विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में बृहस्पतिवार रात पानी और मलबा आने से हुए हादसे ने एक बार फिर परियोजना में श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब तीन किलोमीटर लंबी सुरंग में यह पहली दुर्घटना नहीं है। आठ महीने पहले दिसंबर 2025 में भी सुरंग के भीतर दो लोको ट्रॉली आपस में टकरा गई थीं। हादसे में कई मजदूर घायल हुए थे।
राज्य आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने टनल का निरीक्षण कर रेस्क्यू अभियान की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि टनल में फंसे तीन लोगों की तलाश अभी जारी है। उन्होंने कहा कि टनल के अंदर पानी गले तक आ रहा है, जिससे राहत एवं बचाव अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। रेस्क्यू टीम लगातार तीनों की खोज में जुटी हुई है।
आपदा सचिव के साथ ही टीएचडीसी, एचसीसी के अधिकारियों ने टनल का निरीक्षण किया।
-लुकास टोपनो पुत्र श्री बॉससा टोपनो, झारखंड।
-चेतन पोयाम पुत्र श्री सोनधार पोयाम, छत्तीसगढ़।
-देवनाथ पुत्र श्री धनसुराम बघेल, छत्तीसगढ़।
सीएम धामी अस्पताल में घायल श्रमिकों से मिलने पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना। सीएम ने मृतकों के लिए चार-चार लाख देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने टनल साइड का जायजा लिया और फिर जिला अस्पताल गोपेश्वर में घायलों का हालचाल जानने हेली से रवाना हुए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिपलकोटी, चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव अभियान का मौके पर निरीक्षण किया। पिछली रात मायापुर स्थित टीएचडीसी सुरंग में पानी और मलबा घुस गया था। मुख्यमंत्री प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF व अन्य एजेंसियों से प्रगति की जानकारी लेकर निर्देश दे रहे हैं। वह बचाए गए घायल श्रमिकों से भी मिलेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल के भीतर मलबा और पानी आने की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने जिला अस्पताल में बताया कि वह टनल में सरिया बांधने का काम कर रहे थे। उस समय करीब 16-17 लोग टनल में मौजूद थे। अचानक करीब 150 मीटर दूर भारी भूस्खलन हुआ और मलबा, पानी व पत्थर तेज गति से टनल के अंदर घुस आया।
प्रोजेक्ट निदेशक शरद कुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है। उन्होंने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके लिए सभी संसाधनों को पूरी तरह से लगाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी और घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। बताया कि प्रोजेक्ट की मैनेजमेंट टीम भी राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तरह जुटी हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता। बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है और अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
THDC टनल में पानी और मलबा घुसने के बाद जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार मौके पर पहुंचे हैं।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: District Magistrate Gaurav Kumar reached the spot after water and debris entered the under-construction THDC tunnel at Mayapur (Pipalkoti).
— ANI (@ANI) August 13, 2026
(Source: Information Department, Chamoli) pic.twitter.com/cExGIVMVTe
गोपेश्वर के जिला अस्पताल के डॉक्टर आयुष ने बताया कि THDC से कुल 19 लोगों को यहां लाया गया था; इनमें से 7 को अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 13 लोग ठीक-ठाक हालत में पहुंचे। हमने उनमें से 10 को भर्ती किया है। एक युवक, जिसकी हालत थोड़ी अस्थिर थी, उसे श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया है।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: District Hospital, Gopeshwar, Dr Aayush says, "A total of 19 people were brought here from THDC; 7 of them have been declared dead at the hospital, while 13 arrived in relatively stable condition. We have admitted 10 of them. One young man, whose… https://t.co/M9ln7N8iy9 pic.twitter.com/Oll0JrnHdm
— ANI (@ANI) August 13, 2026
टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान कर रहे हैं
बताया जा रहा है कि टनल में गले तक पानी और मलबा भर गया है। रात करीब दस बजे एनडीआरएफ की टीमें तीन वाहनों से टनल में घुसी। नीले रंग के ड्रम भी टनल में ले जाए गए हैं। बताया जा रहा है कि पानी में इन ड्रमों के सहारे आगे बढ़कर जवान रेस्क्यू अभियान करेंगे। देर रात तक घायलों का रेस्क्यू अभियान जारी था। पीपलकोटी में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (THDC) की निर्माणाधीन सुरंग में मलबा और पानी घुसने के बाद बचाव अभियान चल रहा है। NDRF की टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा ने बताया कि जब हमारी टीम पहुंची और ऑपरेशन शुरू किया, तो सुरंग में बहुत पानी भरा हुआ था और किनारों से भी पानी रिस रहा था। तब से पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हमारे जवान खास उपकरण पहनकर अब तक पानी से चार शव निकाल चुके हैं और ऑपरेशन अभी भी जारी है... यह ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा जब तक सभी को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।
#WATCH | Chamoli, Uttarakhand: Rescue operation underway after debris and water entered the under-construction tunnel of Tehri Hydro Development Corporation Limited (THDC) at Pipalkoti.
— ANI (@ANI) August 13, 2026
Team commander, NDRF, Amrit Lal Meena, says, "When our team arrived and commenced operations,… pic.twitter.com/WjNTlEoQtE