भारत बायोटेक के कोराना टीके कोवाक्सिन को 2 से 18 वर्ष आयुवर्ग वालों पर आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोविड सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (एसईसी) द्वारा की गई सिफारिश की जांच की जा रही है और इस बारे में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कंपनी से अतिरिक्त जानकारी मांगी है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को राज्यसभा को ये जानकारी दी। गौरतलब है कि सीडीएससीओ की मंजूरी के बाद ही टीकाकरण शुरू हो सकता है।
राज्यसभा में डीएमके के सांसद तिरुचि शिवा ने सरकार से पूछा गया था कि क्या 12 साल से कम उम्र के बच्चों को कोवाक्सिन टीका देने पर सरकार विचार कर रही है। इस पर स्वास्थ्य राज्यमंत्री भारती प्रवीण पवार ने लिखित जवाब में कहा कि भारत बायोटेक द्वारा 2 से 18 वर्ष के बच्चों और किशोरों पर किए गए टीके के क्लिनिकल परीक्षण के परिणामों पर एसईसी की 26 अगस्त और 11 अक्तूबर की बैठकों में चर्चा हुई थी।
कमेटी ने आपात स्थिति में कई शर्तों के साथ 2 से 18 वर्ष आयुवर्ग के लिए इस टीके को मंजूरी देने की सिफारिश की है। सरकार इस सिफारिश की जांच कर रही है और सीडीएससीओ के स्तर पर कंपनी से अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। सीडीएससीओ ने जाइडस कैडिला के जायकोव-डी वैक्सीन को 12 साल से अधिक आयुवर्ग में आपात स्थिति में प्रतिबंधित इस्तेमाल की मंजूरी दी है।
कोरोना वायरस के नए रूप ओमिक्रॉन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को कहा कि राज्य में आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अनिवार्य रूप से आरटी-पीसीआर जांच से गुजरना होगा और सात दिनों के लिए होम क्वारंटाइन में रहना होगा। स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने कहा कि राज्य में हर दिन करीब 2500 अंतरराष्ट्रीय यात्री आते हैं और अब सभी के लिए आरटी-पीसीआर जांच कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
जयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरोत्तम शर्मा ने ओमिक्रॉन से निपटने की तैयारी को लेकर कहा कि राजस्थान सरकार ने केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुसार कुछ दिशानिर्देश तैयार किए हैं। अगले 16 दिनों तक विदेश से आने वाले नागरिकों की जांच की जाएगी और उनके परीक्षण के नमूने जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
कोरोना वायरस के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण दहशत फैली हुई है। दुनियाभर के एक दर्जन से ज्यादा देशों में इसके मामले सामने आ गए हैं, लेकिन भारत में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। इस बीच जाम्बिया से पुणे लौटे शख्स के कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ गई है। पुणे पहुंचकर वह एक टैक्सी में सवार होकर घर पहुंचा था। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वह कौन से वैरिएंट से संक्रमित पाया गया है। इसकी जानकारी उसके सैंपल की जिनोम सिक्वेंसिंग के बाद ही मिलेगी।
दुनियाभर में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का डर बढ़ता जा रहा है। जहां कई देशों ने विदेशी उड़ानों के आने पर रोक लगाने से जुड़ी गाइडलाइंस जारी करनी शुरू कर दी हैं, वहीं भारत में राज्य स्वतंत्र तौर पर इससे जुड़े फैसले ले रहे हैं। इस बीच बेंगलुरु ग्रामीण के जिला स्वास्थ्य अफसर टिप्परस्वामी ने कहा कि बेंगलुरु आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव भी आई है, उन्हें सात दिन अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा। सात दिन बाद उनका फिर से टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी 598 ऐसे विदेशी यात्री निगरानी में रखे गए हैं।
टिप्परस्वामी ने आगे कहा, "हमने केरल और महाराष्ट्र से बिना आरटी-पीसीआर टेस्ट और वैक्सिनेशन रिपोर्ट के बेंगलुरु आ रहे यात्रियों के मुद्दे पर भी चर्चा की। हमने पहले ही एयरलाइंस को अनिवार्य तौर पर यात्रियों की इन रिपोर्ट्स की जांच के लिए कह दिया है। इनके बिना किसी भी यात्री को सफर नहीं करने देने के निर्देश दिए गए हैं।"