विराट कोहली ने मैच के बाद कह दिया है कि यह उनका आखिरी टी20 विश्व कप है। उन्होंने कहा- यह मेरा आखिरी टी20 वर्ल्ड कप था, हम यही हासिल करना चाहते थे। एक दिन आपको ऐसा महसूस होता है कि आप दौड़ नहीं सकते और ऐसा होता है, ऊपर वाला महान है। अभी नहीं तो कभी नहीं जैसी स्थिति थी। भारत के लिए खेलते हुए यह मेरा आखिरी टी20 मैच था। हम उस कप को उठाना चाहते थे। ऐसा कुछ नहीं जिसकी मैं घोषणा नहीं करने वाला था, भले ही हम हार गए हों। अगली पीढ़ी के लिए टी20 खेल को आगे ले जाने का समय। आईसीसी टूर्नामेंट जीतने का इंतजार करते हुए हमारे लिए यह एक लंबा इंतजार रहा है। आप रोहित जैसे खिलाड़ी को देखें, उसने 9 टी20 विश्व कप खेले हैं और यह मेरा छठा विश्व कप है। वह इसके लायक है।
भारत ने दूसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब जीत लिया है। बारबाडोस में खेले गए फाइनल में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को रोमांचक मुकाबले में सात रन से हरा दिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में सात विकेट गंवाकर 176 रन बनाए थे। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 20 ओवर में आठ विकेट पर 169 रन बना सकी। इस जीत के साथ भारत ने 11 साल के आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। वहीं, भारत ने 17 साल बाद टी20 विश्व कप जीता है। 13 साल बाद कोई विश्व कप जीता है। 2011 में भारत ने वनडे विश्व कप जीता था।
17वें ओवर में भारत ने मैच पलटा। 16 ओवर तक दक्षिण अफ्रीका ने चार विकेट पर 151 रन बना लिए थे। तब मिलर और क्लासेन क्रीज पर थे। आखिरी 24 गेंद में दक्षिण अफ्रीका को 26 रन चाहिए थे। इसके बाद 17वें ओवर में हार्दिक ने क्लासेन को आउट किया और मात्र चार रन दिए। 18वें ओवर में बुमराह ने यानसेन को आउट किया और दो रन दिए। 19वें ओवर में अर्शदीप ने चार रन दिए। आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रन चाहिए थे। हार्दिक ने पहली ही गेंद पर मिलर को आउट किया। दूसरी गेंद पर रबाडा ने चार रन बटोरे। तीसरी गेंद पर रबाडा ने एक रन लिया। चौथी गेंद पर महाराज ने एक रन लिया। इसकी अगली गेंद वाइड रही। पांचवीं गेंद पर हार्दिक ने रबाडा को आउट किया। आखिरी गेंद पर एक रन आया और भारत ने सात रन से जीत हासिल की।
दक्षिण अफ्रीका को आखिरी छह गेंद में 16 रन की जरूरत है। मिलर और महाराज क्रीज पर हैं। 18वें ओवर में बुमराह ने दो रन और 19वें ओवर में अर्शदीप ने चार रन दिए और मैच में टीम इंडिया की वापसी कराई। आखिरी ओवर में हार्दिक पांड्या गेंदबाजी करते दिखेंगे।
17वें ओवर में 151 के स्कोर पर दक्षिण अफ्रीका को पांचवां झटका लगा। हार्दिक पांड्या ने हेनरिक क्लासेन को विकेटकीपर पंत के हाथों कैच कराया। उन्होंने मैच बदलने वाली 27 गेंद में 52 रन की पारी खेली। फिलहाल डेविड मिलर और मार्को यानसेन क्रीज पर हैं। दक्षिण अफ्रीका को अब 18 गेंद में 22 रन की जरूरत है।
14 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका ने चार विकेट पर 123 रन बना लिए हैं। फिलहाल हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर क्रीज पर हैं। उन्हें 36 गेंद में 54 रन की जरूरत है। कुलदीप ने चार ओवर के स्पेल में 45 रन लुटाए। उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
13वें ओवर में 106 के स्कोर पर दक्षिण अफ्रीका को चौथा झटका लगा। अर्शदीप सिंह ने क्विंटन डिकॉक को कुलदीप के हाथों कैच कराया। डिकॉक ने 31 गेंद में चार चौके और एक छक्के की मदद से 39 रन की पारी खेली। फिलहाल हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर क्रीज पर हैं। 13 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर चार विकेट पर 109 रन है। उन्हें 42 गेंद में 68 रन की जरूरत है।
12 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट पर 101 रन बना लिए हैं। अब उन्हें 48 गेंद में 76 रन की जरूरत है। फिलहाल हेनरिक क्लासेन और डिकॉक के बीच 30+ रन की साझेदारी हो चुकी है। भारत को हर हाल में विकेट की जरूरत है। कुलदीप यादव आज विकेट को तरस गए हैं।
11 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट पर 93 रन बना लिए हैं। अब उन्हें 54 गेंद में 84 रन की जरूरत है। फिलहाल हेनरिक क्लासेन और डिकॉक के बीच 20+ रन की साझेदारी हो चुकी है। भारत को हर हाल में विकेट की जरूरत है।
10 ओवर के बाद दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट गंवाकर 81 रन बना लिए हैं। फिलहाल हेनरिक क्लासेन और क्विंटन डिकॉक क्रीज पर हैं। अब दक्षिण अफ्रीका को 60 गेंद में 96 रन की जरूरत है। वहीं, भारत को विकेट चाहिए। कुलदीप यादव की गेंदबाजी अच्छी नहीं रही है। उन्होंने दो ओवर में 23 रन लुटाए हैं।
70 रन के स्कोर पर द. अफ्रीका को तीसरा झटका लगा। अक्षर पटेल ने नौवें ओवर में ट्रिस्टन स्टब्स को बोल्ड किया। वह 21 गेंदों में 31 रन बनाकर आउट हुए। स्टब्स ने तीसरे विकेट के लिए डिकॉक के साथ 58 रनों की साझेदारी निभाई। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए हेनरिक क्लासेन उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए डिकॉक क्रीज पर मौजूद हैं।
क्विंटन डिकॉक (28) और ट्रिस्टन स्टब्स (30) दमदार बल्लेबाजी करते नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच 50 रनों की साझेदारी हो चुकी है। आठ ओवर के बाद टीम का स्कोर 68/2 है।
शुरुआती झटकों के बाद क्विंटन डिकॉक और स्टब्स ने दक्षिण अफ्रीका की पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले समाप्त होने के बाद स्कोर दो विकेट पर 42 रन पहुंचा दिया है। डिकॉक 15 गेंदों पर 20 रन और स्टब्स 11 गेंदों पर 12 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर कप्तान एडेन मार्करम को आउट कर दिया। वह सिर्फ चार रन बना सके। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए ट्रिस्टन स्टब्स उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए क्विंटन डिकॉक क्रीज पर मौजूद हैं।
बुमराह ने द. अफ्रीका को पहला झटका सात रन के स्कोर पर दिया। उन्होंने रीजा हेंड्रिक्स को पारी के दूसरे ओवर में बोल्ड कर दिया। वह सिर्फ चार रन बना सके। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए कप्तान एडेन मार्करम उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए क्विंटन डिकॉक क्रीज पर मौजूद हैं। दो ओवर के बाद टीम का स्कोर 11/1 है।
द. अफ्रीका की पारी शुरू हो चुकी है। सलामी बल्लेबाजी के लिए रीजा हेंड्रिक्स और क्विंटन डिकॉक क्रीज पर उतरे हैं। पारी का पहला ओवर अर्शदीप सिंह डाल रहे हैं।
भारत ने 20 ओवर में विराट कोहली की 76 और अक्षर पटेल की 47 रनों की तूफानी पारी की बदौलत सात विकेट पर 176 रन बनाए हैं। अब जिम्मेदारी गेंदबाजों पर है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत दमदार हुई। विराट कोहली ने पारी के पहले ओवर में मार्को यानसेन के खिलाफ तीन चौके लगाए और स्कोर 15 रन पर पहुंचा दिया। दूसरे ओवर में रोहित शर्मा ने भी केशव महाराज के खिलाफ पारी के दूसरे ओवर में दो चौके लगाए। हालांकि, चौथी गेंद पर वह क्लासेन के हाथों कैच आउट हो गए। कप्तान पांच गेंदों में नौ रन बनाकर पवेलियन लौटे। 23 रन के स्कोर पर टीम को दूसरा झटका लगा। महाराज ने इस ओवर में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए ऋषभ पंत को भी क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच आउट कराया। वह बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। इस मुकाबले में सूर्यकुमार यादव भी कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए। वह सिर्फ तीन रन बना सके। रबाडा ने उन्हें क्लासेन के हाथों कैच कराया। 34 रनों के स्कोर पर तीन विकेट खो चुकी भारतीय टीम के लिए अक्षर पटेल संकटमोचक साबित हुए। उन्होंने विराट कोहली के साथ मोर्चा संभाला और भारत का स्कोर 100 रनों के पार पहुंचाया। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी हुई। इस मैच में अक्षर 31 गेंदों में 47 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें डिकॉक ने 14वें ओवर में रनआउट किया। इसके बाद छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए शिवम दुबे ने भी कोहली का साथ दिया और भारत का स्कोर 160 के पार पहुंचाया। इस मैच में किंग कोहली ने 48 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। टी20 विश्व कप 2024 में यह उनके बल्ले से निकला पहला पचासा है। वह 59 गेंदों में 76 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर पवेलियन लौटे। उन्हें मार्को यानसेन ने 19वें ओवर में रबाडा के हाथों कैच आउट कराया। कोहली ने दुबे के साथ पांचवें विकेट के लिए 33 गेंदों में 57 रनों की साझेदारी निभाई। टीम को छठा झटका शिवम दुबे के रूप में लगा जो 27 रन बनाने में कामयाब हुए। वहीं, सातवां विकेट रवींद्र जडेजा के रूप में लगा। हार्दिक पांड्या पांच रन बनाकर नाबाद रहे। द. अफ्रीका के लिए महाराज और नॉर्त्जे ने दो-दो विकेट लिए जबकि यानसेन और रबाडा को एक-एक सफलता मिली।
भारत को पांचवां झटका विराट कोहली के रूप में लगा। वह 76 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें मार्को यानसेन ने 163 रन के स्कोर पर आउट किया। कोहली और दुबे के बीच पांचवें विकेट के लिए 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी हुई।
विराट कोहली ने 48 गेंदों में टी20 विश्व कप 2024 का अपना पहला अर्धशतक लगाया है। उनका साथ देने के लिए शिवम दुबे (21) क्रीज पर मौजूद हैं। 17 ओवर के बाद टीम का स्कोर 134/4 है।
भारत को चौथा झटका अक्षर पटेल के रूप में लगा। उन्हें क्विंटन डिकॉक ने 14वें ओवर की तीसरी गेंद पर रन आउट किया। वह 31 गेंदों में 47 रन बनाने में कामयाब हुए। छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए शिवम दुबे उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए विराट कोहली (44) क्रीज पर मौजूद हैं। 14 ओवर के बाद स्कोर 108/4 है।
विराट कोहली और अक्षर पटेल के बीच 50 से ज्यादा रनों की साझेदारी हो चुकी है। दोनों संभलकर बल्लेबाजी करते नजर आ रहे हैं। 12 ओवर के बाद भारत का स्कोर 93/3 है।
पावरप्ले में तीन विकेट खो चुकी भारतीय टीम को अब विराट कोहली और अक्षर पटेल का सहारा है। दोनों ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है। दोनों बल्लेबाज शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। नौ ओवर के बाद टीम का स्कोर 68/3 है।
शुरुआती छह ओवरों में भारत ने तीन विकेट खो दिए। पहला विकेट केशव महाराज ने रोहित शर्मा (9) के रूप में लिया जो सिर्फ नौ रन बना सके। दूसरा झचका ऋषभ पंत (0) के रूप में लगा जिन्हें महाराज ने दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच कराया। वहीं, तीसरा विकेट रबाडा को मिला जिन्होंने सूर्यकुमार यादव (3) को क्लासेन के हाथों कैच कराया। फिलहाल क्रीज पर विराट कोहली (25) और अक्षर पटेल (8) डटे हुए हैं। पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर 45/3 है।
भारत को तीसरा झटका 34 के स्कोर पर लगा। कागिसो रबाडा ने पांचवें ओवर की तीसरी गेंद पर उन्हें हेनरिक क्लासेन के हाथों कैच कराया। वह सिर्फ तीन रन बना सके। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए अक्षर पटेल उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए विराट कोहली (22) क्रीज पर मौजूद हैं। पांच ओवर के बाद टीम का स्कोर 40/3 है।
भारत को दूसरा झटका भी केशव महाराज ने दिया। उन्होंने ऋषभ पंत को दूसरे ओवर की आखिरी गेंद पर क्विंटन डिकॉक के हाथों कैच आउट कराया। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए सूर्यकुमार यादव उतरे हैं। उनका साथ देने के लिए विराट कोहली (15) क्रीज पर मौजूद हैं। दो ओवर के बाद स्कोर 23/2 है।
भारत को पहला झटका 23 रन के स्कोर पर लगा। केशव महाराज ने दूसरे ओवर की चौथी गेंद पर रोहित शर्मा (9) को हेनरिक क्लासेन के हाथों कैच कराया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए ऋषभ पंत उतरे हैं।
फाइनल मैच में विराट कोहली दमदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। मार्को यानसेन के खिलाफ उन्होंने तीन चौके लगाए। एक ओवर के बाद भारत का स्कोर 15/0 है।
भारत की पारी शुरू हो चुकी है। सलामी बल्लेबाजी के कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली क्रीज पर मौजूद हैं। पारी का पहला ओवर मार्को यानयेन कर रहे गेंदबाजी।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।
दक्षिण अफ्रीका: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, एडेन मार्करम (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, मार्को यानसेन, केशव महाराज, कागिसो रबाडा, एनरिक नॉर्त्जे, तबरेज शम्सी।
फाइनल मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है। कप्तान रोहित शर्मा ने इस मैच में प्लेइंग 11 में कोई बदलाव नहीं किया है। ऐसे में संजू सैमसन और यशस्वी जायसवाल को एक बार फिर बाहर बैठना पड़ेगा। वहीं, दक्षिण अफ्रीका भी बिना किसी बदलाव के उतरेगी।
केनसिंगटन ओवल मैदान पर फैंस का जमावड़ा लगा हुआ है। भारत-दक्षिण अफ्रीका फाइनल के लिए प्रशंसकों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है।
फाइनल मुकाबले के लिए भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीम स्टेडियम पहुंच चुकी हैं। बारबाडोस का मौसम साफ नजर आ रहा है। यह फैंस के लिए खुशी की बात है। ऐसे में उम्मीद है कि टॉस समय पर होगा।
ओवरऑल मुकाबलों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका ने अब तक यहां कुल तीन मैच खेले हैं। इन तीन में दो में उसे जीत मिली है। वहीं, एक मुकाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा था। अफ्रीकी टीम ने ये सभी मुकाबले 2010 के टी20 विश्व कप के दौरान खेले थे। उस दौरान उसे अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत मिली थी। वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ अफ्रीकी टीम को हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं, भारत की बात करें तो भारतीय टीम ने भी यहां अब तक तीन मुकाबले खेले हैं। इनमें से दो में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जबकि, एक में टीम इंडिया जीतने में सफल रही है। भारतीय टीम को दोनों हार 2010 के विश्व कप में मिली थई। तब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज से हुए अपने मुकाबले हार गई थी। ये दोनों मुकाबले सुपर-8 के थे। वहीं, 2024 के विश्व कप में भी सुपर-8 के ही मुकाबले में यहां भारत को अफगानिस्तान का सामना करना पड़ा। इस बार उसे जीत मिली। बारबाडोस का इतिहास दक्षिण अफ्रीका के साथ दिखाई देता है। जबकि, मौजूदा फॉर्म और अनुभव भारतीय टीम के साथ है।
मौजूदा विश्व कप में भारतीय टीम बारबाडोस में एक मुकाबला खेल चुकी है। उसे यहां जीत मिली थी। वहीं, दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए इस प्रतियोगिता में यह पहला मौका होगा जब वह बारबाडोस में खेलने उतरेगी। ऐसे में उनके सामने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की चुनौती होगी। वहीं, भारत को अपने पुराने अनुभव का लाभ मिल सकता है। टी20 विश्व कप मुकाबलों की बात करें तो दोनों टीमें अब तक छह बार आमने-सामने हुई हैं। इनमें से चार बार भारत को जीत मिली है। वहीं, दो बार दक्षिण अफ्रीका जीतने में सफल रही है। इस लिहाज से भी भारत का पलड़ा भारी है।
20 जून: बारबाडोस में पहला सुपर-8 का मुकाबला खेला गया। यह मैच भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला गया था, जिसमें भारतीय टीम 47 रनों से जीती थी। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 181 रन बनाए। जवाब में अफगान टीम 134 रन ही बना सकी।
22 जून: आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप की दो मेजबान टीमें अमेरिका और वेस्ट इंडीज यहां भिड़ीं थी। सुपर-8 के मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए अमेरिका ने 128 रन बनाए। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने 55 गेंदें शेष रहते 9 विकेट से जीत हासिल की।
23 जून: अमेरिका और इंग्लैंड के बीच हुए इस मैच में अमेरिकी टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए महज 115 रन ही बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंलिश टीम ने 62 गेंदें शेष रहते 10 विकेट से मैच जीत लिया।
3 जून: बारबाडोस में आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का पहला मैच 3 जून को ओमान और नामीबिया के बीच खेला गया था। लीग मैच में ओमान ने 109 रनों का लक्ष्य दिया था जिसका पीछा करते हुए नामीबिया ने मैच टाई कराया। बाद में नामीबिया ने सुपर ओवर में मुकाबला जीत लिया था।
4 जून: बारबाडोस में दूसरा मैच स्कॉटलैंड और इंग्लैंड के बीच हुआ था। लीग मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कॉटलैंड ने 10 ओवर में 90 रन बनाए। हालांकि, बारिश के चलते मैच पूरा नहीं हो सका और इंग्लैंड-स्काटलैंड ने एक-एक अंक साझा किए।
6 जून: ब्रिजटाउन में तीसरा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और ओमान के मध्य खेला गया। लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट के नुकसान पर 164 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ओमान की टीम 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 125 रन ही बना सकी। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 39 रन से जीत लिया।
7 जून: नामीबिया और स्कॉटलैंड के बीच खेले गए लीग मुकाबले में बाजी स्काटलैंड ने मारी। 18.3 ओवर में नामीबिया का स्कोर 155/9 रहा। यह मुकाबला स्कॉटलैंड ने 9 गेंद शेष रहते 5 विकेट से जीत लिया।
8 जून: लीग स्टेज का सबसे बड़ा मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच बारबाडोस में ही खेला गया था। इस मैच में कंगारू टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 201 रन बनाए। लक्ष्य को पार पाने उतरी इंग्लिश टीम 20 ओवर में छह विकेट प 165 रन ही बना सकी और ऑस्ट्रेलिया यह मैच 36 रन से जीत गया। इस प्रतियोगिता में सेंट लूसिया और बाराबोडस दो ही मैदान ऐसे हैं जहां 200 से ज्यादा का स्कोर कोई टीम बना सकी है। बारबोडस में सिर्फ यही मुकाबला था जिसमें 200 से ज्यादा रन बने। यह प्रतियोगता पहला मैच था जब किसी टीम ने 200 का आंकड़ा पार किया था। इसके बाद तीन अन्य मुकाबलों में भी 200 का आंकड़ा टीमों ने पार किया। ये सभी मुकाबले सेंट लूसिया के डेरेन सैमी स्टेडियम में खेले गए थे।
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताबी मुकाबला ब्रिजटाउन, बारबाडोस में खेला जाएगा। मौजूदा विश्व कप में इस मैदान पर आठ मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें तीन मैच सुपर आठ के थे। यहां आठ में से एक मुकाबला बिना कोई परिणाम के रहा। अब तक खेले गए मुकाबलों में सर्वाधिक स्कोर ऑस्ट्रेलियाई टीम का 201 रन था। सात मैचों में चार बार ऐसा हुआ है कि टॉस जीतने वाली टीम ने जीत दर्ज की है। बाकी तीन बार टॉस हारकर भी टीमों ने फतह हासिल की है जिसमें भारत भी शामिल है।
दक्षिण अफ्रीका की टीम 1998 के आईसीसी नॉकआउट टूर्नामेंट (अब चैंपियंस ट्रॉफी) को ही जीत पाई है। विश्वकप (टी-20 और वनडे) के सात सेमीफाइनल हारने के बाद टीम पहली बार फाइनल में है। द. अफ्रीका का भी सफलता का मंत्र उसका टीम प्रदर्शन रहा है। स्पिनर केशव महाराज और तबरेज शम्सी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। शम्सी ने अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछले दो मैचों में तीन-तीन विकेट लिए हैं।
क्विंटन डिकॉक खतरनाक हैं। वह इंग्लैंड के खिलाफ 65 और अमेरिका के खिलाफ 74 रन की पारियां खेल चुके हैं। कप्तान मार्करम ने कोई बड़ी पारी नहीं खेली है। क्लासेन भी 46 और 36* की दो महत्वपूर्ण पारियां खेल पाए हैं। आईपीएल में खराब प्रदर्शन करने वाले एनरिक नोत्र्जे जरूर यहां फॉर्म में हैं। वह कगिसो रबादा के साथ मिलकर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं। डेविड मिलर ने टी-20 में भारत के खिलाफ सर्वाधिक 431 रन 20 मैचों में बनाए हैं।
केनसिंगटन ओवल की पिच प्रोवीडेंस से अलग है। यहां की पिच शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद देती है। उन्हें नई गेंद से स्विंग मिलता है। बाद में यह पिच बल्लेबाजों की मददगार बन जाती है। यहां अच्छी लाइन रखने वाले स्पिनर भी भूमिका निभाते आ रहे हैं। भारत ने इस विश्व कप में अफगानिस्तान के खिलाफ यहां एक मैच खेला है। भारत ने यहां पहले बल्लेबाजी करते हुए 181 रन बनाए थे और अफगानिस्तान को 134 रन पर समेट 47 रन से जीत हासिल की थी। यहां 32 टी-20 मैच हो चुके हैं। 19 में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है और 11 में लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत मिली है। दो बेनतीजा रहे हैं।
इस विश्व कप में भारतीय टीम की सफलता मंत्र अमेरिका और वेस्टइंडीज की परिस्थितियों से बेहतर तरीके से तालमेल बिठाना है। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 68 रन से जीत हासिल करने के बाद रोहित शर्मा ने भी यह बात स्वीकार की। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सेमीफाइनल मुकाबला ही है, जहां अक्षर पटेल और कुलदीप यादव ने प्रोवीडेंस की धीमी पिच का भरपूर फायदा उठाते हुए इंग्लैंड को महज 103 रन पर ढेर कर दिया। पहले भारतीय टीम ने अमेरिका में वहां की नई पिचों पर तेज गेंदबाजों का बखूबी इस्तेमाल किया और वेस्टइंडीज में कुलदीप-अक्षर की जोड़ी को बखूबी आजमाया गया।
यह फाइनल उन दो टीमों के बीच है, जो अब तक टूर्नामेंट में अपराजेय हैं। भारत सात मैच जीता है, एक मैच उसका बारिश में धुला है, जबकि द. अफ्रीका लगातार आठ मैच जीतकर फाइनल में पहुंचा है। द. अफ्रीका के लिए भी यह फाइनल विशेष है, क्योंकि उनकी टीम पहली बार किसी विश्वकप के खिताबी मुकाबले में पहुंची है। वहीं, भारतीय टीम टी-20 विश्वकप का तीसरा फाइनल खेलेगी। अंतिम बार भारत 10 साल पहले 2014 में फाइनल में पहुंचा था, जहां उसे श्रीलंका से हार मिली थी।
रोहित के लिए यह महामुकाबला मानसिक तौर पर आसान नहीं होगा। उनकी कप्तानी में भारत टेस्ट विश्व चैंपियनशिप और 2023 के वनडे विश्वकप का फाइनल खेल चुकी है, लेकिन उनकी टीम फाइनल की यह अंतिम बाधा पार नहीं कर पाई। रोहित की टीम को इसी अंतिम बाधा को पार करने का एक और मौका मिला है। यहां जीते तो करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के साथ अपने अंतिम टूर्नामेंट में कोचिंग कर रहे राहुल द्रविड, खुद उनके और विराट कोहली के लिए यह विशेष तोहफा होगा। माना जा रहा है कि रोहित और विराट का भी यह अंतिम टी-20 विश्व कप हो सकता है।
मौजूदा टूर्नामेंट से पहले कोहली को आईपीएल 2024 में खेलते देखा गया था। इस दौरान उन्होंने 154.69 के स्ट्राइक रेट से एक शतक और पांच अर्धशतकों के साथ 741 रन बनाए थे। वह ऑरेंज कैप विजेता थे। हालांकि, टी20 विश्व कप 2024 में वह अपने प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहे हैं। उम्मीद है कि फाइनल मैच में उनका बल्ला एक बार फिर गरजेगा।
मौजूदा टूर्नामेंट में विराट कोहली की फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में वह शून्य पर आउट हो गए थे। यह दूसरा मौका था जब कोहली बिना खाता खोले पवेलियन लौटे थे। इससे पहले अमेरिका के खिलाफ मैच में सौरभ नेत्रवलकर ने उन्हें शून्य पर आउट किया था। टी20 विश्व कप 2024 में कोहली ने सात मैचों में अब तक सिर्फ 75 रन बनाए हैं।
भारत: रोहित शर्मा (कप्तान),विराट कोहली, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), सूर्यकुमार यादव, शिवम दुबे/संजू सैमसन, हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।
दक्षिण अफ्रीका: क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर), रीजा हेंड्रिक्स, एडेन मार्करम, हेनरिक क्लासेन, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसेन, केशव महाराज, कागिसो रबाडा, एनरिक नोर्त्जे, तबरेज शम्सी।
भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है। इसमें गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभाई है। स्पिन डिपार्टमेंट में कुलदीप यादव और अक्षर पटेल की मौजूदगी भारत के लिए वरदान साबित हो रही है। दोनों वेस्टइंडीज की पिचों पर जलवा बिखेरते नजर आ रहे हैं। वहीं, रवींद्र जडेजा भी शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। उन्हें भले ही अब तक ज्यादा विकेट नहीं मिले हैं लेकिन जडेजा ने किफायती गेंदबाजी की है। वह बल्ले से भी प्रभाव छोड़ने में कामयाब हुए हैं। तेज गेंदबाजी आक्रमण का जिम्मा जसप्रीत बुमराह संभालते दिखेंगे। उनका साथ अर्शदीप सिंह देते नजर आएंगे। हार्दिक पांड्या भी अपने हिस्से के चार ओवर फेंकते दिखेंगे।
खिताबी मैच में शिवम दुबे का पत्ता कट सकता है। कप्तान उन्हें भारत की प्लेइंग 11 से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ मैच में वह शून्य पर ही आउट हो गए थे। क्रिस जॉर्डन ने उन्हें बटलर के हाथों कैच आउट कराया था। उनकी जगह संजू सैमसन को मौका मिल सकता है। वह शानदार बल्लेबाजी करते नजर आ सकते हैं।
तीसरे नंबर पर ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए उतरेंगे। वह मौजूदा टूर्नामेंट में दमदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। मौजूदा टूर्नामेंट में उन्होंने अब तक 171 रन बनाए हैं। स्टार खिलाड़ी भारत के लिए इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले चौथे बल्लेबाज हैं। वहीं, चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव उतरेंगे। मैदान के सभी कोनों में शॉट खेलने की क्षमता रखने वाला यह बल्लेबाज भारत के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान कर रहा है। सेमीफाइनल मैच में पंत के बाद सूर्या ने 47 रनों की महत्वपू्र्ण पारी खेली और भारत का स्कोर 150 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पांचवें नंबर पर उप-कप्तान हार्दिक पांड्या बल्लेबाजी के लिए आएंगे। वह गेंद और बल्ले से भारत के लिए उपयोगी साबित हुए हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मैच में भारत को अच्छी शुरुआत की दरकार होगी। इस मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली ही पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे। हिटमैन इस वक्त फॉर्म में चल रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने 57 रनों की तूफानी पारी खेली। वहीं, कोहली एक बार फिर फ्लॉप साबित हुए। वह सिर्फ नौ रन बना सके। हालांकि, कप्तान और कोच ने इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद भरोसा जताया कि कोहली का बल्ला गरजेगा और वह उपयोगी पारी खेलने में कामयाब होंगे।
टी20 क्रिकेट में भारत का दक्षिण अफ्रीका पर पलड़ा भारी है। दोनों के बीच कुल 26 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत को 14 और प्रोटियाज को 11 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बेनतीजा रहा है। टी20 विश्व कप में भी भारत का दक्षिण अफ्रीका पर दबदबा है। दोनों टीमें छह बार भिड़ी हैं जिनमें चार मैच भारत ने जीते हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका को दो मैचों में जीत मिली है। ऐसे में भारत खिताबी मैच में जीत का प्रबल दावेदार हैं।
वेस्टइंडीज और अमेरिका की सह-मेजबानी में जारी टी20 विश्व कप 2024 अंत की तरफ बढ़ रहा है। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला शनिवार को बारबाडोस के केंसिंग्टन ओवल में खेला जाएगा। दोनों टीमें मौजूदा टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं। वहीं, दक्षिण अफ्रीका पहली बार आईसीसी के किसी टूर्नामेंट में फाइनल मैच खेलने के लिए तैयार है। उन्होंने सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को नौ विकेट से हराया था।