पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को भारत को चेतावनी दी कि वह भविष्य में किसी भी दुस्साहस का कोलकाता में हमले से जवाब देगा। इस पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उनकी तरफ से कहा गया है कि पीएम ने अपनी रैली में पाकिस्तान की कोलकाता पर हमले की धमकी को क्यो नहीं उठाया। ममता बनर्जी से नदिया जिले में अपनी चुनावी रैली में कहा प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों के दौरान बंगाल को निशाना बनाते हैं, लेकिन जब पाकिस्तान बंगाल पर हमला करने की बात करता है, तो आप एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के हरिपाद जिले में एक विशाल रोड शो किया। उन्होंने आगामी नौ अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एनडीए उम्मीदवार संदीप वाचस्पति के लिए प्रचार किया। कांग्रेस ने मौजूदा विधायक और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को फिर से मैदान में उतारा है। वहीं, सत्तारूढ़ एलडीएफ ने सीपीआई उम्मीदवार टी टी जिस्मोन को टिकट दिया है। एनडीए के संदीप वाचस्पति भी इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में बारामती विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को उपचुनाव होना है। इस चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार ने नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। अजित पवार के प्लेन क्रैश हादसे में दुखद निधन के बाद उपमुख्यमंत्री की पद और सीट खाली हो गई थी। सुनेत्रा पवार पहले ही उपमुख्यमंत्री पद का शपथ ले चुकीं हैं। अब वह अपने पति की पुणे जिले के बारामती सीट से जीत दर्ज करने की तैयारी कर रही हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पुडुचेरी के लॉस्पेट में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि हम पुडुचेरी को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं । उन्होंने आगे कहां कि भाजपा चाहती है कि पुडुचेरी अडानी का हो जाए। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कराईकल बंदरगाह पहले ही उन्हें बेच दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा हर कोई जानता है कि सभी ठेकों पर 30% कमीशन लिया जाता है। यहां की सरकार एक 'कलेक्शन एजेंट' बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को असम में तीन चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे और 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार करेंगे। पहली रैली निचले असम के बारपेटा जिले के भवानीपुर-सोरभोग में आयोजित होगी, जहां प्रधानमंत्री मंत्री रंजीत कुमार दास के समर्थन में जनसभा को संबोधित करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री मध्य असम के होजाई में भाजपा उम्मीदवार शिलादित्य देव के पक्ष में रैली करेंगे। उनकी तीसरी और अंतिम रैली ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ में होगी, जहां वे राज्य के मंत्री प्रशांत फुकन के समर्थन में प्रचार करेंगे।
चुनाव की घोषणा के बाद से यह दूसरी बार होगा जब प्रधानमंत्री असम में चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे। इससे पहले 1 अप्रैल को उन्होंने गोगामुख और बेहाली में रैलियों को संबोधित किया था और डिब्रूगढ़ में चाय बागान की महिला श्रमिकों से संवाद भी किया था। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान बुधवार को समाप्त हो जाएगा। असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस ने असम के साथ पांच महापाप किए हैं और अब जनता उसे जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने 1962 के चीन युद्ध, घुसपैठ को संरक्षण, बेरोजगारी और परिवारवाद को कांग्रेस के अन्य महापाप बताए। चौहान ने कहा, असम में न लैंड जिहाद चलेगा, न लव जिहाद और राज्य की एक-एक इंच जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाएगा। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का संकल्प है। असम की बोकाखाट और नाडुआर विधानसभा सीटों पर रविवार को एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभाओं को संबोधित करते हुए शिवराज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। चौहान ने कहा, 1947 में कांग्रेस असम को पाकिस्तान में देने के पक्ष में थी, जबकि गोपीनाथ बोरदोलोई ने संघर्ष कर राज्य को भारत में बनाए रखा। उन्होंने कहा, कांग्रेस की चिंता मामा हिमंत हैं और प्रियंका गांधी के असम आते ही कांग्रेस में भगदड़ मच गई है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी पार्टी के चुनावी घोषणापत्र को 2026 चुनावों का सुपरस्टार बताते हुए कहा कि जनता को सिर्फ द्रमुक के वादों पर भरोसा है। सेक्युलर प्रोगेसिव अलायंस की रविवार को एक जनसभा में द्रमुक प्रमुख ने कहा कि यह घोषणापत्र बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, महिलाओं से लेकर युवाओं तक हर वर्ग को पसंद आ रहा है। चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल वादा कर सकता है, पर लोग केवल द्रमुक के वादों पर ही विश्वास करते हैं। उन्होंने घोषणापत्र की प्रमुख योजनाओं का जिक्र करते हुए गृहिणी योजना को खास बताया। इस योजना के तहत महिलाओं को घरेलू उपकरण खरीदने के लिए 8,000 रुपये का कूपन दिया जाएगा।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने हरियाणा के गौरव कुमार के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उनका आरोप है कि गौरव ने राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने और यूडीएफ को सत्ता में आने से रोकने के लिए आधारहीन, राजनीति से प्रेरित बयान दिए। कांग्रेस के मुताबिक, रविवार को अलाप्पुझा के न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट में यह मुकदमा दर्ज कराया गया। हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व पदाधिकारी के पति कुमार ने आरोप लगाया था कि 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी को बावल सीट से टिकट दिलाने के नाम पर उनसे 7 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई थी। हालांकि, वेणुगोपाल का कहना है कि 2024 के चुनाव से जुड़े ये दावे 2026 में केरल चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर उछाले गए हैं ताकि उनकी व कांग्रेस की छवि खराब की जा सके।
चुनाव आयोग ने रविवार को बताया कि पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल की जा रही 650 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध नकदी, ड्रग्स, शराब व कीमती वस्तुएं जब्त की गई हैं। आयोग के अनुसार, सबसे ज्यादा 319 करोड़ रुपये की बरामदगी पश्चिम बंगाल से हुई है, जबकि तमिलनाडु में 170 करोड़ रुपये की जब्ती की गई। निगरानी के लिए 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं। कोलकाता पुलिस ने रविवार को भी शहर के टॉलीगंज में एक एसयूवी से करीब 38 लाख रुपये बरामद किए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। खरगे ने केरल में एक रैली के दौरान कहा था कि वहां के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं, जबकि गुजरात और उत्तर भारत के कुछ लोग 'अनपढ़' हैं और उन्हें आसानी से गुमराह किया जा सकता है। इस बयान पर भाजपा ने इसे अपमानजनक बताते हुए कांग्रेस पर “फूट डालो और राज करो” की राजनीति करने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि क्या खरगे महात्मा गांधी, सरदार पटेल और अन्य नेताओं को भी ऐसा ही मानते हैं। वहीं, शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने पर जनता का अपमान करती है। भाजपा ने दावा किया कि ऐसे बयान देश को बांटने की कोशिश हैं और जनता इसका जवाब चुनाव में देगी।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की फरक्का सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मोहताब शेख को बड़ी राहत मिली है। चुनावी सूची से उनका नाम हटाए जाने के बाद उन्होंने न्याय के लिए अदालत का रुख किया था। अब एक ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि उनका नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ा जाए।
दरअसल, विशेष संशोधन प्रक्रिया (एसआईआर) के दौरान उनके नाम में कुछ गड़बड़ी बताकर उसे 'न्यायनिर्णयन के तहत' में डाल दिया गया था, जिससे वे नामांकन दाखिल नहीं कर पा रहे थे। मोहताब शेख ने कई दस्तावेज जैसे आधार, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस पेश किए। ट्रिब्यूनल ने माना कि पिता के नाम में थोड़ी गलती थी, लेकिन इससे उनकी पहचान पर कोई असर नहीं पड़ता। इस फैसले के बाद अब वे चुनाव लड़ सकेंगे। मतदान से ठीक पहले आए इस फैसले को अहम माना जा रहा है।