आर्यन खान समेत बाकी तीनों आरोपियों को बॉम्बे हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, उन्हें आज की रात जेल में ही बितानी पड़ेगी। बॉम्बे हाईकोर्ट में दोपहर 3 बजे शुरू हुई सुनवाई के बाद शाम को 4.45 पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।
गिरफ्तार हुए लोगों में सिर्फ आर्यन और अरबाज परिचित थे। ऐसे में साजिश की कोई आशंका ही नहीं है।
कोर्ट में एनसीबी की दलील पूरी हो गई है। आर्यन खान के वकील मुकुल रोहतगी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा- मानव और गाबा की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? जिन्होंने आर्यन को क्रूज पर न्योता दिया था।
अनिल सिंह ने कोर्ट से कहा- ड्रग्स नहीं मिलने का मतलब ये नहीं है कि शख्स ने कोई गुनाह नहीं किया है। अगर किसी के पास ड्रग्स नहीं मिला है, तो भी वो उसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।
अनिल सिंह ने कोर्ट को बताया, "यह मानते हैं कि गिरफ्तारी के समय कोई अनियमितता थी, जिसे रिमांड आदेश के बाद ठीक कर दिया गया था।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह से कानूनी है। इसे साजिश साबित नहीं किया जा सकता।" वे अपनी दलीलें समाप्त करते हुए कहते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बताया जघन्य अपराध
एनसीबी के वकील ने कहा - कॉन्सपिरेसी के मामले में जमानत देना आवश्यक नहीं है। ड्रग्स डीलिंग को सुप्रीम कोर्ट ने भी जघन्य अपराध बताया है।
अनिल सिंह ने कहा- 'आर्यन बड़ी मात्रा में पहले से ड्रग्स लेता रहा है। इस केस में आर्यन भी साजिश का हिस्सा है।'
अनिल सिंह ने कोर्ट में कहा कि 'आर्यन खान को पता था कि अरबाज के पास ड्रग्स है। चरस धूम्रपान के लिए था और जिसका सेवन दोनों करने वाले थे, हालांकि यह अरबाज के पास शारीरिक रूप से था।'
समीर वानखेड़े को बॉम्बे हाईकोर्ट से मिली राहत। मुंबई पुलिस को गिरफ्तारी से पहले 3 दिन का नोटिस देना होगा।
जज साम्ब्रे मामलों की कर रहे सुनवाई
एएसजी अनिल सिंह वकील श्रीराम शिरसत के साथ कोर्ट पहुंचे हैं। साथ ही पत्रकारों को भी अंदर जाने दिया गया है। जज साम्ब्रे अब बंद पड़े मामलों की सुनवाई कर रहे हैं और सभी वकील कोर्ट में मौजूद हैं।