Jagannath Rath Yatra Puri Live Updates: ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत हो रही है। यह भव्य यात्रा पुरी के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। जगन्नाथ रथ यात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। 12 दिन चलने वाली रथ यात्रा को लेकर भक्त उत्साहित हैं। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। यहां पढ़िए जगन्नाथ रथ यात्रा के लाइव अपडेट्स...।
ओडिशा में अत्यधिक भीड़ के कारण घुटन, रोकनी पड़ी रथयात्रा
पुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा रोकनी पड़ी है। ओडिशा के मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने कहा, अत्यधिक भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को घुटन होने लगी। इस कारण रथयात्रा रोकनी पड़ी। अब भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के तीनों रथ शनिवार को खींचे जाएंगे। सेहत खराब होने के बाद श्रद्धालुओं को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुरी में 12 घंटे से जारी है रथयात्रा का अनुष्ठान
ओडिशा में श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा देर शाम भी जारी है। इस वार्षिक रथयात्रा के लिए अनुष्ठान शुक्रवार सुबह शुरू हुए थे। शाम 7.30 बजे के बाद भी जगन्नाथ मंदिर के बाहर महाप्रभु जगन्नाथ के दिव्य दर्शन के लिए भक्तों का सैलाब देखा गया।
चिल्का झील में नावों पर भगवान जगन्नाथ की अनोखी जल-रथ यात्रा
ओडिशा में पुरी के अलावा खोरधा जिले के कंकणा शिखरी द्वीप पर भी रथयात्रा का आयोजन किया गया। यहां चिल्का झील में नावों पर भगवान जगन्नाथ की अनोखी जल-रथ यात्रा का आयोजन किया गया।
आस्था के साथ सेवा: 1500 स्वयंसेवकों ने मानव श्रृंखला बनाकर एंबुलेंस को रास्ता दिया
एक साल पहले ओडिशा में भाजपा की सरकार बनी है। इस साल आयोजित रथयात्रा में सरकार के साथ-साथ भाजपा के युवा कार्यकर्ता भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। पुरी में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान उमड़े लाखों श्रद्धालुओं के बीच भाजपा युवा मोर्चा के करीब 1500 स्वयंसेवकों ने मानव श्रृंखला बनाकर एंबुलेंस के लिए रास्ता साफ किया और जनसेवा के प्रति अपने समर्पण को प्रदर्शित किया। स्रोत: भाजपा युवा मोर्चा
गुजरात में रथयात्रा: तकनीक के सहारे आसानी, श्रद्धालुओं की मदद कर रहा प्रशासन
अहमदाबाद में आयोजित रथयात्रा के दौरान गुजरात पुलिस ने भी बेहद सक्रियता से अपनी भूमिका निभाई। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच एंटी-ड्रोन गन का इस्तेमाल कर रही है। जगन्नाथ रथ यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने के मकसद से पुलिस ड्रोन की निगरानी का फैसला लिया है। ड्रोन का पता लगाने और उन्हें रोकने और एंटी-ड्रोन गन संचालन का जिम्मा बंगलूरू के AXISCADES एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है।AXISCADES एयरोस्पेस एंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में एंटी ड्रोन गन ऑपरेटर प्रशांत शर्मा ने बताया कि 'यह तकनीक ड्रोन के लिए डिटेक्शन और जैमिंग यूनिट है। हमने भारतीय सेना की उत्तरी कमान को ऐसी 100 यूनिट्स की आपूर्ति की है। ऑपरेशन सिंदूर में भी इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया था... हम विभाग के ड्रोन को अपनी सूची में जोड़ते हैं। अन्य ड्रोन लाल रंग में (हमारे कैमरों में) हाइलाइट किए गए हैं, इसलिए हम स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी से पूछते हैं कि उन्हें जाम करना है या नहीं।
बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं ने भी रथयात्रा में भाग लिया
महाप्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा वैश्विक होती जा रही है। भारत के पड़ोस में बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं ने भी जगन्नाथ रथयात्रा में भाग लिया।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए गुजरात सरकार ने किए खास इंतजाम
गुजरात में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर राज्य के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने कहा, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार ने सभी प्रकार की व्यवस्था की है। पुलिस और अन्य बलों को मिलाकर 23,800 से ज्यादा लोग इस व्यवस्था में जुड़े हैं...पिछले साल की रथ यात्रा में 65 से ज्यादा बच्चे परिवार से बिछड़ गए थे। पुलिस ने उनको परिवार से मिलाने का काम किया। इस वर्ष AI आधारित CCTV के माध्यम ये हम बच्चों पर नजर रख रहे हैं। हर बच्चे की गतिविधि पर ध्यान दिया जाता है। बच्चे परिवार के साथ दर्शन करें इसकी भी व्यवस्था की गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भी जगन्नाथ की रथयात्रा, मणिपुर के श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को मणिपुर में 'कांग चिंगबा' उत्सव के रूप में भी जाना जाता है। राजधानी इम्फाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा उमड़े।
मणिपुर में जगन्नाथ भगवान की रथयात्रा 'कांग चिंगबा' उत्सव
भगवान की रथयात्रा 'कांग चिंगबा' उत्सव में उत्साहित दिखे श्रद्धालु, सांस्कृतिक नृत्य
गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल हुए
नासिक में भी जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा
महाराष्ट्र के नासिक में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आयोजित हुई। नासिक में राजे मुधोजी भोंसले का राजपरिवार भी यात्रा में शामिल हुआ।
झारखंड की राजधानी में भी रथयात्रा का आयोजन, बड़ी संख्या में उमड़े भक्त
श्रीजगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा झारखंड की राजधानी रांची में भी आयोजित हुई। भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए । पूजा-अर्चना और आरती के बाद रथों को खींचा जाएगा।
ममता बनर्जी ने दीघा की रथयात्रा से पहले अनुष्ठान भी पूरे किए, बच्चियों ने भी लिया भाग
पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दीघा की रथयात्रा के वीडियो साझा किए गए। इसमें प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दीघा में भगवान जगन्नाथ मंदिर में पहली रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के सामने झाड़ू से साफ करने की पवित्र रस्म निभाई। वीडियो में देखा जा सकता है कि सीएम ममता वहां मौजूद कुछ अन्य बच्चियों को भी अनुष्ठान पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
दीघा की रथयात्रा में ममता बनर्जी ने भगवान की आरती उतारी।
राज्य सरकार के मंत्री सुरेश पुजारी ने क्या कहा?
पुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा पर राज्य सरकार के मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, यह हम सभी के लिए गौरव की बात है। भगवान जगन्नाथ एकमात्र देवता हैं जो अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए मंदिर से बाहर आते हैं... वे पहले ही 'रत्न सिंहासन' छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा, भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद हमें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा... पिछले वर्ष में, उनका विभाग बिना किसी मानवीय क्षति के सभी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में सफल रही।
शिक्षा मंत्री बोले- रथयात्रा में ओडिशा सरकार की व्यवस्थाओं से संतुष्ट
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पुरी की जगन्नाथ यात्रा में पहुंचे। उन्होंने कहा, जगन्नाथ यात्रा की पहली रस्म पूरी हो गई है। तीनों भाई-बहनों के विग्रह रथ पर आरूढ़ हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के अलावा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र शेखावत भी पुरी पहुंचे
बंगाल के दीघा में भगवान जगन्नाथ मंदिर में पहली बार रथ यात्रा
पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में भी भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालुओं ने पहली बार रथयात्रा में भाग लिया। बता दें कि कुछ ही हफ्ते पहले सीएम ममता बनर्जी ने दीघा में जगन्नाथ मंदिर का उद्घाटन किया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी रथयात्रा में पहुंचीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी दीघा की रथयात्रा में शामिल हुईं।
छत्तीसगढ़ में भी उमड़े भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालु, राज्यपाल ने दीं शुभकामनाएं
ओडिशा, बंगाल और दिल्ली के अलावा छत्तीसगढ़ में भी रथयात्रा का आयोजन हुआ। रायपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने श्रद्धालुओं को जगन्नाथ रथ यात्रा 2025 की शुभकामनाएं दीं।
CM माझी ने श्रद्धालुओं को परोसी 'टंका तोरनी'
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पुरी में रथयात्रा के दौरान भक्तों को 'टंका तोरानी' परोसी। महाप्रभु जगन्नाथ की इस ऐतिहासिक रथयात्रा में इसका काफी महत्व है।
श्रद्धालुओं ने श्री जगन्नाथ महाप्रभु का रथ खींचना शुरू किया
रथयात्रा के लिए ओडिशा के पुरी पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने सभी अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद श्री जगन्नाथ महाप्रभु का रथ खींचना शुरू कर दिया। मंदिर के सामने से तीनों रथों को मौसीबाड़ी ले जाया जाएगा।
भाजपा सांसद बोले- ब्रह्मांड की सरकार भक्तों के बीच आशीर्वाद देने आई
इससे पहले यात्रा में मौजूद भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, तीनों भाई-बहनों की इस रथयात्रा का संदेश यही है कि प्रभु कहते हैं कि अगर किसी कारणवश आप दर्शन के लिए मंदिर नहीं आ सकते तो मैं आपको दर्शन देने आपके घर आऊंगा...ब्रह्मांड की सरकार भक्तों के बीच उन्हें आशीर्वाद देने आई है। बता दें कि पात्रा पुरी से निर्वाचित सांसद हैं।
अदाणी समूह ने 'प्रसाद सेवा' शुरू की
जगन्नाथपुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा को लेकर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा, इस पावन अवसर पर, अदाणी परिवार पूरी ईमानदारी और श्रद्धा के साथ लाखों भक्तों की सेवा के लिए समर्पित है। प्रत्येक भक्त को स्वच्छ, पौष्टिक और प्रेमपूर्वक परोसा गया भोजन मिले, इस संकल्प के साथ हमने पुरी धाम में 'प्रसाद सेवा' शुरू की है। पुरी की इस पावन भूमि में एक सेवक के रूप में जुड़ना मेरे और पूरे अदाणी परिवार के लिए अत्यंत गर्व और संतोष की बात है।
सोने की झाड़ी से रथों को साफ करने की रस्म
ओडिशा की रथयात्रा में पुरी के पूर्व राजा गजपति महाराजा दिव्यसिंह देब भी शामिल होते हैं। इस साल भी रथयात्रा के दौरान उन्होंने पवित्र छेरा पोरा अनुष्ठान किया। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को सोने की झाड़ू से साफ किया जाता है।
ओडिशा के अलावा दिल्ली में भी जगन्नाथ रथयात्रा का आयोजन, CM रेखा गुप्ता हुईं शामिल
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजधानी के हौज खास इलाके में बने श्री जगन्नाथ मंदिर की तरफ से आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल हुईं।
सोशल मीडिया पर भी जगन्नाथ दर्शन के पर्याप्त बंदोबस्त
श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए वर्चुअल दर्शन के बंदोबस्त भी किए गए हैं। इसी कड़ी में महाप्रभु जगन्नाथ का दिव्य स्वरूप दिखा। सोशल मीडिया हैंडल पर जारी तस्वीरों में देखा जा सकता है कि पुष्प माला से सुसज्जित भगवान जगन्नाथ श्रद्धालुओं और सेवकों की बाहों में झूलते हुए अपने नंदीघोष रथ पर आरूढ़ हो रहे हैं।
जगन्नाथ रथ यात्रा पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैं छत्तीसगढ़ के सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा से प्रार्थना करता हूं कि छत्तीसगढ़ में समृद्धि आए और हर घर में खुशियां और संपदा बनी रहे।
पुरी रथ यात्रा तीन भाई देवताओं भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को उनके रथों पर लाने के साथ शुरू हुई।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पहांडी अनुष्ठान शुरू
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में पहांडी अनुष्ठान शुरू हुआ। इसमें भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को रथ यात्रा के लिए 12वीं सदी के मंदिर से उनके संबंधित रथों तक जुलूस के रूप में ले जाया गया। अनुष्ठान एक घंटे देरी से शुरू हुआ और तीन घंटे तक चलेगा। पहांडी में त्रिदेवों भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को जुलूस के रूप में सिंह द्वार के सामने खड़े उनके रथों तक ले जाया जाता है। जहां से उन्हें श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है। घंटियां, शंख और झांझ बजाते हुए चक्रराज सुदर्शन को सबसे पहले मुख्य मंदिर से बाहर लाया गया और देवी सुभद्रा के 'दर्पदलन' रथ पर बैठाया गया। पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा ने बताया कि सुदर्शन भगवान विष्णु का चक्र अस्त्र है, जिनकी पूजा पुरी में भगवान जगन्नाथ के रूप में की जाती है। सुदर्शन के पीछे भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बलभद्र थे। भगवान बलभद्र अपने तालध्वज रथ पर विराजमान हैं। जब भगवान जगन्नाथ मंदिर से बाहर आए, तो ग्रैंड रोड पर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, क्योंकि भक्तों ने हाथ उठाकर 'जय जगन्नाथ' का नारा लगाया।
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर ओडिशा के एडीजी एलएंडओ संजय कुमार ने कहा कि हमारा अनुमान है कि आज यहां 10 से 12 लाख लोग जुटेंगे। यहां भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। पूरे शहर को सुरक्षा कवर जोन में बदल दिया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमें खुफिया जानकारी मिली कि कुछ असामाजिक और राष्ट्र विरोधी तत्व गड़बड़ी पैदा करने का प्रयास कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए पूरी तरह से योजना बनाई है और स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए हैं। कई वरिष्ठ अधिकारी और 200 से अधिक ओडिशा पुलिस प्लाटून यहां तैनात किए गए हैं। RAF की तीन कंपनियों सहित CAPF की 8 कंपनियां तैनात की गई हैं। NSG, NSG स्नाइपर्स, COSG, कोस्ट गार्ड ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित कई GOI तकनीकी टीमें ओडिशा पुलिस के साथ सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा, कैनाइन टीम और ओडिशा की एंटी-सैबोटेज यूनिट जैसी विशेष इकाइयां सहायता के लिए यहां मौजूद हैं।
अहमदाबाद में रथ यात्रा के दौरान जुलूस में शामिल एक हाथी बेकाबू हो गया और उसने अजीब व्यवहार करना शुरू कर दिया। इसे तुरंत काबू में कर लिया गया और वहां से ले जाया गया। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि अग्निशमन विभाग, डॉक्टर और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
पूर्व मेदिनीपुर में भक्त रथ यात्रा में भाग लेने और जश्न मनाने के लिए दीघा जगन्नाथ मंदिर में एकत्र हुए।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह उत्सव सनातन संस्कृति की प्राचीनता के साथ-साथ उसकी निरंतरता का भी प्रतीक है। कई शताब्दियों से यह उत्सव एकता के प्रतीक के रूप में मनाया जाता रहा है, जो भारत के लोगों को एकजुट करता है और दुनिया भर के विभिन्न धर्मों के अनुयायियों को एक साथ लाता है। इसका प्रमाण हजारों वर्षों के लिखित इतिहास में मिलता है। सौभाग्य से मुझे इस रथ यात्रा में शामिल होने का अवसर मिला है, मुझे भगवान जगन्नाथ प्रभु के दर्शन करने का मौका मिलेगा, लेकिन सबसे बढ़कर मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे यहां पुरी पीठ पर आकर पुरी शंकराचार्य के दर्शन करने, उनका आशीर्वाद लेने, उनका संवाद सुनने का अवसर मिला है।
भगवान जगन्नाथ, उनके भाई भगवान बलभद्र और उनकी बहन देवी सुभद्रा को इस्कॉन कोलकाता में रथ यात्रा के लिए उनके रथों पर ले जाया जा रहा है।
अमेरिका में रहने वाली इक्वाडोर मूल की एक महिला भक्त ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल हुई। वह कहती है कि हम वास्तव में खुश हैं कि आज हम भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेंगे। हम यहां पहली बार आए हैं। मैं पूरी तरह से खुश महसूस कर रही हूं। दर्शन करना और यहां दूसरों के साथ अपनी भक्ति साझा करना एक सपना सच होने जैसा है।
पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा देखने के लिए श्री जगन्नाथ मंदिर के बाहर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है और वे आनंद मना रहे हैं।
पुरी से भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि अनादि काल से यह माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ स्वयं यहां निवास करते हैं और यहीं से वे ब्रह्मांड का संचालन करते हैं। 'स्नान पूर्णिमा' के बाद, पारंपरिक रूप से, भगवान बीमार पड़ जाते हैं और उनका इलाज किया जाता है। और आज, वे गुंडिचा मंदिर (अपनी मौसी के निवास) के लिए रवाना होंगे, जो 3 किमी दूर है। यह ओडिशा के लोगों द्वारा निभाई जाने वाली एक सुंदर परंपरा है... भगवान स्वयं अपने भक्तों को 'दर्शन' देने के लिए निकलते हैं।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मैं कामना करता हूं कि महाप्रभु के आशीर्वाद से पूरा देश और पूरा विश्व शांतिपूर्ण हो, और प्रगति और विकास हो - यही महाप्रभु हमेशा सोचते हैं। सनातन धर्म में एक अनूठी परंपरा है: एकमात्र धाम है जहां हर साल भगवान पूरे परिवार के साथ अपनी मौसी के घर जाते हैं। इसका मूल अर्थ यह है कि भगवान सामाजिक सद्भाव, समावेश और भाईचारे में विश्वास करते हैं।
रथ यात्रा से एक दिन पहले हजारों की संख्या में भक्तों ने मंदिर के सिंह द्वार पर पहुंचकर रत्न बेदी (गर्भगृह में पवित्र मंच) पर भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ के नबाजौबन दर्शन (युवा रूप) किए। मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ साल में एक बार अपनी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ अपनी मौसी के घर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। यह रथ यात्रा कुल 12 दिनों तक चलेगी और इसका समापन 8 जुलाई 2025 को नीलाद्रि विजय के साथ होगा, जब भगवान पुनः अपने मूल मंदिर में लौटेंगे। हालांकि रथ यात्रा का आयोजन 12 दिनों का होता है, इसकी तैयारियां महीनों पहले से शुरू हो जाती हैं। इस रथ यात्रा के दौरान कई धार्मिक रस्में, अनुष्ठान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
पीएम मोदी ने भी दीं शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पवित्र अवसर पर सभी देशवासियों को मेरी ढेरों शुभकामनाएं। श्रद्धा और भक्ति का यह पावन उत्सव हर किसी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए, यही कामना है। जय जगन्नाथ!
राष्ट्रपति ने दीं जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को देशवासियों को जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पवित्र रथ यात्रा के अवसर पर मैं देश-विदेश में रह रहे महाप्रभु जगन्नाथ के भक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। रथ पर विराजमान बड़े ठाकुर बलभद्र, महाप्रभु श्रीजगन्नाथ, देवी सुभद्रा और चक्रराज सुदर्शन के दर्शन करके लाखों भक्त दिव्य अनुभूति प्राप्त करते हैं। इन ईश्वरीय स्वरूपों की मानवीय लीला ही रथ यात्रा की विशेषता है। इस पुण्य अवसर पर महाप्रभु श्रीजगन्नाथ से मेरी यह प्रार्थना है कि पूरे विश्व में शांति, मैत्री और स्नेह का वातावरण रहे।
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत हो रही है। यह भव्य यात्रा पुरी के जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। जगन्नाथ रथ यात्रा में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। 12 दिन चलने वाली रथ यात्रा को लेकर भक्त उत्साहित हैं। वहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जगन्नाथ रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। यहां पढ़िए जगन्नाथ रथ यात्रा के लाइव अपडेट्स...।