कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पार्टी महासचिव और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास से रवाना हुईं।
जी-23 के नेताओं ने एक अहम मुलाकात की और कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनावों से पहले उभरने वाली पूरी स्थिति पर चर्चा की। ये नेता फिर मिलेंगे। ऐसी संभावना है कि पार्टी के चुनाव के लिए समूह का कोई नेता कल नामांकन दाखिल करेगा। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई है।
आनंद शर्मा के आवास से निकलते हुए पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि अच्छा है कि पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हो रहे हैं। हमने निष्पक्ष चुनाव के लिए सोनिया गांधी को धन्यवाद दिया। देखते हैं कौन नामांकन दाखिल करेगा। हमने कुछ नाम सुने हैं। हम मैदान में सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पार्टी की अंदर की संस्कृति है कि आपके जीवन की शुरुआत और खात्मा गांधी के साथ ही होगी और आपकी वफादारी परिवार के प्रति है न कि पार्टी के प्रति। सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी फटकार लगाते हुए कहा कि वह जिम्मेदारी के बिना सत्ता का आनंद लेना चाहते हैं।
मनीष तिवारी, पृथ्वीराज चव्हाण, बीएस हुड्डा समेत कांग्रेस जी23 खेमे के नेता इस समय पार्टी नेता आनंद शर्मा के आवास पर बैठक कर रहे हैं।
सोनिया गांधी से मिलने के बाद सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान से राजस्थान को लेकर विस्तार से बात हुई। हमारा मकसद है कि हम अगली बार भी राजस्थान में सरकार बनाएं। सब कुछ ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं आज कांग्रेस अध्यक्ष से मिला। उसने शांति से मेरी बात सुनी। जयपुर, राजस्थान में जो कुछ हुआ, उस पर हमने विस्तृत चर्चा की। मैंने उन्हें अपनी भावनाएं, अपनी प्रतिक्रियाएँ बताईं। हम सभी कड़ी मेहनत करके (राजस्थान में) 2023 का चुनाव जीतना चाहते हैं। हमें साथ काम करना होगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान के संदर्भ में जो भी फैसला करना होगा, वो सोनिया गांधी ही लेंगी। मुझे विश्वास है कि अगले 12-13 महीनों में हम अपनी मेहनत से एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनाएंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का फॉर्म भर रहा हूं। मैं पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के पास गया और उनसे मुलाकात की। उन्होंने कहा कि नेहरू-गांधी परिवार हमारा नेता रहेगा। जो भी पार्टी अध्यक्ष बनेगा वह उनके नेतृत्व में काम करेगा। हमारी प्राथमिकता यह देखना है कि देश के हालात कैसे सुधरते हैं, देश को बंटने नहीं देंगे या संविधान को कमजोर नहीं होने देंगे।
सोनिया गांधी से मुलाकात करने सचिन पायलट उनके आवास पर पहुंच गए हैं।
कांग्रेस पार्टी ने सभी नेताओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान न दें। अगर इस एडवाइजरी का कोई उल्लंघन किया जाता है तो पार्टी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी की जाएगी।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि देश में भाजपा द्वारा फैलाई गई नफरत और गुस्से का नतीजा क्या है? इसका नतीजा बेरोजगारी का उच्चतम स्तर और भारत में अब तक की सबसे ऊंची कीमतें, किसानों, मजदूरों, छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भारी पीड़ा है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान तमिलनाडु के गुडलुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को भारत के लोगों द्वारा चुनी गई सरकारों को गिराने का क्या अधिकार है?
राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खचरियावास ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी का ये कहना है कि मैं मुख्यमंत्री रहूंगा की नहीं इसका फैसला सोनिया गांधी जी करेंगी। उन्होंने खुद स्पष्ट किया है कि वो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का फॉर्म नहीं भरेंगे।
कांग्रेस नेता सचिन पायलट पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी। बताया जा रहा है कि मुलाकात आज ही थोड़ी देर में होगी।
सीएम पद पर अशोक गहलोत बने रहेंगे या नहीं? इस पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राजस्थान के सीएम पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एक-दो दिन में करेंगी। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव को लेकर तटस्थ हैं। आइए कल का इंतजार करें, हमें एक स्पष्ट तस्वीर मिलेगी।
गहलोत के वफादार धर्मेंद्र राठौड़ ने सचिन पायलट खेमे के माने जाने वाले विधायक वेद प्रकाश सोलंकी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं यह साबित कर दूंगा कि कौन गद्दार है और कौन वफादार? यह सबके सामने आएगा। सोलंकी ने जिला परिषद चुनाव के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां से एक होटल में मुलाकात की थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस में मची उठापटक को लेकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि गुस्ताख-ए-गांधी की एक सजा, गहलोत अध्यक्षता से जुदा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''गांधी परिवार अगले कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में रबर स्टैंप की तलाश में थे। स्पष्ट रूप से गहलोत इसमें फिट नहीं हो रहे थे। इसलिए वे चले गए! यह कांग्रेस अध्यक्ष की तलाश नहीं है, बल्कि रबर स्टैंप की तलाश है! यह एक फिक्स मैच है।
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे अशोक गहलोत अपने साथ एक खत ले गए थे। उसमें लिखा था कि मैंने कांग्रेस अध्यक्ष से लंबी बात की। मैं एक वफादार सैनिक के तौर पर 50 साल से कांग्रेस में हूं। सीएलपी की बैठक में जो कुछ भी हुआ, उसने मुझे झकझोर कर रख दिया है। मैंने सोनिया जी से माफी मांगी है। मैं आहत हूं।