पश्चिम बंगाल में आज (29 अप्रैल) को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान पूरा हो गया। इसी के साथ चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी कार्यक्रम का आखिरकार अंत हुआ। अब 4 मई को इन सभी राज्यों में मतगणना का दिन है। हालांकि, इससे पहले 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद अलग-अलग सर्वे एजेंसियां चुनाव के नतीजों का अनुमान बताने वाले एग्जिट पोल्स जारी कर रही हैं। इन पोल के जरिए ये बताने की कोशिश हुई है कि किस राज्य में कौन सी पार्टी सरकार बन सकती है या कितनी सीटें जीत सकती है। एग्जिट पोल के नतीजों की सटीकता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। फिर चाहे 2024 में लोकसभा और हरियाणा विधानसभा चुनावों की बात हो या 2025 के बिहार-दिल्ली विधानसभा चुनाव। कुछ मौकों पर यह एग्जिट पोल पूरी तरह असलियत से दूर रहे हैं और कुछ चुनावों में इनके अनुमान काफी हद तक निशाने पर भी लगे हैं। अनुमानों की क्या है कहानी, विस्तार से पढ़िए खबर
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने कहा, 92.47 फीसदी मतदान हुआ है। पहले चरण से थोड़ा ज्यादा मतदान दूसरे चरण में हुआ है। चुनाव शांतिपूर्वक हुआ। कुछ जगहों पर 1-2 घटनाएं हुई। कोलकाता में ऐतिहासिक मतदान हुआ है। जो लोग कभी वोट नहीं देते थे, उन लोगों ने भी इस बार आकर मतदान किया। लोगों ने त्योहार की तरह इसे मनाया। इस बार ऐतिहासिक मतदान हुआ है।
नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा सीटों से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने कहा, मैं जमीनी एग्जिट पोल बता रहा हूं। भाजपा को 180 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अच्छे बहुमत से भाजपा सरकार बन रही है। हिंदुओं ने खुलकर वोट किया।
पश्चिम बंगाल में बुधवार (29 अप्रैल) को दूसरे चरण का मतदान भी पूरा हो गया। इसी के साथ अब बंगाल के दोनों चरणों में कुल 92.52 फीसदी मतदान दर्ज कर लिया गया है। आंकड़ों को उठाकर देखा जाए तो बंगाल में कभी भी 90 फीसदी से ज्यादा वोटिंग नहीं हुई। यानी इस बार पश्चिम बंगाल में मतदान का एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। इतना ही नहीं, बंगाल में हुई वोटिंग देशभर में किसी भी राज्य में हुई वोटिंग के रिकॉर्ड से ज्यादा हो गई है। अब तक यह रिकॉर्ड त्रिपुरा के पास था, जहां 2013 में 91.82 फीसदी वोटिंग दर्ज की गई थी। विस्तार से पढ़िए खबर
बेलेघाटा से टीएमसी के उम्मीदवार कुणाल घोष ने कहा, ज्यादातर एग्जिट पोल निराधार हैं। आप उनका पिछली बार का रिकॉर्ड देखिए, उन्होंने 2021 में क्या कहा था और क्या हुआ। जमीनी हकीकत और इसमें बहुत अंतर है। जो टीएमसी की जीत दिखा रहे हैं, उसका अर्थ है कि उनका सर्वे ठीक है। हमें 235 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। भाजपा को 50 सीटें भी नहीं मिलेगी।
एग्जिट पोल पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा, इस पर पूरी तरह विश्वास नहीं किया जा सकता है। हमें हर जगह से अच्छी खबर मिल रही है। असम (एग्जिट पोल) पर विश्वास नहीं होता है। असम में हमारी बहुत नजदीकी लड़ाई है और वहां परिणाम कुछ भी हो सकता है। पश्चिम बंगाल में जिस प्रकार से सरकारी तंत्र का इस्तमाल किया गया है, वो चिंताजनक है और देश के लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। वहां केंद्र सरकार द्वारा पूरी ताकत लगाई गई है।
जेवीसी ने टीएमसी को 131 से 152 सीटें, भाजपा को 138 से 159 सीटें और अन्य को दो से चार सीटें मिलने का अनुमान जताया है।
मैट्रिज ने टीएमसी को 125 से 140 सीटें, भाजपा को 146 से 161 सीटें और अन्य को छह से 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वहीं, पोल डायरी ने टीएमसी को 125 से 140 सीटें और भाजपा को 146 से 161सीटें व अन्य को छह से 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। चाणक्य ने टीएमसी को 130 से 140, भाजपा को 150 से 160 और अन्य को छह से 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया है।
प्रजा पोल ने टीएमसी को 85 से 110 सीटें, भाजपा को 178 से 208 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। जबकि अन्य एक भी सीट न मिलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, पीपल्स पल्स ने टीएमसी को 177 से 187, भाजपा को 95 से 110 और अन्य को एक से चार सीटें मिलने की संभावना जताई है। जबकि पीमारक्यू ने टीएमसी को 118 से 138 सीटें, भाजपा को 150 से 175 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। जबकि अन्य को दो से छह सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वहीं, जनमत पोल्स ने टीएमसी को 195 से 205, भाजपा को 80 से 90 और अन्य को चार से नौ सीटें मिलने की संभावना जताई है।
पोल डायरी में टीएमसी को 125-140, भाजपा को 146-161, अन्य को 6 से 10 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, चाणक्य ने टीएमसी को 130-14, भाजपा को 150-160 और अन्य को 6 से 10 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। प्रजा पोल ने टीएमसी को 85-110 और भाजपा को 178-208 सीटें मिलने का अनुमान जताया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान के बाद एग्जिट पोल के अनुमान सामने आने लगे हैं। मैट्रिज ने टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। जबकि भाजपा के लिए 146 से 161 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
■ एग्जिट पोल की शुरुआत नीदरलैंड के समाजशास्त्री और पूर्व राजनेता मार्सेल वॉन डैम ने की थी।
■ वॉन डैम ने पहली बार 15 फरवरी 1967 को इसका इस्तेमाल किया था। उस समय नीदरलैंड में हुए चुनाव में उनका आकलन बिल्कुल सटीक रहा था।
■ भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक ओपिनियन (आईआईपीयू) के प्रमुख एरिक डी कोस्टा ने की थी।
■ 1996 में एग्जिट पोल सबसे अधिक चर्चा आए। उस समय दूरदर्शन ने सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) को देशभर में एग्जिट पोल कराने के लिए अनुमति दी थी।
■ 1998 में पहली बार टीवी पर एग्जिट पोल का प्रसारण किया गया।
Bengal Exit Poll Live: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए इस बार दो चरणों में मतदान हो रहा है। आज दूसरे और अंतिम चरण का मतदान हुआ। इसके बाद एग्जिट पोल सामने आने शुरू हो गए। दूसरे चरण में 142 विधानसभा सीटों के लिए मतदान हुआ। इससे पहले केंद्रीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने तैनात केंद्रीय बलों को निर्देश दिया था कि वे भयभीत मतदाताओं की मदद के लिए तैयार रहें। उन्हें मतदान केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाएं।
पहले चरण में रिकॉर्ड 92 फीसदी से अधिक का मतदान हुआ था। जिसने 2011 के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। तब परिवर्तन की लहर थी और ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने वाम सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका था।
इस बार असल सवाल यही है कि क्या रिकॉर्ड मतदान सत्ता के समर्थन का संकेत है या बदलाव की इच्छा का? क्या यह केवल उत्साह है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है। इन सवालों के जवाब जानने के लिए जरूरी है कि 2011, 2016, 2021 और अब 2026 के मतदान ट्रेंड को एक साथ देखा जाए, क्योंकि बंगाल में मतदान प्रतिशत अक्सर चुनावी नतीजों की दिशा का संकेत भी देता रहा है। हालांकि, अभी दूसरे चरण का मतदान जारी है।
डेढ़ दशक में ऐसा रहा ट्रेंड
■ 2011 : 84% (परिवर्तन की लहर, 34 साल बाद सत्ता बदली)
■ 2016 : 82% (स्थिरता, तृणमूल की वापसी)
■ 2021 : 81% (भारी ध्रुवीकरण, तृणमूल बनाम भाजपा सीधी लड़ाई)
■ 2026 : पहले चरण में 92% से ऊपर मतदान सिर्फ अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा ही नहीं है, बल्कि असामान्य रूप से भी ज्यादा है।
यह आंकड़ा क्यों है खास?
रिकॉर्ड स्तर की भागीदारी : लगभग हर पात्र मतदाता वोट देने निकला।
संवेदनशील इलाकों में भी वोटिंग : जंगलमहल, उत्तर बंगाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी भारी मतदान।
महिलाओं के साथ पहली बार वोट देने वाले युवाओं की भागीदारी बढ़ी।
राजनीतिक निहितार्थ
■ कड़ा मुकाबला : चुनाव एकतरफा नहीं, सीधी टक्कर
■ समर्थन बनाम विरोध : तृणमूल ने बताया समर्थन का संकेत, भाजपा बोली-बदलाव की लहर
■ भय या भागीदारी : ज्यादा मतदान डर घटने का नतीजा या संगठित लामबंदी है।
एग्जिट पोल मतदान के तुरंत बाद कराया जाता है, जिसमें केवल मतदाताओं को ही शामिल किया जाता है। एग्जिट पोल में वही लोग शामिल होते हैं, जो मतदान कर बाहर निकलते हैं। एग्जिट पोल निर्णायक दौर में होता है। इससे पता चलता है कि लोगों ने किस पार्टी पर भरोसा जताया है। एग्जिट पोल का प्रसारण मतदान के पूरी तरह से खत्म होने के बाद ही किया जाता है।