तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रसिद्ध संगीतकार रमेश विनायकम से मुलाकात की और भारतीय संगीत को वैश्विक मंच पर ले जाने के उनके प्रयासों की सराहना की। इस दौरान पीएम ने गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम के बारे में विस्तार से जाना और उस पर वंदे मातरम की धुन निकालने की कोशिश भी की। पीएम ने सोशल मीडिया में इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा, चुनाव प्रचार की व्यस्तता के बीच, चेन्नई में थिरु रमेश विनायकम और उनके परिवार से मिलने का अवसर मिला। रमेश एक संगीतकार हैं और उन्होंने अपना जीवन भारतीय संगीत को लोकप्रिय बनाने में समर्पित कर दिया है। उन्होंने मुझे गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम पर अपने काम की एक झलक भी दिखाई। भारतीय संगीत को दुनिया तक ले जाने का यह एक अभिनव तरीका है।
गमक बॉक्स नोटेशन सिस्टम एक विजुअल नोटेशन तकनीक है, जो भारतीय संगीत को समझने और सिखाने में मदद करती है। किसी स्वर को सीधे न गाकर उसे हिलाकर, मोड़कर या सजाकर गाने को गमक कहते हैं।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में दो अलग अलग मामलों में सख्त कार्रवाई की है। इसमें कांग्रेस के बहरामपुर प्रत्याशी के साथ प्रचार के दौरान झड़प में एक इंस्पेक्टर इंचार्ज, चार टीएमसी कार्यकर्ताओं और टीएमसी के लिए प्रचार करने पर एक सेक्टर सहायक पर कार्रवाई की गई है। बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के बहरामपुर के प्रत्याशी अधीर रंजन के जनसंपर्क कर रहे थे इस प्रचार अभियान के दौरान टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ सामना हो गया और झड़प तथा धक्का मुक्की भी हुई। इसकी शिकायत पर आयोग ने प्रचार में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में बहरामपुर के इंस्पेक्टर इंचार्ज-आईसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है और टीएमसी के चार आरोपी सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है।
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 'दिल्ली की टीम' पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लोगों से इस टीम को हराने का आह्वान करते हुए दावा कि वह राज्य के विकास की राह में रोड़ा अटका रही है। उन्हें सत्ता से दूर रखना जरूरी है। उदयनिधि, शनिवार को जिले के सिंगमपुनारी में सहकारिता मंत्री और द्रमुक प्रत्याशी केआर पेरियाकरुप्पन के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को होने वाला विधानसभा चुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने इसे द्रमुक के विकास कार्यों और तमिलनाडु के हितों के खिलाफ काम करने वाली दिल्ली की टीम यानी केंद्र के बीच मुकाबला बताया।
उदयनिधि ने कहा, हमें दिल्ली की टीम व संघी समूह को हराना होगा और यह साबित करना होगा कि तमिलनाडु में उनके लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही,अधिक विकास और कल्याणकारी योजनाओं के लिए द्रविड़ मॉडल 2.0 शासन सुनिश्चित करना होगा।
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वामपंथ को छत्तीसगढ़ में हमलों के मुद्दे पर 'लेक्चर देने की कोशिश राजनीतिक अज्ञानता का शर्मनाक प्रदर्शन' है। विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि आज जिन कानूनों का इस्तेमाल भाजपा अल्पसंख्यकों को डराने के लिए कर रही है, वे कांग्रेस सरकारों द्वारा ही बनाए और दशकों तक संरक्षित किए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी में हिमाचल प्रदेश में, जहां कांग्रेस सत्ता में है, इन “कठोर धर्मांतरण विरोधी कानूनों” को खत्म करने का साहस है?
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से संघ परिवार के राजनीतिक उभार का रास्ता तैयार किया है, इसलिए उसे वामपंथ के धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। इसी बीच, माकपा के बागी नेता जी सुधाकरन ने भी मुख्यमंत्री विजयन पर सीधा हमला बोला है। पूर्व मंत्री और चार बार विधायक रह चुके सुधाकरन ने विजयन के संरक्षण के दावों को खारिज करते हुए अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान पर जोर दिया। अलाप्पुझा से आने वाले सुधाकरन ने कहा कि उन्होंने 15 साल की उम्र में पार्टी जॉइन की थी और 63 वर्षों तक कम्युनिस्ट आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कहा कि 1967 के दौर में विजयन त्रावणकोर क्षेत्र में लगभग अज्ञात थे और मालाबार के थलसेरी तक ही सीमित थे।
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कहा है कि वे विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं होंगे। शनिवार को केरल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, मैंने लिखित में पार्टी को चुनाव नहीं लड़ने और केवल प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने की इच्छा जताई है। पार्टी के चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम के साथ यह औपचारिक मुलाकात थी। उन्होंने हमारा मार्गदर्शन किया। गोयल ने अन्नामलाई को अनुशासित सिपाही बताते हुए कहा कि वे पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने मीडिया में चल रही टिकट कटने की खबरों को भ्रामक बताया। अन्नामलाई ने सोशल मीडिया पर भी दोहराया कि उनका लक्ष्य एनडीए को 210 सीटों पर जीत दिलाना है। फिलहाल वे केरल और पुडुचेरी में प्रचार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे सूबे का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी चुनावी सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक विशाल रोड शो किया। इस रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी।तिरुवल्ला में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने के बाद पीएम मोदी शाम को राजधानी तिरुवनंतपुरम पहुंचे। यहां उन्होंने किल्लीपालम से करमना जंक्शन तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस पूरे रास्ते पर समर्थकों और आम जनता का ऐसा सैलाब उमड़ा कि तिल रखने तक की जगह नहीं थी।
पीएम मोदी के ऊपर फूलों की बारिश
सड़क के दोनों ओर खड़े हजारों पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग भाजपा के झंडे लहरा रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी एक विशेष तौर पर सजाए गए खुले वाहन में सवार थे। उन्होंने हाथ जोड़कर और हाथ हिलाकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। बीच-बीच में पीएम मोदी भाजपा का चुनाव चिह्न 'कमल' हाथ में उठाकर हवा में लहराते दिखे। पीएम मोदी के इस मेगा रोड शो में बीजेपी के कई दिग्गज नेता और उम्मीदवार भी शामिल हुए। इनमें राजीव चंद्रशेखर, आर श्रीलेखा, वी मुरलीधरन और करमना जयन जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
चुनाव आयोग ने शनिवार को कोलकाता की भवानीपुर सीट पर भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में लापरवाही बरतने पर कोलकाता पुलिस के चार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई, जब 2 अप्रैल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शुभेंदु के नामांकन के दौरान मौजूद थे। भवानीपुर सीट पर विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु का मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से है। चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे पत्र में कहा कि यह फैसला राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की सिफारिश के आधार पर लिया गया है। निलंबित अधिकारियों में दक्षिण डिवीजन के डीसी (द्वितीय) सिद्धार्थ दत्ता, अलीपुर थाने के प्रभारी प्रियंकर चक्रवर्ती, अतिरिक्त प्रभारी चंडी चरण बनर्जी और सार्जेंट सौरभ चटर्जी शामिल हैं। आयोग ने निर्देश दिया कि इन अधिकारियों के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाए। साथ ही राज्य प्रशासन को आदेश दिया गया है कि इन निर्देशों का पालन बिना देरी के किया जाए और सोमवार सुबह 11 बजे तक इसकी रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपी जाए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि DMK और कांग्रेस तमिलनाडु में हमेशा जीतते हैं। हमारा रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। प्रधानमंत्री सपना देख रहे हैं। हम सपना नहीं देख रहे। लोग हमारे साथ हैं। मोदी नहीं बल्कि लोग चुनाव करेंगे। चुनाव में हमारी स्थिति बहुत अच्छी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "कांग्रेस चाहती है कि पश्चिम एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें, हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें, कोई ऐसा बयान दे दें और खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों पर मुसीबत आ जाए इसलिए कांग्रेस खाड़ी देशों को नाराज़ करने वाले बयान दे रही है। कांग्रेस चाहती है कि पैनिक फैले और उसे मुझे गाली देने का मौका मिल जाए। मैं कांग्रेस, LDF, UDF के लोगों से कहना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह है, चुनाव आते-जाते रहेंगे लेकिन मेरे लिए केरल के जो लाखों लोग वहां हैं उनकी सुरक्षा प्राथमिकता है और मैं उसके लिए प्रतिबद्ध हूं।
पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य मौजूदगी में नामांकन दाखिल करने पहुंचे। नामांकन के लिए जाने से पहले उन्होंने कहा, 'सिर्फ खड़गपुर में ही नहीं, बल्कि पूरे बंगाल में भाजपा सत्ता परिवर्तन के लिए प्रयास कर रही है। हर कोई महसूस कर रहा है कि सत्ता परिवर्तन कितना जरूरी है। पूरा देश, पूरी दुनिया देख रही है।' घोष ने कहा, 'अगर कोई दल देश के संविधान, अदालतों और यहां तक कि राष्ट्रपति को भी चुनौती देता है, तो उसे एक मिनट भी सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'लोग देख रहे हैं कि ममता बनर्जी की सरकार और प्रशासन कितनी हद तक गिर चुके हैं। वे गृह मंत्री को चुनौती दे रहे हैं, प्रधानमंत्री को काला झंडा दिखा रहे हैं। टीएमसी कार्यकर्ता चुनाव आयुक्त को काला झंडा दिखा रहे हैं और वापस जाओ का नारा लगाते हैं। राष्ट्रपति की अवहेलना कर रहे हैं, उन्हें अपमानित कर रहे हैं, अब क्या बचा है? ममता बनर्जी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को भी नहीं सुनतीं और हम एक देश एक कानून में विश्वास करते हैं।'
बकौल भाजपा नेता घोष, '2016 के चुनाव में मैंने माफिया के खिलाफ अकेले लड़ाई लड़ी। मेरे साथ कोई नहीं था, कोई समुदाय नहीं था, कोई संगठन नहीं था। मैंने उनके साथ मिलकर माफिया को हराया। इसलिए भाजपा और दिलीप घोष का संदेश पूरे बंगाल में फैल गया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, हम कानून व्यवस्था को सुधारेंगे। बंगाल का एक भी व्यक्ति डर में नहीं जिएगा। हम बिहार और उत्तर प्रदेश को सुधार सकते हैं, तो बंगाल को भी सही रास्ते पर ले आएंगे।'
---आईएएनएस इनपुट
असम के श्रीभूमि में आयोजित जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को भाजपा-एनडीए की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि सभा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में असम में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है और जनता का पूरा आशीर्वाद पार्टी को मिलने वाला है। नितिन नवीन ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा सरकार ने असम के विकास और उसकी समृद्ध विरासत, दोनों को आगे बढ़ाने का काम किया है। इससे पहले राज्य को अपराध का गढ़ बना दिया गया था। कांग्रेस के शासनकाल में लोगों को रोटी के लिए भटकना पड़ता था, रोजगार के अवसर नहीं थे और न ही महिलाओं और राज्य की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित थी। इसी कारण असम की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सजा दी।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और असम तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सड़क, बिजली, रोजगार जैसे हर क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। बराक वैली का जिक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यह इलाका उपेक्षा और भेदभाव का शिकार था, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जरिए इस क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हुई है और लोगों तक सुविधाएं पहुंच रही हैं। भाजपा अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की विकास योजनाओं का भी जिक्र किया।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाताओं की सुविधा बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। चुनाव आयोग ने राज्य में 4,660 सहायक मतदान केंद्र बनाने को मंजूरी दी है। ये नए केंद्र उन जगहों पर बनाए जाएंगे जहां किसी एक पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्या 1,200 से ज्यादा है।
इसके साथ ही आयोग ने 321 मौजूदा मतदान केंद्रों को मतदाताओं की सुविधा के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी है। इन फैसलों के बाद अब पश्चिम बंगाल में कुल मतदान केंद्रों की संख्या, सहायक केंद्रों समेत, बढ़कर 85,379 हो गई है।
आयोग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कुछ अहम शर्तें भी तय की हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सहायक मतदान केंद्र स्थापित करते समय 'मतदान केंद्रों पर नियमावली, 2020' के पैरा 4.2.2 में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। साथ ही, जिन मतदान केंद्रों की लोकेशन बदली जा रही है, वहां के हर मतदाता को व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा।
आयोग ने यह भी कहा है कि नए सहायक मतदान केंद्रों के निर्माण और पोलिंग स्टेशनों के स्थानांतरण की जानकारी संबंधित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए। इसके अलावा सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी इस बारे में लिखित रूप में सूचित करना जरूरी होगा।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि इस प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों को भी समय रहते पूरी जानकारी दी जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके। यह कदम मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिससे लंबी कतारों से बचाव हो सके और ज्यादा से ज्यादा लोग आसानी से अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा जबकि दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
मथाभांगा से भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक पर 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, दंगा और डकैती की योजना जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उन्होंने चुनावी हलफनामे में खुद यह जानकारी दी है। हालांकि, वे किसी भी मामले में दोषी सिद्ध नहीं हुए हैं। कूचबिहार के भाजपा पदाधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर बयान जारी कर इन आरोपों को तृणमूल की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम में चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला है। गोलपाड़ा और धुबरी की रैलियों में ओवैसी ने कहा कि दोनों दल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और राज्य में सशक्त मुस्लिम नेतृत्व नहीं चाहते। ओवैसी ने सीएम हिमंत बिस्व सरमा पर नफरत की राजनीति करने और अवैध रूप से अल्पसंख्यकों के घरों पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाया। वहीं, यह भी कहा कि एनआरसी और डिटेंशन सेंटर की शुरुआत कांग्रेस ने ही की थी।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने शुक्रवार को अपने हिस्से की 27 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने दलित चेहरा व केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन को अविनासी सीट, तो पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को मायलापुर से मैदान में उतारा है। सूची में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अन्नामलाई का नाम नहीं है, जबकि पांच महिलाओं पर भरोसा जताया गया है।
पार्टी ने पश्चिम तमिलनाडु और दलित वोट को संदेश देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी निभा चुके मुरुगन को लड़ाने का फैसला किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मुरुगन से दलित बिरादरी में सकारात्मक संदेश जाएगा। तमिलिसाई को पार्टी ने उनके शहरी और महिला वोट बैंक में प्रभाव को देखते हुए लड़ाने का फैसला किया। सूची में वानती श्रीनिवासन, नैनार नागेंद्रन, एमआर गांधी, विजयधारणी शामिल हैं। एआईएडीएमके से मतभेद के कारण प्रदेश अध्यक्ष का पद गंवाने वाले अन्नामलाई की भूमिका प्रचार और रणनीति में रहेगी। अन्नामलाई ने चुनाव लड़ने से इन्कार भी किया था। चुनाव बाद केंद्रीय राजनीति में लाया जाएगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 27 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। कांग्रेस ने पोंनेरी से दुरई चंद्रशेखर और श्रीपेरंबदूरसे सेल्वपेरुंथगई को चुनावी मैदान में उतारा है। सेल्वपेरुंथगई प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। टिकट बंटवारे में पार्टी ने जातीय समीकरणों के साथ स्थानीय वोट बैंक को ध्यान में रखा है। कांग्रेस ने शॉलिंगुर से मुनिरत्नम, कृष्णागिरी से चेल्ला कुमार, ईरोड पूर्व से गोपीनाथ पलानीअप्पन, सिंगनल्लूर से वी श्रीनिधि नायडू और शिवकाशी से गणेशन अशोकन, उथंगराई से आर कुप्पू सामी,पेन्नागरम से जीकेएम तमिल कुमारन, अत्तूर से एस के अर्थनारी, उधगमंडलम से बी रामचंद्रन , कवुंदम्पालयम से के पी सूर्या प्रकाश, किल्लूयर वकील एस राजेश कुमार को उम्मीदवार बनाया है।
चुनाव आयोग ने केरल की पेराम्बरा विधानसभा क्षेत्र से एलडीएफ उम्मीदवार टीपी रामकृष्णन को नोटिस जारी किया है। आरोप है कि एलडीएफ के प्रचार वाहन से रिकॉर्डेड संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें विपक्षी दल पर सांप्रदायिक आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया गया था।
पश्चिम बंगाल चुनाव के तहत 2 अप्रैल को सर्वे बिल्डिंग के सामने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नामांकन के दौरान हुई हिंसा मामले में चुनाव आयोग ने बड़ा एक्शन लिया है। दरअसल, आयोग ने कोलकाता पुलिस के डीसी-2, अलीपुर के ओसी, एडिशनल ओसी और एक सार्जेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी वाले इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम के दौरान नियमों का उल्लंघन कर हुई नारेबाजी और झड़प को रोकने में नाकाम रहने पर आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है।