहा, मैंने पिछली सरकार में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की निर्णय लेने की गति देखी है। वह रुके हुए काम को पूरा करवाते हैं। इस सरकार में भी हम सभी लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करेंगे, चाहे वह मेट्रो परियोजना हो या समृद्धि महामार्ग।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ एक प्रेस में मौजूद रहे। इस दौरान शिंदे ने कहा, यह सरकार जनता के जनादेश की है जो ढाई साल पहले किन्हीं कारणों से नहीं बन पाई थी। हमारे पास आज 50 (शिवसेना) और 115 (भाजपा) विधायक हैं और हम महाराष्ट्र के लोगों के हित में निर्णय लेंगे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार ईंधन पर वैट (मूल्य संवर्धित कर) जल्द ही कम करेगी। सीएम शिंदे ने विश्वास मत जीतने के बाद एक चर्चा का जवाब देते हुए सदन को सूचित किया कि ईंधन पर वैट कम करने का निर्णय राज्य मंत्रिमंडल में लिया जाएगा।
एनसीपी के अजित पवार होंगे विधानसभा में नेता विपक्ष, एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटिल अजित पवार का नाम प्रस्तावित किया जिसे विधानसभा ने मंजूरी दे दी।
एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में अपने परिवार को याद करते हुए भावुक हो उठे और कहा, जब मैं ठाणे में शिवसेना पार्षद के रूप में काम कर रहा था, मैंने अपने दो बच्चों को खो दिया और सोचा कि सब कुछ खत्म हो गया है...मैं टूट गया था लेकिन आनंद दीघे साहब ने मुझे राजनीति में बने रहने के लिए आश्वस्त किया।
मैं देवेंद्र फडणवीस जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे (पिछली सरकार में) मंत्री के रूप में काम करने का मौका दिया और मैं समृद्धि महामार्ग परियोजना पर काम कर सका। उन्हें 2019 में शिवसेना को भी डिप्टी सीएम का पद देना था: सीएम एकनाथ शिंदे
हम शिवसैनिक हैं और हमेशा बालासाहेब और आनंद दीघे के शिवसैनिक रहेंगे। मैं आप सभी को याद दिलाना चाहता हूं कि वहां कौन था जिसने बाला साहब के मतदान पर 6 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया: महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा, पहले मुझे एमवीए सरकार में सीएम बनाया जाना था, लेकिन बाद में अजीत दादा (अजीत पवार) या किसी ने कहा कि मुझे सीएम नहीं बनाया जाना चाहिए। मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई और मैंने उद्धव जी से कहा कि आगे बढ़ो और मैं आपके साथ हूं। उस पद पर मेरी कभी नजर नहीं पड़ी।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल ने कहा- महाराष्ट्र में भाजपा ने जिस तरह से पार्टी (शिवसेना) को तोड़ने का नया प्रयोग किया है, वह उसके 'ऑपरेशन कमल' का उदाहरण है। कांग्रेस एमवीए के साथ है, और तीन पार्टी गठबंधन बरकरार है। आज हम सभी ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। ऐसा लगता है कि यह सरकार (एकनाथ शिंदे सरकार) लंबे समय तक नहीं चलेगी। यह सरकार काम नहीं कर पाएगी, कई भ्रम और विरोधाभास हैं। शिवसेना विधायक बेचैन हैं। जिस तरह से उन्होंने इतनी यात्रा की है, उससे पता चलता है कि वे एकजुट नहीं हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस प्रभारी एचके पाटिल ने कहा, मैंने कुछ रिपोर्टें देखीं जिनमें कहा गया था कि कांग्रेस के महाराष्ट्र में एमवीए गठबंधन से बाहर निकलने की संभावना है। यह गलत है। कांग्रेस ने न तो इस पर चर्चा की और न ही कुछ तय किया। अफवाहें सच्चाई से कोसों दूर हैं। एमवीए गठबंधन स्थिर है।
विधानसभा में उप मुख्यमंत्री देवेंद्र पणडवीस ने कहा कि ये सरकार ईडी की मदद से बनी है। इसमें E मतलब Eknath Shinde और D मतलब Devendra Fadnavis है।
आदित्य ठाकरे समेत शिवसेना के कई विधायक विश्वास मत के बाद सदन से चले गए हैं।
सत्ता से बाहर होने के बाद उद्धव गुट ने एनसीपी नेता व राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार को नेता विपक्ष चुना है।