भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन के पटल पर 7,400 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट रखा।
उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दौरान भराड़ीसैंण में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की गई। गणेश गोदियाल और हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया। वहीं यूकेडी कार्यकर्ता बैरिकेड पर जूझ रहे हैं।
विधायक अरविंद पांडेय, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, बंशीधर भगत और मंत्री रेखा आर्या ने भी जनरल बीसी खंडूड़ी और हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी। सदन में इस समय मंत्री गणेश जोशी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
दिवालीखाल में प्रदर्शन के दौरान करण माहरा समेत कांग्रेस के नेता बैरियर पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस पीछे धकेलती नजर आई। जंगलचट्टी में यूकेडी, कांग्रेस और स्वराज सेवा दल के कार्यकर्ताओं ने बैरियर तोड़ा और दिवालीखाल की ओर बढ़े। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी दिवालीखाल पहुंचे, जहां यूकेडी के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं।
गैरसैंण-दिवालीखाल मार्ग पर जंगलचट्टी में प्रदर्शन कर रहे यूकेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने दूसरी बार वाटर कैनन का प्रयोग किया। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे हुए हैं और बैरियर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। यूकेडी नेता आशीष नेगी भी मौके पर पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी बैरियर पर चढ़कर विरोध जता रहे हैं।
गैरसैंण से दिवालीखाल जाने वाले मार्ग पर बैरियर के पास यूकेडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी बैरियर पर चढ़ गए।
दिवालीखाल में प्रदर्शन कर रहे प्रधान संघ के सदस्यों को पुलिस बस में बैठाकर ले गई। वहीं, दुगथम्बा बैरियर पर यूकेडी के युवा भी पहुंचे। उन्होंने ‘जय पहाड़, जय पहाड़ी’ और राजधानी गैरसैंण के समर्थन में नारे लगाए।
गैरसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार ऐसा बजट पेश कर रही है, जिसमें प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रावधान किए गए हैं। इसमें कुछ नई योजनाओं को भी शामिल किया गया है। नवाचार पर ध्यान देने के साथ ही मौजूदा योजनाओं को और गति दी जाएगी। विपक्ष के प्रदर्शन पर सीएम धामी ने कहा कि विपक्ष को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, विपक्ष भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है। सभी महत्वपूर्ण कार्य विधानसभा के भीतर ही होंगे।
सदन में मंत्री सतपाल महाराज ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के बेहद पाबंद थे। रिखणीखाल के एक कार्यक्रम में बारिश के बावजूद वह समय पर पहुंचे थे, जबकि जनता छाता लेकर खड़ी थी। महाराज ने कहा कि खंडूड़ी का मानना था कि पहाड़ में सड़क सबसे अहम है। उत्तराखंड में उन्हें ‘रोड मैन’ के नाम से जाना जाता है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन कर्मयोगियों के विचारों का अनुसरण करना चाहिए। जनरल बीसी खंडूड़ी के जाने से कांग्रेस परिवार और श्रमिक भाइयों को बड़ी क्षति हुई है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व को शब्दों में व्यक्त कर पाना कठिन है। उनका राजनीतिक जीवन पांच दशक से अधिक का रहा। उन्होंने अपने कर्मों और विचारों से उत्तराखंड के जनमानस में अपनी अलग पहचान बनाई और पूरे प्रदेश की आवाज को एक दिशा दी। आर्य ने कहा कि स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को आगे बढ़ाने में भी खंडूड़ी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने सुशासन, प्रशासनिक अनुशासन और पारदर्शिता की नई परिभाषा गढ़ी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को याद करते हुए कहा कि वह समय के पाबंद थे। उनका जाना प्रदेश और राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम ने कहा कि वह जननेता थे और आम लोगों की परेशानियों को समझते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन आम आदमी के लिए समर्पित किया। श्रमिकों के प्रति उनका विशेष लगाव था। राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के सामने खड़े होकर खंडूड़ी जी को याद करना काफी मुश्किल है। एक बेटी के लिए पिता ही हीरो होते हैं।
सीएम ने कहा कि खंडूड़ी ने हर जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी और समर्पण से निभाई। उन्होंने 1991 में गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद बनने के बाद लगातार पांच बार लोकसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व किया। राज्य आंदोलन को गति देने और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को आगे बढ़ाने में भी उनकी अहम भूमिका रही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से बातचीत के दौरान खंडूड़ी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का नाम अटल सड़क योजना रखने के सुझाव पर कहा था कि नाम नहीं, काम महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री बनने के बाद 2007 और 2011 में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ काम किया और लोकायुक्त बनाने की पहल की। सीएम ने कहा कि खंडूड़ी के कार्यों में सेवा भावना और समर्पण झलकता था और जनता के बीच उनकी अलग पहचान थी।
गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सदन की कार्यवाही के दौरान दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी जा रही है। इस दौरान दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर धरने पर रहे।
विधानसभा सत्र के पहले दिन जंगलचट्टी बैरियर पर यूकेडी, प्रधान संगठन, स्वराज दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। ये कार्यकर्ता विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान बैरियर पर मीडिया कर्मियों, स्थानीय लोगों और अधिकारियों के फंसने की सूचना है। वहीं, विधानसभा के मुख्य गेट पर कांग्रेस के विधायकों ने वोट चोरी, अंकित भंडारी को न्याय दिलाने और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया।
भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन पहुंचने पर विधायकों और अन्य लोगों ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। विधानसभा सत्र के लिए पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं को याद किया।
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होने के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी और अन्य संगठनों की ओर से विभिन्न मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव किए जाने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने सत्र स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई है और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की है।
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से शिष्टाचार भेंट की।
दो दिवसीय विधानसभा सत्र को देखते हुए दिवालीखाल बैरियर पर नागरिक पुलिस, पीएसी, आंसू गैस दस्ते और दमकल वाहनों की तैनाती की गई है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की है, ताकि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया जा सके। यहां तैनात पुलिसकर्मियों की आवश्यक ब्रीफिंग भी पूरी कर ली गई है।
दिवालीखाल के प्रभारी एसपी परमोड कुमार ने बताया कि सभी को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं।
दो दिवसीय विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके कक्ष में मुलाकात की।
भोजनावकाश के बाद सरकार की ओर से सात हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। पहले दिन प्रश्नकाल न होने से सदन में हंगामे के आसार कम हैं। लेकिन विपक्ष ने बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, महंगाई व अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सरकार को सड़क से सदन तक घेरने की रणनीति बनाई है।
उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में मंगलवार को धामी सरकार ने 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें पुरानी योजनाओं को पूरा करने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, खेल और पेयजल जैसी सुविधाओं के लिए धन का प्रावधान किया गया है।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में धामी सरकार के अंतिम सत्र की कार्यवाही शुरू हुई। दो दिवसीय सत्र के पहले दिन सदन में पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य से उनके कक्ष में मुलाकात की और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से भी शिष्टाचार भेंट की।
बजट में इन योजनाओं के लिए किया गया प्रावधान
अनुपूरक बजट में 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद और 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं। प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं।
-721 करोड़ रुपये: ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों के लिए राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार।
-1,100 करोड़ रुपये: अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए।
-500 करोड़ रुपये: अवस्थापना विकास के लिए।
-300 करोड़ रुपये: जल जीवन मिशन में ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए।
-290 करोड़ रुपये: कुंभ मेले से जुड़े विकास कार्यों के लिए।
-200 करोड़ रुपये: उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए।
-122 करोड़ रुपये: गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए।
-270 करोड़ रुपये: खुरपिया फार्म परियोजना में विद्युत व्यवस्था के लिए।
-160 करोड़ रुपये: पिथौरागढ़ और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेजों व नर्सिंग कॉलेजों के लिए।
-100 करोड़ रुपये: आयुष्मान योजना और 125 करोड़ रुपये: गोल्डन कार्ड के लिए।
-93 करोड़ रुपये: कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए।
-61 करोड़ रुपये: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) और सड़कों की मरम्मत के लिए।
-40 करोड़ रुपये: नए स्टेट डेटा सेंटर के लिए।
-35 करोड़ रुपये: खेल विश्वविद्यालय के लिए।
-30 करोड़ रुपये: हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए।
-28 करोड़ रुपये: ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए।
-20 करोड़ रुपये: नंदा देवी राजजात योजना के लिए।
-15 करोड़ रुपये: अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार देने के लिए।
-10 करोड़ रुपये: चंपावत महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए।
-9 करोड़ रुपये: किसान पेंशन योजना के लिए।
- दो करोड़ रुपये: मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के लिए।
- दो करोड़ रुपये: ऋषिकेश में मदन मोहन प्राच्य संस्थान की स्थापना के लिए, जहां ज्योतिष, आयुर्वेद, योग, ध्यान और अध्यात्म के अध्ययन को बढ़ावा दिया जाएगा।