अरुणाचल प्रदेश के तवांग में विभिन्न ऊंचाइयों पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 9वीं बार लालकिले पर तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इस मौके पर पहली बार भारत में निर्मित 21 तोपों की सलामी दी जाएगी। आयोजन में 7000 मेहमान शिरकत करेंगे। कोरोना की वजह से दो साल बेहद सीमित उपस्थिति में आजादी का उत्सव मनाया जा सका था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस 2022 की बधाई दी। पीएम मोदी आज लाल किले से देश को नौवीं बार संबोधित करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी है। उन्होंने कहा, भारतीय-अमेरिकियों सहित दुनिया भर के लोग भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका अपनी लोकतांत्रिक यात्रा का सम्मान करने के लिए भारत के लोगों के साथ शामिल होता है, जो महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के स्थायी संदेश द्वारा निर्देशित है।
स्वतंत्रता के 75 वर्षगांठ पर अमेरिका की ओर से मैं भारत के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। हैं। इस दिन हम उन लोकतांत्रिक मूल्यों पर विचार करते हैं जिन्हें हम साझा करते हैं और भारत के उन लोगों का सम्मान करते हैं जो उज्जवल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं: अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन
76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये लगातार 9वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन होगा।
प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले सुबह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद पीएम राजघाट से सीधे लाल किला जाएंगे। प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर पर सुबह करीब 7.30 बजे तिरंगा झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को रेडियो, टीवी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सुना जा सकता है।
स्वतंत्रता दिवस को लेकर पूरे देश में उत्साह और जश्न का माहौल है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रविवार को भी देशभर में तिरंगा रैलियां निकाली गईं। विभिन्न स्मारकों को भी तिरंगे की रोशनी में सजाया गया है। देश के हर राज्य में शहर से लेकर गांव तक लोग अपने-अपने तरीके से आजादी पर्व का उत्सव मना रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुवाहाटी में असम विधानसभा भवन तिरंगे की रोशनी में नहा रहा है।
पुडुचेरी में राजभवन और दूसरे सरकारी भवन तिरंगे की रोशनी से जगमगा रहे हैं।
राजधानी दिल्ली से लगते जिलों गाजियाबाद और नोएडा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम। जगह-जगह पुलिस तैनात, वाहनों की हो रही जांच।
गृह मंत्रालय के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के फहराने का समय घोषित कर दिया गया है। सुबह 7.30 बजे पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले ध्वजारोहण समारोह होगा। आप इस समारोह को नेशनल टेलीविजन चैनलों और प्रेस सूचना ब्यूरो के ऑफिशियल सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव देख सकते हैं।
आजादी के 75 साल होने पर भारत सरकार 'अमृत महोत्सव' मना रही है, जो विदेशी शासन से भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उत्सव का संकेत देता है। और हर घर तिरंगा अभियान इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा है। यह पहल देश भर के लोगों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करती है। प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आज सुबह 7.30 बजे लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित देंगे।
आतंकी हमले के इनपुट को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लाल किला व उसके पासपास का इलाका रविवार रात से ही छावनी में तब्दील हो गया। दिल्ली पुलिस, एनएसजी व पैरा मिलिट्री फोर्स ने लाल किले की सुरक्षा का जिम्मा संभाल लिया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस व पैरा-मिलिट्री फोर्स को तैनात कर दिया गया था।
देश आज 76वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर पूरे देश में आयोजन होंगे और तिरंगा फहराया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी सुबह लाल किले की प्राचीर से भाषण देंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 9वीं बार लालकिले पर तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को राष्ट्र को संबोधित किया। यह राष्ट्रपति के तौर पर राष्ट्र के नाम यह उनका पहला संबोधन था। इस दौरान उन्होंने कहा कि 76वें स्वाधीनता दिवस की पूर्व संध्या पर देश-विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। 14 अगस्त के दिन को विभाजन-विभीषिका स्मृति-दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्मृति दिवस को मनाने का उद्देश्य सामाजिक सद्भाव, मानव सशक्तीकरण और एकता को बढ़ावा देना है।
स्वाधीनता सेनानियों को नमन किया
उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन हमने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को काट दिया था। उस शुभ-दिवस की वर्षगांठ मनाते हुए हम लोग सभी स्वाधीनता सेनानियों को सादर नमन करते हैं। उन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया ताकि हम सब एक स्वाधीन भारत में सांस ले सकें।