केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि देश में अब तक दी गई कोविड-19 टीके की खुराकों की कुल संख्या 17.70 करोड़ से अधिक हो गई है।
मंत्रालय ने कहा कि 18 से 44 वर्ष के आयु वर्ग के 4,17,321 लाभार्थियों ने अपनी पहली खुराक ली। टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण की शुरुआत के बाद से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 के टीके लगवाने वाले इस श्रेणी के कुल लोगों की संख्या 34,66,895 हो गई।
मंत्रालय ने कहा, "देश में दी गई कोविड-19 टीके की खुराकों की कुल संख्या 17,70,85,371 हो गई है।" इसके अलावा, 45 से 60 वर्ष की आयु के 5,62,14,942 और 81,31,218 लाभार्थियों को क्रमशः पहली और दूसरी खुराक दी गई है, जबकि 60 साल से ऊपर के 5,40,88,334 और 1,67,64,979 लोगों ने पहली और दूसरी खुराक ली है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान अधिकारियों ने पीएम मोदी को बताया कि सरकार कोविड के प्रबंधन में प्रयुक्त होने वाली दवाओं की आपूर्ति पर भी सक्रिय रूप से निगरानी रख रही है। इसके साथ ही उन्हें बताया गया कि राज्यों को अच्छी मात्रा में दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। पीएम को यह भी अवगत कराया गया कि पिछले कुछ हफ्तों में रेमडेसिविर सहित सभी दवाओं के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पीएम ने ऑक्सीजन उपलब्धता और आपूर्ति पर भी स्थिति का जायजा लिया।
केरल में बीते 24 घंटे में कोरोना के 43259 नए मामले सामने आए हैं और 95 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 34,600 लोग स्वस्थ भी हुए।
कोविड प्रबंधन मामले पर सुनवाई करने वाले जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ के अलावा उनके कई स्टाफ भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वहीं इस वजह से गुरुवार को होने वाली सुनवाई भी टल गई है। बता दें कि इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के कई जज कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस वैक्सीन को लेकर लगातार भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश कर रही है। कल (मंगलवार) तक करीब 6.63 करोड़ वैक्सीन भारत के बाहर भेजे गए थे। सवाल उठे कि देश से बाहर वैक्सीन क्यों भेजे गए। ये वैक्सीन दो कैटेगरी में भेजे गए हैं। पहले मदद के रूप में मात्र एक करोड़ वैक्सीन भेजी गई हैं। बाकी 5 करोड़ से अधिक वैक्सीन सहायता के रूप में भेजी गई है।
कोरोना काल के दौरान अस्पतालों में आग लगने का सिलसिला जारी है। अब गुजरात के भावनगर स्थित जनरेशन अस्पताल में आग लग गई। ऐसा बताया जा रहा है कि ये आग तीसरी मंजिल पर लगी है, जहां आईसीयू बेड थे। जिस समय ये आग लगी, उस दौरान आईसीयू वार्ड में 70 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा था। हालांकि सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट को कारण बताया है। हालांकि कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।