सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने की मंजूरी दे दी है। याचिका में नियम को गैर-समावेशी बताते हुए जाति-आधारित भेदभाव की परिभाषा पर सवाल उठाए गए हैं। इस मामले में उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम पहलुओं पर बहस होने की संभावना है।
मंगलवार को राष्ट्रीय सैनिक संस्था ने नगर पालिका परिसर स्थित शहीद स्तंभ पर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने इस कानून को वापस लेने की मांग करते हुए राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखा और इसे एसडीएम ईला प्रकाश को सौंपा।
यूजीसी के नए कानून को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। कई याचिकाकर्ताओं ने नए नियम को चुनौती देते हुए इसे संविधान और यूजीसी अधिनियम, 1956 का उल्लंघन बताया। याचिकाएं खास तौर पर इन नियमों के विनियम 3(सी) को लेकर दायर की गईं, जिसे याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, बहिष्कर करने वाला और भेदभावपूर्ण करार दिया है। अधिक पढ़ें...
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सपा सांसद राम गोपाल यादव ने यूजीसी के नए नियम पर कहा, 'यूजीसी ने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने लोगों को हो रहे अन्याय के खिलाफ शिकायत करने का अवसर दिया है।'