प्रधानमंत्री मोदी ने बनाई नई सैन्य नीति आतंकियों को दी कड़ी चेतावनी : नायडू
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की नई सैन्य नीति को आकार दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को उन्होंने पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवादियों के प्रति सख्त चेतावनी करार दिया। नायडू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आज पीएम मोदी न सिर्फ बोले, बल्कि उन्होंने भारत के नए सिद्धांत को परिभाषित किया। उनका संबोधन आतंकियों के लिए चेतावनी और दुनिया के लिए भारत की ताकत का संदेश था। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी ड्रोन और हथियारों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे नहीं झुकेगा और आतंकवाद के साथ व्यापार या वार्ता नहीं हो सकती। नायडू ने कहा, हमने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई सिर्फ स्थगित की है। उनके व्यवहार पर भविष्य की कार्रवाई निर्भर करेगी। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत शांतिपूर्ण इरादों, मजबूत सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ खड़ा है। उन्होंने देशवासियों से एकजुट रहने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी आतंकवाद पर सख्ती के संदेश को दोहराया
ऑपरेशन सिंदूर पर पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'आज पीएम मोदी ने 3 नए मानदंडों का जिक्र किया है। सबसे पहले उन्होंने कहा कि इसके बाद अगर देश में कोई भी आतंकी घटना होती है तो उसे भारत के साथ युद्ध के तौर पर देखा जाएगा और भारत उसी तरह से जवाबी कार्रवाई कर मुंहतोड़ जवाब देगा। दूसरी बात, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि हम परमाणु ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेंगे। तीसरी बात यह है कि अब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों पर कहता था कि यह नॉन स्टेट एक्टर्स द्वारा किया गया है, लेकिन अब आतंक के आका और सरकार में भारत कोई अंतर नहीं करेगा। भारत उन्हें एक ही नजर से देखेगा और उसी तरह से जवाबी कार्रवाई करेगा।'
सीजफायर के बीच सूत्रों का बड़ा दावा- भारत अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार के मुद्दे पर बात नहीं
भारत और अमेरिका के संबंधों पर लगातार बयानबाजी हो रही है। हालांकि, व्यापार के मुद्दे पर भारत-अमेरिका के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच बात नहीं होने का दावा किया गया है। यहां तक कि द्विपक्षीय व्यापार का ये मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच हुई बातचीत का भी हिस्सा नहीं था। सूत्रों ने ये दावा किया है।
गृह मंत्री अमित शाह का बयान
20 मिनट से अधिक समय तक चले प्रधानमंत्री मोदी के वक्तव्य के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, राष्ट्र हमारे सशस्त्र बलों की अद्वितीय वीरता को सलाम करता है - जो हमारे दुश्मनों के विध्वंसक और भारत की ढाल हैं। हम अपनी रक्षा की पहली पंक्ति, बीएसएफ के साहसी कर्मियों को भी सलाम करते हैं। हमारे बलों की बहादुरी हमारे गौरवशाली इतिहास में हमेशा के लिए अंकित रहेगी। मैं हमारे निर्दोष भाइयों की दिवंगत आत्माओं को न्याय दिलाने में उनके अनुकरणीय नेतृत्व के लिए पीएम मोदी को बधाई देता हूं।' बकौल गृह मंत्री शाह- पीएम मोदी कई बार साबित कर चुके हैं कि भारत का कोई भी दुश्मन बख्शा नहीं जाएगा।
पीएम मोदी के संबोधन के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी के संबोधन पर प्रतिक्रिया दी।
पाकिस्तान से बात होगी, तो पीओके पर होगी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूंगा कि हमारी घोषित नीति रही है कि अगर पाकिस्तान से बात होगी तो आतंकवाद पर ही बात होगी। अगर पाकिस्तान से बात होगी तो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर पीओके पर ही होगी। प्रिय देशवासियो! आज बुद्ध पूर्णिमा है। भगवान बुद्ध ने हमें शांति का रास्ता दिखाया। शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर जाता है। मानवता शांति और समृद्धि की ओर बढ़े, हर भारतीय शांति से जी सकते, विकसित भारत के सपने को पूरा सके, इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना बहुत जरूरी है और आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का इस्तेमाल भी जरूरी है और पिछले कुछ दिनों में भारत ने यही किया है।
उन्होंने कहा, मैं एक बार फिर भारत की सेना और सशस्त्र बलों को सलाम करता हूं। हम भारतवासियों के हौसले, हर भारतवासी का एकजुटता का सफर और संकल्प को नमन करता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। भारत माता की जय।
आतंकवाद के खिलाफ हमारी एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत होगी: पीएम नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, साथियो! हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ हम सभी का एकजुट रहना, हमारी एकता हमारी सबसे शक्ति होगी। निश्चित तौर पर यह युग युद्ध का नहीं है, लेकिन यह युग आतंकवाद का भी नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस बेहतर दुनिया की गारंटी है। पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे हैं, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर (आतंकी ठिकानों) का सफाया करना ही होगा। इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है। भारत का मत एकदम स्पष्ट है- टेरर और टॉक, एकसाथ नहीं हो सकते। टेरर और ट्रेड एकसाथ नहीं चल सकते। ...और पानी और खून भी एकसाथ नहीं बह सकता।
आतंकवादियों को विदाई देने उमड़ बड़े पाकिस्तानी अफसर: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने पाकिस्तान का वह घिनौना सच देखा है, जब मारे गए आतंकियों को विदाई देने पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। राज्य प्रायोजित आतंकवाद का यह बहुत बड़ा सबूत है। हम भारत और अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे।
' साथियो! युद्ध के मैदान पर हमने हर बार पाकिस्तान को धूल चटाई है और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने नया आयाम जोड़ा है। हमने रेगिस्तान और पहाड़ों में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। साथ ही न्यू एज वारफेयर में भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इस ऑपरेशन के दौरान हमारे मेड इन इंडिया हथियारों की प्रामाणिकता सिद्ध हुई। आज दुनिया देख रही है कि 21वीं सदी के युद्ध क्षेत्र में मेड इन इंडिया रक्षा उपकरणों का समय आ चुका है।'
अपने तरीकों और शर्तों पर जवाब देते रहेंगे: प्रधानमंत्री मोदी
साथियो! भारत की तीनों सेनाएं, वायुसेना, थलसेना और नौसेना, हमारे सीमा सुरक्षा बल, भारत के अर्द्धसैनिक बल लगातार अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद अब ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना। न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।
पहला- भारत पर आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह जाकर कठोर कार्रवाई करेंगे, जहां से आतंक की जड़ें निकलती हैं। दूसरा- कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। तीसरा- हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे।
दुनियाभर में गुहार लगा रहा था पाकिस्तान, बुरी तरह पिटने के बाद हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया: पीए मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता से हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिन पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिन में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा था और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ से संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे। आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था। पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था। इसलिए जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, पाकिस्तान की तरफ से जब यह कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा, तो भारत ने उस पर भी विचार किया। मैं फिर दोहरा रहा हूं कि हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे कि वह क्या रवैया अपनाता है।
भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं पाकिस्तान की मिसाइलें: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, साथियो! भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था। हताशा में घिर गया था। बौखला गया था और इसी बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया। आतंक पर भारत की कार्रवाई का साथ देने के बजाय पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने हमारे स्कूलों-कॉलेजों, गुरुद्वारों, मंदिरों, सामान्य नागरिकों के घरों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया।
उन्होंने कहा, दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन्स, पाकिस्तान की मिसाइलें भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के सशक्त एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया।
100 से ज्यादा खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा है, इसलिए भारत ने आतंक के ये मुख्यालय उजाड़ दिए हैं। भारत के इन हमलों ने 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। आतंक के बहुत सारे आका बीते ढाई-तीन दशकों से खुलेआम पाकिस्तान में घूम रहे थे, जो भारत के खिलाफ साजिशें करते थे। उन्हें भारत ने एक झटके में खत्म कर दिया।
भारत के ड्रोन हमलों से थर्रा गया आतंकी संगठनों का हौंसला: पीएम मोदी
प्रधानंमत्री ने कहा, जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला किया, भारत के ड्रोन्स ने हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल टेररिज्म की यूनिवर्सिटी रहे हैं। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं, चाहे 9/11 हो, चाहे लंदन ट्यूब बॉम्बिंग हो या भारत में दशकों से बड़े-बड़े आतंकी हमले हुए हैं, उन सभी के तार कहीं न कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर, उनके ट्रेनिंग सेंटर्स पर सटीक प्रहार किया। आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है, लेकिन जब देश एकजुट होता है, नेशन फर्स्ट की भावना से भरा होता है, राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, इस आतंकी हमले के बाद सारा राष्ट्र, हर नागरिक, हर वर्ग, हर समाज, हर राजनीतिक दल एक स्वर में आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठ खड़ा हुआ। हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी और आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहन और बेटियों के माथों से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है। उन्होंने आगे कहा, ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं है। यह देश के कोटि-कोटि लोग भावनाओं का प्रतिबिंब है। ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की दूर रात, 7 मई की सुबह पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा, बीते दिनों में देश का सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा। मैं सबसे पहले भारत की पराक्रमी सेनाओं, हमारी खुफिया एजेंसियों और हमारे वैज्ञानिकों को हर भारतवासी की ओर से सलाम करता हूं। हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया। मैं हमारे देश की हर माता को, देश की हर बहन को और देश की हर बेटी को यह वीरता, साहस, पराक्रम को आज समर्पित करता हूं। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने जो बर्बरता दिखाई थी, उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे निर्दोष मासूम नागरिकों को धर्म पूछकर उनके परिवार के सामने, उनके बच्चों के सामने बेरहमी से मार डाला गया था। यह आतंक का बहुत वीभत्स चेहरा था। क्रूरता थी। यह देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश भी थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह पीड़ा बहुत बड़ी थी।
ट्रंप ने तीसरी बार भी सीजफायर का श्रेय लिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर का श्रेय लेने की तीसरी बार कोशिश की है। उन्होंने कहा, 'मैंने दोनों देशों से कहा... आइए, हम आप लोगों के साथ बहुत सारा व्यापार करना चाहते हैं। आइए इसे (संघर्ष को) रोकते हैं... रोकते हैं इसे। अगर आप इसे रोक देंगे तो हम आपके साथ व्यापार करेंगे, अगर आप इसे नहीं रोकेंगे तो हम आपके साथ व्यापार नहीं करेंगे।'
सरहद पर शांति के बाद स्कूलों को खोलने का फैसला
जम्मू-कश्मीर के गैर-सीमावर्ती जिलों में स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालात में सुधार को देखते हुए सरकार और प्रशासन ने फैसला लिया है कि कल से सभी स्कूल और कॉलेज फिर से खोल दिए जाएंगे। प्रशासन ने यह निर्णय सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों को बहाल करने के उद्देश्य से लिया है।
11 दिवसीय देशव्यापी तिरंगा यात्रा निकालने की तैयारी में भाजपा
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद मंगलवार यानी 13 मई से 23 मई तक देशभर में 11 दिवसीय 'तिरंगा यात्रा' शुरू करेगी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि अभियान का स्वर अत्यधिक राजनीतिक नहीं होगा। भाजपा ऐसे मुद्दे पर लोगों को एकजुट करना चाहती है, जिसे समाज के सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त है। केंद्रीय मंत्रियों और संगठनात्मक पदाधिकारियों सहित वरिष्ठ भाजपा नेता इस अभियान में शामिल होंगे।
देश के सभी 32 हवाईअड्डों से परिचालन शुरू
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India) के अनुसार, 32 हवाई अड्डों को 15 मई की शाम 05:29 बजे तक नागरिक विमान परिचालन के लिए अस्थायी रूप से बंद किया गया था। अब इन एयरपोर्ट्स से नागरिक विमान परिचालन तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया हैं।
सीमावर्ती राज्यों से तेलंगाना के 162 लोग दिल्ली पहुंचे
भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के बीच सीमावर्ती राज्यों में रहने वाले लोगों की मदद के लिए तेलंगाना सरकार ने 9 मई को दिल्ली स्थित तेलंगाना भवन में 24x7 कंट्रोल रूम की स्थापना की। सीमावर्ती राज्यों में रहने वाले तेलंगाना के 162 लोग दिल्ली पहुंच गए हैं। इनमें इनमें जम्मू-कश्मीर के विभिन्न संस्थानों के 56 लोग और पंजाब के 106 व्यक्ति शामिल हैं।
दोनों देशों के बीच DGMO स्तर की वार्ता पूरी
भारत और पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों के बीच DGMO स्तर की वार्ता पूरी हो गई है। सूत्रों ने बताया कि आज दोपहर होने वाली ये वार्ता शाम में हुई।
डीजीएमओ स्तर की वार्ता के नए समय की घोषणा का इंतजार
भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच आज दोपहर के समय निर्धारित वार्ता शाम तक स्थगित होने की बात सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों कहा, हॉटलाइन पर बातचीत पहले दोपहर 12 बजे होनी थी। हालांकि, बातचीत को कुछ घंटों के लिए टालने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात आठ बजे देश को संबोधित करेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद प्रधानमंत्री पहली बार सैन्य पराक्रम और आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई पर बोल सकते हैं।
एयर मार्शल एके भारती ने एक सवाल के जवाब में कहा कि तुर्किए ड्रोन्स हो या किसी भी देश के ड्रोन्स हमारे एयर डिफेंस के सामने बेबस नजर आए और उनका मलबा सभी लोगों ने देखा है कि हमने उनका क्या हश्र किया है। प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता और जोशीले गीतों से शुरुआत करने को लेकर पूछे गए सवाल पर एयर मार्शल एके भारती ने रामचरित मानस की कुछ पंक्तियों का जिक्र किया और कहा कि बस इतना ही कहूंगा कि भय बिन होए न प्रीति।
वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने बताया कि नौसेना की फ्लीट ने संयुक्त सैन्य अभियान के तहत काम किया। हमारे एयरक्राफ्ट्स ने लगातार हालात पर निगरानी रखी। कोई भी संदिग्ध और दुश्मन के जहाज को कई सौ किलोमीटर पास आने का मौका नहीं दिया गया। हमारे ताकतवर कैरियर बैटल ग्रुप के चलते पाकिस्तान भारत की नौसैन्य क्षमता को कोई चुनौती पेश नहीं कर सका। एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि 'हमारे सभी सैन्य बेस और एयर फील्ड पूरी तरह से सुरक्षित हैं और भविष्य में किसी भी ऑपरेशन को संचालित करने में पूरी तरह से सक्षम हैं।'
डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने बताया कि 'जब जब पाकिस्तान ने हमारे एयर फील्ड में लगातार हमले किए, वो हमारे मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने असफल हो गए। हमारा एयर डिफेंस इतना मजबूत था कि पाकिस्तान के पास कोई मौका नहीं था। जो दुर्दशा कल आपने पाकिस्तानी एयरफील्ड की देखी। वहीं हमारी सभी एयरफील्ड सही हैं। हम अपनी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की भी तारीफ करना चाहता हूं। इन्होंने बहुत बहादुरी से हमारा साथ दिया। उनके काउंटर अलार्म सिस्टम भी हमारे एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा थे, जिन्होंने पाकिस्तान के नापाक इरादों का विनाश किया।'
हमारे पुराने हथियारों ने भी युद्ध में कमाल का काम किया और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। आकाश सिस्टम से हमने पाकिस्तान द्वारा भेजे गए ड्रोन्स को तबाह किया। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि हमने पाकिस्तान की पीएल-15 मिसाइल और चीनी ड्रोन्स को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। लेजर गन से पाकिस्तानी ड्रोन्स को निशाना बनाया गया।
डीजी एयर ऑपरेशंस एके भारती ने बताया कि कल हमने ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई की जानकारी दी। हमने ये भी बताया कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकियों के साथ है न कि पाकिस्तानी सेना के साथ, लेकिन पाकिस्तान की सेना ने आतंकियों के साथ खड़े होना उचित समझा और उनकी लड़ाई को अपनी लड़ाई बना लिया। ऐसे में उनका जो भी नुकसान हुआ, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं।
भारत पाकिस्तान के बीच होने वाली डीजीएमओ स्तर की बैठक का समय बदल गया है। नए कार्यक्रम के अनुसार, अब यह बैठक शाम में होगी। पहले यह दोपहर 12 बजे होनी थी।
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर पूर्व राजनयिक केपी फैबियन का कहना है कि, 'एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास रहने वाले लोगों ने सामान्य जीवन की वापसी के रूप में संघर्ष विराम का स्वागत किया है, हालांकि कई विशेषज्ञों और नागरिकों को लगा कि पाकिस्तान को और अधिक दंडित किया जाना चाहिए था। कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान ने परमाणु धमकी का इस्तेमाल अमेरिकी हस्तक्षेप को मजबूर करने के लिए किया, जिसके कारण युद्ध विराम हुआ। शुरुआती उल्लंघनों के बावजूद युद्ध विराम काफी हद तक कायम है। यह एक लंबी और कठिन राह पर एक सकारात्मक लेकिन छोटा कदम है। मेरा मानना है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जरूरी है - चाहे कूटनीतिक या तीसरे चैनल के माध्यम से। बातचीत शुरू होने से पहले आतंकवाद को खत्म करने की मांग करना अवास्तविक है, क्योंकि बिना बातचीत के शांति स्थापित करना असंभव है। पाकिस्तान को भारत को गोपनीय रूप से आश्वस्त करना चाहिए कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं होने देगा। भारत को इसका स्वागत करना चाहिए, लेकिन आतंकी ढांचे को खत्म करने, गुमराह युवाओं का पुनर्वास करने और जिम्मेदार लोगों को हिरासत में लेने की मांग भी की जानी चाहिए।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ पीएम आवास पर बैठक की। इस बैठक में मौजूदा हालात पर चर्चा की गई।
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद देश के 32 हवाई अड्डे नागरिक उड़ानों के लिए फिर से खोल दिए गए हैं। सरकार ने पहले 15 मई तक इन्हें बंद रखने का फैसला किया था, अब सरकार ने नोटिस जारी कर इन हवाई अड्डों को तय समय से पहले ही खोलने का फैसला किया है।
ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे विश्व को दिखाया कि भारत क्या कर सकता है। भारत सीमा पार जाकर भी भारत किसी भी ठिकाने पर सटीकता से हमला कर सकता है। संबित पात्रा ने कहा कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर में नौ आतंकी ठिकाने, 11 एयरबेस, 100 से अधिक आतंकवादी, 50 से ज्यादा सैनिक और अपनी इज्जत खोई है।
संबित पात्रा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का सैन्य के साथ ही असैन्य पहलू भी है, जिसके तहत सिंधु जल समझौता स्थगित किया गया और पाकिस्तान के साथ सभी व्यापार भी बंद कर दिया गया। पाकिस्तान का बड़ा कृषि क्षेत्र सिंधु नदी के पानी पर निर्भर है। ऐसे में भारत के सख्त कदम से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर होगा। संबित पात्रा ने कहा कि भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी पाकिस्तान को अलग-थलग कर दिया गया और किसी भी देश ने पााकिस्तान का समर्थन नहीं किया।
भाजपा सांसद और पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के लिए हमें अपने सुरक्षाबलों पर गर्व है। भारत ने पाकिस्तान के आतंक के अड्डों का खात्मा कर दिया। भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया। संबित पात्रा ने पीएम मोदी ने कहा था कि हम आतंक को मिट्टा मिला देंगे और घर में घुसकर मारेंगे। 6-7 मई की मध्य रात्रि भारत ने ऐसा ही किया। पाकिस्तान को पहले से पता था कि पूर्व की तरह इस बार भी स्ट्राइक होगी, लेकिन सबकुछ जानते हुए भी एक्शन की तारीख का पता नहीं लगा सका।
तीनों सेनाओं के प्रमुख और सीडीएस अनिल चौहान आज फिर प्रधानमंत्री आवास पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी सेना प्रमुखों के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
दोपहर ढाई बजे तीनों सेनाओं के डीजीएमओ मीडिया को ब्रीफ करेंगे। उससे पहले दोपहर 12 बजे भारत पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच बैठक होगी, जिसकी जानकारी ब्रीफिंग में दी जा सकती है।
भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद सोमवार को दोपहर 12 बजे डीजीएमओ स्तर की बातचीत होनी है। इस बैठक में भारत की तरफ से डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और पाकिस्तान की तरफ से उनके डीजीएमओ शामिल होंगे। डीजीएमओ के बीच यह दूसरी बैठक हो रही है।
जम्मू और कश्मीर में यह वीडियो चेनाब नदी पर बने रियासी के सलाल बांध से है। बांध का एक गेट खुला हुआ दिखाई दे रहा है।
भारत-पाकिस्तान में युद्धविराम के बाद बीती रात जम्मू कश्मीर में शांति रही और गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई।
कश्मीर पर तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता के प्रस्ताव के संदर्भ में सूत्रों ने कहा कि इसका जमीनी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जब पीएम मोदी से बात की थी, तभी पीएम ने स्पष्ट कर दिया था कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यही कारण है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ को संघर्ष विराम के लिए अपने भारतीय डीजीएमओ से अनुरोध करना पड़ा। इसके बाद ही सहमति बनी।
इससे पहले, विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की बातचीत नहीं हुई है। आगे भी सिर्फ डीजीएमओ स्तर की ही बातचीत होगी। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि भविष्य में भी भारत-पाकिस्तान में संभावित बातचीत को समग्र नहीं समझा जाना चाहिए। भारत का रुख साफ है कि पाकिस्तान से बातचीत सिर्फ पीओके को लौटाने पर होगी। अगर वह पहलगाम, मुंबई सहित अन्य आतंकी घटनाओं से जुड़े आतंकियों को सौंपने का प्रस्ताव करता है, तभी बातचीत आगे बढ़ना संभव है।