प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ब्राजीलके राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ग्रुप फोटो ली।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कहा कि कोराना के खिलाफ हमारे साझा प्रयासों ने दिखाया है कि जब हम एक साथ काम करते हैं तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। ब्रिक्स देशों के रूप में हमें अपने लोगों के जीवन, आजीविका की रक्षा करना जारी रखना चाहिए। हमें वैश्विक आर्थिक सुधार का समर्थन करना चाहिए और सार्वजनिक प्रणालियों के लचीलेपन को बढ़ावा देना चाहिए। कोरोना के टीकों, निदान और चिकित्सा विज्ञान तक समान पहुंच सुनिश्चित करनी चाहिए। यह एकमात्र तरीका है जिससे हम दुनिया को घेरने वाली इस महामारी का जवाब दे सकते हैं।
पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान को अपने पड़ोसी देशों के लिए खतरा नहीं बनना चाहिए। इसकी धरती का इस्तेमाल आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का स्रोत के रूप में नहीं होना चाहिए।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अफगानिस्तान से अमेरिका सेना और उसके उसके सहयोगियों के वापस आने से नई चुनौतियां खड़ी हुई है। यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इससे वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कैसा असर पड़ेगा। यह अच्छी बात है कि हमारे देशों ने इस मुद्दे पर खास नजर बना रखी है।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि यह ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ है। पिछले 15 साल में हमने राजनीतिक विश्वास बढ़ाया है और कूटनीतिक बातचीत को आगे ले गए हैं। हमने एक-दूसरे से बातचीत का मजबूत रास्ता निकाला। हमने कई क्षेत्रों में प्रगति की है। हम अपने साझा विकास की यात्रा साथ-साथ कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत से हमारे सहयोगी देश महामारी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिक्स के भविष्य के लिए हम मिलकर काम करेंगे। हम अपनी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा संसाधनों के आधार पर रणनीति बनाएंगे। ब्रिक्स के भविष्य को मजबूत करेंगे।
मोदी ने कहा कि ब्रिक्स ने न्यू डेवलपमेंट बैंक, एनर्जी रिसर्च कॉरपोरेशन जैसे प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं। गर्व करने के लिए हमारे पास बहुत कुछ है। यह भी जरूरी है कि हम आत्मसंतुष्ट ना हों। हमें ये निश्चित करना है कि ब्रिक्स अगले 15 सालों के लिए उपयोगी हो।