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Chandrayaan 3 Live Tracker: अगर 23 की लॉन्चिंग टली तो इस दिन चांद पर उतरेगा चंद्रयान-3, जानें क्या है मामला

Mon, 21 Aug 2023 08:19 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

ISRO Live Tracker, Chandrayaan 3 Kaha Tak Pahucha Live Updates: चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश हो सकता है। 
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चंद्रयान-3। - फोटो : Amar Ujala
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लाइव अपडेट

08:18 PM, 21-Aug-2023

चंद्रयान-3 पानी, जल स्रोतों और खनिजों की पहचान करने में मदद करेगा

टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के खगोल विज्ञान प्रोफेसर मयंक एन. वाहिया ने कहा कि चंद्रयान 3 चांद की सतह पर उतरने वाला है। पहले चंद्रयान मिशन ने साबित किया कि चांद पर पानी है। चंद्रयान-2 मिशन में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर लगाना था, लेकिन चीजें ठीक से काम नहीं कर पाईं। चंद्रयान-2 का मॉड्यूलर मिशन उल्लेखनीय रूप से सफल रहा। चंद्रमा पर उतरना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा लगाने के लिए आप देख सकते हैं कि रूस लूना-25 को उतारने में सफल नहीं हो सका। मुझे पूरा यकीन है कि 23 अगस्त को सफल लैंडिंग होगी। चंद्रयान-3 हमें पानी, जल स्रोतों और खनिजों की पहचान करने में मदद करेगा।

08:18 PM, 21-Aug-2023

नेहरू विज्ञान केंद्र के सभी कर्मचारी उत्साहित

चंद्रयान 3 की लैंडिंग पर नेहरू विज्ञान केंद्र के निदेशक प्रमोद ग्रोवर ने कहा कि नेहरू विज्ञान केंद्र के सभी कर्मचारी उत्साहित हैं। इसलिए हमने लैंडिंग के दिन नेहरू विज्ञान केंद्र में आने वाले आगंतुकों के लिए कुछ विशेष व्यवस्था की है। चंद्रयान 3 का पेपर मॉडल बनाया जाएगा और हम मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञों को बुलाएंगे। चंद्रयान 3 का पेपर मॉडल बनाने में 50 स्कूली छात्र भाग लेंगे। वैज्ञानिक पूरी तरह आश्वस्त हैं और मुझे उम्मीद है कि लैंडिंग सफल होगी। लूना-25 में अलग तकनीक थी और चंद्रयान-3 को इसरो ने अलग तरीके से बनाया है। उम्मीद है कि अलग तकनीक से अलग नतीजे आएंगे।

07:10 PM, 21-Aug-2023

यह भारत के लिए एक महान क्षण: करीना

चंद्रयान 3 की लैंडिंग पर अभिनेत्री करीना कपूर खान ने कहा कि यह भारत के लिए एक महान क्षण है और हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। हम सभी इसे देखने का इंतजार कर रहे हैं। मैं अपने बच्चों के साथ इसे जरूर देखूंगी।

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06:42 PM, 21-Aug-2023

लैंडिंग से दो घंटे लैंडर मॉड्यूल की स्थिति जांचेंगे: नीलेश एम. देसाई

अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (इसरो) अहमदाबाद के निदेशक नीलेश एम. देसाई ने बताया कि 23 अगस्त को चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले हम लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर इस पर निर्णय लेंगे कि उस समय इसे उतारना उचित होगा या नहीं। यदि कुछ भी अनुकूल नहीं लगता है, तो हम 27 अगस्त को मॉड्यूल को चंद्रमा पर उतार देंगे। कोई समस्या नहीं होनी चाहिए और हम 23 अगस्त को मॉड्यूल को चंद्रमा पर उतारने में सक्षम होंगे।

03:55 PM, 21-Aug-2023

चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 बेहतर कैसे?

चंद्रयान-2 से सबक लेकर चंद्रयान-3 में कई सुधार किए गए हैं। लक्षित लैंडिंग क्षेत्र को 4.2 किलोमीटर लंबाई और 2.5 किलोमीटर चौड़ाई तक बढ़ा दिया गया है। चंद्रयान-3 में लेजर डॉपलर वेलोसिमीटर के साथ चार इंजन भी हैं जिसका मतलब है कि वह चंद्रमा पर उतरने के सभी चरणों में अपनी ऊंचाई और अभिविन्यास को नियंत्रित कर सकता है।

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03:26 PM, 21-Aug-2023

भारत को हो सकता है बड़ा फायदा

भारत का चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर 23 अगस्त को उतरने का प्रयास करेगा, जिससे संभावित रूप से कई आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2025 तक 13 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। चंद्रमा पर सफल लैंडिंग भारत की तकनीकी क्षमता को भी बयां करेगी।

03:21 PM, 21-Aug-2023

चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। प्रणोदन और लैंडर मॉड्यूल को अलग करने की कवायद से पहले इसे छह, नौ, 14 और 16 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में नीचे लाने की कवायद की गई, ताकि यह चंद्रमा की सतह के नजदीक आ सके। अब 23 अगस्त को चांद पर इसकी ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे पहले, 14 जुलाई के प्रक्षेपण के बाद पिछले तीन हफ्तों में पांच से अधिक प्रक्रियाओं में इसरो ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी से दूर आगे की कक्षाओं में बढ़ाया था।
 

03:02 PM, 21-Aug-2023

चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 से हुआ संपर्क

इसरो ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हुआ है। दोनों के बीच टू-वे कम्युनिकेशन स्थापित हो गया है। 

12:29 PM, 21-Aug-2023

चंद्रमा के पिछले भाग की फोटो खास क्यों?

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ‘लैंडर हजार्ड डिटेक्टशन एंड अवॉइडेंस कैमरा’ (एलएचडीएसी) में कैद की गई चंद्रमा के सुदूर पार्श्व भाग की तस्वीरें सोमवार को जारी कीं। एलएचडीएसी को इसरो के अहमदाबाद स्थित प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र ‘स्पेस ऐप्लीकेशंस सेंटर’ (एसएसी) ने विकसित किया है। यह कैमरा लैंडिंग के लिहाज से सुरक्षित उन क्षेत्र की पहचान करने में मदद करता है, जहां बड़े-बड़े पत्थर या गहरी खाइयां नहीं होती हैं।

11:20 AM, 21-Aug-2023

दक्षिणी ध्रुव के बारे में क्या है जानकारी

चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को लेकर वैज्ञानिकों की विशेष रुचि है, जिसके बारे में माना जाता है कि वहां बने गड्ढे हमेशा अंधेरे में रहते हैं और उनमें पानी होने की उम्मीद है। चट्टानों में जमी अवस्था में मौजूद पानी का इस्तेमाल भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए वायु और रॉकेट के ईंधन के रूप में किया जा सकता है। केवल तीन देश चंद्रमा पर सफल ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल रहे हैं, जिनमें पूर्ववर्ती सोवियत संघ, अमेरिका और चीन शामिल हैं। हालांकि, ये तीनों देश भी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नहीं उतरे थे।

10:43 AM, 21-Aug-2023

अब तक कैसी रही है चंद्रयान-3 की यात्रा

चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। प्रणोदन और लैंडर मॉड्यूल को अलग करने की कवायद से पहले इसे छह, नौ, 14 और 16 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में नीचे लाने की कवायद की गई, ताकि यह चंद्रमा की सतह के नजदीक आ सके। इससे पहले, 14 जुलाई के प्रक्षेपण के बाद पिछले तीन हफ्तों में पांच से अधिक प्रक्रियाओं में इसरो ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी से दूर आगे की कक्षाओं में बढ़ाया था। गत एक अगस्त को एक महत्वपूर्ण कवायद में अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से सफलतापूर्वक चंद्रमा की ओर भेजा गया।

10:12 AM, 21-Aug-2023

जानें कहां-कैसे देख सकेंगे लैंडिंग का सीधा प्रसारण

इसरो के अनुसार, चंद्रयान-3 मिशन के जरिये अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेगा। इसने कहा कि यह उपलब्धि भारतीय विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और उद्योग की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अंतरिक्ष अन्वेषण में राष्ट्र की प्रगति को प्रदर्शित करता है। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम का टेलीविजन पर 23 अगस्त को सीधा प्रसारण किया जाएगा, जो इसरो की वेबसाइट, इसके यूट्यूब चैनल, इसरो के फेसबुक पेज, और डीडी (दूरदर्शन) नेशनल टीवी चैनल सहित कई मंचों पर पांच बजकर 27 मिनट से शुरू होगा।

09:45 AM, 21-Aug-2023

चांद पर इस समय लैंड होगा विक्रम लैंडर

इसरो का कहना है कि लैंडर (विक्रम) और रोवर (प्रज्ञान) से युक्त लैंडर मॉड्यूल के 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है। इससे पहले, इसरो ने कहा था कि मॉड्यूल 23 अगस्त को शाम पांच बजकर 47 मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। वहीं, लूना-25 को विक्रम के लैंडिंग से दो दिन पहले 21 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरना था।
 

09:15 AM, 21-Aug-2023

ISRO ने जारी कीं विक्रम लैंडर से ली गईं पहली तस्वीरें

इसरो का चंद्रयान-3 मिशन अपने अंतिम चरण में है। इससे पहले विक्रम लैंडर ने चांद के दूरस्थ स्थल की कुछ तस्वीरें ली हैं। इन्हें इसरो की तरफ से सोमवार सुबह ट्विटर पर साझा किया गया है।
 

08:48 AM, 21-Aug-2023

रूस के लूना-25 के साथ क्या हुआ?

रूस का लूना-25 रविवार को अनियंत्रित कक्षा में जाने के बाद चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोसकॉसमॉस’ ने एक बयान में कहा, ‘‘लैंडर एक अप्रत्याशित कक्षा में चला गया और चंद्रमा की सतह से टकराने के परिणामस्वरूप क्षतिग्रस्त हो गया।’’ इसने कहा कि अंतरिक्षयान से शनिवार को संपर्क टूट गया था। रूस ने 1976 के सोवियत काल के बाद पहली बार 10 अगस्त को अपना चंद्र मिशन भेजा था।

08:32 AM, 21-Aug-2023

इसरो ने यह रखा है लैंडिंग का समय

इसरो ने रविवार को कहा कि उसने चंद्रयान-3 मिशन के ‘लैंडर मॉड्यूल’ (एलएम) को कक्षा में थोड़ा और नीचे सफलतापूर्वक पहुंचा दिया, और इसके अब बुधवार को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है।

07:59 AM, 21-Aug-2023

Chandrayaan 3 Live Tracker: अगर 23 की लॉन्चिंग टली तो इस दिन चांद पर उतरेगा चंद्रयान-3, जानें क्या है मामला

Chandrayaan 3 Live Update Today: चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-3 का दूसरा और अंतिम डीबूस्टिंग मनूवर सफलतापूर्वक हो चुका है और अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश हो सकता है। 

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