प्रधानमंत्री का हेलीकाप्टर राजिंद्रा पार्क से मोहाली एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ।
कार्यक्रम की समाप्ति के बाद वीवीआईपी गाड़ियों का काफिला गवर्नर हाउस की ओर रवाना हुआ। इसी कारण पुलिस ने ट्रैफिक को रोक दिया है और मटका चौक से हाईकोर्ट रोड पर लंबा जाम लगा हुआ है। वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई है। मटका चौक से जाने वाले और हाईकोर्ट की ओर से आने वाले ट्रैफिक को रोकने के कारण जाम लग गया है। पेक से लगातार लंबी गाड़ियों का काफिला पंजाब राजभवन की ओर जा रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण समाप्त हो गया है।
पीएम ने कहा कि अगर सड़क पर किसी का एक्सीडेंट हो जाए तो उसकी मदद करने से भी लोग घबराते थे। उन्हें लगता है कि वो उल्टा इस पचड़े में फंस जाएंगे लेकिन अब मदद करने वालों को इन परेशानियों से मुक्त कर दिया गया है। अंग्रेजी शासन के 1500 से ज्यादा पुराने कानून को खत्म किया है। जब यह कानून खत्म हुए, तब लोगों को हैरानी हुई थी कि क्या देश में ऐसे ऐसे कानून भी हम ढो रहे थे। मोदी ने कहा कि 370 और तीन तलाक खत्म हुआ तो खूब चर्चा हुई। इन दिनों वक्फ बोर्ड से जुड़े कानून पर बहस चल रही है। हमें चाहिए कि हम इतना ही महत्व उन कानूनों को भी दें, जो नागरिकों की गरिमा और स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए बने हैं।
पीएम ने कहा कि पहले ज्यादातर विदेशी नागरिक इसलिए विदेशी निवेश नहीं करना चाहते हैं कि अगर कोई मुकदमा होगा तो वर्षों निकल जाएंगे। जब यह सब खत्म होगा तो निवेश बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। इससे विभिन्न विभागों की प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी।
पीएम ने कहा कि चंडीगढ़ में वाहन चोरी के मामले में केस दर्ज होने के बाद सिर्फ दो महीने 11 दिन में अदालत ने सजा सुना दी और उसे सजा मिल भी गई। क्षेत्र में अशांति फैलाने के एक और आरोपी को अदालत में सिर्फ 20 दिन में पूरी सुनवाई के बाद सजा भी सुना दी। दिल्ली में भी एक केस में एफआईआर से लेकर फैसला आने तक सिर्फ 60 दिन का समय लगा। आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई। बिहार के छपरा में भी एक मर्डर केस में एफआईआर से लेकर फैसला आने तक सिर्फ 14 दिन लगे और आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। यह फैसला दिखाते हैं, न्याय संहिता की ताकत और उनका प्रभाव क्या है। यह बदलाव दिखता है, जब सामान्य नागरिकों के हितों के लिए समर्पित सरकार होती है, जब सरकार ईमानदारी से जनता की तकलीफों को दूर करना चाहती है, तो बदलाव भी होता है और परिणाम भी आते हैं।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि 1857 की क्रांति के ठीक 3 साल बाद 1860 में अंग्रेज हुकूमत भारतीय दंड संहिता लेकर आए। उसके बाद इंडियन एविडेंस एक्ट आया और फिर सीआरपीसी का ड्राफ्ट अस्तित्व में आया। यह सब भारतीयों को दंडित करने के लिए ले गए थे। समय-समय पर इनमें संशोधन हुए लेकिन उनका असली चरित्र वही बना रहा। आजाद देश में गुलामी के लिए बने कानून को क्यों ढोया जाए। यह सवाल न हमने खुद से पूछा, न शासन करने वाले लोगों ने इस पर विचार करने की जरूरत समझी। गुलामी की मानसिकता ने भारत की विकास यात्रा को बहुत ज्यादा प्रभावित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन शुरू किया। मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ आने से लगता है कि अपनों के बीच आ गया हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह तीनों कानून के लागू होने पर देश को बधाई देते हैं। उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों को भी बधाई दी।
अमित शाह ने कहा कि ढेर सारे प्रावधान हैं, नई व्यवस्था बनानी थी, इस कठिन काम को चंडीगढ़ ने पांच महीने में पूरा कर लिया है। ऐसे करके चंडीगढ़ देश का पहला शहर बन गया है। कोई भी एफआईआर हो तो अब अधिकतम 3 साल के अंदर न्याय मिलेगा, तारीख पर तारीख नहीं मिलेगी। ये दुनिया का सबसे बड़ा रिफॉर्म बनने जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, गुलाब चंद कटारिया और सतनाम संधू के साथ मंच पर पहुंच गए हैं। प्रशासक ने पीएम का चंडीगढ़ ओपन हैंड की 3डी पेंटिंग गिफ्ट की। अमित शाह ने स्वागती भाषण शुरू किया।
पीएम ने छोटे अपराध के मामलों में होने वाली कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा जिस पर एसएसपी ने बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति पहली बार किसी अपराध में पकड़ा जाता है और वह बड़े अपराध की श्रेणी में नहीं आता है तो पकड़े गए व्यक्ति को सामुदायिक तौर पर सजा देने का प्रावधान किया गया है। पहली बार केवल एक चेतावनी के तौर पर उसे लिखित माफीनामे के साथ छोड़ा जा सकता है। अगर वह व्यक्ति दो या इससे अधिक बार पकड़ा गया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार केस दर्ज किया जाएगा।
इस दाैरान पीएम द्वारा ई-गवाही करवाने के प्रोसेस के बारे में पूछा गया। गृहमंत्री अमित शाह ने इसका जवाब दिया कि अब गवाह कोर्ट में गए बगैर देश के किसी भी कोने में बैठकर पास के किसी पुलिस थाने, सिविल अस्पताल या अन्य सरकारी संस्थान में बैठकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही दे सकेगा। गवाह को अब कोर्ट भी नहीं जाना पड़ेगा और उसे अपनी जान का खतरा भी नहीं सताएगा।
एसएसपी कंवरदीप कौर ने पीएम मोदी को तीन कानूनों के तहत कोई भी अपराध होने पर पुलिस की कार्रवाई शुरू होने से लेकर सुबूत एकत्र करने, सीएफएसएल की जांच व रिपोर्ट, कोर्ट में चार्जशीट दायर करने, ट्रायल व गवाही और आरोपी को सजा तक दिलवाने के बारे में जानकारी दी।
चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी सुरेंद्र सिंह यादव ने पीएम मोदी को तीन नए कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने अपराध को अंजाम देने के बाद विदेश भाग जाने वाले आरोपियों के बारे में कार्रवाई करने को लेकर पूछा।
डीजीपी ने बताया कि अब विदेश भागने वाले आरोपियों को लेकर भी नए कानूनों में कई प्रावधान किए गए हैं। विदेश फरार होने वाले आरोपियों के खिलाफ अब उनके कोर्ट में पेश हुए बिना भी केस चलता रहेगा और आरोपी के पेश हुए बगैर कोर्ट को सजा देने का अधिकार होगा। आरोपियों को विदेश से लेकर आने के नियमों में भी बदलाव किया गया है।
इसके अलावा पीएम द्वारा महिलाओं से जुड़े अपराध संबंधित बदले नियमों को लेकर भी प्रश्न किए। डीजीपी ने बताया कि नए कानूनों के तहत महिलाओं से जुड़े अपराध को लेकर पहले से सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी पेक पहुंच गए हैं। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से बनाए गए क्राइम सीन का मुआयना किया। उनके साथ गृहमंत्री अमित शाह, चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया, प्रशासक के सलाहकार राजीव वर्मा, राज्यसभा सांसद सतनाम संधू , डीजीपी सुरेंद्र यादव, एसएसपी कंवरजीत कौर व अन्य उपस्थित रहे।
राजिंद्रा पार्क से पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला पेक के लिए रवाना हो गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ पहुंच गए हैँ। 12:02 मिनट पर दो हेलीकाप्टरों ने लैडिंग की।
पीएम मोदी थोड़ी देर में तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सफल कार्यान्वयन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासन गुलाबचंद कटारिया कार्यक्रम स्थल पर पहुंच चुके हैं।
कार्यक्रम में करीब ढाई हजार लोग माैजूद हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दाैरे के विरोध के लिए इकट्ठे हुए कांग्रेसियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक लुबाना के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं को पुलिस सेक्टर 23 के चिल्ड्रन पार्क के पास से पकड़कर ले गई है। वह सभी प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने के लिए जा रहे थे। उन्हें 34 पुलिस स्टेशन ले जाया गया है।
पेक में आयोजित कार्यक्रम नए कानूनों के व्यावहारिक अनुप्रयोग को प्रदर्शित करेगा, यह प्रदर्शित करते हुए कि वे पहले से ही आपराधिक न्याय परिदृश्य को कैसे नया रूप दे रहे हैं। एक लाइव प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें अपराध स्थल की जांच का अनुकरण किया जाएगा, जहां नए कानूनों को अमल में लाया जाएगा। बता दें कि एक जुलाई से तीनों नए कानून पूरे देश में लागू हो गए हैं लेकिन चंडीगढ़ पहला यूटी बनने जा रहा है, जहां 100 फीसदी इस कानून को अमल में लाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए पंजाब यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 1 के पास सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। वहीं पीजीआई में पैक के तरफ वाले सेक्टर 11 वाले गेट से अभी प्रवेश सामान्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का चंडीगढ़ में इस साल यह दूसरा दौरा होगा। शाह 4 अगस्त को भी चंडीगढ़ आए थे और उन्होंने मनीमाजरा में 24 घंटे पानी के परियोजना के पायलट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 अक्तूबर को हरियाणा के कार्यक्रम में आए थे लेकिन उन्होंने आईटी पार्क के ललित होटल में एनडीए दलों के नेताओं के साथ बैठक की थी। इसमें देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए थे।
पेक कैंपस में आज शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों की एंट्री गेट नंबर तीन से होगी और सभी छात्रों को अपना आई कार्ड साथ रखने के निर्देश दिए हैं। पेक छात्र और शिक्षक भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में जाने के इच्छुक विद्यार्थियों और शिक्षकों से गूगल फॉर्म भरवाए गए हैं और सूची में करीब 100 छात्र, शिक्षक के नाम हैं।
पेक में आज छात्रों की कक्षाएं नहीं लगेंगी। बीटेक द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाएं हो चुकी हैं और बीटेक प्रथम वर्ष और एमटेक छात्रों की पांच दिसंबर से शुरू होंगी। परीक्षा के चलते छात्रों की कक्षाएं नहीं लग रही हैं लेकिन आज पेक में प्रधानमंत्री के दौरे के चलते सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक कैंपस में सुरक्षा कड़ी रहेगी। पेक की ओर से अवकाश घोषित नहीं किया गया है लेकिन परीक्षाओं के चलते कोई कक्षा नहीं लगेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर शहर की कई मुख्य सड़कें बंद रहेंगी। कुछ सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। इससे पहले सोमवार को पुलिस की ओर से पीएम विजिट की फाइनल रिहर्सल की गई। इस दौरान एयरपोर्ट लाइट पॉइंट, ट्रांसपोर्ट चौक और राजिंदरा पार्क से पेेक तक कुछ सड़कों को बंद रखा गया। इससे वाहन चालकों कोे कुछ सड़कों पर जाम में जूझना पड़ा। पीएम की सुरक्षा को देखते हुए चार हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मंगलवार को रूट प्लॉन देखकर ही निकलें अन्यथा कहीं जाम में फंसना पड़ सकता है।
पूरा शहर मोदी-शाह के होर्डिंग से पटा पड़ा है। मध्य मार्ग समेत कई रास्तों व चौक पर बैनर लगाए गए हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पंचकूला से सीधे पेक पहुंचेंगे। चंडीगढ़ पुलिस और प्रशासन ने पीएम-गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए कई रूट तैयार किए हैं, क्योंकि सुरक्षा के मद्देनजर ऐन मौके पर बदलाव भी किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री के दाैरे के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री निवास के पास काफी साल से बंद सड़क को खोल दिया गया है। इस सड़क को हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं खोला गया था। बताया जा रहा है कि राजिंद्रा पार्क में प्रधानमंत्री के चोपर के उतरने की व्यवस्था की गई है। सड़क से बेरिकेट्स को हटाकर सड़क पर बने गड्ढों को भरा गया।
सेक्टर-12 स्थित कार्यक्रम स्थल पेक से लेकर राजभवन तक पूरे क्षेत्र को किले में तब्दील किया गया है। सुरक्षा में केवल चंडीगढ़ पुलिस ही नहीं बल्कि हरियाणा व पंजाब सहित कई अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा करीब 10 आईपीएस सहित 25 से अधिक डीएसपी और करीब 100 इंस्पेक्टर को मॉनिटरिंग के लिए लगाया गया है। केंद्र की आईबी सहित एसपीजी के अधिकारी व जवान भी पल-पल की खबर ले रहे हैं।
पीएम मोदी के दौरे को लेकर चंडीगढ़ में भारी सुरक्षा है। कई नाके लगाए गए हैं। पीएम कार्यक्रम को लेकर एयरपोर्ट से लेकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित होटल और पेक कार्यक्रम स्थल समेत शहरभर में सुरक्षा के लिए चार हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया है।
मुख्य कार्यक्रम सेक्टर-12 के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में रखा गया है। पीएम मोदी वायु सेना के विमान से चंडीगढ़ टेक्निकल एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे और वहां से हेलीकॉप्टर में सेक्टर-1 के राजिंदरा पार्क पहुंचेंगे। वहां से सड़क मार्ग से पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। इसके लिए पूरे रूट को तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चंडीगढ़ आ रहे हैं। पीएम दोपहर 12 बजे तीन नए आपराधिक कानूनों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के सफल कार्यान्वयन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।