2017-21 के बीच 35,493 दहेज हत्याएं दर्ज की गईं
देश में 2017 से 2021 के बीच प्रतिदिन करीब 20 दहेज हत्याएं दर्ज की गईं, जिनमें उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन सबसे अधिक छह मौतें दर्ज की गईं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा राज्यसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2017 और 2021 के बीच देश में 35,493 दहेज हत्याएं हुईं।
राज्यसभा ने संविधान (अनुसूचति जातियां एवं जनजातियां) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक को ध्वनिमत से पारित किया। वहीं, लोकसभा ने 2022-23 के लिये अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच और 2019-20 के लिए अनुदान की अतिरिक्त मांगों तथा इससे संबंधित विनियोग विधेयकों को मंजूरी दी।
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने राज्यसभा में एक अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि 2020 से 2022 तक पिछले तीन वर्षों के दौरान घाटी में मारे गए कश्मीरी पंडितों की कुल संख्या नौ है, जिसमें कश्मीरी राजपूत समुदाय से संबंधित एक व्यक्ति भी शामिल है। इसके अलावा एक और जानकारी देते हुए गृह राज्य मंत्री ने कहा कि दो दिसंबर 2022 तक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी( NIA) ने कोयम्बटूर विस्फोट मामले सहित 497 मामले दर्ज किए हैं।