चुनाव आयोग के मुताबिक, असम में शाम चार बजे तक 68.31% वोटिंग हुई है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, असम में दोपहर साढ़े तीन बजे तक 68.31 फीसदी वोटिंग हुई।
असम में दोपहर 1 बजे तक 53.23 फीसदी मतदान हुआ।
असम में सुबह 11 बजे तक16.49 फीसदी मतदान हुआ।
असम में वोटिंग ने रफ्तार पकड़ ली है। सुबह 10 बजे तक केवल 12.83 फीसदी मतदान हुआ।
असम में मतदान को लेकर वोटर्स में काफी उत्साह है और बुजुर्ग भी इसमें पीछे नहीं हैं।
असम में तीसरे और अंतिम चरण के लिए 40 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है। इस चरण में हिमंत बिस्वा सरमा सहित 337 उम्मीदवार मैदान में हैं।
भाजपा को यहां गैर बोडो और गैर मुस्लिम मतदाताओं से उम्मीद हैं। इन दोनों की आबादी करीब 50 फीसदी है। 2020 में बीटीसी चुनाव में भाजपा के 9 उम्मीदवारों में से 6 गैर बोडो थे। बीपीएफ ने 2016 के विधानसभा चुनाव में 12 सीटें जीती थीं। उसके सामने पुराना प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। यदि वह 7-8 सीटें जीतती है तो भी यह भाजपा गठबंधन के लिए चुनौती भरा होगा। वहीं, यदि भाजपा सत्ता में आती है तो बीपीएफ के लिए राजनीतिक तौर पर बड़ा नुकसान होगा। तीसरे चरण में हिमंत से पांचवी बार चुनाव मैदान में है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पुरानी सीट बदलकर पछककुच्ची से किस्मत आजमा रहे हैं।
असम की कुल 116 सीटों में से पहले और दूसरे चरण में क्रमश: 47 व 39 सीटों पर वोट पड़ चुके हैं। जिन 40 सीटों पर मंगलवार को वोट पड़ेंगे वे पश्चिमी असम व अन्य क्षेत्रों में हैं। वर्ष 2016 में भाजपा व असम गण परिषद (एजीपी) को इन 40 सीटों में से 15 पर जीत हासिल हुई थी। तब अलग-अलग चुनाव लड़े कांग्रेस, बोडो पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और एआईयूडीएफ को 25 सीट मिली थी।