पिछले 3 दिनों में, ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें की हैं। इसके अलावा उन्होंने दुनिया के कई नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अनौपचारिक बैठकें भी की हैं।
ब्रिक्स समिट 2026 का समापन भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'हम अब समापन की ओर बढ़ रहे हैं। जैसे ही 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, मैं आप सभी की सक्रिय भागीदारी और बहुमूल्य योगदान के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।' सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी ने सम्मेलन को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सम्मेलन के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण विचारों और सुझावों ने ब्रिक्स के बीच सहयोग को व्यापकता और गहराई, दोनों प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के नेताओं की भागीदारी और उनके विचारों ने संगठन के साझा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य के लिए नई संभावनाओं को भी सामने रखा है। सम्मेलन में सभी नेताओं की मौजूदगी ब्रिक्स की बढ़ती प्रासंगिकता, खुलेपन और समावेशिता का प्रमाण है। सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर बदलती परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। सभी देशों के योगदान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति और सहभागिता ने ब्रिक्स सहयोग को और अधिक व्यापक तथा प्रभावी बनाने में योगदान दिया है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया हमसे सिर्फ वादे नहीं रिजल्ट चाहती है। मैं समारोह में शामिल होने के लिए आए सभी मेहमानों की सुरक्षित वापसी की कामना करता हूं।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि नियमों के बिना दुनिया ऐसी चौराहे जैसी है, जहां ट्रैफिक लाइट न होने से अराजकता और अव्यवस्था पैदा होना तय है। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता और न्याय पूरी दुनिया की साझा आकांक्षा है तथा अंतरराष्ट्रीय नियम सभी देशों की भागीदारी से बनाए जाने चाहिए। उन्होंने 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' यानी शक्ति के बल पर अधिकार स्थापित करने की सोच को खारिज करते हुए कहा कि यह सिद्धांत बहुत पहले ही समाप्त हो जाना चाहिए था। शी ने ग्लोबल साउथ के देशों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में कानून के शासन की संयुक्त रूप से रक्षा करने, संप्रभु समानता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान जैसे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम सभी देशों पर समान रूप से लागू होने चाहिए और उनमें किसी प्रकार का दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद दिल्ली से रवाना हो गए। सम्मेलन के दौरान पुतिन ने BRICS देशों के नेताओं के साथ विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। भारत यात्रा के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं के साथ महत्वपूर्ण मुलाकातें भी हुईं। ब्रिक्स समिट में वैश्विक सहयोग, आर्थिक साझेदारी और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। सम्मेलन में भाग लेने के बाद पुतिन के दिल्ली से प्रस्थान को लेकर उनके कार्यक्रम का यह अंतिम चरण रहा।
#WATCH | Delhi: Russian President Vladimir Putin departs from Delhi after participating in the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/j82XieLHIm
— ANI (@ANI) September 13, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर भारत मंडपम में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक BRICS Summit के दौरान हुई, जहां भारत और मिस्र के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अब मेहमानों के जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। पहले चीन के राष्ट्रपति अपने देश के लिए रवाना हुए उसके बाद इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली अपने देश के लिए रवाना हो गए। सम्मेलन में शामिल होने के लिए आए अली ने शनिवार को ब्रिक्स की बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी और भारत में निर्मित हथियारों को खरीदने में रुचि दिखाई थी।
#WATCH | Delhi: Chinese President Xi Jinping departs from Delhi after participating in the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/aO8IME4sum
— ANI (@ANI) September 13, 2026
ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत दौरे पर आए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आधिकारिक खत्म हो गया है। राष्ट्रपति जिनपिंग रविवार को ओपन सेशन में शामिल होने के बाद सुबह 11.45 के करीब नई दिल्ली से बीजिंग के लिए रवाना हो गए।
#WATCH | Delhi: Chinese President Xi Jinping departs from Delhi after participating in the BRICS Summit 2026. pic.twitter.com/aO8IME4sum
— ANI (@ANI) September 13, 2026
छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है। वहीं हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है। भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है। सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं। ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है। यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।
पीएम ने आगे कहा कि इसी वजह से भारत ने ब्रिक्स देशों को ऐसे संकटों से निपटने के लिए पहले से तैयार रखने पर खास जोर दिया है। इसके तहत संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम’ बनाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदाओं से निपटने के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं।
विश्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज दुनिया के देश एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी एक जगह आने वाला संकट दूसरे देशों को भी प्रभावित कर सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के विस्तृत परिवार में हार्दिक स्वागत है, आज यह सभागार अलग-अलग दीपों और सांस्कृतिक को एकसाथ जोड़ रहा है। यह ब्रिकस की बढ़ती ताकत आकर्षण और अभूतपूर्ण विश्वास का परिणाम है। भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के काम को चार बातों पर खास तौर पर आगे बढ़ाया गया। इनमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं। ब्रिक्स देशों के सहयोग से भारत ने अपनी साझा सोच को ऐसे काम में बदलने की कोशिश की है, जिसका फायदा सभी देशों को हो।
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान हुई, जहां सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा से नाश्ते पर मुलाकात की। इस दौरान तीनों नेताओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों और राजनीतिक संवाद के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
Prime Minister of Malaysia Anwar Ibrahim met Lok Sabha Leader of the Opposition Rahul Gandhi and Congress MP Priyanka Gandhi Vadra for a breakfast meeting.
— ANI (@ANI) September 13, 2026
(Source: AICC) pic.twitter.com/tW5MCZfTKv
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओपन सेशन में शामिल होने के लिए पहुंचने वाले नेताओं का स्वागत किया। नेताओं के स्वागत के बाद ग्रुप फोटो होगा।
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi receives Kashim Shettima, the Vice President of Nigeria, at Bharat Mandapam on Day 2 of the BRICS Summit 2026.
— ANI (@ANI) September 13, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/Xn39Fpnqd7
दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम पहुंचे। सम्मेलन के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों के बीच वैश्विक सहयोग, आर्थिक विकास, व्यापार, सुरक्षा और समसामयिक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सम्मेलन स्थल पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच और निगरानी कर रही हैं। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज समाप्त होगा। सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणा-पत्र को अपनाया था। इसके बाद अब अंतिम दिन की गतिविधियों और समापन कार्यक्रमों पर सभी की नजरें टिकी हैं।
दोपहर 2:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम जोमार्ट टोकायेव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात करेंगे। वहीं शाम 4:10 बजे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामफोसा के साथ बैठक निर्धारित है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद प्रधानमंत्री शाम 4:40 बजे बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये के साथ बैठक करेंगे। इनके बाद वह शाम 5:10 मिनट पर नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सीनेटर काशिम शेट्टिमा के साथ बैठक में हिस्सा लेंगे और आखिरी बैठक शाम 5:40 मिनट पर युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ करेंगे।