राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना के नए संस्करण को देखते हुए केंद्र को त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। देश भर में कई लोगों ने कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं ली है। कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर खुराक भी दी जानी चाहिए।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मैं पीएम मोदी से नए कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोकने की अपील करता हूं। इस ओर महत्वपूर्ण कदम उठाए जाने चाहिए। कहा जा रहा है कि ओमिक्रॉन पिछले वैरिएंट से ज्यादा खतरनाक है।
पाकिस्तान ने भी शनिवार को कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मद्देनजर छह अफ्रीकी देशों और हॉन्गकॉन्ग पर पूर्ण यात्रा प्रतिबंध लगा दिया है। नेशनल कमांड एंड ऑपरेशन सेंटर ने एक बयान में कहा कि दक्षिण अफ्रीका में मिले ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे मद्देनजर दक्षिण अफ्रीका और इससे जुड़े देशों पर पूरी तरह से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग, मोज़ाम्बिक, नामीबिया, लेसोथो, इस्वातिनी और बोत्सवाना पर भी यह प्रतिबंध लगाए गए हैं।
बांग्लादेश ने भी शनिवार को दक्षिण अफ्रीका से यात्रा निलंबित कर दी है। बांग्लादेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जाहिद मलिक ने कहा कि उन्हें वायरस के नए प्रकार की जानकारी है और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका से आने वाले यात्रियों को प्रवेश देने पर अस्थाई रूप से पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह नया प्रकार बेहद संक्रामक है और इसलिए हम तत्काल दक्षिण अफ्रीका से यात्रा निलंबित कर रहे हैं।
कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (B.1.1.529) अब तक आठ देशों तक पहुंच गया है। इनमें दक्षिण अफ्रीका, इजराइल, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना, बेल्जियम, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और ब्रिटेन शामिल हैं। ब्रिटेन में रविवार को ही ओमिक्रॉन के दो मामले आए हैं। जर्मनी में भी इसने अपने पैर पसारना शुरू कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका ने 24 नवंबर को इस वैरिएंट की जानकारी दी थी।
ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने शनिवार को दक्षिण अफ्रीका पर यात्रा प्रतिबंध लागू कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के सामने आने के कारण ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। जापान, श्रीलंका, थाइलैंड और ओमान ने शनिवार को जबकि अमेरिका, ब्राजील, कनाडा और यूरोपीय यूनियन ने शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, एस्वातिनी, जिम्बाब्वे, नामिबिया और लीसोथो पर यात्रा प्रतिबंध लगाया था।
ब्रिटेन के शीर्ष वैज्ञानिकों ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप कोई बड़ा खतरा नहीं है और टीके अब भी इससे होने वाली बीमारी से बचाव कर सकते हैं। ब्रिटेन सरकार के स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थिति से जुड़े वैज्ञानिक सलाहकार समूह (एसएजीई) के एक सूक्ष्म जीवविज्ञानी प्रोफेसर कैलम सेम्पल ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में सामने आया और दुनियाभर में सुर्खियों में छाया नया स्वरूप ‘बी.1.1.1.529’ (ओमीक्रॉन) कोई बड़ी आपदा नहीं है। टीकाकरण से मिलने वाली प्रतिरक्षा अब भी आपको गंभीर बीमारी से बचा सकती है।
अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फाउची ने कहा है कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रोन दक्षिण अफ्रीका में तेजी से फैल रहा है और अमेरिकी वैज्ञानिक उस देश में अपने सहयोगियों के साथ नए स्वरूप की जांच करने में जुटे हुए हैं। हम यह पता लगाने के लिए उनसे बात कर रहे हैं कि यह एंटीबॉडी को नुकसान पहुंचाता है या नहीं।
इस बीच कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आए हैं। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चेम्सफोर्ड और नॉटिंघम में वायरस के नए स्वरूप से संक्रमित मरीजों की पहचान हुई है। जावेद ने ट्वीट किया कि ब्रिटेन में ओमिक्रॉन के दो मामलों की पुष्टि हुई है। दोनों मामले एक दूसरे से जुड़े हैं दक्षिण अफ्रीका की यात्रा से संबंधित हैं।
इस बीच नेपाल में भी दक्षिण अफ्रीका से आने वाले लोगों के लिए सात दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है। यह नियम दक्षिण अफ्रीका होकर नेपाल आ रहे लोगों पर भी लागू होगा। इससे पहले ब्रिटेन ने शुक्रवार से दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना, लेसोथो, इस्वातिनी, जिम्बाब्वे और नामीबिया से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लागू कर दिया था। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, माल्टा और चेक गणराज्य, यूरोप के उन देशों में शामिल है जिन्होंने यात्रा पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
आईसीएमआर में महामारी विज्ञान और संचारी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. समीरन पांडा ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट में संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए हैं, जो संचरण की संभावना के साथ सेल, सेलुलर रिसेप्टर्स के पालन की संभावना के संकेत हैं। लेकिन क्या यह वास्तव में तेजी से फैल रहा है? यह बड़ा सवाल है। डब्ल्यूएचओ ने इस सब की जांच की है। हमें यह पता लगाने के लिए कुछ और समय इंतजार करने की जरूरत है कि क्या इससे संक्रमण बढ़ रहा हैं या बीमारी गंभीर रूप ले रही है या अत्यधिक मौतें हो रही हैं। इन सब को ध्यान में रखते हुए WHO ने इसे वेरियंट ऑफ कंसर्न घोषित किया है।
वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व स्तर पर कोरोना के बढ़ते मामलों और वायरस के नए प्रकार ओमिक्रॉन के मद्देनजर शनिवार को दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों से निगरानी बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों को मजबूत करने और टीकाकरण कवरेज बढ़ाने की अपील की।
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि इस वैरिएंट को लेकर डरने या निराश होने की जरूरत नहीं है। भले ही दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकांश देशों में कोरोना के मामलों में गिरावट आ रही है, लेकिन दुनिया के दूसरे हिस्से में नए वायरस का मिलना खतरनाक हो सकता है। कोरोना को हराने को लेकर हमें अपना काम जारी रखने की आवश्यकता है। वायरस से बचाव ही सबसे अच्छा तरीका है।
इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना के नए म्यूटेंट के मद्देनजर नए प्रतिबंध और अनुमतियां जारी कर दी हैं। इसके मुताबिक, किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा से राज्य में आने वाले सभी यात्रियों पर भारत सरकार के नियम लागू होंगे। घरेलू यात्रियों को या तो पूरी तरह से टीका लगा होना चाहिए या फिर उनके पास 72 घंटे पहले की निगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट होनी चाहिए।
वहीं, यदि टैक्सी, प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, 4-व्हीलर या किसी बस के अंदर कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता पाया गया, तो 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही ड्राइवर, हेल्पर और कंडक्टर पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बसों के मामले में मालिक परिवहन एजेंसी पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
इस बीच बीएमसी आयुक्त ने कहा कि आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को पिछले पखवाड़े की अपनी यात्रा की जानकारी बताते हुए एक स्व-घोषणा पत्र प्रदान करना आवश्यक होगा। विभिन्न प्रतिष्ठानों, दुकानों, मॉल और सिनेमाघरों में काम करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, यदि उन्होंने टीके की दोनों खुराक नहीं लगवाई है।
उत्तराखंड में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारा कोरोना टेस्टिंग और दिशानिर्देशों को लेकर पूरा ध्यान है, हम सजग है। हम कोशिश कर रहे हैं कि इसे हर प्रकार से रोका जाएगा। जो जरूरी इंतजाम है, वह सब किए जाएंगे।