केंद्रीय बजट पर राहुल गांधी के बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'कांग्रेस को इस बजट की बिल्कुल भी आलोचना नहीं करनी चाहिए, उन्हें देखना चाहिए कि मध्यम वर्ग को कितनी राहत मिली है। हमारे देश पर 60 साल तक शासन करने के बाद भी, वे (कांग्रेस) आयकर छूट के स्लैब को 5 लाख रुपये से आगे नहीं बढ़ा सके... आज केंद्रीय वित्त मंत्री ने न केवल मध्यम वर्ग, बल्कि निम्न मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग दोनों को छूट दी... उन्होंने विभिन्न तकनीकों के बारे में बात की... उन्होंने विभिन्न कैंसर दवाओं की कीमत कम कर दी... ये टिप्पणियां राजनीति से प्रेरित हैं और देश की अर्थव्यवस्था पर राहुल गांधी के शून्य ज्ञान को दर्शाती हैं।'
NCP नेता प्रफुल्ल पटेल ने बजट 2025 पर कहा, 'यह बजट बहुत अच्छा है... शहरी भागों में रहने वाले मध्यमवर्गी लोगों की आय काफी सीमित होती है इसलिए उन्हें इसका बहुत लाभ मिलेगा... बहुत से राजनैतिक लोग अभी तक बजट का विश्लेषण नहीं कर पाए हैं... किसानों को बहुत सी चीजें दी गई हैं... विपक्ष की ओर से हमेशा यह बयान आता है कि बजट में कुछ नहीं मिला है... यह बजट भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में है'।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'यह बजट हर वर्ग को आगे लाने वाला बजट है। इस बजट में हर वर्ग की चिंता की गई है, ये समावेशी बजट है। अंतिम छोर में खड़े व्यक्ति के लिए भी इस बजट में प्रावधान किया गया है। 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स ना लिया जाना मध्यम वर्ग के उत्थान का बजट है। मैं इस बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई देता हूं'।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, 'हमारा यह बजट अभी तक की व्यवस्थाओं का सबसे बढ़िया बजट माना जा सकता है... इसमें किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई है... किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है'।
कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने बजट 2025 पर कहा, 'आयकर में राहत देने की बात का स्वागत है... GST में कोई राहत नहीं दी गई है। ये महंगाई पर खामोश हैं... इसमें बेरोजगारी खत्म करने और नए रोजगार पैदा करने की बात नहीं है... किसानों के लिए MSP की कोई बात नहीं की गई है'।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, 'बजट में उन तबकों को भी देखा गया है जिसे कभी नहीं देखा जाता था। बिहार के लिए मखाना बोर्ड का गठन हुआ, IIT में सुधार की बात हुई है। कोसी प्रोजेक्ट को सुधारने की बात आई है। 12 लाख तक की आय वाले किसी भी व्यक्ति को आयकर नहीं देना होगा।'
केंद्रीय बजट 2025 पर भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 'यह नारी शक्ति, युवाओं, किसानों... खासकर मध्यम वर्ग के लिए एक जन-समर्थक बजट है... पश्चिम बंगाल सरकार केंद्र सरकार के साथ टकराव करना चाहती है, चाहे चुनाव हों या नहीं... विश्वकर्मा योजना के 4 लाख आवेदक हैं जिन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है... जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कोलकाता में दूसरे हवाई अड्डे के लिए पश्चिम बंगाल राज्य सरकार को पत्र लिखा, तो इसे खारिज कर दिया गया... बंगाल में 61 रेलवे परियोजनाएं रोक दी गईं... इसका कारण तुष्टिकरण की राजनीति है... पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार विकास, रोजगार, औद्योगीकरण, किसानों को सशक्त बनाने और महिलाओं की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार के साथ काम करेगी'।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा, 'वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बहुत अच्छा बजट पेश किया है... यह युवाओं, गरीबों और महिलाओं के लिए एक अनोखा बजट है... प्रधानमंत्री मोदी ने कोशिश की है कि आने वाले दिनों में मेडिकल सीटें और बढ़ें... बजट में कस्टम ड्यूटी पर भी छूट दी गई है... इस बार बजट में बहुत सी चीज़े आई हैं... यह एक व्यापक और समावेशी बजट है इसलिए मैं प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को धन्यवाद देना चाहता हूं'।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बजट 2025 पर कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार प्रकट करूंगा... उन्होंने सशक्त आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 में अधिक वित्तीय प्रबंधन और भारतीय भाषा पुस्तक योजना बनाई है'।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय बजट 2025 पर कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सर्वांगीण विकास का बजट है... कृषि के क्षेत्र में एक तीव्र गति दी गई है... हमारे सीमांत कृषकों को करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए की ऋण सुविधा दी गई है... हर घर नल योजना में यह रेखांकित किया गया है कि 2028 तक इसे पूर्ण किया जाएगा... हमारे मध्यम वर्ग के लोगों को भी आयकर में छूट दी गई है'।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'मैं देशवासियों की ओर से कुछ सवाल पूछना चाहूंगा। क्या बजट में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमत कम करने की बात की गई हैं?.. क्या बजट में नए रोजगार पैदा करने और 20 लाख खाली पड़े सरकारी पदों पर कुछ कहा गया है?.. क्या इस बजट में महंगाई कम करने के लिए कोई उपाय या विशेष प्रावधान किया गया है?.. यह देश की तरक्की का रास्ता नहीं है'।
भाजपा नेता सीपी जोशी ने कहा, 'देश की आशाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप बजट दिया गया है...विपक्ष के लोग भी इसकी(आयकर छूट) सराहना कर रहे हैं। आज का बजट विकसित भारत की नींव रखेगा, उसे और मजबूत करने का काम करेगा। इस देश की आशाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप किसान, महिलाएं, युवा या मजदूर हो ये बजट सबके लिए है... शिक्षा, मेडिकल रेलवे, नागरिक उड्डयन हर क्षेत्र को इसमें शामिल किया गया है और मुझे लगता है कि यह बजट निश्चित रूप से विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए एक मजबूत नींव तैयार करेगा।'
कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बजट 2025 पर कहा, 'अगर देश को 2047 तक विकसित देश बनाना है, तो हमें कम से कम 9-10% वार्षिक विकास दर हासिल करना पड़ेगा... यह बड़े सुधार करने का एक मौका था... बीमा कंपनियों में विदेशी कंपनियों को आने की पूरी तरह से छूट दी गई है। यह खतरे से खाली नहीं है... मुझे उम्मीद थी कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी घोषणाएं होंगी लेकिन उन पर कोई बात नहीं हुई'।
बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें लगातार आठवीं बार बजट पेश करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, '2014 में जो बजट 16 लाख करोड़ का था वो आज 51 लाख करोड़ का हो गया है। बजट में 3 गुना की बढ़ोतरी हुई है। ये समावेशी बजट है। महिला, युवा, गरीब और किसान इस बजट में समाहित हैं। ये बजट इनके विकास के लिए है।'
केंद्रीय बजट 2025 पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'आज का बजट मध्यम वर्ग के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण बजट है, 12 लाख तक की सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ये बहुत ही बड़ी सौगात है। इससे हमारे मध्यम वर्गीय परिवारों के हाथ में पैसे ज्यादा बचेंगे। जिससे परिवार के लिए बेहतर सुविधाएं ले सकेंगे... मध्यमवर्गीय परिवारों में जो तमन्ना रहती है वो पूरी कर सकेंगे। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देना चाहता हूं।'
शिवसेना(UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्रीय बजट पर कहा, 'मध्यम वर्ग बार-बार मांग कर रहा था कि टैक्स में छूट मिले वो भी नियम और शर्तें लगात कर खत्म कर दी है। 0-4 लाख तक वालों के लिए टैक्स नहीं होगा लेकिन 8-12 लाख वालों के लिए अभी भी टैक्स लगाया हुआ है। आप जो बोलते हैं उसके आधे घंटे बाद नियम और शर्तें लगा देते हैं तो ये तो जुमला ही साबित हो रहा है। बिहार में चुनाव होने वाले हैं इसलिए बिहार पर फोकस रहा है... जो कहते हैं वो वादा पूरा करना भाजपा के ना नीति है ना नियत है'।
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, 'वेतन वर्ग के लिए बजट अच्छा है मैं इसकी सराहना करती हूं मगर महंगाई बहुत ज़्यादा है, उधर सोचना चाहिए था... हमारे देश में 140 करोड़ आबादी है जिसमें केवल 9 करोड़ लोग टैक्स देते हैं मगर बाकियों के बारे में भी सोचना चाहिए था... बुज़ुर्गों के लिए कुछ नहीं सोचा गया है'।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट 2025 पर कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में 2025-26 का बजट प्रस्तुत किया है। यह बजट विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उठाए गए ठोस कदमों की आधारशिला है... इस बजट से अर्थव्यवस्था को एक नई उड़ान मिलेगी... मध्यम आय वर्ग को राहत देते हुए टैक्स रेट में छूट देने के लिए जो कदम उठाया गया है वह स्वागत करने योग्य है... आंगनवाड़ी-2 प्रोग्राम की योजना गरीबों और महिलाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होगी।'
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय बजट 2025 पर कहा, 'इस बजट में मध्यम वर्ग, किसान, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक समेत सभी लोगों को शामिल किया गया है... MSME के माध्यम से लघु उद्योगों में वृद्धि होगी और रोजगार भी बढ़ेगा... हमारी केंद्र सरकार सामान्य नागरिकों की सरकार है... इस बजट से देश आगे बढ़ेगा और देश की प्रगति होगी।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया। बजट में अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों के साथ-साथ सभी वर्गों के लिए उचित प्रावधान किए गए हैं। बजट में विकास दर में वृद्धि, समावेशी विकास पर विशेष ध्यान देते हुए संतुलित विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। इस बजट में सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास पर विशेष जोर दिया गया है। बजट देश के सभी वर्गों का बजट है। यह बजट किसानों, मेहनतकश मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों, MSME और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरेगा।'
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, 'ऐसा दिखता है कि वोकल को राहत मिली है लेकिन लोकल को क्या मिला? किसानों को क्या मिला? MSP के बारे में कोई जिक्र नहीं हुआ, कर्जा माफी की बात नहीं हुई। फसल बीमा योजना में जो सुधार लाने थे उसकी कोई घोषणा नहीं हुई। किसान संगठनों की मांग को नजरंदाज किया गया। मनरेगा के आवंटन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है'।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'यह मध्यम वर्ग के लिए प्रगतिशील और विकासोन्मुखी बजट है। यह मध्यम और गरीब वर्ग दोनों के लिए है। यह बजट भारतीय अर्थव्यवस्था को और ऊंचाई पर ले जा सकता है... मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का धन्यवाद देता हूं।'
बजट के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 के बजट में आयकर छूट बढ़ाकर 12 लाख रुपये करने से 1 करोड़ और लोग को आयकर नहीं होंगे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने बजट में आयकर दरों में बदलाव करके लोगों के हाथों में पर्याप्त मात्रा में धन पहुंचाया है। वित्त मंत्री ने कहा, 'एक बात जो मैं निश्चित रूप से उजागर करना चाहूंगी, वह है लोगों की आवाज पर प्रतिक्रिया देना, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रशासन में जाने जाते हैं। यह एक बहुत ही उत्तरदायी सरकार है और इसके परिणामस्वरूप, आयकर सरलीकरण जिसकी मैंने जुलाई में घोषणा की थी, वह पहले ही पूरा हो चुका है और हम अगले सप्ताह विधेयक लाएंगे... इसलिए यदि हम कराधान सहित सुधार की बात कर रहे हैं, तो काम पूरा हो चुका है। यह बजट युक्तिकरण और सीमा शुल्क के बारे में भी बात करता है। टैरिफ को कम किया जा रहा है, टैरिफ को सरल बनाया जा रहा है'।
कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, 'टैक्स के मामले पर भाजपा और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहती कुछ हैं और करती कुछ और हैं। GST एक समान कर था... वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री मोदी को पिछले 10 सालों से 'मेक इन इंडिया' के आंकड़े दिखा दीजिए। विनिर्माण उत्पादन पहले कितना था और आज कितना है?.. जो पहले करीब 7% था वह अब 5.5% पर आ गया है... इसका ज़िम्मेदार कौन है?'।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, 'यह देश के हर नागरिक के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से मैं प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम को बधाई और धन्यवाद देता हूं। ऐसा बजट केवल भाजपा सरकार ही पेश कर सकती है। इस बजट ने प्रधानमंत्री मोदी का एक वादा पूरा किया है। वे कहते हैं कि वे उन लोगों का ख्याल रखते हैं जिनका कोई ख्याल नहीं रखता...मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। कांग्रेस के शासन में 2 लाख रुपये की आय पर भी टैक्स देना पड़ता था। लेकिन आज 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स छूट की घोषणा की गई है। इससे मध्यम वर्ग को लाभ होगा। उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और राज्य और देश को आर्थिक लाभ होगा। यह बजट किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा'।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, 'वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का ऐतिहासिक बजट पेश किया है। हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला यह बजट है। हमेशा की तरह इस बार भी उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को प्राथमिकता दी है - इस सेक्टर के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है और इससे इंफ्रा और सड़कों को मदद मिलेगी। कृषि क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है... आयकर सुधार से मध्यम वर्ग के लोगों को बहुत लाभ होगा... इस बजट में सार्वजनिक-निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है'।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने केंद्रीय बजट पर कहा, वित्त मंत्री को आभार, उन्होंने आठवीं बार बजट पेश किया है। यह प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को सिद्धि तक ले जाने वाला बजट है। इस बजट में नारी शक्ति पर ध्यान दिया गया है... उद्यमियों और विशेषकर महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने केंद्रीय बजट पर कहा, 'बजट को लेकर जनता में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वह बेमिसाल है। मैं प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को धन्यवाद देता हूं। चाहे किसानों की बात हो, मध्यम वर्ग की बात हो, व्यापारी समुदाय की बात हो, MSME की बात हो, सबके लिए यह बेहतरीन बजट है... विपक्ष के पास कहने को कुछ नहीं था, क्योंकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बजट इतना अच्छा होगा। बिहार भी देश का हिस्सा है, अगर बिहार को कुछ अच्छा मिल रहा है तो वह देश के लिए ही है।'
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय बजट पर कहा, 'आप (भाजपा) वही बात फिर से उठाते हैं जो आप 10 बार कह चुके हैं, कुछ नया कभी नहीं होता। आपने 12 लाख तक की आय वालों को टैक्स में छूट दी, और यहां आपने 25 लाख आय वालों पर 30-40% टैक्स बढ़ा दिया, आप पहले से ही जनता से पैसा ले रहे हैं। आशा, आजीविका पर कोई चर्चा नहीं। शिक्षा पर कोई चर्चा नहीं। बिहार का सिर्फ जिक्र होता है, बिहार पर कोई चर्चा नहीं होती। क्या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिला, विशेष पैकेज मिला? क्या कारखाने लगाने, पलायन पर कोई बात हुई?'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'बजट में किसानों के लिए जो घोषणा हुई है वो कृषि क्षेत्र और समूची ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेगी। पीएम धन धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में सिंचाई और आधारभूत संरचना का विकास होगा। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख तक होने से उन्हें ज्यादा मदद मिलेगी।' प्रधानमंत्री ने कहा कि 'इस बजट में 12 लाख रुपए तक की आय को टैक्स मुक्त कर दिया है...सभी आय वर्ग के लोगों के लिए टैक्स में भी कमी की गई है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट पर कहा, 'आज भारत के विकास के यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने सेक्टर्स युवाओं के लिए खोल दिए हैं...ये बजट एक फोर्स मल्टीप्लायर है ये बजट बचत को बढ़ाएगा, निवेश को बढ़ाएगा और ग्रोथ को भी तेजी से बढ़ाएगा...मैं वित्त मंत्री को इसके लिए बधाई देता हूं।'
वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद बजट को लोकसभा से पारित किया गया और उसके बाद सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
12 लाख रुपये तक की आमदनी पर अब आयकर नहीं। जब स्टैंडर्ड डिडक्शन भी जोड़ देंगे तो वेतनभोगी लोगों के लिए 12.75 लाख रुपये की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वित्त मंत्री ने नए टैक्स स्लैब का एलान करते हुए कहा कि इससे मध्यम वर्ग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। हमने मध्यम वर्ग पर टैक्स कम किए हैं और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। नई टैक्स स्लैब के अनुसार-
0-4 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं।
4-8 लाख की आय पर 5 प्रतिशत
8-12 लाख की आय पर 10 प्रतिशत
12-16 लाख की आय पर 15 प्रतिशत
16-20 लाख की आय पर 20 प्रतिशत
20-24 लाख की आय पर 25 प्रतिशत
24 लाख से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत
स्लैब बदलने से नई कर व्यवस्था अपनाने वालों को इस तरह फायदा होगा
उदहारण के लिए नई व्यवस्था में 12 लाख की आय वाले करदाता को कर में 80 हजार रुपये का लाभ मिलेगा (मौजूदा दरों के अनुसार देय कर का 100% छूट प्राप्त होगा)। प्रभावी आयकर दर 0% होगी।
16 लाख की आय वाले व्यक्ति को कर में 50,000 का लाभ मिलेगा । (देय प्रभावी आयकर दर सिर्फ 7.5% होगी)
18 लाख की आय वाले व्यक्ति को कर में 70,000 रुपये का लाभ मिलेगा। (देय प्रभावी आयकर दर सिर्फ 8.8% होगी)
20 लाख रुपये की आय वाले व्यक्ति को कर में 90,000 रुपये का लाभ मिलेगा। (देय प्रभावी आयकर दर सिर्फ 10% होगी)।
25 लाख रुपये की आय वाले व्यक्ति को 1,10,000 रुपये का लाभ मिलेगा। (प्रभावी कर दर सिर्फ 13.2% होगी)
50 लाख रुपये की आय वाले व्यक्ति को भी 1,10,000 रुपये का लाभ मिलेगा। (प्रभावी कर दर सिर्फ 21.6% होगी)
प्रत्यक्ष कर
नए आयकर विधेयक में न्याय की भावना को प्रमुखता दी जाएगी।
टीडीएस-टीसीएस का सरलीकरण
टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा।
नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है।
36 जीवनरक्षक दवाओं को बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी छूट देने का एलान किया गया है। 6 जीवनरक्षक दवाएं को 5 प्रतिशत अट्रैक्टिव कंसेशनल कस्टम ड्यूटी की लिस्ट में शामिल किया गया है। साथ ही 37 अन्य दवाओं और 13 मरीज सहायता कार्यक्रमों को भी बेसिक कस्टम ड्यूटी से पूरी तरह से बाहर रखा गया है।
निर्यात बढ़ाने के लिए प्रावधान
निर्यात बढ़ाने के लिए भी बजट में कई प्रावधान किए गए हैं। इसमें हैंडीक्राफ्ट निर्यात उत्पादों की समय सीमा को छह महीने से बढ़ाकर एक साल कर दिया गया है। इसके बाद भी इसे तीन महीने के लिए और बढ़ाया जा सकेगा। वेट ब्लू लेदर में भी बीसीडी से छूट दी गई है। फ्रोजन फिश पेस्ट पर मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात पर लगने वाला बीसीडी (बेसिक कस्टम ड्यूटी) 30 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों में पिछले बजट में छूट दी गई थी, जो देश में उपलब्ध नहीं हैं। अब कोबाल्ट पाउडर और लीथियम आयन बैटरी, पारा, जिंक आदि अहम खनिजों को अपशिष्ट पर पूरी छूट का एलान करती हूं। इससे देश में विनिर्माण को फायदा होगा।
पोत परिवहन
वित्त मंत्री ने कहा कि पोत परिवहन में कच्चे माल घटकों पर अगले 10 वर्षों तक छूट जारी रखने का प्रस्ताव जारी रखती हूं। मैं पुराने पोतों को तोड़ने और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी छूट देने का प्रावधान करती हूं।
अगले हफ्ते नया आयकर कानून लाया जाएगा। आयकर के मामले में इस बात पर जोर दिया जाएगा कि पहले विश्वास करें, फिर छानबीन करें। बीमा क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश को 74% से बढ़ाकर 100% किया जाएगा। इससे बीमा कंपनियां द्वारा ग्राहकों से मिलने वाली पूरी प्रीमियम राशि को भारत में ही निवेश कराना सुनिश्चित किया जा सकेगा। जन विश्वास बिल 2.0 के तहत 100 से ज्यादा प्रावधानों को अपराध के दायरे से हटाया जाएगा।
बिहार में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। पटना एयरपोर्ट को विस्तार दिया जाएगा। बिहार के मिथिलांचल में पश्चिमी कोशी नहर परियोजना शुरू की जाएगी। इसके दायरे में 50 हजार हेक्टेयर का क्षेत्र आएगा।
पर्यटन
देश के शीर्ष 50 पर्यटन स्थलों को राज्यों के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा। रोजगार आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। होम स्टे के लिए मुद्रा लोन दिया जाएगा। भगवान बुद्ध के जीवनकाल से संबंधित स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। निजी क्षेत्र की भागीदारी से भारत में चिकित्सा पर्यटन और स्वास्थ्य लाभ को बढ़ावा दिया जाएगा।
एससी, एसटी महिला उद्यमियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी, जिसमें अगले पांच वर्षों में 2 करोड़ रुपये तक का टर्म लोन होगा।
निवेश
1.5 लाख करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान राज्यों को सुधारों के लिए दिया जा रहा है। इससे अधोसरंचना को बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह आवंटन राज्यों को ब्याज मुक्त किया जाएगा। निवेश प्रोत्साहन मिशन को शुरू किया जाएगा।
15 करोड़ की ग्रामीण आबादी को जल जीवन मिशन के जरिए पेयजल मुहैया कराया जा चुका है।
अर्बन चैलेंज फंड बनेगा
एक लाख करोड़ रुपये से अर्बन चैलेंज फंड बनेगा। इस कोष से शहरों में व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र
अंतरराज्यीय ट्रांसमिशन क्षमताओं को बेहतर किया जाएगा। 100 गीगावॉट की परमाणु ऊर्जा क्षमता को 2047 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
उड़ान
1.5 करोड़ यात्रियों को हवाई यात्रा से जुड़ी योजना उड़ान से लाभ हुआ है। 88 एयरपोर्ट इससे जुड़े हुए हैं। नई उड़ान योजना के तहत 120 नए स्थानों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने और अगले 10 वर्ष में चार करोड़ यात्रियों की मदद करने पर जोर दिया जाएगा।
फुटवियर और लेदर के क्षेत्रों के लिए फोकस प्रोडक्ट स्कीम शुरू की जाएगी। भारत के फुटवियर और लेदर क्षेत्र की उत्पादकता, गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नॉन लेदर क्वालिटी के फुटवियर के उत्पादन की मशीनरी, डिजाइन क्षमता, मैन्यूफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाली चीजों को समर्थन प्रदान किया जाएगा। लेदर फुटवियर और लेदर उत्पादों को भी समर्थन दिया जाएगा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शिक्षा के लिए उत्कृष्ट संस्थान की संस्थापना की जाएगी। मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी। सभी जिला अस्पतालों में डे केयर केंसर सेंटर बनाए जाएंगे। 2025-26 में ऐसे 200 सेंटर बनाए जाएंगे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए भी योजना
सरकार उनके परिचय पत्र बनाने में मदद करेगी और उन्हें ई-श्रम कार्ड मुहैया कराएगी। इससे 1 करोड़ Gig वर्कर्स को फायदा मिलेगा।
सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के तहत आठ करोड़ बच्चों, एक करोड़ गर्भवती महिलाओं और किशोरवय की 20 लाख बच्चियों को इससे फायदा मिलेगा।
अटल टिंकरिंग लैब
सरकारी स्कूलों में नवाचार को बढ़ाने के लिए ऐसी 50 हजार लैब स्थापित की जाएंगी। भारतीय भाषा पुस्तक योजना शुरू की जाएगी ताकि भारतीय भाषाओं में शिक्षण को बढ़ावा दिया जा सके।
स्किलिंग के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्ट संस्थान
ऐसे पांच संस्थानों की स्थापना होगी। यह मेक फॉर इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के उद्देश्य के तहत होगा।
IITs में क्षमता विकास, आईआईटी पटना को फायदा
पिछले 10 वर्ष में आईआईटी में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 65 हजार से बढ़कर 1.3 लाख हो गई है। 6500 और छात्रों को प्रवेश देने और उनके छात्रावास बनाने के लिए मदद दी जाएगी। IIT पटना समेत पांच आईआईटी में बुनियादी ढांचे को विस्तार दिया जाएगा।
फुटवियर और चमड़ा उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे 22 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। भारत को खिलौनों का ग्लोबल हब बनाने के लिए योजना पर अमल किया जाएगा।
राष्ट्रीय विनिर्माण मिशन की शुरुआत की जाएगी। इसमें क्लीन टेक विनिर्माण पर जोर दिया जाएगा।
बिहार में नया संस्थान
बिहार में स्थापित किया जाएगा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान शुरू किया जाएगा। इससे पूरे पूर्वी क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षमताएं मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह किसानों के उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ाकर उनकी आय में बढ़ोत्तरी करेगा। साथ ही युवाओं के लिए हुनर, उद्यमिता और रोजगार प्राप्त करने के अवसर पैदा करेगा।
MSME सेक्टर
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की संख्या एक करोड़ है और इनसे 5.7 करोड़ लोग जुड़े हैं। यह भारत को दुनिया में मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में मददगार है। ये MSME 45 फीसदी निर्यात में हिस्सेदारी रखते हैं। MSME के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को बढ़ाया जाएगा। MSME वर्गीकरण के लिए निवेश की सीमा 2.5 गुना बढ़ाई जाएगी। वर्गीकरण के लए टर्नओवर सीमा दो गुना की जाएगी
कस्टमाइज्ड क्रेडिट
सूक्ष्म उद्यमों के लिए कस्टमाइज्ड क्रेडिट जारी होंगे, जिनकी सीमा पांच लाख रुपये होगी। पहले वर्ष ऐसे 10 लाख कार्ड जारी किए जाएंगे।
टर्म लोन
पहली बार उद्यमी बनने वालों को दो करोड़ रुपये का टर्म लोन दिया जाएगा। इसके दायरे में पांच लाख महिलाएं और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के दायरे में आएंगे।
- सब्जी, फल और पोषण
सब्जियों और फलों के लिए सरकार आय के स्तर को बढ़ाने के साथ, सब्जियों, फलों और श्रीअन्न का उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही राज्य सरकारों के साथ मिलकर योजनाएं बनाई जाएंगी।
- बिहार में मखाना बोर्ड
बिहार के लोगों के लिए यह विशेष अवसर है ताकि वे मखाना का उत्पादन और उसके प्रसंस्करण को बढ़ावा दे सकें। मखाना बोर्ड इसमें किसानों की मदद करेगा। इससे किसानों को पथ प्रदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। कपास उगाने वाले किसानों के लिए कपास मिशन की शुरुआत हो रही है। इससे कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए असम में यूरिया संयंत्र में उत्पादन शुरू किया गया है। इसमें 12.78 लाख मीट्रिक टन की क्षमता वाला संयंत्र स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन का क्रियान्वयन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और लोगों को ऋण आपूर्ति के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ग्रामीण क्रेडिट स्कोर रूपरेखा का विकास करेंगे।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने और मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। बजट 2025-26 विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने के लिए, मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने के बिंदुओं पर आधारित है।
बजट में प्रस्तावित विकास उपाय, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखते हुए 10 क्षेत्रों को कवर किया गया है। इनमें कृषि विकास और उत्पादकता को गति देना, ग्रामीण संपन्नता और अनुकूलन निर्माण, समावेशी प्रगति के पथ पर सबको साथ लेकर चलने, भारत में विनिर्माण बढ़ाने और मेक इन इंडिया को आगे ले जाने, एमएसएमई को मदद देने, रोजगार और विकास को समर्थ बनाने, जनता-अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश करने, ऊर्जा आपूर्तियां सुनिश्चित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और नवाचार को पोषित करने पर फोकस किया जाएगा।
कृषि
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत ऐसे 100 जिलों को चुना जाएगा, जहां पर कृषि उत्पादकता कम है। इससे वहां पर उत्पादकता बढ़ाने, खेती में विविधता लाने, सिंचाई और उपज के बाद भंडारण की क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा। इसके दायरे में सभी तरह के किसान आएंगे। कृषि के अच्छे तरीकों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर पैदा करेगी ताकि पलायन एक विकल्प बन जाए, जरूरत नहीं।
देश के 7.7 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जाएगी। इनमें मछुआरे और डेयरी किसान भी शामिल होंगे। ऋण की सीमा को भी 3 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाएगा।
दलहन में आत्मनिर्भरता
इसके लिए खाद्य तेलों के उत्पादन पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार छह वर्ष का मिशन शुरू करेगी ताकि दलहन में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। तूर, उड़द और मसूर पर विशेष रूप से केंद्रित छह वर्षीय मिशन के तहत सरकार इन तीनों दालों की अधिकतम खरीद करेगी। नैफेड और एनसीसीएफ तीन तरह की दालों की खरीद करेगी। इन एजेंसियों में पंजीकृत किसानों से ये दालें खरीदी जाएंगी।
संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है और वित्त मंत्री ने बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। वहीं विपक्ष ने कुंभ की घटना को लेकर हंगामा शुरू कर दिया है और विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बजट 2025 पर कहा, 'बजट में नीयत और विषय-वस्तु देखी जाती है। नीयत और विषय-वस्तु ही सीमा तय करती है। हमें बहुत उम्मीद नहीं है। जो कदम उठाए जाने हैं, निजी निवेश के लिए जो प्रोत्साहन चाहिए, मुझे बजट में ऐसे किसी बड़े धमाके की उम्मीद नहीं है। लेकिन देखते हैं कि मध्यम वर्ग के लिए क्या होगा, टैक्स में छूट मिलेगी या नहीं, क्या हमें टैक्स आतंकवाद से मुक्ति मिलेगी? GST में बुनियादी सुधारों की जरूरत है। मोदी 3.0 की चर्चा हो रही है लेकिन GST 2.0 कब आएगा।'
भाजपा सांसद संजय जयस्वाल ने बजट को लेकर कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जितने बजट आए हैं सभी ने विकास को नई गति दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि आज भी निर्मला सीतारमण के बजट में गरीबों, महिलाओं, युवाओं, उद्योगों के लिए बहुत कुछ होगा।'
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'आज बजट आ रहा है। बजट आम लोगों को मायूस न करे। बजट से ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि अभी भी कुंभ में लोग अपनों की तलाश में खोया-पाया केंद्रों, अलग-अलग जगहों पर जा रहे हैं। जिस कुंभ के लिए पता नहीं कितना बजट खर्च हुआ होगा, कितने विज्ञापन चल रहे होंगे। 40 करोड़ लोगों को बुलाने का लक्ष्य था, डिजिटल महाकुंभ की बात थी, CCTV कैमरे लगे होंगे क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं है? बजट अपनी जगह है लेकिन कुंभ महत्वपूर्ण है। बजट निराश न करे।'
कैबिनेट ने बजट 2025 को मंजूरी दे दी है। थोड़ी ही देर में वित्त मंत्री बजट को संसद में पेश करेंगी। वहीं विभिन्न गणमान्य नेताओं का संसद भवन पहुंचना जारी है। पीएम मोदी भी संसद भवन पहुंच गए हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन पहुंच गए हैं। थोड़ी ही देर बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करेंगी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 'वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना रिकॉर्ड आठवां बजट पेश करेंगी और उम्मीद है कि इससे अच्छा माहौल बनेगा।'
आईएमसी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की डिप्टी डायरेक्टर जनरल शीतल कालरो ने बजट को लेकर कहा कि बजट से बहुत उम्मीदे हैं। बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं और सामान्य व्यक्ति और सैलरी पाने वाले कर्मचारियों पर फोकस रहेगा। वरिष्ठ नागरिकों उनके कर्ज, इंश्योरेंस, मेडिकल सहायता को लेकर भी प्रावधान बजट में हो सकते हैं।
वित्त मंत्री संसद भवन पहुंच गई हैं, जहां कैबिनेट बैठक में बजट को मंजूरी दी जाएगी। यह एक परंपरा है। इसके बाद सुबह 11 बजे वित्त मंत्री बजट को लोकसभा में पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फिलहाल राष्ट्रपति भवन से निकल चुकी हैं और अब वे संसद भवन की तरफ रवाना हुई हैं। वित्त मंत्री संसद भवन में कैबिनेट बैठक में शामिल होंगी, जहां केंद्रीय बजट को मंजूरी दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की है। वित्त मंत्री ने राष्ट्रपति को बजट के अहम प्रावधानों और बदलावों की जानकारी दी। यह परंपरा है, जिसमें राष्ट्रपति की मंजूरी ली जाती है। राष्ट्रपति ने वित्त मंत्री का मुंह मीठा कराया। इसके बाद वित्त मंत्री कैबिनेट बैठक में शामिल होंगी, जहां से बजट को पारित किया जाएगा और फिर सुबह 11 बजे बजट को लोकसभा में पेश किया जाएगा।
बजट की कॉपियां संसद भवन पहुंचीं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज सुबह 11 बजे संसद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करेंगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय से राष्ट्रपति भवन के लिए निकल गई हैं। जहां वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगी और उन्हें बजट की कॉपी सौंपेंगी।
बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, मंत्रालय पहुंची हैं। वित्त मंत्री के साथ वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी साथ हैं। वित्त मंत्री ने आज मधुबनी आर्ट की साड़ी पहनी हुई है। इस आर्ट की प्रमुख कलाकार दुलारी देवी हैं, जिन्हें सरकार ने साल 2021 में पद्मश्री से सम्मानित किया था।
वित्त मंत्री सीतारमण की ओर से बजट 2024 की घोषणा के बाद इससे जुड़े सभी दस्तावेज जनता के देखने के लिए https://www.indiabudget.gov.in पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। बजट में हुए सभी प्रमुख एलानों को बारीकी से समझने के लिए बने रहिए अमर उजाला के साथ। इसके साथ ही बजट से जुड़ी हर जानकारी अमर उजाला के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध रहेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 में 48.21 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस बजट को आधार बना कर देखें तो हम यह समझ सकेंगे कि बजट के हर एक रुपये का कितना पैसा कहां से आया और कहां गया।पिछले बजट में जो आंकड़े साझा किए थे उसके अनुसार, एक रुपये का 27 पैसा उधारी और अन्य प्रकार की देयताओं (Borrowings & Other Liabilities) के जरिए जुटाया गया। ऋणों के बाद सरकार के खाते में सबसे ज्यादा राशि आयकर यानी इनकम टैक्स (Income Tax) के जरिए जुटाए गए।
इस मद से सरकार के खाते में आए एक रुपये का 19 पैसे आया। उसके बाद 18 से पैसे से अधिक की आमदनी माल व सेवा कर और अन्य करों (GST and other taxes) की वसूली से हुई। कंपनियों पर लगने वाले टैक्सों या निगम कर (Corporation Tax) के जरिए सरकार ने अपने खाते में आने वाले एक रुपये के 17 पैसे जुटाए। बजट 2024 के आंकड़ों के अनुसार करों के अलावे अन्य स्रोतों से (Non-Tax Receipts) के जरिए सरकार ने एक रुपये का 9 पैसे जुटाया। वहीं, केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Union Excise Duties) से सरकार के खाते में पांच पैसे और सीमा शुल्क (Customs) की वसूली से चार पैसे आए। उधार के अलावे अन्य स्रोतों से पूंजीगत प्राप्ति के तहत (Non-Debt Capital Receipts) सरकार ने एक रुपये में एक पैसे की आमदनी हासिल की।
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आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में सरकार ने बताया कि अप्रैल से नवंबर 2024 के बीच देश में 2031 किलोमीटर रेल नेटवर्क चालू किया गया है। इस दौरान देश में वंदे भारत ट्रेनों के 17 नए जोड़े शुरू किए गए हैं। इसमें सरकार आगे और विस्तार करेगी।
वैश्विक चुनौतियों के बीच इस बार का बजट सरकार के लिए खासा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। अर्थव्यवस्था की धीमी होती रफ्तार ने चिंता बढ़ाई है, वहीं आम आदमी बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और करों के बोझ से राहत की उम्मीद कर रहा है। इस बजट में महंगाई, वृद्धि दर की सुस्ती, रोजगार, आयकर और मध्यम वर्ग की जेब में पैसे डालने के लिए सरकार क्या उपाय करने जा रही है, इस पर सभी की निगाहें रहेंगी।
पुरी में सैंड आर्ट बनाकर बजट का स्वागत
ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने केंद्रीय बजट 2025 का स्वागत करते हुए सैंड आर्ट बनाया। रेत की इस कलाकृति में पटनायक ने वित्त मंत्री सीतारमण के अलावा टैब को भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया की निगाहें आज पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2025 पर हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज लोकसभा में लगातार आठवीं बार बजट पेश करेंगी।
निवेश गतिविधि में मामूली सुधार के संकेत
डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि पहली तिमाही के आंकड़े निजी खपत में उल्लेखनीय वृद्धि और निवेश गतिविधि में मामूली सुधार की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संपन्न होने के साथ अनुमान है कि सरकारी खर्च बढ़ेगा, जिससे आगामी तिमाहियों में वृद्धि को समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में प्रयासों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी।
पूंजीगत व्यय में कम-से-कम 20 प्रतिशत बढ़ोतरी
अर्नेस्ट एंड यंग (ईवाई) को उम्मीद है कि आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय में कम-से-कम 20 प्रतिशत बढ़ोतरी होगी। ईवाई इंडिया में मुख्य नीतिगत सलाहकार डी के श्रीवास्तव ने कहा कि चुनौतीपूर्ण आर्थिक परिदृश्य के बीच आगामी बजट में राजकोषीय संयम को वृद्धि उपायों के साथ संतुलित करना चाहिए।
व्यापक स्थिरता को प्राथमिकता
डीबीएस की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा कि केंद्र सरकार राजकोषीय समेकन के रास्ते पर टिके रहकर और लोकलुभावन उपायों से दूर रहकर व्यापक स्थिरता को प्राथमिकता दे सकती है।
आयकर में राहत मिलने की उम्मीदें बढ़ी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गरीब और मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए धन की देवी का आह्वान करने के बाद आयकर में राहत मिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। खासकर निम्न मध्यम वर्ग को बजट में कुछ राहत मिल सकती है।
सीतारमण के रिकॉर्ड आठवें बजट में आयकर कटौती की उम्मीदें बढ़ीं
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शनिवार को अपना लगातार आठवां बजट पेश करेंगी। इसमें महंगाई और स्थिर वेतन वृद्धि से जूझ रहे मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए आयकर दरों/स्लैब में कटौती या बदलाव की उम्मीद की जा रही है। वित्त मंत्री राजकोषीय घाटे को कम करने के मसौदे पर टिके रहते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में कमजोर पड़ती आर्थिक वृद्धि को सहारा देने के उपाय भी कर सकती हैं।