ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अहम भूमिका निभा रहा है और फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के मामले में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ एआई क्रांति में भाग नहीं ले रहा, बल्कि इसे आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान एएनआई से बातचीत में ऑल्टमैन ने भारत के डिजिटल विकास को लेकर आशावाद जताया और कहा कि देश के टेक इकोसिस्टम में हो रहा काम अद्भुत है और वैश्विक गति तय कर रहा है। उन्होंने भारत को भविष्य के नवाचार का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि एआई के वैश्विक विकास पर भारत का बड़ा प्रभाव पड़ेगा।
रोजगार पर एआई के प्रभाव को लेकर उठ रही चिंताओं पर उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव नौकरी बाजार को जरूर प्रभावित करेंगे, लेकिन इतिहास बताता है कि नई तकनीकें नए और अधिक सार्थक रोजगार के अवसर भी पैदा करती हैं। उन्होंने मानव क्षमता और अनुकूलन की शक्ति पर भरोसा जताया।
भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील मित्तल ने समिट में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ताकत से हेल्थकेयर, शिक्षा, डीप रिसर्च और मेडिकल साइंसेज जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेज विकास देखने को मिलेगा।
मित्तल ने कहा कि एआई अब कंपनियों के संचालन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी के लिए एआई ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने, नेटवर्क तैयार करने और नेटवर्क मैनेजमेंट को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में विभिन्न सेक्टर्स एआई के सहारे नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे और यह तकनीक उद्योगों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव लाने वाली है।
एआई इंपैक्ट समिट में भारत के अरबपति उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी बड़े एलान किए। उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा दौर आना अभी बाकी है। उन्होंने कहा, एआई कई क्षेत्रों में नए दौर की शुरुआत कर सकता है। उन्होंने कहा, दुनिया इस बात पर बहस कर रही है कि क्या एआई के कारण ताकत कुछ लोगों के हाथों में सिमट जाएगी। या एआई सभी के लिए मौके और सबके लिए आसान अवसर का माध्यम बनेगा।
अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ का निवेश
उन्होंने मौजूदा दौर में कृत्रिम बुद्धिमता के असर को रेखांकित करते हुए कहा, आज एआई को लेकर दुनिया दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता कम, महंगे एआई और कंट्रोल्ड डाटा की तरफ ले जाता है, दूसरा सस्ता, आसानी से मिलने वाली एआई की सुविधा सुनिश्चित करता है। मुकेश अंबानी ने अपने घराने की प्रतिबद्धता साझा करते हुए कहा, जिस तरह कंपनी ने मोबाइल डाटा का कॉस्ट कम किया है, उनका ग्रुप एआई की कॉस्ट भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि जियो और रिलायंस इंडिया लिमिटेड (RIL) इस साल से शुरूआत कर अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
ये भी पढ़ें- Ambani at AI Impact Summit: मुकेश अंबानी का बड़ा एलान, कहा- अगले सात साल में 10 लाख करोड़ का निवेश करेंगे
पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में कहा, मुझे आपको बताते हुए खुशी हो रही है कि इस समिट में तीन भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल्स और एप लॉन्च किए हैं। ये युवाओं की प्रतिभा के सबूत हैं। भारत जो सॉल्यूशन दे रहा है, ये उसकी गहराई और विविधता के भी प्रतिबिंब हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, भारत सेमीकंडक्टर और चिप मेकिंग से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक एक रेजिलिएंट इको सिस्टम बना रहा है। सिक्योर डाटा सेंटर, मजबूत आईटी बैकबोन, डायनेमिक स्टार्टअप इकोसिस्टम भारत को अफॉर्डेबल, स्केलेबल और सिक्योर एआई सॉल्यूशंस का नैचुरल हब बनाते हैं।
देश की ताकत को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत के पास डायवर्सिटी, डेमोग्राफी के साथ-साथ डेमोक्रेसी भी है। जो एआई मॉडल भारत में सफल होता है, उसे वैश्विक स्तर पर भी आजमाया जा सकता है। उन्होंने टेक वर्ल्ड के दिग्गजों से भारत में निवेश का आह्वान करते हुए कहा, डिजाइन एंड डेवलप इन इंडिया, डिलिवर टू द वर्ल्ड, डिलिवर टू दी ह्यूमैनिटी।
प्रधानमंत्री मोदी ने खाद्य पैकेटों पर मौजूद पोषण संबंधी लेबल की तर्ज पर एआई सामग्री के लिए भी प्रामाणिकता वाले लेबल लगाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग एआई से डरते हैं, कुछ लोग इसमें भविष्य देखते हैं। भारत एआई में भविष्य देखता है। प्रधानमंत्री ने मेड इन इंडिया और देश की युवा प्रतिभा को वैश्विक मंच पर रेखांकित करते हुए कहा, भारत में सफल होने वाला कोई भी एआई मॉडल दुनिया में कहीं भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
एआई के दुरुपयोग को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, डीपफेक और मनगढ़ंत सामग्री खुले समाजों में अस्थिरता पैदा करती है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए 'मानव विजन' (MANAV Vision) भी साझा किया। पीएम मोदी ने एआई में नैतिकता, नीतिपरक प्रणाली, जवाबदेह शासन और राष्ट्रीय संप्रभुता को शामिल किए जाने पर जोर दिया।
हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी। बकौल पीएम मोदी, हमें एआई का लोकतंत्रीकरण कर ये सुनिश्चित करना होगा कि मनुष्य केवल डेटा प्वाइंट या रॉ मैटेरियल न बन जाए। उन्होंने कहा कि हमें एआई को खुली छूट देनी होगी, लेकिन साथ ही हमें इसकी बागडोर अपने हाथों में रखनी होगी।
उन्होंने एआई के लोकतंत्रीकरण पर जोर देते हुए कहा, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए हमें इसे समावेशन और सशक्तिकरण का एक उपकरण बनना होगा। पीएम मोदी ने कहा, हमारा मानना है कि एआई से तभी लाभ हो सकता है जब इसे साझा किया जा सके; हमें एआई को एक वैश्विक साझा हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लेना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक ऐसी ताकत है, जिसकी मदद से तेजी से बदलाव लाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, हालांकि, यह ऐसी शक्ति है जो अगर अपने लक्ष्यों से भटक जाए तो विनाश भी हो सकता है। यदि इसका सही उपयोग किया जाए, तो यह समाधान प्रदान करती है। सभी का कल्याण और खुशी ही एआई के लिए हमारा मानदंड है।
एआई शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई की खूबियां गिनाते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भारत के युवा बदलाव ला सकते हैं। एआई में भारत को भय नहीं भाग्य दिखता है। उन्होंने एआई को इतिहास का सबसे बड़े परिवर्तन बताते हुए कहा कि मौजूदा दौर में जिसके पास डाटा है, उसके पास अधिकार भी हैं। ऐसे में हम एआई को जैसी दिशा में ले जाएंगे वैसे बदलाव होंगे।
एआई समिट में वैश्विक दिग्गजों की मौजूदगी में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जब नमस्ते से अभिवादन किया तो उनके इस व्यवहार ने सबका ध्यान खींचा। भारतीय परंपरा में नमस्ते के साथ संबोधन की शुरुआत करने वाले मैक्रों ने अपनी बातों से भी सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने भारत में यूपीआई और तेजी से हो रहे बदलावों को भी रेखांकित किया।
ये भी पढ़ें- Emmanuel Macron: एआई समिट में भारत के डिजिटल सिस्टम की गूंज, मैक्रों ने कहा- दुनिया में कहीं नहीं है ऐसा मॉडल
एआई इंपैक्ट समिट में टाटा समूह का प्रतिनिधित्व एन चंद्रशेखरन ने किया। टाटा ग्रुप के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कहा, 'टाटा ग्रुप में, हम सिलिकॉन से लेकर सिस्टम, एआई-रेडी डेटा सेंटर से लेकर एप्लिकेशन और एआई एजेंट तक, हर जगह एआई को अपना रहे हैं और हमारा मानना है कि ऐसा विजन और ऐसा सफर बहुत रोमांचक होने वाला है और इसके लिए हमें भारत और दुनिया भर में दुनिया के जाने-माने पार्टनर्स के साथ काम करने की जरूरत होगी। मैं पांच बातें कहना चाहूंगा। टाटा ग्रुप भारत का पहला बड़े पैमाने पर, एआई-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है, जो अगली पीढ़ी की एआई ट्रेनिंग और इंफरेंस के लिए बनाया गया है। मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमने पहली 100 मेगावाट कैपेसिटी बनाने के लिए ओपनएआई के साथ पार्टनरशिप की है, जिसे एक गीगावाट तक बढ़ाया जाएगा।'
ये भी पढ़ें- AI Summit: टाटा समूह के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कहा- हम बना रहे भारत का पहला बड़े पैमाने का एआई डेटा सेंटर
एआई समिट में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा, भारत में वापस आकर बहुत खुशी हो रही है। हर बार जब मैं भारत आता हूं, तो बदलाव की गति देखकर अचंभित हो जाता हूं, और आज भी ऐसा ही है। जब मैं छात्र था, तब अक्सर चेन्नई से आईआईटी खड़गपुर तक कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन से जाता था। वहां पहुंचने के लिए हम विशाखापत्तनम से होकर गुजरते थे। मुझे याद है कि वह एक शांत और साधारण तटीय शहर था, जिसमें अपार संभावनाएं थीं। अब उसी शहर में, गूगल भारत में अपने 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचे के निवेश के तहत एक पूर्ण-स्टैक एआई हब स्थापित कर रहा है। पूरा होने पर, इस हब में गीगावाट-स्तरीय कंप्यूटिंग क्षमता और एक नया अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे होगा, जो पूरे भारत में लोगों और व्यवसायों के लिए रोजगार और अत्याधुनिक एआई लेकर आएगा।
ये भी पढ़ें- ‘भारत में बदलाव की रफ्तार अद्भुत’: AI समिट में बोले सुंदर पिचाई, चेन्नई में 15 अरब डॉलर के AI हब का एलान
यूएन महासचिव बोले- भारत में इस सम्मेलन का विशेष महत्व
सुंदर पिचाई के अलावा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संबोधित किया। उन्होंने समिट में निमंत्रण के लिए पीएम मोदी का आभार प्रट किया। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री जी आपके सौहार्दपूर्ण निमंत्रण के लिए धन्यवाद और वैश्विक दक्षिण में पहले एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन में भारत के नेतृत्व के लिए बधाई। भारत में इस सम्मेलन का विशेष महत्व है... एआई का भविष्य मुट्ठी भर देशों द्वारा तय नहीं किया जा सकता या कुछ अरबपतियों की मनमानी पर नहीं छोड़ा जा सकता।'
एआई समिट में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ग्लोबल साउथ में पहले एआई समिट और अब तक के सबसे बड़े एआई समिट में आपका स्वागत है...इस समिट को सफल बनाने के लिए आप सभी का धन्यवाद...प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि टेक्नोलॉजी की असली कीमत यह पक्का करने में है कि इसके फायदे आम लोगों तक पहुंचें। हमारे प्रधानमंत्री का विज़न टेक्नोलॉजी को डेमोक्रेटाइज़ करना, इसे बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करना, इसे सभी के लिए आसान बनाना है।
प्रधानमंत्री मोदी एआई इंपैक्ट समिट के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं। उन्होंने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मेहमानों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने गर्मजोशी के साथ वैश्विक हस्तियों का स्वागत किया। थोड़ी देर के बाद प्रधानमंत्री दुनियाभर के सैकड़ों टेक दिग्गजों को संबोधित करेंगे।
भारत मंडपम में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख बिल गेट्स के शामिल होने को लेकर कयासबाजी पर विराम लग गया है। गेट्स फाउंडेशन इंडिया की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि बिल गेट्स अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। फाउंडेशन ने कहा, गहन विचार-विमर्श के बाद तय किया गया कि प्राथमिकताओं पर ही ध्यान केंद्रित रहे, ये सुनिश्चित करने के लिए अफ्रीका और भारत के अध्यक्ष अंकुर वोरा आज शिखर सम्मेलन में गेट्स फाउंडेशन की ओर से भाषण देंगे। यहां पढ़ें पूरी खबर
AI Impact Summit LIVE: आज एआई इंपैक्ट समिट का चौथा दिन है। बीते 16 फरवरी के इसका शुभारंभ हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम में अवलोकन करने भी पहुंचे थे। इस समिट में फ्रांस, ब्राजील समेत 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया है। आज प्रधानमंत्री बतौर मेजबान इन राष्ट्राध्यक्षों के साथ भारत मंडपम में मुलाकात करेंगे।
प्रधानमंत्री के संबोधन पर नजरें
रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी करीब 10.25 बजे से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की दुनिया के दिग्गजों को संबोधित भी करेंगे। गौरतलब है कि दक्षिण एशियाई देश में हो रहे इस अभूतपूर्व आयोजन में 100 से अधिक देशों के प्रतिभागी शरीक हो रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन में भारत के स्टार्टअप्स समेत दुनियाभर के टेक वर्ल्ड दिग्गज अत्याधुनिक तकनीक का प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारत मंडपम में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े एआई समिट में कौन राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया के टेक दिग्गज शामिल हो रहे हैं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर कई वैश्विक नेता समिट में शामिल हो रहे हैं। इनके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी समिट में भाग लें रहे हैं। एक नजर मेहमानों की सूची पर