सिद्धारमैया ने केंद्रीय बजट 2026-27 को निराशाजनक और दूरदृष्टि से खाली बताया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में राज्य के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। उनके अनुसार बजट में कर्नाटक और पूरे दक्षिण भारत को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में कर्नाटक के लिए ठोस परियोजनाओं की घोषणा नहीं है। ॉउन्होंने कहा कि राज्य ने बंगलूरू-मुंबई, बंगलूरू-मंगलूरू और बंगलूरू-पुणे कॉरिडोर की मांग की थी। सिद्धारमैया ने सिंचाई परियोजनाओं, अपर भद्रा और अपर कृष्णा प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय दर्जा देने की मांग पूरी न होने और मेकेदातु व महादयी परियोजनाओं की मंजूरी में देरी पर भी केंद्र को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अनुदान में भी राज्य को कम आवंटन मिला है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर तीखा हमला बोला है। गोवा के कावलेम गांव में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह बजट देश में महंगाई बढ़ाएगा और बेरोजगारी की समस्या को और गंभीर करेगा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बजट में न तो महंगाई को नियंत्रित करने के उपाय हैं और न ही रोजगार सृजन को लेकर कोई ठोस योजना दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश बजट में गोवा के लिए भी कुछ खास नहीं है। केजरीवाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार गोवा को पूरी तरह भूल चुकी है। केजरीवाल ने भाजपा पर गोवा को “तबाह” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में लोग समस्याओं पर खुलकर बोलने से डरते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक साथ हैं, जबकि आम आदमी पार्टी गोवा में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है।
एम के स्टालिन ने केंद्रीय बजट को तमिलनाडु के लिए बड़ा निराशाजनक बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बजट में राज्य के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, महिलाएं, किसान और वंचित वर्ग के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। स्टालिन ने कहा कि राज्यों के कर हिस्से को 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग फिर नजरअंदाज कर दी गई। उनके अनुसार तमिलनाडु देश की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है, फिर भी टैक्स हिस्सेदारी कम रखी गई है, जिससे हर साल करीब 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और पीएम इंटर्नशिप योजना के बजट में कटौती का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में तमिलनाडु के लिए कोई नई बड़ी परियोजना घोषित नहीं की गई।
आदित्य ठाकरे ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बजट से आम लोगों में आर्थिक स्थिरता को लेकर भरोसा नहीं जगा है और महाराष्ट्र की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जीडीपी, जीएसटी और आयकर के जरिए केंद्र के खजाने में सबसे बड़ा योगदान देता है, फिर भी उसे प्राथमिकता नहीं मिली। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि बजट पूरे देश के लिए होता है, लेकिन केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ संतुलित व्यवहार नहीं किया। ठाकरे ने मुंबई–पुणे हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा पर भी सवाल उठाया और पूछा कि इसकी फंडिंग केंद्र करेगा या राज्य। उन्होंने निर्मला सीतारमण पर आरोप लगाया कि उन्होंने आर्थिक अस्थिरता, गिरते रुपये और रोजगार पर भरोसा देने वाली ठोस बात नहीं रखी। जलवायु कार्रवाई और रोजगार सृजन पर भी बजट को कमजोर बताया।
लोकसभा सांसद राहुल गांधी के केंद्रीय बजट की आलोचना वाले ट्वीट पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वे किस सुधार की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था और उसके बुनियादी सिद्धांत मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितता हमारे कई क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है, जिनके लिए हमने लघु एवं मध्यम उद्यमों, वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग, ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों, किसानों, मूल्यवर्धन, महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता उद्यमियों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन तरीकों से हम आम लोगों तक पहुंच रहे हैं ताकि बाहरी अस्थिरता के कारण उनके जीवन में कोई बड़ा बदलाव न आए... राजनीतिक रूप से, अगर आप आलोचना करना चाहते हैं, तो आप कर सकते हैं। लेकिन अगर आप मुझे अपने तर्क के आधार पर तथ्य देना चाहते हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं।'
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है, 'यह एक 'हम्प्टी-डम्प्टी बजट' है, सिर्फ शब्दों का छल है, यह महिला-विरोधी, किसान-विरोधी और शिक्षा-विरोधी है। केंद्र देश की आर्थिक संरचना को नष्ट करना चाहता है।'
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा, 'किसान, महिला, गरीब पर केंद्रित बजट रहा। पशुपालन के क्षेत्र में हम आज दुनिया में पहले स्थान पर हैं। हमारे देश में पशु चिकित्सा पर की आधारभूत संरचना पर इस बार बजट में ध्यान दिया गया है।'
केंद्रीय बजट 2026 पर विपक्ष की प्रतिक्रिया पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, 'आप कुछ ठोस बताएं कि क्या गलत है? क्या वे नहीं चाहते कि हमारे एमएसएमई क्षेत्र की प्रगति हो, क्या वे नहीं चाहते की देश की उत्पादन क्षमता बढ़े, क्या वे किसानों का उज्ज्वल भविष्य नहीं चाहते, क्या वे देश में टेक्नोलॉजी का विकास नहीं चाहते? कुछ ठोस तो बताए कि क्या तकलीफ है।'
केंद्रीय बजट 2026 पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद देना चाहूंगा। आज के बजट में देश के सर्वांगीण विकास के लिए और विकसित भारत के लिए मजबूत नींव बनाने का काम किया है। आज के बजट में उत्पादन पर फोकस किया गया है...आईटी सर्विसेज के लिए अच्छे कदम उठाए गए हैं... ऑरेंज इकोनॉमी के लिए क्रिएटर लैब बनाने के लिए बजट में प्रावधान किए गए हैं। रेलवे के लिए सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर की घोषणा हुई है।'
बजट के बाद पीएम मोदी ने कहा, 'यह बजट 2047 तक विकसित भारत की ओर हमारी उच्च उड़ान के लिए एक मजबूत आधार है। दोस्तों, भारत जिस सुधार की रफ्तार पर सवार है, उसे इस बजट से नई ऊर्जा और गति मिलेगी।'
पीएम मोदी ने केंद्रीय बजट 2026 पर कहा, 'भारत के 140 करोड़ नागरिक केवल सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने से संतुष्ट नहीं हैं; हम जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से बजट पेश किए जाने के बाद पीएम मोदी ने इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा, 'आज का बजट ऐतिहासिक है। यह देश की महिला शक्ति के सशक्त सशक्तिकरण को दर्शाता है। महिला वित्त मंत्री के रूप में निर्मला जी ने लगातार नौवीं बार देश का बजट पेश करके एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह बजट अपार अवसरों का द्वार है। यह आज की आकांक्षाओं को वास्तविकता में बदलता है और भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव को मजबूत करता है।'
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2026 कहा, 'आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है जिसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है...आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना, महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था, नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा।'
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संबोधन खत्म हो गया। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही आज के लिए स्थगित हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वर्ष 2014–15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2025–26 में ₹11.2 लाख करोड़ के आवंटन तक पहुंच गया है। वर्ष 2026–27 में इस गति को बनाए रखने के लिए मैं इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखती हूं। अवसंरचना विकास और निर्माण चरण के दौरान जोखिमों को लेकर निजी डेवलपर्स का विश्वास मजबूत करने के लिए, मैं एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं, जो ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। वहीं 2026-27 में ऋण-से-जीडीपी औसत, जीडीपी का 55.6% रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 56.1% था। जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहेगा राजकोषीय घाटा, बजट 2026-27 का अनुमान। यह वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4% था 2026-27 में 36.5 लाख करोड़ गैर-ऋण प्राप्तियों का बजट में अनुमान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या-क्या योजनाएं हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान खेल क्षेत्र के लिए कई एलान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले दशक में खेलों में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा। इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के अलावा खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रशिक्षण और खेल इन्फ्रा को विकसित करने पर जोर रहेगा।
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या-क्या एलान किए गए हैं। इसके तहत युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई एलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा और कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीआरओआई के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाई जाएगी और व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाएगी। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी होगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी।
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि बजट में पर्यटन, वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग और खेल के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं। इसके तहत-
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए क्या घोषणाएं की गई। इसमें-
वित्त मंत्री ने इस दौरान बताया कि कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या-क्या घोषणाएं शामिल हैं। इसके तहत
अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि पांच वर्ष में 20 नए जल मार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित होगी। समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान एलान किया कि देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसमें मुंबई पुणे, पुणे हैदराबाद, हैदराबाद बंगलूरू, हैदराबाद चेन्नई, चेन्नई बंगलूरू, दिल्ली वाराणसी और वाराणसी सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए छह क्षेत्रों में पहलों का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा- रिफॉर्म के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा की थी। इसके बाद कई सुधार लाए गए हैं। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई हैं। केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ काम कर रही हैं ताकि सुधार लाए जा सकें। रिफॉर्म एक्सप्रेस अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। पहले कर्तव्य के तहत छह क्षेत्रों में कदम उठाए जाएंगे। जैसे- सात क्षेत्रों पर फोकस होगा। चैम्पियन एमएसमएई पर ध्यान दिया जाएंगे। शहरी क्षेत्रों में आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि- पीएम मोदी के नवोन्मेषी विचार विशेष युवा शक्ति संचालित बजट का आधार बना है। सरकार का संकल्प गरीब, शोषित और वंचितों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में तैयार होने वाला यह पहला बजट है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा- सरकार 'विकसित भारत' की दिशा में मजबूत कदम उठाना जारी रखेगा। भारत वैश्विक बाजार के साथ गहनता से जुड़ा रहेगा। मैं पार्ट-ए की शुरुआत करते हुए इस देश के नागरिकों का आभार प्रकट करना चाहूंगा, जिन्होंने इस देश को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि किसानों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, युवाओं, महिलाओं, गरीबों को लाभ मिलता रहे। यह युवा शक्ति से प्रेरित बजट है। हमारी सरकार का संकल्प गरीब, हाशिए पर पड़े लोगों पर ध्यान देना है। कर्तव्य भवन में यह बजट बना है। पहला कर्तव्य है- आर्थिक विकास को सतत तरीके से बढ़ाना। दूसरा कर्तव्य है- जनआकांक्षाओं को पूरा करना। तीसरा कर्तव्य है- सबका साथ, सबका विकास। यह सुनिश्चित करना कि सभी को संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक समान रूप से पहुंच मिले।
वित्त मंत्री ने कहा- हम ऐसी बाहरी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं जहां व्यापार और बहुपक्षवाद खतरे में है। नई प्रौद्योगिकी उत्पादन प्रणालियों को बदल रही है। भारत विकसित भारत की ओर विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा। भारत को वैश्विक बाजारों से एकीकृत होकर अधिक से अधिक निर्यात करना होगा। विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में लोगों का साथ खड़े रहने के लिए आभार। हमारा लक्ष्य विकास का लाभ सभी वंचित वर्गों और महिलाओं तक सुनिश्चित करना है।
निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए कहा, 'माघ पूर्णिमा और गुरु रविदास की जयंती के अवसर पर मैं यह बजट पेश कर रही हूं। बीते 12 साल के दौरान अनिश्चितताओं के बावजूद हमने स्थिर अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है। हमने दूरगामी ढांचागत सुधार किए हैं। आत्मनिर्भरता को प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा है। आयात पर निर्भरता को घटाया है। हमने सुनिश्चित किया है कि नागरिकों को इसका लाभ मिले, कृषि उत्पादकता बढ़े और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़े। इन उपायों की वजहों से सात फीसदी की विकास दर हासिल हुई है। इससे गरीबी उन्मूलन और लोगों के जीवन में सुधार हासिल हो सका है।'
लोकसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश कर रही हैं। यहां देखें लाइव-
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, 'आज दूसरी बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जा रहा है। हर बार आम जनता को निराशा ही हाथ लगी है। प्रधानमंत्री मोदी की यह सरकार मुख्य रूप से चुनिंदा लोगों, पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए काम करती है।'
फ्रेयर एनर्जी के एमडी सौरभ मर्दा ने केंद्रीय बजट से जुड़ी अपेक्षाओं पर कहा, 'बैटरी पर जीएसटी कम करें, पीएम सूर्य घर योजना के तहत ऋण अनुमोदन और वितरण को डिजिटाइज करें।'
केंद्रीय बजट 2026 से जुड़ी उम्मीदों पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, 'भारतीय अर्थव्यवस्था में कई ढांचागत समस्याएं हैं जिनका समाधान एक दशक से नहीं हुआ है... निजी पूंजी निवेश में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है... प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में गिरावट आई है... मुझे उम्मीद है कि वित्त मंत्री भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूद ढांचागत असमानताओं को समझेंगे और ईमानदारी से उनका समाधान करने का प्रयास करेंगे।'
केंद्रीय बजट पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, 'केंद्र सरकार आज बजट पेश करेगी। पिछले कई वर्षों से हमने देखा है कि बजट सरकार के इरादों को व्यक्त करने का एक जरिया बन गया है... वर्षों से सत्ता में होने के बावजूद, मुझे लगता है कि भाजपा सरकार ने उन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है जिनका जमीनी स्तर पर कोई खास असर नहीं है। सरकार ने मनरेगा को लगभग खत्म करने के लिए एक नया कानून बनाया है। वे कहते हैं कि वे इसमें सुधार कर रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इस देश में औसतन 35 दिनों की मनरेगा का उपयोग हो रहा है। वे 125 दिनों का वादा कर रहे हैं। पहले जो फैसले गांवों में, पंचायतों में लिए जाते थे - जहां सरपंच और जन प्रतिनिधि धन की मांग करते थे और बजट की कोई कमी नहीं होती थी। अब, सरकार ने बजट तय कर लिया है और काम दिल्ली द्वारा थोपा जाएगा। इसलिए, यह सरकार गरीबों की आर्थिक सुरक्षा छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तीन काले कानूनों को भी उसी हठधर्मिता से तैयार किया था... हम चाहते हैं कि आने वाले वित्तीय वर्ष में वे गरीबों, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत प्रदान करें।'
केंद्रीय बजट 2026 से जुड़ी उम्मीदों पर आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सह-अध्यक्ष डॉ. नवीन मुकेश पंजाबी ने कहा कि 'उम्मीद है कि भारत कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा... उद्योग जगत को सीएसआर के रूप में मानक परिचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की उम्मीद है... इस बार रक्षा क्षेत्र पर भी कुछ स्पष्ट रुख अपनाने की उम्मीद है... रक्षा पर निजी क्षेत्र के खर्च को लेकर और स्पष्टीकरण की आवश्यकता है... आम आदमी की संतुष्टि के लिए कुछ तर्कसंगत उपाय किए जा सकते हैं... टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के कारण सरकार लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन या अस्थायी वित्तीय सहायता जैसी सहायता प्रदान कर सकती है।'
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, 'यह 'सुधार बजट' नहीं, 'विकृत बजट' है... यह बजट देश की 5% आबादी के लिए है। भाजपा सिर्फ अपने लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही है।'
पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय बजट 2026-27 को मंजूरी मिल गई है। अब से कुछ देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट प्रस्तुत करेंगी।
बजट को लेकर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि, 'बजट हर साल आता है, आना ही चाहिए। जब बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू होती है, तो देश भर के लोग, मध्यम वर्ग, गरीब, किसान और मजदूर, इससे उम्मीदें रखते हैं। आम जनता कुछ राहत की उम्मीद करती है, लेकिन ऐसा नहीं होता। मैं पिछले 10 वर्षों से देख रहा हूं कि बजट व्यापारियों, उद्योगपतियों और अमीरों के लिए बनाए जाते हैं। गरीबों की बात करें तो उनके नाम पर सिर्फ घोषणाएं ही की जाती हैं। आज फिर हम देखेंगे कि निर्मला जी किस तरह का बजट पेश करती हैं।'
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के कलाकार जुहैब खान ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर कोयले का स्केच बनाया है। वित्त मंत्री सीतारमण आज अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी।
केंद्रीय बजट से जुड़ी उम्मीदों पर अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण पर्यटन सलाहकार, सिक्किम सरकार के पर्यटन सलाहकार और पश्चिम बंगाल सरकार के पर्यटन विभाग के इकोटूरिज्म अध्यक्ष राज बसु ने कहा कि, 'अगर हम सिलीगुड़ी की ही बात करें तो हमें बागडोगरा हवाई अड्डे का उन्नयन दिखेगा। सड़क नेटवर्क का विकास हो रहा है। नई जलपाईगुड़ी रेलवे लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वामित्व और उद्यमशीलता आधारित कौशल विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बजट को देखें तो ग्रामीण क्षेत्र के लिए बहुत कम आवंटन है... सीमावर्ती पर्यटन पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है, जो बहुत महत्वपूर्ण है।'
केंद्रीय बजट 2026 से जुड़ी उम्मीदों पर आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महानिदेशक अजीत मंगरुलकर ने कहा कि, 'उम्मीदें बहुत सकारात्मक हैं। यह अन्य सभी बजटों की तरह विकासोन्मुखी बजट होगा... राजकोषीय घाटा भी नियंत्रण में है। लेकिन मेरा मानना है कि वे और अधिक खर्च कर सकते हैं क्योंकि विकास ही उनका मुख्य लक्ष्य होना चाहिए... हमारी सरकार विकास की गति को बनाए रखने के लिए पर्याप्त रूप से मजबूत और गंभीर है। हम अवसंरचना में निवेश में वृद्धि की उम्मीद करते हैं। हम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में और अधिक प्रगति देखेंगे। हम रक्षा व्यय में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं... मुझे व्यक्तिगत करों में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।'
केेंद्रीय बजट 2026 पर शिक्षाविद् अभय बोस ने कहा कि, 'यह सही मायने में केंद्रीय बजट होना चाहिए... राज्यों के बीच कोई असमानता नहीं होनी चाहिए... प्राथमिक, बुनियादी और उच्च शिक्षा में समानता होनी चाहिए... गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले या संघर्षरत लोग भी आरामदायक जीवन जी सकें... बजट में इन बातों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।'
केंद्रीय बजट पर बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, 'केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट घरेलू खपत और लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) पर केंद्रित होगा। महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। 'लोकल के लिए मुखर' होने पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। भारत सरकार बिहार की सभी जरूरतों को पूरा कर रही है। बजट का मुख्य फोकस वीबी जी आरएएम जी के लिए धनराशि के आवंटन पर होगा।'
केंद्रीय बजट 2206 पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट 'विकसित और आत्मनिर्भर भारत का बजट' है।
पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक शुरू हो गई है। बता दें कि कैबिनेट बैठक में केंद्रीय बजट पर औपचारिक मुहर लगेगी।
प्रधानमंत्री मोदी बजट पेश होने से पहले संसद पहुंचे।
केंद्रीय बजट 2026-27 पर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि, 'जिस सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं है, उससे पेश किए जा रहे बजट से हम क्या उम्मीद कर सकते हैं?... पिछले कुछ बजटों में हमने देखा है कि वे केवल पांच फीसदी लोगों के लिए थे। सरकार को यह आकलन करना चाहिए कि क्या उसने अपने सभी वादे पूरे किए हैं।'
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने केंद्रीय बजट को लेकर कहा कि, 'विश्वास रखिए। सरकार पिछले 11 वर्षों से जिस लक्ष्य के लिए काम कर रही है, वह है भारत को विकसित करना - 2014 से लेकर अब तक के सभी बजट इसी लक्ष्य की ओर एक कदम रहे हैं। यह बजट भी भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में एक और कदम होगा।'
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक बजट होगा। प्रधानमंत्री की 'सुधार एक्सप्रेस' विकसित भारत की ओर तेजी से आगे बढ़ेगी।'
केंद्रीय बजट से पहले सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा, 'भारत के लोगों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश और रोजगार योजनाओं की आवश्यकता है।'
राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीका राम जुली ने केंद्रीय बजट 2026 से अपनी अपेक्षाओं पर कहा, 'हम चाहते हैं कि डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए और उन पर एक समान जीएसटी दर लागू हो। आज हरियाणा और राजस्थान में जीएसटी दर अलग-अलग है। चुनाव के दौरान उन्होंने यह वादा भी किया था कि डीजल और पेट्रोल की कीमतें हरियाणा के बराबर लाई जाएंगी, इसलिए इसे लागू किया जाना चाहिए। दूसरा, रेलवे से संबंधित कई मांगें हैं। पहले एक कोच फैक्ट्री स्थापित करने की बात कही गई थी, लेकिन यह अभी तक साकार नहीं हुई है। इसके साथ ही, हम जनता को कर राहत देने की बात भी कर रहे है।'
वरिष्ठ नागरिकों को इस केंद्रीय बजट में रेलवे से अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। तेलंगाना के एक बुजुर्ग ने बजट को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
केंद्रीय बजट को लेकर तेलंगाना भाजपा प्रमुख रामचंद्र राव ने कहा कि, ;पूरा देश केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बजट में भी विकास के तत्व होंगे और यह जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेगा।'
केंद्रीय बजट 2026 पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि, 'हमें मोदी सरकार पर भरोसा रखना चाहिए। जो भी होगा, अच्छा होगा और सभी के लिए होगा।'
बजट को लेकर गुजरात के सूरत शहर के एक हीरा व्यापारी का कहना है, 'सरकार को प्रयोगशाला में उत्पादित हीरों के लिए कच्चे माल के आयात पर लगने वाला शुल्क समाप्त कर देना चाहिए। इससे उद्योग को लाभ होगा।'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद भवन पहुंच गईं है। अब से कुछ देर में वे केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने दल के साथ लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति को बजट की प्रति भी सौंपी। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वित्त मंत्री को दही खिलाकर शुभकामनाएं भी दी।
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बजट को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि, 'हम सभी वित्त मंत्री के बयान का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण में अच्छी आर्थिक वृद्धि का अनुमान है... लेकिन क्या इस वृद्धि के साथ रोजगार भी पैदा होंगे? बिना रोजगार वाली वृद्धि किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होती। इसलिए, हम यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि भारत के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने के लिए उनके पास किस तरह की योजनाएं हैं। इसके अलावा, और भी कई बातें होंगी। केरल में, जहां चुनाव नजदीक हैं, हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि केंद्र सरकार हमें क्या लाभ दे सकती है।'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के लिए राष्ट्रपति भवन रवाना हुईं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट दस्तावेज वाले डिजिटल टैबलेट को एक पारंपरिक लाल 'बही-खाता' शैली के थैले में रखकर वित्त मंत्रालय से रवाना हुईं।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट दस्तावेज से युक्त डिजिटल टैबलेट दिखाया, जो एक पारंपरिक लाल 'बही-खाता' शैली के पाउच में रखा हुआ था।
बजट को लेकर राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि, 'यह बजट हमेशा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाने वाला रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हमेशा महिलाओं, युवाओं, मजदूरों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश किया है... यह बजट भी 'विकसित भारत' के विजन को पूरा करने वाला होगा। मुझे विश्वास है कि यह बजट हमारे राज्य राजस्थान के लिए भी कुछ न कुछ लेकर आएगा।'
केंद्रीय बजट को लेकर ओडिशा में महिला उद्यमी बजट को लेकर अपनी अपेक्षाएं साझा कर रही हैं। जाजपुर की मैत्री कहती हैं, 'मेरी अपेक्षा है कि आवश्यक वस्तुएं, जैसे कि दो चूल्हे वाला गैस बर्नर, मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के लिए वास्तव में आवश्यक हैं। इन पर 18% जीएसटी लगता है। इसे कम किया जाना चाहिए। आजकल वायु प्रदूषण बहुत अधिक है। एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम किया जाना चाहिए और इन्हें सस्ता बनाया जाना चाहिए। हर साल की तरह, आयकर स्लैब को फिर से परिभाषित किया जाना चाहिए... कर संरचना ऐसी होनी चाहिए कि करदाता आबादी तक अधिकतम पहुंच हो। एक महिला उद्यमी के रूप में, मैं महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों और पूरी तरह से महिलाओं के स्वामित्व वाले व्यवसायों के लिए थोड़ी कर राहत चाहूंगी ताकि अधिक से अधिक महिलाएं व्यवसाय में प्रवेश करें और रोजगार सृजित करें।'
दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर्तव्य भवन पहुंचीं।
बजट पेश होने से पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शिव मंगल राही ने कहा, 'मैं IT सेक्टर में प्राइवेट सेक्टर का कर्मचारी हूं। पिछली बार सरकार ने हमें बड़ी राहत दी थी। मुझे इस बार भी हमारे लिए कुछ उम्मीद है, कि टैक्स स्लैब में कुछ छूट मिले और नया टैक्स सिस्टम और भी बेहतर बनाया जाए। उम्मीद है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुविधाओं में सुधार होगा, इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है। मुझे लगता है कि सरकार महंगाई के बारे में भी कुछ करेगी।'
एक अन्य पैसेंजर ने कहा, 'मुझे बजट से बहुत उम्मीदें हैं। पिछले साल का बजट बहुत अच्छा था। उन्होंने इनकम टैक्स स्लैब को रिवाइज किया था, जिससे मिडिल क्लास को फायदा हुआ। मौजूदा भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए बजट बहुत जरूरी हो जाता है। भारत खुद को एक सॉफ्ट पावर के तौर पर पेश करता है।
दिल्ली: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपने घर से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हो गए हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी।
पुरी(ओडिशा): विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति का स्वागत करते हुए रेत कलाकृति बनाई।
समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। अखिलेश यादव केंद्रीय बजट पेश होने के दौरान संसद में मौजूद रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बजट से पहले अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि यह बजट विकास को आगे बढ़ाएगा। बजट में अधिक से अधिक रोजगार सृजित करने के प्रावधान भी शामिल होंगे। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना। मुझे उम्मीद है कि कारोबार बढ़ेगा।'
बजट 2026 में विकास की गति बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन को बरकरार रखने, विनिर्माण क्षेत्र और रोजगार को बढ़ावा देने के उपायों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। इस बार के बजट में विशेष तौर पर ऐसे उपायों पर नजर होगी, जो अमेरिकी टैरिफ समेत वैश्विक व्यापारिक संघर्षों से अर्थव्यवस्था को बचा सकते हैं।
रविवार के दिन भी शेयर बाजार में भी नियमित लाइव ट्रेडिंग सेशन होगा। वित्त मंत्री 11 बजे से बजट पेश करेंगी। इससे पहले नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने एक सर्कुलर में रविवार, 1 फरवरी 2026 को बजट वाले दिन शेयर बाजार सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक खुले रहने दी जानकारी साझा की।
मोदी सरकार के इस बजट 2026 से लोगों की काफी उम्मीदें हैं। करदाताओं, किसानों, युवाओं और निवेशक सभी को बड़े एलानों का इंतजार है। आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार भारत की FY27 वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रह सकती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद के केंद्रीय हॉल में 80वां केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। इसके साथ ही सीतारमण अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करेंगी। यह दूसरी बार है, जब कोई वित्त मंत्री रविवार को केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले यशवंत सिन्हा ने 28 फरवरी, 1999 (रविवार) को बजट पेश किया था।
इस बार का बजट दुनियाभर के देशों में तनाव और सबसे बड़े व्यापारिक युद्ध के बीच हो रहा है। इसलिए बार के बजट में विशेष तौर पर ऐसे उपायों पर नजर होगी, जो अमेरिकी टैरिफ समेत वैश्विक व्यापारिक संघर्षों से अर्थव्यवस्था को बचा सकते हैं। केंद्रीय बजट-2026 पेश किए जाने के अवसर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) रविवार को खुले रहेंगे। सप्ताहांत में इस तरह के दुर्लभ ट्रेडिंग सत्र होंगे। इस बजट को सिर्फ एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के विजन का खाका माना जा रहा है। बजट की पल-पल की अपडेट के लिए अमर उजाला के लाइव ब्लॉग के साथ जुड़े रहें...