खराब मौसम से जूझते हुए, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बलों ने मुंबई के पास अरब सागर में फंस गए दो बजरों पर मौजूद 317 लोगों को बचा लिया है। लेकिन, 390 और लोग अब भी लापता हैं। ये दो बजरे चक्रवात ताउते के गुजरात तट से टकराने से कुछ घंटे पहले मुंबई के पास अरब सागर में फंस गए थे।
भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने मंगलवार को चक्रवात ताउते के कारण खराब मौसम के बीच मुंबई तट के पास भटके दो तेल टैंकर जहाजों को किनारे लाने में मदद की। आईसीजी ने एक ट्वीट में कहा, 'बड़े तेल रिसाव का जोखिम टल गया। एमटी देशभक्त और ओएसवी ग्रेटशिप अदिति मुंबई में एसपीएम (सिंगल पॉइंट मूरिंग) अभियान में लगे हुए थे, खराब मौसम के कारण दिशाहीन हो गए। एमआरसीसी (समुद्री बचाव समन्वय केंद्र) मुंबई ने दोनों जहाजों के साथ समन्वय स्थापित किया। संचालन बहाल किया गया और दोनों जहाजों पर सवार चालक दल के कुल 45 सदस्य सुरक्षित हैं।' एक अन्य ट्वीट में आईसीजी ने कहा कि उसके गोताखोरों ने गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में वेरावल तट से आठ मछुआरों को संकट से बचाया।
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी चक्रवात ‘ताउते’ के राज्य की ओर तेजी से बढ़ने के मद्देनजर पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य आपात संचालन केंद्र (एसईओसी) में ही रुके रहे। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार सोमवार सुबह जब चक्रवात गुजरात के तट से टकराया तब रूपाणी स्थिति की निगरानी और प्रशासन के मार्गदर्शन के लिए गांधीनगर में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष एसईओसी पहुंचे। वह सोमवार मध्यरात्रि तक नियंत्रण कक्ष में ही थे और प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों तथा क्षेत्र अधिकारियों के साथ डिजिटल बैठकें और टेलीफोन से बातचीत करते रहे। रूपाणी मंगलवार सुबह फिर एसईओसी पहुंचे और वहां करीब तीन घंटा रुके। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और मौजूदा स्थिति तथा चक्रवात के कारण हुई क्षति के बारे में जानकारी ली।
भारतीय तटरक्षकों ने ताउते चक्रवात के चलते गुजरात के वेरावल बंदरगाह के निकट समुद्र में फंसी मतस्य नौका में सवार आठ मछुआरों को मंगलवार को बचा लिया। इसके अलावा तटरक्षक बल के दो चेतक हेलीकॉप्टरों ने बेहद खराब मौसम के बीच (पड़ोसी महाराष्ट्र) के सतपति तट के निकट समुद्र में फंसे 'गल कंस्ट्रक्टर' जहाज के चालक दल के आठ सदस्यों को भी बचा लिया। गुजरात के एक रक्षा प्रवक्ता द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि मछुआरों के फंसे होने की सूचना मिलने का बाद तटरक्षक गोताखोर अपनी बचाव नौका के साथ वहां पहुंचे और मछुआरों को तट पर सुरक्षित वापस ले आए।
ताउते से सोमवार को महाराष्ट्र के कोंकण में छह लोगों की मौत हुई। इसमें रायगढ़ में तीन, सिंधुदुर्ग में एक और नवी मुंबई में दो लोग मारे गए। इसके अलावा कर्नाटक में आठ लोगों की मौत हुई। वहीं रविवार को ताउते से चार लोगों की जान गई थी। इस तरह महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल में अब तक 18 मौते हुई। कर्नाटक में अब तक 333 घरों, 644 खंभों, 147 ट्रांसफार्मरों, 57 किलोमीटर सड़क, 57 जालों और 104 नावों को नुकसान पहुंचा है।
मुंबई के बलार्ड एस्टेट एरिया में आंधी में उखड़े पेड़, एनडीआरएफ की टीम इन्हें हटाने में जुटी हुई है।
भारतीय नौसेना ने कहा कि विपरीत हालात में अब तक समुद्र में फंसे 132 लोगों को बचाया गया। बता दें कि मुंबई में समुद्र के पास जहाज में करीब 400 लोग फंस गए थे। इन्हें बचाने के लिए नेवी के तीन युद्धपोत तैनात किए गए हैं।
बीती रात एनडीआरएफ की टीम ने मुंबई के दहिसर में ताउते तूफान से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाया।
गुजरात के सोमनाथ और दीव के बीच की सड़क पर तेज आंधी में गिरे पेड़ों को हटाने में सैनिक भी जुटे रहे। जल्द ही यहां वाहनों का आवागमन शुरू हो गया था।
दीव के पास सौराष्ट्र के उना में बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं।
आईएमडी के मुताबिक ताउते तूफान पिछले 6 घंटे के दौरान 11 किमी प्रति घंटे की रफ्तर से उत्तर-उत्तरपूर्व की तरफ बढ़ गया है।
गुजरात के वडोदरा में कोविड केयर सेंटर के मरीजों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया गया था।
गुजरात के सोमनाथ और केंद्रशासित दमन व दीव में कई जगहों पर पेड़ गिरने की वजह से रास्ते अवरुद्ध हो गए।
गुजरात के उना शहर में ताउते तूफान के गुजरने के बाद तबाही का नजारा।
भीषण चक्रवाती तूफान ताउते ने सोमवार रात में गुजरात, महाराष्ट्र , दमन दीव में जमकर तबाही मचाई। सैकड़ों मकान ढह गए और हजारों की संख्या पेड़ उखड़े। वहीं, इसके चलते दो नौकाएं तट से दूर अरब सागर में चली गई हैं, जिन पर 410 लोग सवार हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि चक्रवात के रात करीब 9:30 बजे टकराने के दौरान केंद्र शासित दीव में 133 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं।
गुजरात मौसम केंद्र की सहायक निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि चक्रवात ताउते गुजरात में पिछले 23 साल में टकराने वाला सबसे विनाशकारी चक्रवात है जो केंद्र शासित दीव और भावनगर जिले के महुवा शहर के बीच कहीं टकराएगा।