गंभीर चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 2 घंटों के दौरान मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार करने की संभावना है, जो एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में काकीनाडा के दक्षिण में है। आईएमडी के अनुसार तूफान की अधिकतम निरंतर हवा की गति 90-100 किमी प्रति घंटे से लेकर 110 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।
ओडिशा के गोपालपुर में राज्य के मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश चंद्र माझी ने बताया कि चक्रवाती तूफ़ान मोंथा को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर 123 अग्निशमन दल तैनात किए गए हैं। हमारी टीमें तूफान से प्रभावित सड़कों को साफ कर रही हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तूफान मोंथा के कारण कोई हताहत नहीं होना चाहिए।
चक्रवात मोंथा के चलते 52 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं है। इसके अलावा 100 से ज्यादा ट्रेनें रद्द किए जाने की भी सूचना है। इधर तमिलनाडु, बंगाल और ओडिशा के कई जिलों में 80-90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के बीच लोगों को समुद्र के करीब न जाने की सलाह दी गई है। मोंथा के मद्देनजर राहत और बचाव कार्यों के लिए 45 टीमें तैनात की गई हैं। इनमें 10 टीमें आंध्र प्रदेश में, 6 ओडिशा में, 3-3 तमिलनाडु और तेलंगाना में, 2 छत्तीसगढ़ में और 1 पुडुचेरी में तैनात की गई हैं।
चक्रवात मोंथा के चलते आए बदलाव के कारण ओडिशा के खोरधा में चिल्का झील में उफान शुरू हो गया है। बालूगांव एनएसी के कार्यकारी अधिकारी प्राणनाथ सेठ ने बताया कि हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं और हमारा लक्ष्य शून्य हताहत होना है।
आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवाती तूफान मोंथा की लैडफॉल प्रक्रिया जारी है। ऐसे में मछलीपट्टनम और काकीनाडा में अलर्ट जारी किया गया है। इसी के साथ तमिलनाडु के पुडुचरी में भी तूफान का असर देखा जा रहा है। इस तूफान का प्रभाव ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक देखने को मिलेगा।
प्रचंड चक्रवाती तूफान 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है। जो कि उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और अगले 3-4 घंटों में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा। इस दौरान अधिकतम 90-100 किमी प्रति घंटे की निरंतर हवा की गति से 110 किमी प्रति घंटे तक की गति पकड़ेगा। आईएमडी ने बताया कि अगले 3-4 घंटों तक लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी रहेगी।
चक्रवात मोंथा उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ गया और 28 अक्टूबर को 1630 बजे तक यह मछलीपट्टनम से लगभग 50 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से 130 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 230 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और गोपालपुर (ओडिशा) से 470 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में स्थित था।
मोंथा आज देर शाम के दौरान गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के आसपास तट से टकराएगा। इस दौरान अधिकतम निरंतर हवा की गति 90-100 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 110 किमी प्रति घंटा हो सकती है।
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में चक्रवात 'मोंथा' का असर दिखाई रहा है। चक्रवाती तूफा के प्रभाव से समुद्र में लहरों की भारी उथल-पुथल जारी है। दृश्य काकीनाडा-उप्पडा बीच का है।
चक्रवाती तूफान 'मोंथा' की शाम/रात के दौरान काकीनाडा के आसपास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार करने की संभावना है।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर शहर में भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव देखने को मिल रहा है।
चक्रवात 'मोंथा' के बारे में विशाखापत्तनम चक्रवात चेतावनी केंद्र के अधिकारी जगन्नाथ कुमार ने बताया, "यह अब बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य में एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह वर्तमान में काकीनाडा से लगभग 240 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, मछलीपट्टनम से 160 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व, विशाखापत्तनम से 320 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम और ओडिशा के गोपालपुर से 530 किमी दक्षिण-दक्षिणपश्चिम में है। यह उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ना जारी रखेगा और आज शाम/रात को एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा, जिसमें अधिकतम निरंतर हवा की गति 100 किमी प्रति घंटा होगी।
विशाखापत्तनम में भारी बारिश जारी है, जिसके कारण मलकापुरम पुलिस स्टेशन के पास एक दीवार ढह गई।
चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के कारण मंगलवार को विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से संचालित होने वाली सभी 32 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। विशाखापत्तनम एयरपोर्ट के डायरेक्टर एन. पुरुषोत्तम ने बताया कि 27 अक्टूबर को एयर इंडिया एक्सप्रेस की दो फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई थीं। पुरुषोत्तम ने बताया, 'असल में, हम रोजाना 30 से 32 फ्लाइट्स (घरेलू और इंटरनेशनल) ऑपरेट करते हैं। आज, वे सभी फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं।' उन्होंने आगे कहा कि एयरपोर्ट ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की गाइडलाइंस के अनुसार, गंभीर चक्रवाती तूफान से बचने के लिए सावधानियां बरती हैं, जिसमें तूफान से पहले और तूफान के बाद के चरण शामिल हैं।
इसी तरह, विजयवाड़ा एयरपोर्ट ने आज 16 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं, लेकिन पांच फ्लाइट्स ऑपरेट हुईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, एयरलाइंस ने आज के लिए ऑपरेशन सस्पेंड करने का फैसला किया है, और कल के फ्लाइट ऑपरेशन के बारे में शाम तक स्थिति साफ हो जाएगी। इसी तरह, तिरुपति एयरपोर्ट पर चार फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इस बीच, एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) जोन में 27 अक्टूबर और मंगलवार को कुल 120 ट्रेनें कैंसिल कर दी गईं।
हिंद महासागर में चक्रवातों की निगरानी के लिए WMO-ESCAP (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific) नामक संगठन बनाया गया। यही तय करता है कि तूफानों के नाम कैसे तय होंगे और कौन इन्हें रखेगा। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में आने वाले तूफानों के नाम देने वाली टीम में पहले 8 देश शामिल थे, जिनमें- भारत, बांग्लादेश, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान श्रीलंका और थाईलैंड का नाम शामिल था। साल 2018 में WMO-ESCAP की एक और बैठक हुई और इसी बीच नाम रखने वाले देशों की लिस्ट में पांच नए देशों का नाम भी शामिल हो गया। यानी अब कुल 13 देश मिलकर तूफानों के नाम रखते हैं। इनमें - भारत, श्रीलंका, थाईलैंड, यूएई, यमन, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार और ओमान शामिल हैं। इनमें से हर देश 13 नाम सुझाता है, जो बोलने में आसान और किसी भी तरह से विवादित नहीं होते हैं।
तूफानों के नाम रखने के पीछे का मकसद उन्हें लेकर ज्यादा से ज्यादा जानकारी लोगों तक पहुंचाना होता है। तूफानों के नाम काफी आसान रखे जाते हैं और ये अलग-अलग भाषा के होते हैं। आज आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाले चक्रवाती तूफान का नाम मोंथा, थाई भाषा का शब्द है। थाई भाषा में मोंथा का मतलब 'सुगंध से भरा हुआ एक फूल' होता है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते पेड़ उखड़ सकते हैं और बिजली के खंभे भी गिर सकते हैं। इससे पावर सप्लाई और मोबाइल नेटवर्क की समस्या हो सकती है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवाती तूफान मोंथा से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी की मौजूदगी में, भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने की। ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी मनोज आहूजा, SRC डी. के. सिंह, DGP योगेश बहादुर खुराना, फायर सर्विसेज के DG सुधांशु सारंगी, IMD डायरेक्टर मनोरमा मोहंती और संबंधित विभागों के सीनियर अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने वाले इलाकों के जिलाधिकारी भी इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए।
मौसम विभाग भुवनेश्वर की निदेशक डॉ. मनोरमा मोहंती ने कहा, 'चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मोंथा अब पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है और गोपालपुर से लगभग 550 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में है। इसके उत्तर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और आज एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है और यह उत्तर उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ना जारी रखेगा और आज शाम या रात के दौरान काकीनाडा के आसपास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है। ओडिशा के लिए, गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी के लिए रेड अलर्ट जारी की गई है जहां बारिश और तेज हवाएं चलेंगी। आम लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।'
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में चक्रवाती तूफान की आहट के प्रभाव से भारी बारिश और तूफान की हालत है। एनडीआरएफ टीम प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लूर, रानीपेट और कांचीपुरम में सोमवार को भारी बारिश हुई। चेन्नई और तिरुवल्लूर में तो स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई हैं। वहीं ओडिशा में भी हाई अलर्ट लागू है। ओडिशा के मलकागिरी, कोरापुट, नबरंगपुर, गजपति, गंजम, कालाहांडी, कंधमाल जैसे जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। प्रभावित जिलों से हजारों लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर स्थानांतरित किया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 140 के करीब टीमें तैनात की गई हैं और स्कूलों और आंगनबाड़ी में 30 अक्तूबर तक छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'मोंथा' पिछले छह घंटों में 15 kmph की स्पीड से उत्तर से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और मंगलवार सुबह 5.30 बजे तक एक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया। मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान मोंथा के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और मंगलवार शाम और रात के दौरान काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश तट को पार करने की संभावना है। इस दौरान यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में रहेगा, जिसकी अधिकतम हवा की स्पीड 90-100 kmph होगी। मौसम विभाग ने मोंथा के असर से दक्षिणी राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान लगाया है।
चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए विशाखापत्तनम से जाने वाली करीब 43 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी विशाखापत्तनम से गुजरने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। सोमवार को दिल्ली-विजाग की एक उड़ान को भुवनेश्वर डायवर्ट किया गया। विजवाड़ा एयरपोर्ट पर भी कई सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की आपदा प्रबंधन टीमों को आपात स्थिति वाले तटीय इलाकों में तैनात किया गया है। लोगों को तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवाती तूफान प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस नेटवर्क को सक्रिय कर दिया गया है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने बताया कि तूफान के असर से तमिलनाडु और पुडुचेरी में तेज गति की हवाएं चलेंगी।