पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। ऋषिकेश में गंगा चेतावनी रेखा से एक मीटर ऊपर बह रही है। गंगा किनारे घाटों पर एसडीआरएफ और जल पुलिस तैनात है। लोगों को गंगा किनारे घाटों पर जाने से रोका जा रहा।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग देवाल के मोपाटा में मलबे में दबे शव को निकाला गया। रुद्रप्रायग जिले में भी बादल फटने से एक महिला की मलबे में दबने से मौत हो गई थी।
रुद्रप्रयाग के छेनागाड़ डुगर और जौला बड़ेथ गांव में कुछ लोगों के लापता होने की खबर है। वहीं किमाणा में खेती की भूमि एवं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर व मलबा में दब गए। अरखुण्ड में मछली तालाब एवं मुर्गी फार्म बह गया।
रुद्रप्रयाग जिले के स्यूर में एक मकान क्षतिग्रस्त होने एवं वाहन बहने की सूचना है। यहां बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी गांव के दोनों ओर गदेरे में पानी और मलबा आया है।
चमोली में राहत और बचाव दलों की राह में बंद रास्ते रोड़ा बने तो ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव का बीड़ा उठाया। देवाल के मोपाटा गांव में ग्रामीण राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। यहां मकान टूटने से दो लोग लापता हैं।
कर्णप्रयाग में मूसलाधार बारिश के चलते कालेश्वर में ऊपर पहाड़ से मलबा आया है जो लोगों के घरों में घुस गया। जेसीबी मशीन के द्वारा मलवा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। कर्णप्रयाग के सुभाषनगर में पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है।