ओडिशा में चिल्का झील के भीतर स्थित कंकण शिखरी में जगन्नाथ रथ यात्रा एक बेहद अनोखे अंदाज में मनाई जा रही है। यहाँ महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की इस वार्षिक नौ दिवसीय यात्रा को पारंपरिक रथों के बजाय नावों पर आयोजित किया जा रहा है।
इस अनोखी रथ यात्रा का गवाह बनने के लिए राज्य के साथ-साथ देशभर से भारी संख्या में श्रद्धालु चिल्का के इस द्वीप पर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की इस भारी भीड़ को देखते हुए खोर्धा जिला प्रशासन, पुलिस, मंदिर प्रबंधन और चिल्का वन्यजीव प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े और इंतजाम किए गए हैं।
#WATCH | Khordha, Odisha: At Kankana Sikhari, located within lake Chilika, Jagannath Rath Yatra being celebrated in a unique way, with the annual nine-day sojourn of the Holy Trinity observed on boats.
— ANI (@ANI) July 16, 2026
A large number of devotees from state as well as across the country visit… pic.twitter.com/8N3DcEUmun
ओडिशा के प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात हो गए। इस दौरान कई श्रद्धालु बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। X पर एक पोस्ट में, ओडिशा पुलिस ने कहा, ओडिशा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की विशेष बचाव इकाई (एसआरयू) ने भारी भीड़ से 33 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचाया है। बचाए गए श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन सहायता प्रदान की गई, जिसके बाद उन्हें आगे के चिकित्सा उपचार के लिए पास के अस्पतालों में ले जाया गया।
#WATCH | Puri, Odisha: Visuals from District Headquarters Hospital, Puri, where several devotees who were rescued from massive crowd congestion during the Jagannath Rath Yatra, are being brought
— ANI (@ANI) July 16, 2026
In a post on X, the Odisha Police stated, "The Special Rescue Unit (SRU) of the… pic.twitter.com/H6dm0Dbp3U
ओडिशा के पुरी में प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिससे एक श्रद्धालु की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। मामले में पुलिस और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में कई जगह रथ यात्रा उत्सवों में भाग लिया। उन्होंने मंदिरों के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। अधिकारी ने कोलकाता में इस्कॉन रथ यात्रा का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संन्यासियों के साथ भगवान जगन्नाथ के भजन और कीर्तन भी गाए। इस्कॉन के संन्यासियों ने बताया कि यह पहली बार था जब किसी बड़े नेता ने इस तरह भक्तों के साथ कीर्तन में हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले भी इस यात्रा का उद्घाटन कर चुकी हैं, लेकिन शुभेंदु अधिकारी का कीर्तन में शामिल होना इस बार विशेष रहा।
इसके बाद अधिकारी पूर्व मेदिनीपुर जिले के तामलुक में ऐतिहासिक महाप्रभु मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने रथ यात्रा का उद्घाटन किया और पारंपरिक वाद्य यंत्र 'खोल' बजाया। उन्होंने भक्तों के साथ 'हरे कृष्ण' महामंत्र का जाप भी किया। अधिकारी ने कहा कि उनका इस उत्सव में आना राजनीति से प्रेरित नहीं है। वे पिछले दस वर्षों से एक भक्त के रूप में यहां आ रहे हैं। वे खुद को सनातन धर्म का अनुयायी और भगवान जगन्नाथ का सेवक मानते हैं। इसके बाद उन्होंने मेचेदा में भी रथ यात्रा का उद्घाटन किया, जहां हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।
मणिपुर में गुरुवार को रथयात्रा, जिसे स्थानीय भाषा में "कांग" या "कांगचिंगबा" कहा जाता है, गहरी आस्था और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाई गई। राजधानी इंफाल स्थित ऐतिहासिक श्री श्री गोविंदजी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। वैष्णव परंपरा का पालन करने वाले मैतेई समुदाय के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में शामिल कांग उत्सव भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की वार्षिक रथयात्रा के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व केवल गोविंदजी मंदिर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि राज्य के विभिन्न मंदिरों और मोहल्लों में भी पूरे उत्साह के साथ आयोजित किया जाता है।
उत्सव का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं से सुसज्जित विशाल लकड़ी के रथ को श्रद्धालुओं द्वारा खींचना रहा। मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर निकली इस शोभायात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन के बीच रथ को खींचते हुए आगे बढ़े। संकीर्तन कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।पारंपरिक मणिपुरी परिधानों में सजे श्रद्धालुओं ने उत्सव की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाया। महिलाओं ने पारंपरिक इनाफी और आभूषण धारण किए, जबकि पुरुष भी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। इससे धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिली।
शाम के समय पारंपरिक धार्मिक नृत्य "चोइतेप चोंगबा" का आयोजन किया गया, जिसे देवताओं के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद सामूहिक प्रार्थना हुई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में खिचड़ी वितरित की गई। मणिपुर में कांग उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है। सदियों पुरानी वैष्णव परंपराओं से जुड़ा यह पर्व आज भी राज्य की सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक सहभागिता को मजबूती प्रदान कर रहा है।
भाजपा सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल ने जिंदल नगर में सावित्री जिंदल और अन्य श्रद्धालुओं के साथ रथ यात्रा मनाई। इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर मैं देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। आज का दिन अत्यंत शुभ है। मैं भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करता हूं कि वे प्रत्येक घर को सुख और समृद्धि से भर दें। मैं देश भर में शांति और विकास के लिए, और विश्व भर में शांति के लिए भी प्रार्थना करता हूं, क्योंकि भगवान जगन्नाथ ब्रह्मांड के स्वामी हैं। विश्व भर में शांति हो। यही मेरी ईश्वर से प्रार्थना है।
VIDEO | Devotees gather for Jagannath Rath Yatra in Jammu.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/R9wytFi3OD
VIDEO | UP: Devotees gather as Jagannath Rath Yatra begins in Prayagraj.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/NnKlzYa6MB
रथयात्रा के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली के त्यागराज नगर में आयोजित जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा करने के बाद उनके रथ को भी खींचा। इस दौरान भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज उनके साथ मौजूद रहीं। रक्षामंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने की वजह से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर दिया गया था।
#WATCH | Puri | On the auspicious occasion of Rath Yatra, sand artist and Padma Shri awardee Sudarsan Pattnaik created a special sand sculpture at Puri Beach, Odisha featuring Mahaprabhu Jagannath and 100 miniature sand chariots.
— ANI (@ANI) July 16, 2026
(15.07) pic.twitter.com/jcYbMGRgXr
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि आज महाप्रभु श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की पावन रथ यात्रा का शुभ दिन है। उन्होंने कहा कि कुछ ही देर में महाप्रभु मंदिर से बाहर निकलेंगे और पारंपरिक पाहंडी अनुष्ठान के बीच रथ पर विराजमान होंगे। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि यह पवित्र अवसर स्वयं महाप्रभु ने अपने भक्तों और आम जन को दर्शन देने के लिए निर्धारित किया है। उन्होंने बताया कि वह मंदिर जा रहे हैं, जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के साथ-साथ गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य का भी आशीर्वाद लेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह महाप्रभु से ओडिशा, पूरे भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी देशवासियों के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कामना की कि भारत निरंतर प्रगति करे और विश्व को मार्गदर्शन देने वाला राष्ट्र बने।
#WATCH | Gujarat | Union Home Minister Amit Shah performed mangala aarti and had darshan of Lord Jagannath at Shree Jagannathji Mandir, Ahmedabad.#RathYatra pic.twitter.com/GXqb3Zt8pV
— ANI (@ANI) July 15, 2026
गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथ यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। यात्रा का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक 'पाहिंद विधि' निभाकर किया। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के तीनों रथों के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस दौरान उनके साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री भी मौजूद रहें।
#WATCH | Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel and Deputy Chief Minister Harsh Sanghavi performed Pahind Vidhi for Lord Jagannath Rathyatra in Ahmedabad. pic.twitter.com/eSeEKrtSEK
— ANI (@ANI) July 16, 2026
रथयात्रा के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मी ने एक्स पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने लिखा कि महाप्रभु की रथयात्रा के पावन अवसर पर मैं देश-विदेश में श्रीजगन्नाथ के सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। लोकमान्यता है कि इस पवित्र यात्रा की महान परंपरा के दौरान चक्रराज सुदर्शन, बड़े भाई बलभद्र तथा बहन सुभद्रा सहित महाप्रभु श्रीजगन्नाथ भक्तों से मिलते हैं। भक्तों और भगवान के मिलन का यह भावपूर्ण अवसर अद्वितीय होता है। मेरी प्रार्थना है कि महाप्रभु श्रीजगन्नाथ की कृपा से हमारे देश और देशवासियों की सुख-समृद्धि में निरंतर वृद्धि होती रहे। जय जगन्नाथ!