"चुनौतियों का सामना करना व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाता है। छात्रों को यह याद रखना चाहिए कि चुनौतियों से ही आप मजबूत होकर उभरेंगे। उदाहरण के लिए, देश के प्रधान मंत्री के रूप में, मैंने अपनी चुनौतियों का सामना करना सीख लिया है क्योंकि मैं जानता हूं कि मैं विजयी होऊंगा और रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को हराऊंगा। अपनी चुनौतियों पर काबू पाने का एक तरीका दूसरों का विश्वास जीतना है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितने सफल हैं, लेकिन अगर आपका नजरिया सही है तो राह आसान हो जाती है।"
पीएम मोदी ने छात्रों के सवालों का जवाब देते हुए छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति भी सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी जरूरी है। छात्रों को संतुलित आहार लेना चाहिए और अपनी रोज की दिनचर्या में जितना संभव हो फिजिकल एक्टिविटी करनी चाहिए।
आज के समय में बहुत कम लोग लिखकर प्रैक्टिस करते हैं। पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि कोशिश करें जब आप तैयारी कर रहे हैं तो पठन-पाठन के साथ लिखकर भी तैयारी करें। ऐसा करने से आपको अपनी गलतियों में सुधार करने का मौका मिलेगा, साथ ही टाइम मैनेजमेंट भी कर पाएंगे।
टीचर का स्टूडेंट के साथ का नाता शुरूआत से लेकर परीक्षा आने तक निरंतर बढता रहे तो शायद परीक्षा के दौरान छात्रों पर तनाव की नौबत न आए। शिक्षकों को चाहिए कि वे छात्रों के साथ केवल सिलेबस तक ही संबंधित न हों। शिक्षक और छात्र का नाता ऐसा हो कि छात्र छोटी-मोटी समस्या को भी शिक्षक के साथ डिस्कस करने से न हिचकिचाए : पीएम मोदी
प्रतिस्पर्धा से आने वाले दबाव से जुड़े एक सवाल के जवाब में पीएम ने कहा, "जीवन में चुनौतियां और स्पर्धा होना बहुत जरूरी है। इनके बिना जीवन बहुत ही प्रेरणाहीन बन जाएगा। जीवन में हेल्दी कॉम्पीटीशन होना जरूरी है।"
दोस्तों से प्रतिस्पर्धा न करें, बल्कि खुद से प्रतिस्पर्धा करें और दोस्तों को अपने लिए प्रेरणा बनाएं।
माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें। परीक्षा पे चर्चा 2024 के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए पीएम ने कहा कि तुलना छात्रों के मन में बचपन से ही उनके परिवारों द्वारा रची जाती है।
उन्होंने कहा, "मैं माता-पिता से आग्रह करता हूं कि वे अपने बच्चों की तुलना दूसरों की उपलब्धियों से न करें।"
इच्छाशक्ति से हम दबाव के बावजूद सफलता हासिल कर सकते हैं... हमें दबाव से निपटने की कला को जल्दबाजी में नहीं, बल्कि धीरे-धीरे लागू करना चाहिए। दबाव को संभालना सिर्फ विद्यार्थी का काम नहीं है; इस प्रक्रिया को आसान बनाने की जिम्मेदारी शिक्षकों और अभिभावकों पर भी है: पीएम मोदी
छात्रों को भारत के भविष्य को आकार देने वाला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम उनके लिए भी एक परीक्षा की तरह है।
पीएम मोदी बच्चों के सवालों का जवाब दे रहे हैं।
पीपीसी से पहले, प्रधान मंत्री ने भारत मंडपम में एक प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। पीएम ने कहा, “मुझे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नवीनतम तकनीकों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत परियोजनाओं पर काम करने वाले छात्रों की एक प्रदर्शनी का निरीक्षण करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा, ''मुझे छात्रों और शिक्षकों को इतनी शानदार प्रदर्शनी लगाने और मुझे यह समझाने के लिए बधाई देनी चाहिए कि नई पीढ़ी क्या सोचती है।''
पीएम मोदी मंच पर पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री ने संबोधन शुरू कर दिया है। 'कार्यक्रम से वापस लौटकर अपने साथी छात्रों के साथ साझा करें अनुभव' - पीएम मोदी
पीएम मोदी अभी छात्रों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स का अवलोकन कर रहे हैं। थोड़ी ही देर में वो भारत मंडपम सभागार पहुंचेंगे। सभागार पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री छात्रों और अभिभावकों के साथ संवाद शुरू करेंगे।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में देशभर के स्कूलों से छात्रों ने भाग लिया है। कार्यक्रम में जवाहर नवोदय विद्यालय सहित देशभर के राजकीय और प्राइवेट स्कूलों के छात्र शामिल हुए हैं।
पीएम मोदी भारत मंडपम, आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। सबसे पहले पीएम मोदी छात्रों द्वारा तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स देख रहे हैं।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम शुरू होने में कुछ ही मिनटों का समय बचा है। 11:00 बजे प्रधानमंत्री मोदी बोर्ड परीक्षा के छात्रों के साथ बातचीत शुरू करेंगे। लाइव अपडेट के लिए इस खबर पर नजर बनाकर रखें।
सातवें परीक्षा पे चर्चा वार्षिक कार्यक्रम में पीएम मोदी बोर्ड परीक्षा के छात्रों के साथ बातचीत करेंगे।
नहीं, अभी तक कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ है। कार्यक्रम 11:00 बजे से शुरू होगा। यहां कार्यक्रम से जुड़ी हर ताजा जानकारी अपडेट की जाएगी, इसलिए इस खबर पर नजर बनाकर रखें।
पिछले साल इस कार्यक्रम में 31.24 लाख छात्र, 5.60 लाख शिक्षक और 1.95 लाख अभिभावक शामिल हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 3,000 छात्र पीएम मोदी के साथ बातचीत करेंगे। MyGov पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 205.62 लाख से अधिक छात्रों, 14.93 लाख शिक्षकों और 5.69 लाख अभिभावकों ने परीक्षा पे चर्चा 2024 के लिए नामांकन किया है।
अपने मासिक 'मन की बात' प्रसारण में, मोदी ने कहा कि इस वर्ष 2.25 करोड़ से अधिक छात्रों ने कार्यक्रम के लिए पंजीकरण कराया है। 2018 में जब यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया गया था तो यह संख्या केवल 22,000 थी।