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Assembly Election Dates Highlights: चुनावी हिंसा से SIR तक, ECI से पूछे गए सवाल; आरोपों पर भी CEC ने दिया जवाब

Sun, 15 Mar 2026 06:06 PM IST
Nitin Gautam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ECI Press Conference, Vidhan Sabha Election Date Highlights: चुनाव आयोग आज चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर रहा है। इसमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा रही है। इन सभी प्रदशों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। यहां पढ़ें चुनावी तारीखों से जुड़े सभी अहम अपडेट्स...

Assembly Election: कहीं 445 वोटर के लिए पोलिंग बूथ, कहीं नदी पार कर वोटिंग कराने जाएंगे; जानें 10 बड़ी बातें
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चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव की घोषणा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में पिछले विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हुए थे और असम में तीन चरणों में। तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में एक-एक चरण में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस बार उम्मीद की जा रही है कि कम चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। 
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चुनाव आयोग करेगा प्रेस वार्ता

कई महीनों से चल रही सियासी अटकलों और चुनावी चर्चाओं के बीच अब बड़ा ऐलान होने वाला है। चुनाव आयोग आज रविवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर सकता है।

चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने हैं चुनाव

बता दें कि भारत में इस साल पश्चिम बंगाल, असाम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं। इसके लिए चुनाव आयोग प्रेस वार्ता में चुनाव की तारीख और चुनाव के सारे कार्यक्रम की घोषणा करने वाला है। 

एलान के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो सकती है

इन राज्यों में पिछले कुछ समय से चुनावी तैयारियां तेज थीं और राजनीतिक दल लगातार रैलियां, रणनीति बैठकें और उम्मीदवारों की घोषणा कर रहे थे। चुनाव आयोग के अनुसार इन राज्यों में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने की संभावना बढ़ गई है। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो सकती है।

असम में आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की

एक तरफ जहां पूरे देश की नजर चुनाव आयोग की आज होने वाले प्रेस वार्ता पर है। तो दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में 14 उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया है। इस खबर को विस्तार से यहां पढ़ा जा सकता है। 

पश्चिम बंगाल में तीन से चार और असम में दो चरणों में मतदान होने की संभवाना

सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा चुनावी मुकाबला होगा, जहां मतदान 3 से 4 चरणों में कराया जा सकता है। वहीं, असम में दो चरणों में वोटिंग की संभावना है। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराए जाने की तैयारी है।

चुनाव आयोग क्या योजना बना रहा?

चुनाव आयोग सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कार्यक्रम और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध मतदान की योजना बना रहा है। खासकर पश्चिम बंगाल में बड़ी आबादी, संवेदनशील इलाके और सुरक्षा कारणों को देखते हुए बहु-चरणीय मतदान कराना जरूरी माना गया है। इस तरह की तैयारी से चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सकेगी। ये चुनाव राजनीतिक दलों और जनता दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। राजनीतिक दल अपनी रणनीति अंतिम रूप देंगे और मतदाता भी मतदान की तैयारियों में जुटेंगे।

सीएम ममता ने पुजारी-मुअज्जिनों की मानदेय राशि बढ़ाने का किया एलान

इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के पुजारी और मुअज्जिनों को लेकर बड़ा दांव खेला है। सीएम ममता ने एलान किया है कि अब राज्य के पुजारी और मुअज्जिनों को उनकी मासिक मानदेय राशि 500 रुपये बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। सीएम ने कहा कि ये लोग हमारी समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें यह सहयोग दिया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें

चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू

चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीख की घोषणा के लिए चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो गई है।

आयोग सभी चुनावी राज्यों का किया दौरा- सीईसी

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- पिछले कुछ दिनों में आयोग सभी चुनावी राज्यों में पहुंचा। हमने वहां विधानसभा चुनाव की तैयारियों को देखा। हमने सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात की और उनकी सलाह ली। हमने सभी प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों से बात की और राज्यों के चुनाव अधिकारियों से भी मुलाकात की। ईसी ने बीएलओ को बेहतर काम करने के लिए सराहा।

हमने चुनावी राज्यों में तैयारियों की समीक्षा की- सीईसी

सीईसी ने इस दौरान बताया कि पिछले कुछ दिनों में हमने सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की। इन यात्राओं के दौरान हमने सभी राजनीतिक दलों से बात की और उनके सुझाव लिए। जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस अफसरों से भी बात की गई। राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों से भी चर्चा की गई। युवा और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी बात की गई। पांच राज्य की भौगोलिक और सांस्कृतिक स्थितियां अलग-अलग हैं। इन राज्यों में एसआईआर किया गया ताकि कोई भी योग्य मतदाता न छूटे।

चुनावी राज्यों में कराया गया एसआईआर- सीईसी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- जैसा कि आप सब जानते हैं कि सभी पांच राज्यों-यूटी अलग-अलग भौगोलिक स्थिति और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। स्वच्छ मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा हैं। इसके लिए हमने विशेष गहन पुनरीक्षण कराया, ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य मतदाता न छूटें और कोई भी ऐसा व्यक्ति मतदाता सूची में न जुड़े जो योग्य नहीं है।

चुनाव का पर्व हम, सबका गर्व है- ज्ञानेश कुमार

सीईसी ने प्रेस वार्ता में कहा कि- मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि अब आप सबसे अहम जिम्मेदारी उठाने जा रहे हैं। मतदान का अधिकार। आप गर्व से और जिम्मेदारी से अपने वोट का इस्तेमाल करें। आपका वोट आपका मत है। चुनाव का पर्व हम, सबका गर्व है।

चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश में क्या हैं आंकड़े

पांच चुनावी राज्यों में ऐसे हैं आंकड़े
  • कुल मतदाता: 17.4 करोड़
  • कुल विधानसभा सीटें: 824
  • कुल मतदान केंद्र: 2.19 लाख
  • कुल मतदान अधिकारी: 25 लाख

'किसी भी लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची होती है'

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस दौरान विशेष मतदाता सूची संशोधन के उद्देश्य को समझाते हुए कहा, 'किसी भी लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची होती है। इसी उद्देश्य से संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत विशेष गहन संशोधन किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। मैं इस कार्य में शामिल सभी बूथ स्तरीय अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, जिला चुनाव अधिकारियों और सभी चुनाव अधिकारियों को इसके सुचारू संचालन और सफल समापन के लिए बधाई देता हूं।'
 

25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे- सीईसी

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र औसतन 750-900 मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा; 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।

इस दौरान एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 चुनाव आयोग को यह संवैधानिक दायित्व देता है कि वह सिर्फ पात्र लोगों को ही मतदाता सूची में रखे। चुनाव आयोग यह जिम्मेदारी एसआईआर के जरिए निभाता आया है। जहां तक राजनीतिक व्यक्तियों या राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए राजनीतिक बयानों की बात है, आयोग इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। चुनाव से पहले दिए गए वक्तव्यों या फैसलों पर चुनाव आयोग का टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। 

वहीं आचार संहिता से ठीक पहले हुई घोषणाओं पर उन्होंने कहा कि जहां तक कुछ राज्यों द्वारा आचार संहिता के लागू होने के ठीक पहले घोषणाएं करने की बात है, लोकतांत्रिक व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकारें आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले कोई भी नीति या निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आचार संहिता लागू होने के बाद इसकी इजाजत नहीं है और पांच राज्यों में यह आचार संहिता अभी से लागू हो गई है।  इसके साथ ही चुनावी हिंसा पर सीईसी ने कहा कि राजनीतिक हिंसा और चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को चुनाव आयोग बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। जहां तक गलत जानकारी फैलाने या डीप फेक की बात है, हमारे नोडल ऑफिसर इसकी निगरानी करेंगे और उचित लगने पर एफआईआर की व्यवस्था करेंगे।

चुनाव के लिए आयोग ने क्या की तैयारियां?

पांच राज्यों के चुनाव में इस बार नया क्या?

  • मतदान केंद्रों में मोबाइल जमा करने की सुविधा। 
  • ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम। 
  • प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता। 
  • मतदान केंद्र से 100 मीटर के बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति।
  • अधिक स्पष्ट और बेहतर मतदाता सूचना पर्ची। 
  • सभी प्रमुख मतदाता सेवाओं और सभी हितधारकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म।
  • सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग। 
  • हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा।

Assembly Election Date 2026: किस राज्य में क्या है आंकड़े

  • पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं 
  • असम में कुल 2.5 करोड़ मतदाता है 
  • केरल में 2.70 करोड़ मतादाता हैं 
  • केरल में 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं 
  • असम में 31 हजार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं
  • 25 लाख चुनाव अधिकारी तैनात किए गए हैं 
  • 5 राज्यों में 17.4 करोड़ वोटर हैं 
  • 5 राज्यों में 218870 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं 
  • 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी  नियुक्त किए गए हैं 
  • काउंटिग के लिए 40 हजार कर्मचारी नियुक्त किए गए 
  • पुडुचेरी में 5 लाख महिला मतदाता है

Assembly Election Date 2026: चार राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश चुनावी तारीख का एलान

  • केरल- 9 अप्रैल
  • असम- 9 अप्रैल
  • पुदुचेरी- 9 अप्रैल
  • तमिलनाडु- 23 अप्रैल
  • पश्चिम बंगाल- 23 और 29 अप्रैल 
  • नतीजे- 4 मई


चुनावी राज्यों में चुनाव से जुड़ी अहम तारीखें

असम

  • सीटें: 126, बहुमत: 64
  • अधिसूचना- 16 मार्च
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 23 मार्च
  • नामांकन पत्रों की जांच- 24 मार्च
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 26 मार्च
  • मतदान- 9 अप्रैल
  • नतीजे-  4 मई
 

पुदुचेरी

  • सीटें: 30, बहुमत: 16
  • अधिसूचना- 16 मार्च
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 23 मार्च
  • नामांकन पत्रों की जांच- 24 मार्च
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 26 मार्च
  • मतदान- 9 अप्रैल
  • नतीजे-  4 मई

केरल

  • सीटें: 140, बहुमत: 71
  • अधिसूचना- 16 मार्च
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 23 मार्च
  • नामांकन पत्रों की जांच- 24 मार्च
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 26 मार्च
  • मतदान- 9 अप्रैल
  • नतीजे-  4 मई
 

तमिलनाडु

  • सीटें: 234, बहुमत: 118
  • अधिसूचना- 30 मार्च
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 6 अप्रैल
  • नामांकन पत्रों की जांच- 7 अप्रैल
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 9 अप्रैल
  • मतदान- 23 अप्रैल
  • नतीजे- 4 मई
 

पश्चिम बंगाल

  • सीटें: 294, बहुमत: 148
  • पहला चरण (152 सीटें) 
  • अधिसूचना- 30 मार्च
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 6 अप्रैल
  • नामांकन पत्रों की जांच- 7 अप्रैल
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 9 अप्रैल
  • मतदान- 23 अप्रैल
  • नतीजे- 4 मई
-----
  • दूसरा चरण (142 सीटें)
  • अधिसूचना- 2 अप्रैल
  • नामांकन की आखिरी तारीख- 9 अप्रैल
  • नामांकन पत्रों की जांच- 10 अप्रैल
  • नाम वापसी की आखिरी तारीख- 13 अप्रैल
  • मतदान- 29 अप्रैल
  • नतीजे- 4 मई
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राजनीतिक दलों के आरोप और चुनावी हिंसा पर आयोग का जवाब

चुनावी तारीखों के एलान के बाद चुनाव आयोग से कई सवाल पूछ गए। जिसमें एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोप, आचार संहिता से ठीक पहले हुई घोषणाओं के साथ-साथ चुनावी हिंसा के सवाल पर सीईसी ने जवाब दिए हैं।

एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोप
एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर लगे आरोपों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत के संविधान का अनुच्छेद 326 चुनाव आयोग को यह संवैधानिक दायित्व देता है कि वह सिर्फ पात्र लोगों को ही मतदाता सूची में रखे। चुनाव आयोग यह जिम्मेदारी एसआईआर के जरिए निभाता आया है। जहां तक राजनीतिक व्यक्तियों या राजनीतिक दलों की ओर से दिए गए राजनीतिक बयानों की बात है, आयोग इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। चुनाव से पहले दिए गए वक्तव्यों या फैसलों पर चुनाव आयोग का टिप्पणी करना ठीक नहीं होगा। 

आचार संहिता से ठीक पहले हुई घोषणा
उन्होंने कहा कि जहां तक कुछ राज्यों द्वारा आचार संहिता के लागू होने के ठीक पहले घोषणाएं करने की बात है, लोकतांत्रिक व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकारें आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले कोई भी नीति या निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि, आचार संहिता लागू होने के बाद इसकी इजाजत नहीं है और पांच राज्यों में यह आचार संहिता अभी से लागू हो गई है। 

चुनावी हिंसा पर ईसीआई का जवाब
उन्होंने कहा कि राजनीतिक हिंसा और चुनाव को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम को चुनाव आयोग बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। जहां तक गलत जानकारी फैलाने या डीप फेक की बात है, हमारे नोडल ऑफिसर इसकी निगरानी करेंगे और उचित लगने पर एफआईआर की व्यवस्था करेंगे।
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