इसरो प्रमुख सोमनाथ बोले, समुद्र से प्राप्त किया गया क्रू मॉड्यूल
गगनयान मिशन के पहले सफल परीक्षण उड़ान पर इसरो प्रमुख एस सोमनाथ की प्रतिक्रिया सामने आई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, क्रू मॉड्यूल को समुद्र से पूरी तरह से प्राप्त कर लिया गया है। जिसमें कोई विसंगति नहीं पाई गई है। सभी डेटा अच्छे दिखाई दे रहे हैं। गगनयान मिशन के तहत 20 परीक्षणों की एक श्रृंखला है। जिसे समय-समय पर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आज का परीक्षण क्रू एस्केप मॉड्यूल के लिए था।
भारतीय नौसेना ने गगनयान मिशन के क्रू मॉड्यूल को दोबारा प्राप्त किया
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा परीक्षण रेंज से गगनयान मिशन के व्हीकल टेस्ट फ्लाइट (टीवी-डी1) का पहला परीक्षण किया गया। गगनयान मिशन के लिए टेस्ट उड़ान टीवी-डी1 को लॉन्च किया गया। अंतरिक्ष में भेजने के बाद इसे सफलतापूर्वक बंगाल की खाड़ी में उतार लिया गया। भारतीय नौसेना ने गगनयान मिशन के क्रू एस्केप मॉड्यूल को फिर से प्राप्त कर लिया है। भारतीय नौसेना ने कहा, हमारी इकाइयों ने क्रू मॉड्यूल को दोबारा प्राप्त कर लिया है। व्यापक योजना, नौसेना के गोताखोरों के प्रशिक्षण, एसओपी के निर्माण और भारतीय नौसेना और इसरो की संयुक्त टीमों ने संचार द्वारा मार्ग को प्रशस्त किया।
पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि यह प्रक्षेपण हमें भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, गगनयान को साकार करने के एक कदम और करीब ले जाता है। इसरो के हमारे वैज्ञानिकों को मेरी शुभकामनाएं।
इसरो के गगनयान (टीवी-डी-1) टेस्ट मिशन की सफलता पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "इस कामयाबी से गगनयान की यात्रा का जो आखिरी पड़ाव है उसकी तरफ हमने पहला कदम बढ़ाया है। आज की सफलता के बाद एक के बाद एक लॉन्च किए जाएंगे... 2025 में हम गगनयान भेजेंगे।"
गगनयान (टीवी-डी-1) टेस्ट मिशन: क्रू एस्केप मॉड्यूल के बंगाल की खाड़ी में सफलतापूर्वक गिरने का परीक्षण पूरा कर लिया गया। इसरो ने इससे जुड़ा वीडियो भी जारी किया है।
इसरो ने बताया कि फ्लाइट टेस्ट व्हीकल अबॉर्ट मिशन1 में किसी अनहोनी की दशा में अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने में यह क्रू-एस्केप प्रणाली काम आएगी। उड़ान भरते समय अगर मिशन में गड़बड़ी हुई तो यह प्रणाली क्रू मॉड्यूल के साथ यान से अलग हो जाएगी, कुछ समय उड़ेगी और श्रीहरिकोटा से 10 किमी दूर समुद्र में उतरेगी। इसमें मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों को नौसेना की ओर से समुद्र से सुरक्षित वापस लाया जाएगा।
इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने गगनयान की सफलता को लेकर कहा, "मुझे गगनयान टीवी-डी1 मिशन की सफलता की घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है।" उन्होंने टीवी-डी-1 टेस्ट मिशन: क्रू एस्केप मॉड्यूल की सफल लैंडिंग के बाद वैज्ञानिकों को बधाई दी।
इसरो के गगनयान मिशन के पहले टेस्ट मिशन (टीवी-डी-1) का लॉन्च सफल रहा। क्रू एस्केप मॉड्यूल लॉन्च के बाद अंतरिक्ष में पहुंचा और फिर सही-सलामत बंगाल की खाड़ी में उतर गया।
श्रीहरिकोटा: गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया।
परीक्षण के तहत तरल ईंधन पर चलने वाले सिंगल स्टेज रॉकेट के साथ गगनयान के क्रू मॉड्यूल को अंतरिक्ष में भेजा गय है। उड़ान के करीब एक मिनट बाद 12 से 17 किमी की ऊंचाई पर अभियान को रद्द करने की कमांड दी जाएगी। इस कमांड के साथ ही क्रू एस्केप सिस्टम सक्रिय हो जाएगा और 90 सेकंड में यह क्रू मॉड्यूल से अलग हो जाएगा। इसके बाद क्रू मॉड्यूल वापस पृथ्वी पर लौटेगा।
गगनयान की पहली परीक्षण उड़ान की श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक लॉन्चिंग हो गई है।
गगनयान के परीक्षण मिशन को लॉन्चिंग से 5 सेकंड पहले रोकने को लेकर इसरो प्रमुख ने बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि टेस्ट फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाई, क्योंकि इसके इंजन शुरू नहीं हुए। हालांकि, अब गगनयान की टेस्ट फ्लाइट सुबह 10 बजे लॉन्च की जाएगी।
ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ ने गगनयान के पहले टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन -1 (टीवी-डी1) के लॉन्च को होल्ड पर डालने की जानकारी दी। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा, "लिफ्ट-ऑफ का प्रयास आज नहीं हो सका...व्हीकल सुरक्षित है... हम जल्द ही वापस लौटेंगे... जो कंप्यूटर काम कर रहा है उसने लॉन्च रोक दिया है... हम इसे ठीक करेंगे और जल्द ही लॉन्च शेड्यूल करेंगे।"
गगनयान मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट को इसरो की तरफ से रोका गया है। लॉन्चिंग से ठीक पहले अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने इसकी लॉन्चिंग रोकने का फैसला किया। बताया गया है कि खराब मौसम की वजह से परीक्षण को टाला गया है।
2025 में जब भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष अभियान गगनयान के तहत अंतरिक्ष यात्री धरती से 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में तीन दिन बिताने जाएंगे, तब किसी भी वजह से अंतरिक्ष यात्रियों को नहीं खोना पड़े, इसके लिए कुल छह परीक्षण की शृंखला में यह पहला परीक्षण है। इसरो के इस परीक्षण से क्रू इस्केप सिस्टम (सीईएस) की क्षमता और दक्षता के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी। इसके अलावा किसी आपात परिस्थिति में अभियान को बीच में ही रद्द किए जाने पर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित बचाने की रणनीति को फेल-सेफ बनाने में मदद मिलेगी।
गगनयान भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन है, इसे अगले साल के आखिर या 2025 की शुरुआत तक भेजा जा सकता है। 2024 में मानव रहित परीक्षण उड़ान होगी, जिसमें एक व्योममित्र रोबोट भेजा जाएगा।
मिशन का सीधा प्रसारण इसरो की वेबसाइट http://isro.gov.in के अलावा https://facebook.com/ISRO और यूट्यूब लिंक https://youtube.com/watch?v=BMig6ZpqrIs पर देखा जा सकता है। इसके अलावा डीडी नेशनल टीवी चैनल पर भी इस परीक्षण उड़ान का सीधा प्रसारण होगा।
गगनयान मिशन के टेस्ट परीक्षण को देखने के लिए बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे हैं। श्रीहरिकोटा में हो रही इस विशेष लॉन्चिंग के लिए अलग-अलग स्कूल के बच्चे लाए गए हैं।
यह परीक्षण गगनयान अभियान के अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। परीक्षण के जरिये ऐसी काल्पनिक स्थिति में अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी की प्रणाली को परखा जाएगा, जिसमें किसी वजह से अभियान को बीच में ही रद्द करना पड़ जाए।
इस बीच इसरो ने एक्स पर पोस्ट में गगनयान के पहले उड़ान परीक्षण को 30 मिनट टालने की जानकारी दी। इसरो ने इसके पीछे कोई वजह नहीं बताई, हालांकि बादल और हल्की बारिश को देरी की वजह बताया जा रहा है।
Gaganyaan Mission Test Flight live updates: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज श्रीहरिकोटा परीक्षण रेंज से गगनयान मिशन के व्हीकल टेस्ट फ्लाइट (टीवी-डी1) का पहला परीक्षण करेगा। गगनयान मिशन के लिए टेस्ट उड़ान टीवी-डी1 को सुबह आठ बजे लॉन्च किया जाएगा। इसरो ने मानव सहित गगनयान मिशन की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए क्रू मॉड्यूल को सही-सलामत उतारने की तैयारी पूरी कर ली है।