आईएमडी के निदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय उत्तर पूर्व की ओर बढ़ गया और गुजरात के जखाऊ बंदरगाह के करीब पाकिस्तान तट से सटे सौराष्ट्र-कच्छ को पार कर गया है। चक्रवात अब समुद्र से जमीन की ओर बढ़ गया है और सौराष्ट्र-कच्छ की ओर केंद्रित है। चक्रवात की तीव्रता घटकर 105-115 किमी प्रति घंटा रह गई है। यह अब प्रचंड चक्रवाती तूफान की श्रेणी में बदल गया है। राजस्थान में 16 जून को भारी बारिश हो सकती है।
वडोदरा में तेज बारिश
वडोदरा में चक्रवात बिपरजॉय का प्रभाव देखने को मिल रहा है। शहर में तेज बारिश हो रही है। अमरेली में भी तेज बारिश हुई।
नवसारी जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे
बिपरजॉय के मद्देनजर नवसारी जिले के सभी स्कूल 16 जून को बंद रहेंगे। जिला कलेक्टर ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी है।
मुंबई में भी देखने को मिल रहा प्रभाव
चक्रवात 'बिपरजॉय' का प्रभाव मुंबई में भी देखने को मिल रहा है। उच्च ज्वार की लहरें और तेज हवाएं तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर रही हैं।
भूपेंद्र पटेल ने की अहम बैठक
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने चक्रवात बिपरजॉय को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।
मोरबी में तेज हवा के साथ बारिश
बिपरजॉय की वजह से मोरबी में तेज हवा चल रही है। यहां भारी वर्षा भी जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय जिलों में लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह आधी रात तक जारी रहेगी। इस बीच गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में समीक्षा बैठक की।
कमांडर कोस्ट गार्ड रीजन-नॉर्थ वेस्ट इंस्पेक्टर जनरल ए.के. हरबोला ने बताया कि हमने गुजरात में 15 जहाज तैयार रखे हैं। 7 एयरक्राफ्ट भी तैयार हैं। लैंडफॉल की संभावना के चलते 27 आपदा प्रबंधन टीम भी तैयार की गई हैं। हम राज्य सरकार के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
विंग कमांडर एन मनीष ने कहा कि लोगों में चक्रवात को लेकर डर है। इसलिए जनता को होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए सभी सशस्त्र बल जो सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तट रक्षकों ने खुद को तैयार किया है। वह स्थानीय लोगों की हर संभव सहायता करने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पूरे गुजरात के साथ-साथ मांडवी और द्वारका के स्थानों पर 27 से अधिक राहत स्तंभों को तैनात किया है। सेना के अधिकारियों ने भी नागरिक प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रूप से राहत अभियान शुरू किया है।
द्वारका में चक्रवात बिपरजॉय का प्रभाव देखने को मिल रहा है। ओखामंडल के मीठापुर क्षेत्र में तेज बारिश हो रही है।
मुंबई के आईएमडी प्रमुख सुनील कांबले ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय फिलहाल मुंबई से दूर है। चक्रवात पोरबंदर 300 किमी दूर है। 15 जून दोपहर को मांडवी और करांची के बीच बिपरजॉय के टकराने की संभावना है। अगले 24 घंटे कच्छ और सौराष्ट्र में भारी बारिश होगी।
गुजरात के तटों की तरफ बढ़ रहा चक्रवात बिपरजॉय बेहद खतरनाक रूप ले चुका है। आज शाम चार से रात आठ बजे के बीच कच्छ के जखाऊ में जमीन से टकराने की आशंका है। मौसम विभाग ने इससे भारी तबाही की चेतावनी दी है। कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। किसी भी हालात से निपटने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 33 टीमें तैनात की गई हैं। सेना भी तैयार है। तटवर्ती 8 जिलों से 74,345 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए आश्रय घरों में पहुंचा दिया गया है। चक्रवात के बाद यातायात व बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए करीब छह सौ टीमें बनाई गई हैं।