पपलप्रीत पुलिस ने शमशीर-ए-दस्त नाम की एक पत्रिका में बब्बर खालसा की रिपोर्ट प्रकाशित करने पर गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को उसका लैपटॉप एक कुएं से मिला था, जिसमें पत्रिका का सारा रिकार्ड था। वह खालिस्तान समर्थक पत्रिका फतेहनामा के लिए भी आतंकवादियों के समर्थन में लेख लिखता रहा है। दमदमी टकसाल के तीन प्रमुख ग्रुपों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पपलप्रीत की काफी निकटता है।
पंजाब में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के संगठन वारिस पंजाब को मजबूत कर खालिस्तान का खाका खींचने का पूरा षड्यंत्र अमृतसर के गांव मरड़ी कलां के पपलप्रीत ने रचा था। 18 मार्च के बाद अमृतपाल को फरार करवाने में भी उसकी मुख्य भूमिका है। पपलप्रीत हमेशा से विवादों में रहा है।
अमृतपाल सिंह के चाचा हरजीत सिंह का नया ऑडियो वायरल हुआ है। जो उसने सरेंडर से पहले किसी को भेजा था। इस ऑडियो में कहा है कि वह खुद सरेंडर करने जा रहा है। अगर पुलिस हमें पकड़ती है तो इसमें बेइज्जती बहुत है, लेकिन अगर हम सरेंडर करते हैं तो इसमें हमारी शान है। उसने उस व्यक्ति को कहा था कि अमृतपाल को कहना कि अपने ही कुछ लोग एजेंसियों के साथ मिल गए है, जो सारी जानकारी उन तक पहुंचा रहे रहे है।
जैसे ही दीप सिद्धू के संगठन वारिस पंजाब दे का प्रमुख बनने के लिए भारत आया था। फिर उसने खुद को भिंडरावाले की तरह पेश किया और उसके समर्थक उसे भिंडरावाले 2.0 कहने लगे थे। वहीं, खुफिया एजेंसियों के अनुसार जब तक वह विदेश में था। वह अमृतधारी नहीं था।
अमृतपाल का वीडियो यूपी में रिकॉर्ड किए जाने की आशंका है। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वीडियो एक या दो दिन पुराना है। अमृतपाल के वीडियो को लाइव दिखाने वाल यूट्यूब चैनल को बैन कर दिया गया है। अमृतपाल का वीडियो ब्रिटेन के हैंडल से शेयर किया गया था। सरकार की शिकायत के बाद चैनल को बैन किया गया है।
सरबत खालसा में देश-विदेश की सभी सिख संस्थाएं हिस्सा लेती हैं। सभी पदाधिकारियों को निमंत्रण दिया जाता है। इस बैठक में धर्म से जुड़े मुद्दे पर चर्चा की जाती और उन पर फैसला लिया जाता है। सरबत खालसा का उद्देश्य पूरे सिख समाज को एक साथ एक जगह पर लाना होता है। अमृतपाल ने बैसाखी पर सभी धार्मिक संस्थाओं से यही कहा है।
अमृतपाल ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से बैसाखी पर सरबत खालसा बुलाने की अपील भी की। अमृतपाल ने कहा कि सरबत खालसे में देश-विदेश की सिख संगत बढ़ चढ़कर हिस्सा ले और वहीं पर कौम के मुद्दों पर चर्चा होगी।
पंजाब पुलिस ने जनता से खालिस्तान समर्थक भगोड़े उपदेशक और 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के बारे में जानकारी साझा करने की अपील की है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि बठिंडा के तलवंडी साबो में अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुछ देर बाद मीडिया से बात करेंगे। पुलिस अमृतपाल को गिरफ्तार करना चाहती है, अमृतपाल सरेंडर पर अड़ा है। इसी संबंध में जत्थेदार बयान दे सकते हैं।
जरनैल सिंह भिंडरांवाले का पैतृक गांव रोड मोगा जिले में है। अमृतपाल खुद को भिंडरांवाले का समर्थक बताते हुए 29 सितंबर को वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख बन गया। इसी गांव में उसकी दस्तारबंदी की गई।
किसान आंदोलन और उसके बाद 26 जनवरी 2021 को लाल किला हिंसा मामले में दीप सिद्धू का नाम आया। 15 फरवरी 2022 को दिल्ली से पंजाब लौटते वक्त सोनीपत के पास एक सड़क हादसे में दीप सिद्धू की मौत हो गई थी। इस बीच अमृतपाल दुबई से लौटा और 29 सितंबर, 2022 को मोगा के गांच रोडे पहुंचा।
अमृतपाल सिंह अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गांव का रहने वाला है। 12वीं पास अमृतपाल दुबई चला गया। वहां वह ट्राला चलाया करता था। बाद में ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय से जुड़ा था। इसी दौरान वह पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू के ''''वारिस पंजाब दे'''' संगठन के संपर्क में आया। दीप सिद्धू ने 30 सितंबर, 2021 को इस संगठन की नींव रखी थी।
अमृतपाल के खिलाफ चार केस दर्ज हैं। इनमें से तीन मामले अमृतसर जिले के अजनाला थाने में हैं। अपने एक करीबी लवप्रीत सिंह की गिरफ्तारी से नाराज होकर अमृतपाल ने 23 फरवरी को समर्थकों के साथ अजनाला थाने पर हमला कर दिया था। इस केस में उस पर कार्रवाई नहीं होने के चलते पंजाब पुलिस की काफी आलोचना हो रही थी। अमृतपाल सिंह पर आरोप था कि वह श्री गुरु ग्रंथ साहब की आड़ लेकर थाने पहुंचा था और भीड़ को हमले के लिए उकसाया। इस हमले में एसपी समेत छह पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसके अलावा उस पर भड़काऊ भाषण देने का केस भी दर्ज है।
अमृतसर वारिस पंजाब दे मुखी अमृतपाल सिंह की तरफ से श्री हरमंदिर साहिब से आत्मसमर्पण करने की चर्चा है। यह जानकारी मिलते ही सुरक्षा बल और पंजाब पुलिस हरमंदर साहब और इसके आसपास तैनात कर दी गई है। हरमंदर साहब को जाने वाले सभी रास्तों पर बड़ी नाकेबंदी कर दी गई है। चार पहिया वाहन जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। लोग पैदल और दो पहिया वाहन पर ही जा सकते हैं। हरमंदर साहब को जाने वाले सारे रास्तों पर भारी सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए हैं। इसके साथ ही बड़ी संख्या में गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। आस-पास के होटलों में छानबीन की जा रही है।
रावचरन सिंह ब्रार पीपीएस ज्वाइंट सीपी लॉ एंड ऑर्डर लुधियाना से ज्वाइंट सीपी हेडक्वार्टर जालंधर तबादला दिया गया है। जसकिरनजीत सिंह तेजा पीपीएस को डीसीपी इंवेस्टिगेशन पीबीआई जालंधर से डीसीपी देहात लुधियाना के पद पर तबादला मिला है।
जगजीत सिंह सरोया पीपीएस को एडीसीपी हेडक्वार्टर जालंधर से एसपी ऑपरेशन्स को गुरदासपुर भेजा गया है। सरबजीत सिंह पीपीएस को एसपी इंवेस्टिगेशन जालंधर देहात से एसपी इंवेस्टिगेशन होशियारपुर में तबादला किया गया है। मनप्रीत सिंह पीपीएस को होशियारपुर के एसपी इंवेस्टिगेशन से एसपी इंवेस्टिगेशन जालंधर देहात पर तैनाती मिली है।
पंजाब सरकार ने आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। वत्सला गुप्ता आईपीएस को जालंधर से डीसीपी हेडक्वार्टर अमृतसर भेजा गया। स्वर्णदीप सिंह पीपीएस का एसएसपी जालंधर देहात से डीसीपी इंवेस्टिगेशन अमृतसर के पद पर तबादला किया गया है। मुखविंदर सिंह पीपीएस को डीसीपी इंवेस्टिगेशन, अमृतसर से एसएसपी जालंधर देहात के पद पर तैनाती दी है।
तलवंडी में एसएसपी गुलनित खुराना ने मोर्चा संभाल लिया है। नाकाबंदी कर शुरू की चेकिंग अभियान चलाया है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि वारिस पंजाब दे का प्रमुख और खलिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पंजाब में घिर गया है। वह आज आत्मसमर्पण कर सकता है। सूचना है कि उसने आत्मसर्पण से पहले कुछ शर्तें पुलिस के सामने रखी हैं। अमृतपाल थोड़ी देर में अकाल तख्त के जत्थेदार से मिलने जा सकता है उसके बाद आत्मसमर्पण भी कर सकता है। इसके लिए उसने तीन शर्तें भी रखी हैं। हालांकि अभी इसके बारे में आधिकारिक बयान नहीं आया है।
पंजाब से बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस को चकमा देकर 11 दिन से भाग रहा खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह आज आत्मसमर्पण कर सकता है। पजाब में पुलिस की हलचल तेज हो गई है।