पिछले साल की तरह, यदि कुछ छात्र परीक्षा देने की इच्छा रखते हैं, तो स्थिति अनुकूल होने पर सीबीएसई द्वारा उन्हें ऐसा विकल्प प्रदान किया जाएगा।
पीएम की बैठक में बड़ा फैसला, सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी गई है।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद हैं। राज्यों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है। सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी प्रधानमंत्री को जानकारी दे रहे हैं।
कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में आज फैसला आ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बैठक जारी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर, सीबीएसई के चेयरमैन और शिक्षा मंत्री के दोनों सचिव प्रधानमंत्री को बोर्ड परीक्षा आयोजत करने के सारे प्रस्तावित विकल्पों से अवगत करवा रहे हैं।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में बैठक शुरू हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीबीएसई चेयरमैन भी मौजूद हैं। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और शिक्षा मंत्री के दोनों सचिव भी बैठक में शामिल हुए हैं।
अगर सरकार कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लेती है, तो पिछले तीन शैक्षणिक वर्षों के परिणामों के आधार पर छात्रों परिणाम तैयार करने की संभावना जताई जा रही है। यानी कक्षा नौवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के औसत अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी प्रस्तावित विकल्पों पर चर्चा करने के बाद आज ही अंतिम फैसले की घोषणा कर सकते हैं। विशेषज्ञों द्वारा अंतिम फैसला आने की संभावना जताई जा रही है।
ममता शर्मा ने शिक्षा मंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने ट्वीट किया है कि उम्मीद है कि हमारे शिक्षा मंत्री को यह एहसास होगा कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों को घातक वायरस के संपर्क में लाना कोई समझदारी भरा फैसला नहीं है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला बारहवीं बोर्ड परीक्षा के अंकों के आधार पर दिया जाता है। लेकिन बारहवीं बोर्ड परीक्षा पर फैसला न होने की वजह से डीयू दाखिला प्रक्रिया भी प्रभाव पड़ रहा है। इसी तरह विभिन्न विश्वविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया में देरी होते जा रही है।
कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों को अभी और इंतजार करना होगा। शिक्षा मंत्री की तबीयत बिगड़ने की वजह से आज फैसला आने की संभावनाएं कम हैं। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अब फैसला गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान ही लिया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को मंगलवार को एम्स में भर्ती कराया गया है। यह सूचना न्यूज एजेंसी एनआई को एम्स के अधिकारी द्वारा दी गई है। बता दें शिक्षा मंत्री की हाल ही में कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा है कि बोर्ड कक्षा बारहवीं की परीक्षाएं कराने के लिए तैयार है। रविवार को जारी बयान में कहा गया है कि बोर्ड 15 जून से 20 जून के बीच परीक्षाएं आयोजित कर सकता है।
मध्य प्रदेश बोर्ड द्वारा कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा के संबंध में अंतिम निर्णय जून के पहले हफ्ते में लिया जाएगा। माना जा रहा है कि एमपी बोर्ड सीबीएसई के फैसले का इंतजार कर रहा है। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा पैटर्न में कई बड़े बदलाव करने पर भी विचार कर रहा है।
उत्तर प्रदेश बोर्ड ने कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षाएं जुलाई माह में आयोजित करने का फैसला किया है। पेपर तीन के बजाय डेढ़ घंटे का होगा। हर पेपर में 10 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें से केवल तीन सवालों का जवाब देना होगा। इसकी समय सारिणी जल्द जारी की जाएगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के हिसाब से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा को 15 जुलाई से लेकर 26 अगस्त के बीच में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव के हिसाब से बोर्ड परीक्षा का परिणाम सितम्बर में जारी किया जाएगा।